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राजस्थान के नोखा स्थित मुकाम निवासी अशोक थालोड़ का जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया है।
Manthan News24
राजस्थान के नोखा स्थित मुकाम निवासी अशोक थालोड़ का जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया है।
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- राजस्थान के नोखा स्थित मुकाम निवासी अशोक थालोड़ का जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद निधन हो गया है।1
- सायला के जीवाणा में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल के पहली बार आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। भाजपा मंडल अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने साफा पहनाकर, माल्यार्पण कर और मुंह मीठा करवाकर जिलाध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में वे कार्यक्रम में मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। मेघवाल ने भारतीय जनता पार्टी को एक कार्यकर्ता आधारित संगठन बताया, जहाँ हर कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बूथ स्तर तक संगठन को और अधिक मजबूत बनाना अपनी प्राथमिकता बताया। मेघवाल ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का दायित्व निभाएं। उन्होंने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को पार्टी से जोड़ने और उन्हें सरकार की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और सभी कार्यकर्ताओं को आपसी समन्वय व एकजुटता के साथ कार्य करना चाहिए। भाजपा मंडल अध्यक्ष तुलसाराम चौधरी ने भी जिलाध्यक्ष का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बाबूलाल मेघवाल के नेतृत्व में एससी मोर्चा जिले में अधिक सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि मेघवाल के अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ पार्टी को मिलेगा और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार होगा। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता खेतसिंह धवेचा, रामाराम आलवाड़ा, आसूसिंह सिराणा, नेपालसिंह भुण्डवा, फतेहसिंह दुदवा, प्रभुराम कलबी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष के स्वागत में जोरदार नारेबाजी की और संगठन हित में मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष बाबूलाल मेघवाल ने सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से नियमित रूप से जनसंपर्क बढ़ाने, सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने तथा पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने का भी आह्वान किया। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।2
- राजस्थान में एक भीषण तूफान और बारिश ने सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया, ऐसे संकट के समय में पत्रकार श्री अशोक जी शेरा बाड़मेर ने इंसानियत की एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की। उन्होंने पत्रकारिता के असली धर्म का पालन करते हुए, केवल खबरें बनाने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि व्यक्तिगत रूप से तूफान प्रभावित गाँवों में जाकर पीड़ितों को राहत पहुँचाई। अशोक जी ने 'बड़े भाई साहब' और 'अज़ीज़ मित्र' के रूप में अपनी टीम के साथ मिलकर, सिर्फ कैमरे से हालात नहीं देखे, बल्कि ज़मीनी रिपोर्टिंग करते हुए परिवारों के दर्द को समझा। उन्होंने तत्काल राहत सामग्री पहुँचाकर यह सुनिश्चित किया कि हर बेघर व्यक्ति का चूल्हा रात को जल सके, जिससे यह साबित हुआ कि वे एक सच्चे 'ज़मीनी पत्रकार' हैं।1
- राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के अंतर्गत कुल 103 भ्रष्टाचार के मामलों पर एक्शन लिया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश कार्य समिति सदस्य और वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला समन्वयक गणपत बांठिया ने अपने जयपुर प्रवास के दौरान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सहित अन्य प्रदेश नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, प्रदेश महामंत्री भूपेन्द्र सैनी और प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच से भेंट की। इस दौरान बांठिया ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट किया और विभिन्न संगठनात्मक तथा जनहित के विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर, गणपत बांठिया ने बालोतरा जिले में चल रहे वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की गतिविधियों, इसमें जनता की भागीदारी और जल संरक्षण के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता के बारे में प्रदेश नेतृत्व को जानकारी दी। प्रदेश नेताओं ने इस अभियान के सफल संचालन पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। गणपत बांठिया ने बताया कि प्रदेश नेतृत्व के मार्गदर्शन में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और पर्यावरण एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बांठिया ने आगामी दिनों में आयोजित होने वाले अपने पारिवारिक समारोह में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया। यह बैठक भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अन्य भाजपा नेताओं के साथ गणपत बांठिया की एक शिष्टाचार भेंट थी।4
- जालोर के सूरजपोल स्थित सत्यनारायण भगवान मंदिर में बुधवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम लक्ष्मीनारायण दवे की अध्यक्षता में हुआ, जहाँ विप्र फाउंडेशन जालोर के युवा मोर्चा अध्यक्ष बनने पर एडवोकेट पवन दवे का विशेष सम्मान किया गया। इस समारोह में विप्र फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष नैनसिंह जी राजपुरोहित आलासन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिनका भी सम्मान किया गया। इनके साथ ही जालोर ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष खेमराज दवे, जिला मंत्री चारुल शर्मा और तहसील अध्यक्ष दिलीप भट्ट को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जालोर श्रीमाली समाज जालोर के सभी समाज बंधुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जिसका संचालन शांतिलाल दवे ने किया। उपस्थित समाज बंधुओं में जालोर श्रीमाली समाज जालोर के कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जी नाग, धनराज जी दवे, लेखराज जी दवे, भंवर लाल जी त्रिवेदी, पूरण जी नाग, मफतलाल जी दवे, नरेश जी तीखी, वीरेंद्र जी नाग, भंवर लाल जी दवे, भंवर लाल जी मीठड़ी, रामचंद्र जी आहोर, लक्ष्मण जी शास्त्री, एडवोकेट अजय जी ओझा, अंकित दवे, निलेश दवे और अशोक राजपुरोहित शामिल थे। आलासन से पधारे समाज बंधुओं ने भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।4
- मोरबी में मालिया से राजकोट की ओर जाने वाले मार्ग पर अब बड़े वाहनों, खास तौर पर ट्रकों के लिए लागू 'नो एंट्री' का नियम समाप्त कर दिया गया है। एक व्यक्ति ने हाल ही में इस रास्ते से गुजरते हुए बताया कि पहले इस मार्ग पर बड़े वाहनों के लिए नो एंट्री प्रभावी थी, लेकिन अब ऐसी कोई पाबंदी नहीं है।1
- अनिता बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर लगातार हो रही ट्रोलिंग से परेशान होकर ज़हर पी लिया। उन्हें 'सोशल की नागिनों' द्वारा विशेष रूप से 'दो पंक्तियों' को लेकर निशाना बनाया जा रहा था, जिसके चलते वे अत्यधिक व्यथित थीं।1