बाराबंकी के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की अपनी मांग को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सतीश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली लगभग 40 बार काटी जाती है। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज, कूलर और इनवर्टर जैसे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शाम के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदलने, गांवों में छोटे-छोटे फॉल्टों को समय पर ठीक करने और खेतों व गांवों में लटक रहे 11000 वोल्ट के बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जाते, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक बिल का बोझ पड़ता है। बाद में विभाग द्वारा कैंप लगाकर कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज किसान और मजदूर गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
बाराबंकी के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की अपनी मांग को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सतीश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली लगभग 40 बार काटी जाती है। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज, कूलर और इनवर्टर जैसे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शाम के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदलने, गांवों में छोटे-छोटे फॉल्टों को समय पर ठीक करने और खेतों व गांवों में लटक रहे 11000 वोल्ट के बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जाते, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक बिल का बोझ पड़ता है। बाद में विभाग द्वारा कैंप लगाकर कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज किसान और मजदूर गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
- जिला बाराबंकी की तहसील फतेहपुर और आसपास के इलाकों में 9 मुहर्रम यौमे आशूरा का मुख्य जुलूस कर्बला की शहादत की याद में शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से निकाला गया। इस दौरान अज़ादार काले कपड़े पहनकर 'या हुसैन' के नारे बुलंद करते हुए नज़र आए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकाला गया, जिसमें अलम और ताजिया उठाए गए। जुलूस में भारी भीड़ देखने को मिली, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुज़रा। इस अवसर पर थाना फतेहपुर प्रभारी अमित कुमार सिंह, चौकी प्रभारी अजय पांडे और पुलिस बल मौजूद रहा।4
- बाराबंकी जिले के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया और जोरदार नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष ने मांग की है कि शाम के समय विद्युत कटौती को बंद किया जाए, क्योंकि रात्रि में बार-बार कटौती और लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है। उन्होंने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लगभग 40 बार बिजली काटी जाती है, जिससे हर 10 मिनट की कटौती के कारण उपभोक्ताओं के टीवी, पंखे, फ्रिज, कूलर और इन्वर्टर जैसे उपकरण जलने का खतरा रहता है। संगठन ने बिजली विभाग को जल्द सुधार की चेतावनी देते हुए गांव में सरकार के निर्देशों का पालन करने की मांग की। किसानों ने यह भी मांग की कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदला जाए, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में बिजली विभाग के कर्मचारी 24 घंटे लगाते हैं और फिर भी उन्हें ठीक करने नहीं जाते, जिसकी शिकायत ग्रामीण उपभोक्ता लगातार करते रहते हैं। आगामी धान की रोपाई के मद्देनजर खेतों में लटक रहे 11000 लाइन के तारों को तत्काल सही करने की मांग भी की गई। इसके अतिरिक्त, किसानों ने शिकायत की कि गांव में बिजली बिल रीडर समय पर नहीं आते, जिससे उपभोक्ताओं के काफी बिल जमा हो जाते हैं और फिर बिजली विभाग कैंप लगाकर कनेक्शन काट देता है; इसे रोका जाए और हर महीने बिजली बिल निकालकर उपभोक्ताओं को दिए जाएं। कुल मिलाकर, यह घेराव भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति की 10 सूत्री मांगों को लेकर किया गया था। इस दौरान, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने गेट को अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज होकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी मिलते ही बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने किसानों का प्रार्थना पत्र लिया और आश्वासन दिया कि सभी बिंदुओं पर जांच कर जल्द ही सुधार किया जाएगा। इस प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष सतीश के साथ मोहम्मद वास, जुबेर खान, आदित्य कुमार, पार्वती प्रसाद, सरवन यादव, गुड्डू, किरण देवी, शांति देवी, सीमा यादव, सुनीता देवी, माया देवी, लता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे।1
- बाराबंकी के घुंघटेर स्थित बाबागंज विद्युत केंद्र पर बृहस्पतिवार को भारतीय किसान यूनियन अरा श्रमिक जनशक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष सतीश के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों और मजदूरों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने बिजली व्यवस्था में सुधार की अपनी मांग को लेकर विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष सतीश ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता लगातार बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं, खासकर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली लगभग 40 बार काटी जाती है। इससे टीवी, पंखा, फ्रिज, कूलर और इनवर्टर जैसे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रदर्शनकारियों ने शाम के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, जले हुए ट्रांसफार्मरों को 72 घंटे के भीतर बदलने, गांवों में छोटे-छोटे फॉल्टों को समय पर ठीक करने और खेतों व गांवों में लटक रहे 11000 वोल्ट के बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। सतीश ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली बिल समय पर जारी नहीं किए जाते, जिसके कारण उपभोक्ताओं पर एक साथ अधिक बिल का बोझ पड़ता है। बाद में विभाग द्वारा कैंप लगाकर कनेक्शन काट दिए जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने कार्यालय का गेट अंदर से बंद कर लिया, जिससे नाराज किसान और मजदूर गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर बाबागंज विद्युत केंद्र के जेई विवेक मिश्रा मौके पर पहुंचे, उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया और समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।1
- लखनऊ के अलीगंज स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को गुरुवार को बाराबंकी में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इण्डियन स्टूडेंट पॉवर के तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने इस घटना को पूरे समाज को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी फिर शुरू हो जाती है। उन्होंने विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच एवं समीक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग की। संगठन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, वहाँ अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएँ केवल किसी एक संस्थान की विफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। जिला महासचिव विनीत वर्मा और हिमांशु सैनी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए घरों से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, और सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी व लापरवाही के कारण उन्हें असमय अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने शासन और प्रशासन से प्रदेश भर के कोचिंग संस्थानों एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस कार्यक्रम में केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनंद, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भयंकर तबाही मचाई है, जहाँ हर बिल्डिंग पूरी तरह से नष्ट हो गई है और कोई भी इमारत साबुत नहीं बची है। इस त्रासदी को दुनिया की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक के रूप में देखा जा रहा है।1
- मोहर्रम पर्व के मद्देनजर बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर भारी पुलिस बल के साथ पैदल गस्त और भ्रमण किया। इस दौरान, उन्होंने स्थानीय लोगों और आमजनमानस को सुरक्षा का एहसास कराया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ताजिया के आने-जाने वाले रास्तों और बिजली के तारों आदि का गहन निरीक्षण किया, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। यह पैदल गस्त विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों में किया गया। इस गस्त में क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर सुधीर कुमार सिंह और अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। भारी पुलिस बल के इस व्यापक भ्रमण को देखकर अपराधियों के पसीने छूट गए, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की मज़बूती का संदेश गया।1
- बाराबंकी के कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया है। पीड़िता के पिता ने कोतवाली फतेहपुर में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उनकी 17 वर्षीय बेटी 21 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में अपने घर से लापता हो गई थी। काफी खोजबीन के बाद परिजनों को पता चला कि गांव का ही एक युवक अपने साथी के साथ मिलकर किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गया है। परिवार ने यह भी बताया था कि घर से सोने की बालियां और एक स्मार्टफोन भी गायब था। पिता की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की, और मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की तलाश में जुट गई। 43 दिन बाद, जांच के दौरान पुलिस को सफलता मिली और बुधवार को वांछित आरोपी सचिन कुमार गौतम पुत्र प्रवेश कुमार गौतम, निवासी पकरियापुर को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी सचिन कुमार गौतम को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का यह भी कहना है कि मामले में अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच जारी है तथा फरार व्यक्तियों के संबंध में भी विधिक कार्रवाई की जा रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपी की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद जताई है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर एक घटना सामने आई है, जहां प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई।1