लखनऊ के अलीगंज स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को गुरुवार को बाराबंकी में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इण्डियन स्टूडेंट पॉवर के तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने इस घटना को पूरे समाज को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी फिर शुरू हो जाती है। उन्होंने विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच एवं समीक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग की। संगठन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, वहाँ अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएँ केवल किसी एक संस्थान की विफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। जिला महासचिव विनीत वर्मा और हिमांशु सैनी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए घरों से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, और सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी व लापरवाही के कारण उन्हें असमय अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने शासन और प्रशासन से प्रदेश भर के कोचिंग संस्थानों एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस कार्यक्रम में केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनंद, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
लखनऊ के अलीगंज स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले छात्रों को गुरुवार को बाराबंकी में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इण्डियन स्टूडेंट पॉवर के तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने दिवंगत विद्यार्थियों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने इस घटना को पूरे समाज को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने
कहा कि देश और प्रदेश में पहले भी ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी फिर शुरू हो जाती है। उन्होंने विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच एवं समीक्षा को अनिवार्य बनाने की मांग की। संगठन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने इस बात पर ज़ोर दिया कि जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, वहाँ अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि ऐसी घटनाएँ केवल किसी एक संस्थान की विफलता नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। जिला महासचिव विनीत वर्मा और हिमांशु सैनी ने कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए घरों से दूर रहकर पढ़ाई कर रहे थे, और सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी व लापरवाही के कारण उन्हें असमय अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध
कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने शासन और प्रशासन से प्रदेश भर के कोचिंग संस्थानों एवं शैक्षणिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस कार्यक्रम में केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनंद, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- बाराबंकी में मुहर्रम के यौम-ए-आशूर के अवसर पर गम, अकीदत और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ शहर की सड़कों पर दिनभर 'या हुसैन, या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। मातमी अंजुमनों ने नौहाख्वानी और सीनाजनी करते हुए ताजियों के साथ जुलूस निकाला, जिसमें नंगे पैर चल रहे अकीदतमंदों ने कर्बला के शहीदों को याद कर गम का इजहार किया। शाम तक विभिन्न क्षेत्रों से आए ताजिये शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान, मुहर्रम जुलूस में शहर के बेगमगंज मोहल्ले में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन बाराबंकी द्वारा लगाई गई सबील लोगों के आकर्षण और राहत का केंद्र बनी। खास बात यह रही कि एसोसिएशन से जुड़े हिंदू और मुस्लिम समुदाय के पत्रकारों ने मिलकर इस सेवा कार्य को अंजाम दिया। भीषण गर्मी के बीच, पत्रकारों और उनके सहयोगियों ने हजारों लोगों को कोल्ड ड्रिंक और ठंडा पानी वितरित कर इंसानियत, सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का मजबूत संदेश दिया। इस सबील पर जुलूस में शामिल अकीदतमंदों, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों की लगातार भीड़ जुटी रही, और प्यास से बेहाल लोगों को राहत मिलने पर उनके चेहरों पर सुकून साफ दिखाई दिया। कई लोगों ने पत्रकारों की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में एकता और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल बताया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप, सांसद तनुज पुनिया, पूर्व एमएलसी राजेश यादव, पूर्व मंत्री राकेश वर्मा, चेयरमैन प्रतिनिधि सुरेंद्र वर्मा, सदर विधायक धर्मराज सिंह उर्फ सुरेश यादव, पूर्व विधायक रामगोपाल रावत, सभासद ताज बाबा राइन, वरिष्ठ पत्रकार महंत बीपी दास बाबा, दानिश खान, सलमान उर्फ सल्लू, वैस सलमानी, हसमत अली गुड्डू, शानू समेत अनेक गणमान्य लोगों ने पहुँचकर पत्रकारों का उत्साहवर्धन किया। अन्य व्यवस्थाओं में, फजलुर्रहमान पार्क में शहर और आसपास के क्षेत्रों के ताजिये एकत्र हुए, जिसके बाद मातमी जुलूस घंटाघर, धनोखर चौराहा, निबलेट और बेगमगंज होते हुए कर्बला पहुँचा। पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और प्रशासनिक अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। मुहर्रम मेले के दौरान धनोखर चौराहे से लेकर बेगमगंज कर्बला तक का इलाका एक मेले में तब्दील नजर आया, जहाँ बच्चों के लिए खिलौनों की दुकानें, झूले, चाट-पकौड़ी, पराठा-हलवा और अन्य खानपान की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ रही। इस तरह, एक ओर मातम और अकीदत का माहौल था तो दूसरी ओर सामाजिक मेल-मिलाप और सौहार्द की झलक भी देखने को मिली। मुहर्रम के इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन की सबील ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। हिंदू-मुस्लिम पत्रकारों की इस संयुक्त पहल ने बाराबंकी की गंगा-जमुनी संस्कृति को एक बार फिर मजबूती से सामने रखा, जो इंसानियत और भाईचारे की एक बेमिसाल मिसाल बनी।