बाराबंकी में एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई तथा बंधक बनाकर रखा गया। वहीं, पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। काशीराम कॉलोनी, देवा रोड निवासी सलमा की पुत्री निदा बानो का निकाह लगभग दो माह पूर्व ग्राम खुलवई निवासी वसीम से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। निदा बानो का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा एसी, मोटरसाइकिल और प्लॉट की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके जेठ द्वारा उस पर गलत नजर रखी जाती थी तथा कई बार अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़िता के अनुसार, पूर्व में भी इसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद शांत करा दिया गया था। लेकिन हाल ही में जब उसने दोबारा विरोध किया तो उसके साथ फिर मारपीट की गई। निदा का आरोप है कि 22 जून से 23 जून की सुबह तक उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया और परिवार के कई लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया है। पीड़िता का आरोप है कि उसने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसी के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद अब तक आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि नगर कोतवाली पुलिस ससुराल पक्ष को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं, पीड़िता की माता सलमा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी पुत्री को न्याय दिलाया जाए। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे प्रताड़ित किया गया, मारपीट की गई तथा बंधक बनाकर रखा गया। वहीं, पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। काशीराम कॉलोनी, देवा रोड निवासी सलमा की पुत्री निदा बानो का निकाह लगभग दो माह पूर्व ग्राम खुलवई निवासी वसीम से मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार हुआ था। निदा बानो का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष
द्वारा एसी, मोटरसाइकिल और प्लॉट की मांग को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा। मांग पूरी न होने पर उसे मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके जेठ द्वारा उस पर गलत नजर रखी जाती थी तथा कई बार अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़िता के अनुसार, पूर्व में भी इसी बात को लेकर विवाद और मारपीट हुई थी, जिसे दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद शांत करा दिया गया था। लेकिन हाल ही में
जब उसने दोबारा विरोध किया तो उसके साथ फिर मारपीट की गई। निदा का आरोप है कि 22 जून से 23 जून की सुबह तक उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया और परिवार के कई लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद उसका चिकित्सीय परीक्षण भी कराया गया है। पीड़िता का आरोप है कि उसने जो तहरीर पुलिस को दी थी, उसी के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय दूसरी तहरीर लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि मेडिकल परीक्षण होने के बावजूद अब तक आरोपितों के
खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़िता और उसके परिजनों ने आरोप लगाया है कि नगर कोतवाली पुलिस ससुराल पक्ष को बचाने का प्रयास कर रही है। वहीं, पीड़िता की माता सलमा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उनकी पुत्री को न्याय दिलाया जाए। इस संबंध में नगर कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- बाराबंकी के प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के दिव्य शक्ति भवन सेवाकेंद्र में "आध्यात्मिक ज्ञान दिवस" के अवसर पर ब्रह्माकुमारीज़ संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका और महान आध्यात्मिक विभूति मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच मनाई गई। इस श्रद्धांजलि सभा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने सहभागिता कर मातेश्वरी जी के दिव्य जीवन, त्याग और आध्यात्मिक शिक्षाओं को स्मरण किया। कार्यक्रम की शुरुआत मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुई, जहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। सेवाकेंद्र संचालिका राजयोगिनी अनुराधा दीदी ने इस अवसर पर मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती को आध्यात्मिकता, सेवा, त्याग और नारी सशक्तिकरण की जीवंत प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था की प्रथम मुख्य प्रशासिका के रूप में मातेश्वरी जी ने अपना जीवन मानवता के नैतिक एवं आध्यात्मिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अनुराधा दीदी ने मातेश्वरी जी के संदेश "हर घड़ी अंतिम घड़ी" का जिक्र करते हुए इसे समय का सदुपयोग करने, श्रेष्ठ कर्म करने और आत्मिक उन्नति की प्रेरणा देने वाला बताया, साथ ही कहा कि उनके आदर्श आज भी लाखों लोगों के जीवन को दिशा प्रदान कर रहे हैं। राजयोगिनी प्रीति दीदी ने बताया कि 24 जून का दिन ब्रह्माकुमारीज़ परिवार द्वारा "आध्यात्मिक ज्ञान दिवस" के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सच्ची आध्यात्मिकता को जीवन में गुणों को धारण करने, दूसरों की विशेषताओं को देखने और प्रेमपूर्वक श्रेष्ठ संस्कारों का दान करने में निहित बताया, जिसका मातेश्वरी जी का संपूर्ण जीवन एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा। कार्यक्रम में कुमारी वासु एवं बीके लीना बहन ने मातेश्वरी जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए भावपूर्ण गीत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक भावनाओं से सराबोर हो उठा। इस दौरान आयोजित विशेष राजयोग मेडिटेशन सत्र में उपस्थित जनसमुदाय ने आत्मचिंतन, आत्म-जागृति एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने मातेश्वरी जी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंग साझा करते हुए उनके द्वारा स्थापित आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। यह आयोजन न केवल मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती की पुण्य स्मृति को समर्पित था, बल्कि उनके आदर्शों पर आधारित एक श्रेष्ठ, मूल्यनिष्ठ एवं आध्यात्मिक समाज के निर्माण का संदेश भी दे गया।3
