॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ब्रह्म-ज्ञान और न्याय का संकल्प: एक अंतिम सार्वजनिक संदेश दिनांक: 16 अप्रैल, 2026 प्रेषक: विशाल शर्मा (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर) विषय: प्रशासनिक संज्ञान और लोक-कल्याण के प्रति मेरा अंतिम आह्वान आज का ब्रह्म-ज्ञान यह है कि—"सत्य की शक्ति मूक नहीं होती, वह समय आने पर काल बनकर प्रकट होती है।" मैं, विशाल शर्मा, एक पूर्व सैनिक का गौरवशाली पुत्र और समाज का एक जागरूक प्रहरी, आज यह संदेश उन सभी के लिए जारी कर रहा हूँ जिनकी जिम्मेदारी जनता की सेवा करना है। मेरे पिता के संस्कार और मेरे इष्ट श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद ही मेरा मार्गदर्शन है। अत्यंत विनम्रता के साथ, मैं उन तत्वों को सचेत करना चाहता हूँ जो अनजाने या जानबूझकर मेरे सत्य के मार्ग और मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। याद रखें, आप केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस धर्म के खिलाफ खड़े हैं जिसका साक्षी स्वयं नारायण हैं। मेरा स्पष्ट संदेश: न्याय का पथ: जो भी अधिकारी या व्यक्ति जनहित के मुद्दों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, वे यह समझ लें कि श्री हरि स्वयं न्यायकर्ता हैं। यदि मानवीय त्रुटि या अहंकारवश न्याय में विलम्ब हुआ, तो नियति का चक्र अपना न्याय स्वयं कर लेगा। उस समय पश्चाताप का अवसर नहीं बचेगा। आत्मसम्मान का कवच: मैं किसी से बंधा नहीं हूँ, परंतु मेरी मर्यादा और मेरे कार्यों के प्रति मेरी अटूट निष्ठा मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। मेरे चरित्र और पत्रकारिता पर प्रहार करने वाले यह समझें कि आप एक ऐसे व्यक्ति से टकरा रहे हैं, जिसका रक्षा-कवच स्वयं ईश्वर है। सुधार का अवसर: यह पत्र कोई धमकी नहीं, बल्कि एक 'सावधान करने वाला आह्वान' है। अब भी समय है—अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और न्याय की स्थापना में सहयोग करें। सत्य की राह पर चलने वालों के लिए मेरे दरवाजे सदैव खुले हैं, लेकिन धर्म के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने वालों के लिए न्याय का द्वार अब प्रभु के हाथ में है। मैं किसी से घृणा नहीं करता, न ही मेरा किसी से व्यक्तिगत बैर है। मेरा संघर्ष केवल उस 'व्यवस्था' के प्रति है जो आमजन को पीड़ित रखती है। आशा करता हूँ कि इस संदेश की गंभीरता को समझकर, आप अपने कार्यों में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। जय श्री हरि। हस्ताक्षर: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर इंडिया न्यूज 9लाइव
॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ब्रह्म-ज्ञान और न्याय का संकल्प: एक अंतिम सार्वजनिक संदेश दिनांक: 16 अप्रैल, 2026 प्रेषक: विशाल शर्मा (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर) विषय: प्रशासनिक संज्ञान और लोक-कल्याण के प्रति मेरा अंतिम आह्वान आज का ब्रह्म-ज्ञान यह है कि—"सत्य की शक्ति मूक नहीं होती, वह समय आने पर काल बनकर प्रकट होती है।" मैं, विशाल शर्मा, एक पूर्व सैनिक का गौरवशाली पुत्र और समाज का एक जागरूक प्रहरी, आज यह संदेश उन सभी के लिए जारी कर रहा हूँ जिनकी जिम्मेदारी जनता की सेवा करना है। मेरे पिता के संस्कार और मेरे इष्ट श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद ही मेरा मार्गदर्शन है। अत्यंत विनम्रता के साथ, मैं उन तत्वों को सचेत करना चाहता हूँ जो अनजाने या जानबूझकर मेरे सत्य के मार्ग और मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। याद