धमतरी के वार्डवासी स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों से बेहद परेशान हैं। इस समस्या को लेकर कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय लोगों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। जनता और जनप्रनिधियों का आरोप है कि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि जून और जुलाई महीने के बिजली बिलों से जनता काफी त्रस्त है। पहले जहां लोगों का बिल ₹700-800 आता था, वहीं अब वह ₹2000 से ₹2500 तक पहुंच गया है। उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भोली-भाली जनता को ठगने का काम कर रही है; एक तरफ महतारी वंदन के नाम पर ₹1000 दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली बिल बढ़ाकर ₹3000 से ₹4000 वसूले जा रहे हैं। वहीं, पार्षद सुमन मेश्राम ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा सरकार आई है, वह आम जनता की जेब पर डाका डालने का काम कर रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी और नई स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान कर सत्यापन कराया जाए और गलत बिल वालों को तुरंत राहत दी जाए। बढ़ते बिलों की मार झेल रहे महिमा सागर वार्ड की निवासी रमली बाई ने बताया कि उनके दो कमरे के कच्चे मकान का बिजली बिल पिछले महीने ₹470 आया था, जो इस महीने बढ़कर ₹2100 हो गया है। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वे मजदूरी करने वाले लोग इतना भारी बिल कहां से पटा पाएंगे। इसी तरह, डाक बंगला वार्ड के गैरेज कर्मी सतीश यादव ने बताया कि उनके तीन कमरे के कच्चे मकान का बिल पहले ₹300-400 आता था, लेकिन इस बार सीधे ₹1800 आया है, जिससे घर का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर के प्रतिनिधि ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि गलत बिल पाए जाने पर उसमें सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आम जनता के साथ बिजली कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में पार्षद पूर्णिमा गजानंद रजक, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, योगेश लाल सहित भागवत साहू, राजेश साहू, काशी राम नायक, नरोत्तम देवांगन, पुन्नी बाई, सुशीला दीवान, उषा पाठक, शिव कुमार और कामता प्रसाद जैसे कई वार्डवासी मौजूद रहे।
धमतरी के वार्डवासी स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों से बेहद परेशान हैं। इस समस्या को लेकर कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय लोगों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। जनता और जनप्रनिधियों का आरोप है कि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि जून और जुलाई महीने के बिजली बिलों से जनता काफी त्रस्त है। पहले जहां लोगों का बिल ₹700-800 आता था, वहीं अब वह ₹2000 से ₹2500 तक पहुंच गया है। उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भोली-भाली जनता को ठगने का काम कर रही है; एक तरफ महतारी वंदन के नाम पर ₹1000 दिए जा रहे हैं, तो
दूसरी तरफ बिजली बिल बढ़ाकर ₹3000 से ₹4000 वसूले जा रहे हैं। वहीं, पार्षद सुमन मेश्राम ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा सरकार आई है, वह आम जनता की जेब पर डाका डालने का काम कर रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी और नई स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान कर सत्यापन कराया जाए और गलत बिल वालों को तुरंत राहत दी जाए। बढ़ते बिलों की मार झेल रहे महिमा सागर वार्ड की निवासी रमली बाई ने बताया कि उनके दो कमरे के कच्चे मकान का बिजली बिल पिछले महीने ₹470 आया था, जो इस महीने बढ़कर ₹2100 हो गया है। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वे मजदूरी करने वाले लोग इतना भारी बिल कहां से पटा पाएंगे। इसी तरह, डाक बंगला वार्ड के गैरेज कर्मी सतीश यादव
ने बताया कि उनके तीन कमरे के कच्चे मकान का बिल पहले ₹300-400 आता था, लेकिन इस बार सीधे ₹1800 आया है, जिससे घर का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर के प्रतिनिधि ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि गलत बिल पाए जाने पर उसमें सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आम जनता के साथ बिजली कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में पार्षद पूर्णिमा गजानंद रजक, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, योगेश लाल सहित भागवत साहू, राजेश साहू, काशी राम नायक, नरोत्तम देवांगन, पुन्नी बाई, सुशीला दीवान, उषा पाठक, शिव कुमार और कामता प्रसाद जैसे कई वार्डवासी मौजूद रहे।
- धमतरी जिले में नवपदस्थ पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय (भा.पु.से.) ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया है। इस अवसर पर निवर्तमान पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार (भा.पु.से.) ने उन्हें विभागीय प्रक्रिया के तहत कार्यभार सौंपा और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, संवेदनशील मामलों, विशेष अभियानों तथा सामुदायिक पुलिसिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। पदभार ग्रहण समारोह में उपस्थित समस्त राजपत्रित अधिकारियों, एसडीओपी और अन्य पुलिस कर्मचारियों ने नवपदस्थ एसपी का आत्मीय स्वागत करते हुए पूर्ण निष्ठा और टीम भावना के साथ कार्य करने का भरोसा दिलाया। पदभार संभालने के बाद पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय ने पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमतरी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर त्वरित नियंत्रण, पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना और पुलिस-जनता के बीच विश्वास व संवाद को मजबूत करना है। उन्होंने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए विभाग की गरिमा बनाए रखने की हिदायत दी। