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जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यालय में 11 जून को एक हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सरकार की 12 साल की उपलब्धियों का बखान कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल हो गई। इस घटना के समय ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी वहां मौजूद थे। बिजली चले जाने के कारण केंद्रीय मंत्री को अंधेरे में ही सरकार की उपलब्धियों को गिनाना पड़ा। इस मामले में एक सहायक अभियंता (एईएन) और एक अन्य कार्मिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित एसी को चार्जशीट जारी की गई है।
Ahmed Siraj Farooqi
जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यालय में 11 जून को एक हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सरकार की 12 साल की उपलब्धियों का बखान कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल हो गई। इस घटना के समय ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी वहां मौजूद थे। बिजली चले जाने के कारण केंद्रीय मंत्री को अंधेरे में ही सरकार की उपलब्धियों को गिनाना पड़ा। इस मामले में एक सहायक अभियंता (एईएन) और एक अन्य कार्मिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित एसी को चार्जशीट जारी की गई है।
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- जयपुर स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) मुख्यालय में 11 जून को एक हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव सरकार की 12 साल की उपलब्धियों का बखान कर रहे थे, तभी अचानक बिजली गुल हो गई। इस घटना के समय ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी वहां मौजूद थे। बिजली चले जाने के कारण केंद्रीय मंत्री को अंधेरे में ही सरकार की उपलब्धियों को गिनाना पड़ा। इस मामले में एक सहायक अभियंता (एईएन) और एक अन्य कार्मिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि संबंधित एसी को चार्जशीट जारी की गई है।1
- कोटा के बहुचर्चित चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद हत्याकांड में पुलिस ने एक नाबालिग सहित चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को महाराष्ट्र भागने की फिराक में रहते हुए धर दबोचा गया। बताया गया है कि 5 जून की रात आरोपियों ने महंत देवानंद की चाकू घोंपकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने महंत के हत्यारों को 2000 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पकड़ा, जब वे महाराष्ट्र और गोवा भागने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों ने महंत पर चाकुओं से हमला करके उनकी जान ले ली थी।1
- कोटा के महावीर नगर तृतीय स्थित राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय में नवीन कक्षों का लोकार्पण किया गया। शिक्षा मंत्री ने इन नए कक्षों का उद्घाटन किया, जिनका निर्माण भामाशाहों के सहयोग से किया गया बताया गया है। इस अवसर पर भाजपा विधायक संदीप शर्मा भी उपस्थित थे।1
- कांग्रेस ने नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे घोटालों के विरोध में एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का शुभारंभ 17 जून को राजस्थान के कोटा से होगा, जहाँ कांग्रेस नेता राहुल गांधी छात्रों के साथ सीधा संवाद करेंगे। देश के सबसे बड़े शिक्षण केंद्र कोटा में आयोजित होने वाले इस छात्र सम्मेलन में पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की खामियों, रोजगार और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी। कांग्रेस की जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने बताया कि कोटा देशभर से लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आकर्षित करता है, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने इन विद्यार्थियों के भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाला है। उन्होंने जोर दिया कि वर्ष 2024 के बाद 2026 में भी पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं में भारी निराशा और मानसिक तनाव व्याप्त है। कांग्रेस इस महत्वपूर्ण मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के साथ-साथ एक व्यापक सोशल मीडिया अभियान भी चलाएगी। देहात जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के अनुसार, राहुल गांधी कोचिंग और स्कूली छात्रों से सीधे बातचीत करेंगे, जिससे वे अपनी समस्याओं, परीक्षा संबंधी चुनौतियों और भविष्य को लेकर अपनी चिंताओं को साझा कर सकेंगे। कोटा में कार्यक्रम के लिए 3 से 4 स्थान चिन्हित किए गए हैं, जिसका अंतिम चयन एआईसीसी की टीम द्वारा किया जाएगा। इस अभियान के तहत, कोटा के बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में भी छात्र सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, शिक्षक, युवा संगठन और पेपर लीक से प्रभावित लोग शामिल होंगे। कांग्रेस का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से छात्रों और युवाओं की आवाज को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।3
- आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए, कोटा नगर निगम द्वारा शहर के प्रमुख नालों की विशेष सफाई का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम आयुक्त प्रकाश मेहरा के निर्देशों पर, सुंदर धर्मशाला से लेकर लालबुर्ज तक के मुख्य नाले की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर किया गया। सफाई इंस्पेक्टर जोधराज झंझोट की निगरानी में हुए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि नाला प्लास्टिक पन्नियों, रस्सियों, थर्मोकोल और अन्य कचरे से पूरी तरह जाम था, जिससे बरसात में जलभराव का खतरा बढ़ गया था। इस समस्या को हल करने के लिए, नगर निगम के गोताखोर प्रदीप शर्मा ने बहादुरी दिखाते हुए नाले में उतरकर हाथों से सारा कचरा निकाला और जमे हुए अवरोधों को दूर किया। उनकी इस मेहनत के परिणामस्वरूप नाले की पूरी सफाई हो सकी और पानी की निकासी अब सुचारू रूप से हो रही है। नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले शहर के सभी प्रमुख नालों और नालियों की सफाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बारिश के दौरान जलभराव की कोई समस्या न हो और आम जनता को परेशानी से राहत मिल सके। नाले की प्रभावी सफाई होने पर, स्थानीय क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन, आयुक्त प्रकाश मेहरा और सफाई दल का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समय रहते की गई कार्रवाई क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी।1
- आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए रावतभाटा नगर पालिका प्रशासन ने शहर में संभावित जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एक विशेष सफाई अभियान शुरू किया है। इसी क्रम में, 13 जून को पुराना बाजार स्थित बड़े नाले और चारभुजा राम मंदिर क्षेत्र की नालियों की व्यापक सफाई करवाई गई। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर के निर्देशानुसार, सफाई कर्मचारियों ने नालों और नालियों से गाद, कचरा और अन्य अवरोधों को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त किया। इस सफाई अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति को रोकना और आमजन के आवागमन को सुगम बनाए रखना है। अधिशासी अधिकारी मुकेश नागर ने बताया कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की जल निकासी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए नगर क्षेत्र के विभिन्न नालों और नालियों की नियमित सफाई की जा रही है। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे नालियों में कचरा न डालें और शहर को स्वच्छ बनाए रखने में नगर पालिका का सहयोग करें। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते की गई यह सफाई व्यवस्था मानसून के दौरान राहत प्रदान करेगी और जलभराव की समस्या को काफी हद तक कम करने में सहायक सिद्ध होगी।1
- जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने संयुक्त अभियान चलाकर राष्ट्रीय राजमार्ग 52 के निकट हो रहे अवैध अतिक्रमणों पर बड़ी कार्यवाही शुरू की है। शुक्रवार को इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के पहले दिन तहसीलदार रतनलाल मीणा, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभियंता गोविंद सिंह और पुलिस दल की मौजूदगी में बासनी, देवा का खेड़ा और इटूंदा मोड तक 50 से अधिक अतिक्रमण हटाए गए। जानकारी के अनुसार, यह अभियान सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के निर्देश पर शुरू किया गया है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच सेंटर से 30 मीटर तक के दायरे में हो रहे अतिक्रमणों को हटाया जा रहा है। कार्यवाही से पूर्व अतिकर्मियों को नोटिस भी जारी किए गए थे। अभियान की शुरुआत ग्राम बासनी से हुई, जहाँ पुराने एनएच 12 के निकट लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमणों को जेसीबी की मदद से दिनभर हटाया गया। शुरुआती दौर में मौके पर कुछ लोग एकत्रित हुए, लेकिन पुलिस बल की पर्याप्त मौजूदगी के कारण मामला शांत रहा। इसके बाद, दस्ता देवा का खेड़ा और इटूंदा मोड भी पहुँचा, जहाँ निर्धारित सीमा के भीतर सभी अतिक्रमणों को पूरी तरह से हटा दिया गया। तहसीलदार रतनलाल मीणा ने बताया कि इस कार्यवाही के दौरान चार पक्के मकान भी ध्वस्त किए गए हैं। प्रशासन ने बताया कि अभियान के पहले दिन करीब 40 फ़ीसदी अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, और यह कार्यवाही शनिवार को भी जारी रहेगी।1
- राजस्थान में गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ का गंभीर सिलसिला जारी है, जिसकी ताजा मिसाल बीकानेर का पीबीएम अस्पताल है। यहां सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई हैं, जो कोटा में इसी तरह की घटना के बाद सामने आया है। इससे पहले, कोटा में जीवन रक्षक इंजेक्शन में दवा की जगह पानी भरे होने का मामला भी सामने आया था, जिससे मरीजों की जान को खतरा पैदा हुआ था। इन सभी मामलों के बावजूद, किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। अस्पताल में नकली दवाओं के इस्तेमाल और स्टाफ द्वारा मरीजों के साथ जानवरों जैसा व्यवहार करने जैसी कई तरह की गड़बड़ियां लगातार सामने आ रही हैं। हाल ही में जब चिकित्सा मंत्री अस्पताल पहुंचे, तो मीडिया के तीखे सवालों का जवाब देते वक्त उनकी जुबान लड़खड़ाती नजर आई, जिससे वे जवाब देने में असहज दिखे। यह स्थिति राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त घोर लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।1