समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों से हर घटना में सिर्फ विशेष जांच दल (SIT) बनाए जा रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में कोई सरकार ही नहीं है। यादव ने सवाल उठाया कि यदि सरकार मौजूद है, तो वह नियमों का पालन क्यों नहीं करती। अखिलेश यादव ने विशेष रूप से फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी इमारत का निर्माण प्लान तभी पास होता है जब उसे अग्निशमन विभाग से NOC मिली हो। इसी संदर्भ में, उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ऐसे कौन लोग थे जिन्होंने फायर NOC जारी करने के नाम पर अपनी जेबें भरीं। उन्होंने एक बार फिर अपनी बात दोहराई कि पिछले दस सालों से प्रदेश में कोई सरकार नहीं दिख रही है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक कोचिंग सेंटर में लगी आग की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पिछले दस सालों से हर घटना में सिर्फ विशेष जांच दल (SIT) बनाए जा रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रदेश में कोई सरकार ही नहीं है। यादव ने सवाल उठाया कि यदि सरकार मौजूद है, तो वह नियमों का पालन क्यों नहीं करती। अखिलेश यादव ने विशेष रूप से फायर NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के मुद्दे पर निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी इमारत का निर्माण प्लान तभी पास होता है जब उसे अग्निशमन विभाग से NOC मिली हो। इसी संदर्भ में, उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ऐसे कौन लोग थे जिन्होंने फायर NOC जारी करने के नाम पर अपनी जेबें भरीं। उन्होंने एक बार फिर अपनी बात दोहराई कि पिछले दस सालों से प्रदेश में कोई सरकार नहीं दिख रही है।
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। घटना स्थल पर एक बुलडोजर पहुँच गया है, जो इस मामले में चल रही कार्रवाई को दर्शाता है।1
- काकोरी पुलिस ने एक ऐसे युवक को हिरासत में लिया है जो खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर धाक जमाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की जांच में उसके सभी दावे सवालों के घेरे में आ गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की गई। बताया जा रहा है कि आरोपी काफी समय से अपनी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों के बीच प्रभाव बनाने का प्रयास कर रहा था। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। अब काकोरी पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर किसी व्यक्ति को गुमराह किया था या कोई अनुचित लाभ हासिल किया था। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर एक विवादित बयान दिया है। मौर्य ने कहा है कि "वह अपने लुटेरों को सजा नहीं दे पाए, आपका भला क्या करेंगे।" इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छिड़ गई है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी संदीप को खोजी कुत्ते 'मैरी' ने महज पाँच मिनट के भीतर ढूंढ निकाला। यह बड़ी सफलता घटना स्थल पर मिले एक गमछे की मदद से मिली, जिसे सूंघकर 'मैरी' सीधे 200 मीटर दूर आरोपी संदीप के घर तक पहुँच गई और उसे पकड़वाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस असाधारण कार्य के लिए संभल के एसपी कृष्ण बिश्नोई (के.के. बिश्नोई) ने 'मैरी' को दस हजार रुपये का इनाम दिया। पुरस्कार वितरण के दौरान एक मनमोहक दृश्य भी देखने को मिला, जब एसपी के.के. बिश्नोई ने 'मैरी' को दस हजार रुपये का चेक सौंपा, तो 'मैरी' ने उसे 'धब्ब' से अपने मुँह में दबा लिया, जिसने सभी का दिल जीत लिया।2
- लखनऊ में हुए एक दर्दनाक अग्निकांड हादसे के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी सबक लेने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। मोहनलालगंज क्षेत्र में स्थित आयुष्मान कार्ड स्पेशलिटी विद्या हॉस्पिटल हाईटेंशन लाइन के ठीक नीचे बिना फायर एनओसी (No Objection Certificate) के संचालित हो रहा है। यह अस्पताल 11000 और 44000 हाई टेंशन लाइनों के नीचे चल रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। आरोप है कि फायर और स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर 'धृतराष्ट्र' बने हुए हैं और शायद किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। गौरतलब है कि मोहनलालगंज क्षेत्र में विद्या हॉस्पिटल के अलावा भी कई निजी अस्पताल बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए संचालित हो रहे हैं। एफएसओ पीजीआई के अनुसार, विद्या हॉस्पिटल का जो हिस्सा हाईटेंशन लाइन के नीचे नहीं है, केवल उसी भाग के पास फायर एनओसी है, जबकि शेष हिस्से के लिए यह अनुमति मौजूद नहीं है। इस बीच, सीएमओ लखनऊ ने सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी इमारत हाईटेंशन लाइन के नीचे बनी कैसे और इसके लिए एलडीए, आवास विकास या नगर निगम को जिम्मेदार ठहराया है। सीएमओ एन.बी. सिंह ने यह भी कहा कि वे केवल अनुभवी डॉक्टरों के पैनल पर अस्पताल संचालित करने की अनुमति देते हैं, और उन्हें इस बात से 'कोई आपत्ति नहीं' है कि अस्पताल 'जंगल या श्मशान घाट' में संचालित हो रहा हो। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब लखनऊ में हाल ही में एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ था, जिससे अधिकारियों की इस अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब जिम्मेदार जागेंगे और कब इन पर उचित कार्यवाही होगी।1
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद एक फायरकर्मी के बयान ने विभागीय व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सिपाही ने कथित तौर पर आरोप लगाए हैं कि विभाग में उपकरणों और वाहनों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं, जिससे इन प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इन आरोपों के सामने आने के बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। कई लोग मांग कर रहे हैं कि यदि आरोप गंभीर हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और विभाग की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का भी इंतजार है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले की जांच कराई जाती है या नहीं और संबंधित अधिकारियों द्वारा क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश की कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने अपने गीत 'न्याय का महासंग्राम' के जरिए भरत तिवारी की हत्या के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश और खुली चुनौती व्यक्त की है। उनके अनुसार, यह अब प्रतिशोध की ज्वाला है और भरत तिवारी के कातिलों का अंत निश्चित है, क्योंकि अन्याय के इस गढ़ को ढाने की बारी आ चुकी है। इस गीत में वीर भरत तिवारी के नाम पर एक सुंदर पार्क बनाने और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित कर उनके नाम को अमर करने की मांग की गई है। कवयित्री का कहना है कि जिसने उनका खून बहाया है, वह चैन से सो नहीं पाएगा, क्योंकि न्याय की इस 'महा-अग्नि' में पापी झुलस जाएंगे। विशेष रूप से, 'वर्दी की आड़ में' ताकत दिखाने वाले और 'फर्जी एनकाउंटर' के लिए जिम्मेदार दोषियों को कानूनन फांसी का फंदा पहनाने की मांग की गई है, और सरकार को 'घुटनों पर लाकर' अपना हक मनवाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। सोनी शुक्ला 'क्रांति' ने दृढ़तापूर्वक कहा है कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, उनकी कलम चुप नहीं बैठेगी और जुल्म ढाने वाले हर हाकिम को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की है कि यह 'जनहित का सिंहनाद' अब दिल्ली तक गूंजेगा और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए जनता अब एकजुट होकर उमड़ेगी।1