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम के मद्देनजर एक स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर किसी ने भी उपद्रव करने की कोशिश की, तो उसे उसके गंभीर परिणामों के बारे में सोचना होगा।1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित रॉयल गैलेक्सी रेस्टोरेंट पर आम आदमी पार्टी द्वारा एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का पार्टी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ से अयोध्या जाते समय फूल-मालाएं और अंग वस्त्र भेंट कर जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत समारोह की अगुवाई आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता अभिषेक प्रताप सिंह ने की, जिनके साथ सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी के शीर्ष नेताओं के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इस समारोह में हिस्सा लिया।1
- बाराबंकी में इंडियन स्टूडेंट पॉवर ने लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुई हृदयविदारक अग्निकांड की घटना में असमय काल-कवलित हुए छात्रों की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका, बाराबंकी में आयोजित इस सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने अलीगंज की इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों में पूर्व में भी ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी फिर शुरू हो जाती है। ‘पंकी’ ने विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और निरीक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया, यह कहते हुए कि केवल दुर्घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन निरंतर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में, संगठन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने प्रशासन से उन स्थानों पर समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं आपातकालीन निकास मार्गों का निरीक्षण करने का आग्रह किया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, विशेषकर कोचिंग संस्थान, विद्यालय, अस्पताल एवं अन्य बहुमंजिला भवन। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल संस्थानों की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय हैं और भविष्य में इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन के जिला महासचिव विनीत वर्मा एवं हिमांशु सैनी ने कहा कि इस घटना में जान गंवाने वाले अधिकांश छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को साकार करने के लिए घर से दूर रहकर अध्ययन कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश संस्थान की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण उन्हें असमय अपने प्राण गंवाने पड़े। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में दिवंगत विद्यार्थियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही, प्रशासन एवं शासन से मांग की गई कि प्रदेश भर में संचालित कोचिंग संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनन्द, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- लखनऊ के निशातगंज इलाके में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान जुलूस में मौजूद हजारों लोगों ने मातम किया। यह जुलूस निशातगंज से ही शुरू हुआ।1
- बाराबंकी जिले के सिरौली गौसपुर क्षेत्र में स्थित बदोसराय थाने के अंतर्गत आने वाली किंतुर, सैदनपुर और मरकामऊ (बदोसराय) पंचायतों में मोहर्रम का त्योहार पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसकी कमान उप जिलाधिकारी सिरौली गौसपुर के कुशल संयोजन में स्वयं थाना प्रभारी रामऔतार सरोज ने संभाली थी। थाना प्रभारी रामऔतार सरोज और उनकी पूरी पुलिस टीम ने हर संवेदनशील पॉइंट पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई, जिसके कारण यह पूरा आयोजन बिना किसी बाधा के और बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इमाम हुसैन की शहादत के प्रतीक इस त्योहार में अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजियों को विदाई दी। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस सजगता और उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था की खुले दिल से प्रशंसा की है।1
- बृजभूषण शरण सिंह ने भारत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी बात रखी है।1
- लखनऊ, उत्तर प्रदेश से कवयित्री सोनी शुक्ला 'क्रांति' द्वारा रचित गीत 'न्याय का महासंग्राम' में भरत तिवारी की हत्या के लिए प्रतिशोध और न्याय की तीव्र मांग की गई है। इस गीत में कहा गया है कि भरत तिवारी के कातिलों का अंत अब तय है, और यह अन्याय के गढ़ को ढहाने की एक 'खुली चुनौती' है। गीत के माध्यम से यह मांग की गई है कि वीर भरत के नाम पर एक सुंदर पार्क बनाया जाए और वहां उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए ताकि उनका नाम अमर हो सके। इसमें स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि एक 'फर्जी एनकाउंटर' में वर्दी की आड़ में शक्ति का दुरुपयोग किया गया, और अब ऐसे दोषियों के लिए 'उलटी गिनती' शुरू हो गई है। कवयित्री ने कानूनी रूप से फांसी का फंदा उन दोषियों को पहनाने और सरकार को घुटनों पर लाकर अपना हक मनवाने की बात कही है। 'क्रांति' ने यह प्रण लिया है कि उनकी कलम तब तक शांत नहीं बैठेगी जब तक इंसाफ नहीं मिलता, और जुल्म ढाने वाले हर हाकिम को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की है कि जनहित का यह 'सिंहनाद' अब दिल्ली तक गूंजेगा, और भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए 'जन-जन' अब उमड़ेगा।1