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने एसपी कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने शाखा प्रभारियों से लंबित मामलों, अभिलेखों के रखरखाव और दैनिक कार्यों की जानकारी ली और शिकायतों का संवेदनशीलता व त्वरित कार्रवाई के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार चतुर्वेदी, एसडीओपी कुरूद रागिनी मिश्रा, डीएसपी सुश्री मोनिका मरावी, डीएसपी सुश्री मीना साहू और रक्षित निरीक्षक श्री दीपक शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।2
- अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर की दान राशि में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर गरियाबंद के तिरंगा चौक पर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने और दान राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग उठाई है। प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल ने कहा कि यदि राम मंदिर की दान राशि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं श्री राम मंदिर निर्माण के लिए ₹1,11,111 का चंदा दिया है और भाजपा को बताना चाहिए कि उस राशि का हिसाब क्या है। उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं के दान का पूरा लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यदि दान राशि में कोई भी अनियमितता हुई है, तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की पुरजोर मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।2
- धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र अंतर्गत महमल्ला गाँव में एक तेंदुआ सूखे कुएं में गिर गया। कुएं में तेंदुआ गिरने की इस घटना के बाद वन विभाग ने वहाँ पहुँचकर तेंदुए का रेस्क्यू किया है।1
- गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड के अंतर्गत कोठीगांव में प्रकृति का एक अद्भुत और दुर्लभ नजारा देखने को मिल रहा है। यहां वर्षों पुराना एक ऐसा विशाल वृक्ष समूह मौजूद है, जिसमें 11 विभिन्न प्रजातियों के वृक्ष एक ही स्थान पर और एक-दूसरे से जुड़े हुए विकसित हो गए हैं। स्थानीय लोग इसे प्रकृति का अनोखा चमत्कार मानते हैं। इस अद्वितीय वृक्ष समूह में पीपल, नीम, महुआ, कुर्रू, कसही, आम, सीताफल, फेंग, लाडो, केन्वटी और गस्ति सहित कुल 11 प्रजातियों के वृक्ष शामिल हैं। अलग-अलग प्रजातियों के वृक्षों का इस प्रकार एक साथ विकसित होना अत्यंत दुर्लभ माना जा रहा है। यद्यपि भारत में अद्भुत वृक्षों के कुछ उल्लेखनीय उदाहरण मिलते हैं, जिनमें प्रयागराज स्थित अक्षयवट, दुनिया के सबसे बड़े बरगद वृक्षों में से एक 'थिम्ममा मर्रीमनु' और 'डोडा आलदा मारा' शामिल हैं, लेकिन 11 अलग-अलग प्रजातियों का एक ही मूलाधार पर विकसित होना बेहद दुर्लभ घटना है। यह स्थल न केवल पर्यावरण प्रेमियों और प्रकृति शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है, बल्कि जैव विविधता और प्राकृतिक सह-अस्तित्व का भी जीवंत संदेश देता है। इस अनोखे उपहार को सुप्रसिद्ध वृक्षों की श्रेणी में चौथे वृक्ष की उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।1
- रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में पुलिस ने पब, ढाबा और बार संचालकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। इन गाइडलाइंस के तहत सभी संचालकों को अपने प्रतिष्ठान निर्धारित समय पर बंद करने होंगे और परिसर में नाबालिगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगानी होगी। इसके साथ ही, पुलिस ने परिसर के बाहर शराब पीने वाले लोगों पर भी सख्त वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।1
- रायपुर में वक्ता मंच एवं जन एकता फाउंडेशन द्वारा अग्रगामी महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रदेश भर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रही 100 महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस समारोह में बिलाईगढ़ की विधायक कविता प्राण लहरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने महिलाओं से छत्तीसगढ़ में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति, अपराध और मृत्यु भोज जैसी अप्रासंगिक प्रथाओं को रोकने के लिए आगे आने की अपील की। विधायक ने कहा कि एक नारी ही घर को स्वर्ग बना देने के लिए काफी है और यदि सभी नारियां ठान लें, तो पूरे प्रदेश को नशामुक्त किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने माताओं से अपनी बेटियों को पढ़ाई के साथ-साथ आत्मरक्षा के लिए कराटे सिखाने की भी बात कही ताकि वे हिंसा की स्थिति में अपनी रक्षा खुद कर सकें। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ समाज सेवी गुरुशरण पाल गरचा ने की। