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लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। घटना स्थल पर एक बुलडोजर पहुँच गया है, जो इस मामले में चल रही कार्रवाई को दर्शाता है।
Journalist prabhat kashyap
लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। घटना स्थल पर एक बुलडोजर पहुँच गया है, जो इस मामले में चल रही कार्रवाई को दर्शाता है।
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- उत्तर प्रदेश के लगभग 3.73 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) द्वारा जून के बिल में लगाए गए 10% अतिरिक्त ईंधन अधिभार (FPPCA) को पूरी तरह से गलत और अवैध घोषित कर दिया है। कंपनियों ने इस गलत चार्ज के जरिए ₹2801 करोड़ की वसूली की थी, जिस पर अब नियामक आयोग ने रोक लगा दी है। इसके परिणामस्वरूप, उपभोक्ताओं को जुलाई से कम बिजली बिल प्राप्त होगा।1
- उत्तर प्रदेश के रायबरेली से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक भंडारे में प्रसाद लेने पहुँचे एक मंदबुद्धि व्यक्ति को मंदिर के पुजारी द्वारा कथित तौर पर 'तालिबानी सजा' दी गई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल हुए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि मंदिर का पुजारी एक व्यक्ति को लात मारकर बेरहमी से घसीटकर ले जा रहा है। इस पूरी घटना की जानकारी दिल्ली/लखनऊ स्थित शुरू लोकल न्यूज के उत्तर प्रदेश मुख्यालय के स्टेट प्रमुख संवाददाता लव कुश की खास रिपोर्ट में दी गई है।1
- लखनऊ में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में स्थित आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी विद्या हॉस्पिटल हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे बिना फायर एनओसी (No Objection Certificate) के संचालित हो रहा है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाई टेंशन लाइनों के नीचे चल रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। आरोप है कि फायर और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं और शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि मोहनलालगंज क्षेत्र में विद्या हॉस्पिटल के अलावा भी कई निजी अस्पताल बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। एफएसओ पीजीआई के अनुसार, विद्या हॉस्पिटल का जो हिस्सा हाईटेंशन लाइन के नीचे नहीं है, केवल उसी भाग के पास फायर एनओसी है, जबकि शेष हिस्से के लिए यह अनुमति मौजूद नहीं है। इस बीच, सीएमओ लखनऊ ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी इमारत हाईटेंशन लाइन के नीचे बनी कैसे और इसके लिए एलडीए, आवास विकास या नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। सीएमओ एन.बी. सिंह ने यह भी कहा कि वे केवल अनुभवी डॉक्टरों के पैनल पर अस्पताल संचालित करने की अनुमति देते हैं, और उन्हें इस बात से 'कोई आपत्ति नहीं' है कि अस्पताल 'जंगल या श्मशान घाट' में संचालित हो रहा हो। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब लखनऊ में हाल ही में एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ था, जिससे अधिकारियों की इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब जिम्मेदार जागेंगे और कब इन पर उचित कार्यवाही होगी।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक दोना फैक्ट्री में मजदूरों को कई सालों से जानवरों की तरह बंधक बनाकर रखा गया था और उन्हें अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं। कुछ घंटे पहले मुक्त कराए गए इन मजदूरों की हालत जानवरों से भी बदतर थी। एसएसपी संजय वर्मा के हाथ में जिस हथियार का जिक्र है, उसी से इन बंधक मजदूरों को टॉर्चर किया जाता था। आरोपी अंकित बालियान नामक गुंडे ने अपनी दोना फैक्ट्री में करीब एक दर्जन मजदूरों को सालों तक बंधक बनाकर रखा था। उनके शरीर पर बेतहाशा चोटों के निशान थे, और कई मजदूरों के हाथ-पांव मार-मारकर सुजा दिए गए थे। फैक्ट्री में काम खत्म होने के बाद इन मजदूरों को लॉकअप में बंद रखा जाता था। उन्हें 24 घंटे में सिर्फ एक बार चोकर की रोटी, नमक और हरी मिर्च खाने को मिलती थी। इन मजदूरों को उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर यहां लाया गया था। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अंकित बालियान ने थर्ड डिग्री टॉर्चर से तीन मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया। मारे गए मजदूरों में से एक की पहचान कर ली गई है।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों से हर घटना में सिर्फ विशेष जांच दल (SIT) बनाए जा रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में कोई सरकार ही नहीं है। यादव ने सवाल उठाया कि यदि सरकार मौजूद है, तो वह नियमों का पालन क्यों नहीं करती। अखिलेश यादव ने विशेष रूप से फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी इमारत का निर्माण प्लान तभी पास होता है जब उसे अग्निशमन विभाग से NOC मिली हो। इसी संदर्भ में, उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ऐसे कौन लोग थे जिन्होंने फायर NOC जारी करने के नाम पर अपनी जेबें भरीं। उन्होंने एक बार फिर अपनी बात दोहराई कि पिछले दस सालों से प्रदेश में कोई सरकार नहीं दिख रही है।1
- लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ प्रधानमंत्री आवास के पास एक नाले में बिजली का तार गिर जाने से पूरे इलाके में करंट फैल गया। इस भयानक करंट की चपेट में आने से तीन भैंसों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिससे क्षेत्र के लोग सकते में आ गए। घटना की खबर मिलते ही मौके पर भारी संख्या में आसपास के लोग जमा हो गए। स्थानीय निवासियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि खुले और जर्जर बिजली के तार लगातार बड़े खतरे का कारण बने हुए हैं। इस हादसे के बाद लोगों में बिजली विभाग के प्रति गहरा आक्रोश भी देखने को मिला। सूचना पाकर संबंधित विभाग के कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटना स्थल पर पहुँचे। फिलहाल, इस पूरे मामले की गहनता से जाँच की जा रही है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाने हेतु आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- लखनऊ से संवाददाता आशीष मिश्रा की ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, चौक वार्ड की कॉलोनियां अभी तक फ्री-होल्ड नहीं हो पाई हैं, जिसके चलते निवासियों को कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इन कॉलोनियों में पीने के पानी का अभाव है और सड़कों पर भी भारी जलभराव देखा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, एलडीए (LDA) के अधीन आने वाले मार्केटों की स्थिति भी बेहद खराब है। पार्कों में साफ-सफाई और पौधों की देखरेख का हाल भी संतोषजनक नहीं है।2
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड वाली बिल्डिंग पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक नोटिस चस्पा कर दिया है। यह कार्रवाई इस अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद की गई है। LDA ने नोटिस में बिल्डिंग मालिकों को 15 दिनों के भीतर घटना को लेकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो बिल्डिंग मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।4