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के तितावी थाना क्षेत्र के माड़ी गांव स्थित एक दोना बनाने की फैक्ट्री में श्रम विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त छापेमारी के बाद 13 मजदूरों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया गया है। इन मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो वर्षों से बंधक बनाकर रखा गया था और अमानवीय यातनाएं दी जा रही थीं। पुलिस के अनुसार, इन मजदूरों को हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और नेपाल जैसे विभिन्न राज्यों से 8 से 12 हजार रुपये मासिक वेतन का लालच देकर लाया गया था। हालांकि, फैक्ट्री पहुँचने पर उनका वेतन तो दूर, उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड तक छीन लिए गए, जिससे वे बाहरी दुनिया से पूरी तरह कट गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिन में केवल एक बार चोकर की सूखी रोटी दी जाती थी। काम में जरा सी भी कमी होने पर उन्हें लाठी-डंडों, बेल्ट, गर्म लोहे और भालों से पीटा जाता था, साथ ही कुत्तों से कटवाने जैसी भयानक यातनाएँ भी दी जाती थीं। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह था कि मजदूरों की निगरानी के लिए फैक्ट्री परिसर में दो पिटबुल कुत्ते पाले गए थे, जिनके खौफ से कोई भी मजदूर भागने की हिम्मत नहीं कर पाता था। यह मामला बंधुआ मजदूरी का एक खौफनाक सच उजागर करता है, जहां 13 मजदूरों को बचाया जा सका, जबकि एक दर्दनाक खुलासे में यह भी आरोप लगाया गया कि तीन अन्य मजदूरों को मारकर गाड़ दिया गया था। बचे हुए मजदूरों की कहानियाँ दिल दहला देने वाली हैं और यह भयावह स्थिति सभी को झकझोर कर रख देगी।1
- बाराबंकी के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की अपनी मांग को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सतीश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली लगभग 40 बार काटी जाती है। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज, कूलर और इनवर्टर जैसे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शाम के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदलने, गांवों में छोटे-छोटे फॉल्टों को समय पर ठीक करने और खेतों व गांवों में लटक रहे 11000 वोल्ट के बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जाते, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक बिल का बोझ पड़ता है। बाद में विभाग द्वारा कैंप लगाकर कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज किसान और मजदूर गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।1
- बाराबंकी में इंडियन स्टूडेंट पॉवर ने लखनऊ के अलीगंज स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुए अग्निकांड में दिवंगत छात्रों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। संगठन ने इस घटना में उचित कार्रवाई की भी मांग की। डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में, संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता 'पंकी' ने इस घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए कहा कि कोचिंग संस्थानों, विद्यालयों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा मानकों की नियमित जांच आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल हादसे के बाद कार्रवाई के बजाय सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरंतर पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने भी बहुमंजिला भवनों और भीड़भाड़ वाले संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा व्यवस्था का समय-समय पर निरीक्षण करने की बात कही। जिला महासचिव विनीत वर्मा और हिमांशु सैनी ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। इस सभा में केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनंद, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।1
- मोहर्रम के मौके पर फिरोजाबाद में ASP अनुज चौधरी द्वारा जूते पहनकर इंची टेप से ताजिया नापने का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद ताजिया नापने के इस तरीके पर मौलाना यासूब अब्बास ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है और वे बेहद भड़क गए हैं।3
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड में 15 लोगों की दुखद मृत्यु के बाद, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और फायर विभाग की संयुक्त टीमों ने मानकों की अनदेखी करने वाले कोचिंग संस्थानों और पुस्तकालयों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत, दूसरे दिन भूमि IAS और विद्या कोचिंग सहित 55 प्रतिष्ठानों को सील किया गया, जिसके साथ ही दो दिनों में सील किए गए कुल प्रतिष्ठानों की संख्या 126 हो गई है।1
- बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर बृहस्पतिवार दोपहर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर स्थित जनरेटर रूम में संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक भीषण आग लग गई। स्टेशन परिसर में आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर यात्रियों तथा रेल कर्मियों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद तत्काल स्थानीय फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। जनरेटर रूम में दोपहर करीब 2 बजे डीजी जनरेटर सेट से धुआं उठना शुरू हुआ, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसने जनरेटर के डीजल टैंक और कमरे में रखे अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद फायर विभाग के सीओ अनिमेष सिंह ने बताया कि पहले स्टेशन पर मौजूद अग्निशमन उपकरणों से आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन डीजल होने के कारण आग और भड़क गई। सीओ ने आग लगने का प्राथमिक कारण भीषण गर्मी के चलते जनरेटर में हुई ओवरहीटिंग को बताया है। इस घटना में जनरेटर रूम का सारा सामान जलकर राख हो गया, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और आग स्टेशन के अन्य हिस्सों तक नहीं फैल सकी, जिससे रेल प्रशासन ने बड़ी राहत महसूस की। बाराबंकी रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर अरुण कुमार रायजादा ने बताया कि फायर ब्रिगेड को दोपहर करीब 2:10 बजे सूचना दी गई थी और सतर्कता बरतते हुए 2:25 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। रेल कर्मियों की मुस्तैदी के कारण आग जनरेटर रूम तक ही सीमित रही, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। स्टेशन मास्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अग्निकांड की वजह से कोई भी ट्रेन लेट नहीं हुई और रेलवे यातायात पूरी तरह सामान्य रहा।1