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि सम्मानित हो रही महिलाओं के कार्यों से समाज में आशा, विश्वास और परिवर्तन का दीप जल रहा है। वक्ता मंच के तीन दशकों के सफर की सराहना करते हुए वक्ताओं ने इसे सामाजिक चेतना, वैचारिक संवाद और जन जागरण का एक सशक्त माध्यम बताया। कार्यक्रम की शुरुआत बाल प्रतिभाओं के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई। इसके बाद सांप्रदायिक सौहार्द्र, थियेटर, फिल्म, खेल, शिक्षा, चिकित्सा, पुलिसिंग, पत्रकारिता और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाली मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर उच्च व्यवसायों में संलग्न महिलाओं को 'अग्रगामी महिला अवार्ड' और सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रा के माध्यम से सारंगढ़ की हीरादेवी निराला को वर्ष 2026 की भाग्यशाली महिला का अवार्ड प्रदान किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ मनीषा बी सिन्हा, डॉ नलिनी मढरिया, डॉ करुणा कुर्रे, डॉ प्राची भट्टर, डॉ रत्ना अग्रवाल, पंडित पी के तिवारी, राजकुमार धर द्विवेदी एवं अजीत कुकरेजा उपस्थित थे। आयोजन में वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते, संयोजक शुभम साहू, विवेक बेहरा, मनीष अवस्थी, ज्योति शुक्ला और टीम के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सम्मानित होने वाली 100 महिलाओं में रविंदर कौर भांबरा, स्वीटी सलूजा, आफताब बेगम, डॉ आकांक्षा दुबे, सीमा पांडेय, अनुराधा दुबे, डॉ मान्या ठाकुर, अचला श्रीवास्तव और रूपल पांडे सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं। कार्यक्रम का समापन संयोजक शुभम साहू के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।1
- धमतरी के वार्डवासी स्मार्ट मीटर लगने के बाद अचानक बढ़े हुए बिजली बिलों से बेहद परेशान हैं। इस समस्या को लेकर कांग्रेस पार्षदों और स्थानीय लोगों ने कलेक्टर जनदर्शन पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। जनता और जनप्रनिधियों का आरोप है कि नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिजली के बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं, जिससे आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ गया है। नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने बताया कि जून और जुलाई महीने के बिजली बिलों से जनता काफी त्रस्त है। पहले जहां लोगों का बिल ₹700-800 आता था, वहीं अब वह ₹2000 से ₹2500 तक पहुंच गया है। उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार भोली-भाली जनता को ठगने का काम कर रही है; एक तरफ महतारी वंदन के नाम पर ₹1000 दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ बिजली बिल बढ़ाकर ₹3000 से ₹4000 वसूले जा रहे हैं। वहीं, पार्षद सुमन मेश्राम ने आरोप लगाया कि जब से भाजपा सरकार आई है, वह आम जनता की जेब पर डाका डालने का काम कर रही है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने मांग की है कि पुरानी और नई स्मार्ट मीटर की रीडिंग का मिलान कर सत्यापन कराया जाए और गलत बिल वालों को तुरंत राहत दी जाए। बढ़ते बिलों की मार झेल रहे महिमा सागर वार्ड की निवासी रमली बाई ने बताया कि उनके दो कमरे के कच्चे मकान का बिजली बिल पिछले महीने ₹470 आया था, जो इस महीने बढ़कर ₹2100 हो गया है। उन्होंने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि वे मजदूरी करने वाले लोग इतना भारी बिल कहां से पटा पाएंगे। इसी तरह, डाक बंगला वार्ड के गैरेज कर्मी सतीश यादव ने बताया कि उनके तीन कमरे के कच्चे मकान का बिल पहले ₹300-400 आता था, लेकिन इस बार सीधे ₹1800 आया है, जिससे घर का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर के प्रतिनिधि ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि गलत बिल पाए जाने पर उसमें सुधार किया जाएगा। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे आम जनता के साथ बिजली कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन और सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में पार्षद पूर्णिमा गजानंद रजक, उमा भागी ध्रुव, रामेश्वरी कोसरे, योगेश लाल सहित भागवत साहू, राजेश साहू, काशी राम नायक, नरोत्तम देवांगन, पुन्नी बाई, सुशीला दीवान, उषा पाठक, शिव कुमार और कामता प्रसाद जैसे कई वार्डवासी मौजूद रहे।3
- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुन्दरापारा में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की हत्या कर दी गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 12 घंटे के भीतर एक ही परिवार के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह खूनी संघर्ष 12 जुलाई की रात करीब साढ़े नौ बजे जैतखाम के पास कुन्दरापारा में हुआ, जब पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि एक पक्ष ने लाठी, डंडे, ईंट और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में लेखराम कोठारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं अक्षय कोठारी, गोपा उर्फ सूर्यदेव कोठारी और बल्ला उर्फ रोशन कोठारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। विशेष टीमों ने घेराबंदी कर घटना में शामिल एक ही परिवार के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान लक्ष्मी चेलक (35 वर्ष), आकाश चेलक (26 वर्ष), सत्यम चेलक (33 वर्ष), खेलू चेलक (32 वर्ष), प्रकाश चेलक (29 वर्ष) और देवचंद चेलक (34 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल ईंट, डंडे, चाकू और कपड़े भी बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब तीन साल पहले जैतखाम में झंडा लगाने को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है।1