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चंदन गांव में करंट लगने से युवक की हुई मौत पुलिस ने दर्ज किया मामला चंदन गांव में करंट लगने से युवक की मौत हो गई है पुलिस ने मामला दर्ज किया है
पब्लिक न्यूज़ अमरवाड़ा
चंदन गांव में करंट लगने से युवक की हुई मौत पुलिस ने दर्ज किया मामला चंदन गांव में करंट लगने से युवक की मौत हो गई है पुलिस ने मामला दर्ज किया है
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- *किसान से लूट का पुलिस ने किया खुलासा* * 1 लाख 40 हजार रुपए की हुई थी लूट* *चौरई मंडी से गेहूं बेचकर ललितपुर ढाना आते समय हुई थी वारदात* सिवनी के लखनवाड़ा थाना अंतर्गत हुई थी घटना *पुलिस का खुलासा महंगे शौक को पूरा करने के लिए की थी लूट* सिवनी के लखनवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ललितपुर और ढाना गांव के बीच किसान से की गई लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 17 अप्रैल को जब किसान शिवकुमार पिता खुमानसिंग वर्मा 42 साल निवासी ललितपुर चौरई मंडी से गेहूं बेचकर आ रहा था उसी दरमियान कोहका ग्राम से एक मोटरसाइकिल में बैठकर पीछा कर रहे युवकों ने पीछे से डंडा मारकर उससे गेहूं बेचकर लाए गए 140000 हजार रुपए की राशि लूटकर ले जाए थे। पीड़ित की शिकायत पर लखनवाड़ा पुलिस ने इस मामले की बारीकी से जांच पड़ताल कर संदीप पिता रामकृष्ण बघेल निवासी जैतपुर, अभय उर्फ गब्बर चक्रवर्ती निवासी खमरिया एवं रोहित उर्फ विक्की चक्रवर्ती को गिरफ्तार करते हुए लूट में उपयोग एक बाइक,तीन मोबाइल और 122000 रुपए की राशि जब्त की है। जबकि 18000 रुपए की राशि आरोपियों ने दबोचे जाने से पहले खर्च कर दी। पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी महंगे शौक को पूरा करने के लिए इस घटना को अंजाम दिए थे। पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपित संदीप बघेल हत्या के मिले में भी आरोपी रहा है।1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- डोंगरगांव: डोंगरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेहरा खेड़ा में आज अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। डायल 112 और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही गाडरवारा से डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम में स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक मुस्तैदी से तैनात रहे। डायल 112 की टीम ने न केवल स्थिति को संभाला बल्कि राहत कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फायर ब्रिगेड के साथ समन्वय स्थापित किया। कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू आग बुझाने के लिए NTPC और CISF के दमकल कर्मियों को बुलाया गया। दमकल कर्मियों, सीआईएसएफ जवानों और डायल 112 के स्टाफ ने मिलकर मोर्चा संभाला। काफी देर तक चली कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया। जान-माल की सुरक्षा डायल 112 के स्टाफ दीपक गौरव और पायलट अरुण रजक की सजगता और दमकल विभाग की सक्रियता से एक बड़ा हादसा होने से बच गया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास की संपत्तियों को कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। पुलिस प्रशासन अब आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने इस त्वरित सहायता के लिए गाडरवारा डायल 112 की टीम और दमकल कर्मियों की सराहना की है।3
- एंकर - डंफर और बाइक में भीषण टक्कर के बाद 2 बाइक सवारों की मौके पर मौत जिनके शव आज सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए । सोमवार सुबह करीब 9 बजे शांतिदूत तिराहे पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब मृतकों के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक न चक्काजाम हटेगा और न ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि न्याय की मांग है। सवालों के घेरे में प्रशासन स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से भारी वाहनों का दबाव बना हुआ है, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने लगातार अनदेखी की। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते अलग लेन, ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो यह दर्दनाक हादसा टल सकता था। लोगों का कहना है— “हादसा डंपर ने किया, लेकिन जिम्मेदार लापरवाह व्यवस्था है।” गुस्से में जनता, सड़क पर उतरा जनसैलाब घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। चक्काजाम के चलते वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे अधिकारी स्थिति को संभालने में जुटे रहे, लेकिन आक्रोशित परिजन बिना लिखित भरोसे के मानने को तैयार नहीं दिखे। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से लगातार सवाल कर रहे हैं— मौतों के बाद ही क्यों जागता है सिस्टम? क्या हर बार न्याय के लिए शव सड़क पर रखना पड़ेगा? जनता का आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन पहले ही संवेदनशीलता दिखाता, तो आज परिजनों को सड़क पर उतरकर न्याय की मांग नहीं करनी पड़ती। लोग अब सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जवाबदेही और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल क्या प्रशासन समय रहते कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर लोगों का आक्रोश और बढ़ेगा? रिपोर्टर - आकाश चौहान2
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