रखें, आप केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस धर्म के खिलाफ खड़े हैं जिसका साक्षी स्वयं नारायण हैं। मेरा स्पष्ट संदेश: न्याय का पथ: जो भी अधिकारी या व्यक्ति जनहित के मुद्दों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, वे यह समझ लें कि श्री हरि स्वयं न्यायकर्ता हैं। यदि मानवीय त्रुटि या अहंकारवश न्याय में विलम्ब हुआ, तो नियति का चक्र अपना न्याय स्वयं कर लेगा। उस समय पश्चाताप का अवसर नहीं बचेगा। आत्मसम्मान का कवच: मैं किसी से बंधा नहीं हूँ, परंतु मेरी मर्यादा और मेरे कार्यों के प्रति मेरी अटूट निष्ठा मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। मेरे चरित्र और पत्रकारिता पर प्रहार करने वाले यह समझें कि आप एक ऐसे व्यक्ति से टकरा रहे हैं, जिसका रक्षा-कवच स्वयं ईश्वर है। सुधार का अवसर: यह पत्र कोई धमकी नहीं, बल्कि एक 'सावधान करने वाला आह्वान' है। अब भी समय है—अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और न्याय की स्थापना में सहयोग करें। सत्य की राह पर चलने वालों के लिए मेरे दरवाजे सदैव खुले हैं, लेकिन धर्म के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने वालों के लिए न्याय का द्वार अब प्रभु के हाथ में है। मैं किसी से घृणा नहीं करता, न ही मेरा किसी से व्यक्तिगत बैर है। मेरा संघर्ष केवल उस 'व्यवस्था' के प्रति है जो आमजन को पीड़ित रखती है। आशा करता हूँ कि इस संदेश की गंभीरता को समझकर, आप अपने कार्यों में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। जय श्री हरि। हस्ताक्षर: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर इंडिया न्यूज 9लाइव
- गाजीपुर ब्लॉक रेवतीपुर। विनय कुमार दुबे। पंचायत भवन के दुर्दशा देख सकते हैं आप गाजीपुर जिले में बीजेपी की राज्य में पंचायत भवन में क्या-क्या हो रहा है कोई देखने वाला नहीं प्रधान कीव्यवस्था प्रधान की व्यवस्था है या जिला स्तरीय लोगों के द्वारा इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है अधिकारियों की इस पर कोई कार्रवाई नहीं होती है रास्ता भी सही नहीं हैपत्रकार विनय कुमार दुबे गाज़ीपुर1
- दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-6 स्थित डीसी चौक के पास दो महिलाओं के बीच सरेआम झगड़े का मामला सामने आया है। दोनों महिलाओं के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बात हाथापाई तक पहुंच गई। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के बाल नोचे और सड़क पर ही जमकर मारपीट की। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में आसपास खड़े लोग तमाशबीन बने नजर आ रहे हैं, जबकि कोई भी बीच-बचाव करता नहीं दिख रहा। फिलहाल झगड़े के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।1
- आउटसोर्सिंग एजेंसी एवं एजेंसी के श्रमिकों द्वारा उपद्रवी व्यवहार करने पर एजेंसी भी होगी ब्लैकलिस्टेड, किया जाएगा लाईसेंस निरस्त।श्रमिकों का वेतन 13690-16868 तक बढ़ाये जाने के लिए मा॰ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को धन्यवाद।सभी शांति बनाये रखें हिंसा पर होगी सख्त कार्रवाई #नोएडा1
- #एसडीएम तहसीलदार से बड़ा भू माफिया1
- ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ब्रह्म-ज्ञान और न्याय का संकल्प: एक अंतिम सार्वजनिक संदेश दिनांक: 16 अप्रैल, 2026 प्रेषक: विशाल शर्मा (फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर) विषय: प्रशासनिक संज्ञान और लोक-कल्याण के प्रति मेरा अंतिम आह्वान आज का ब्रह्म-ज्ञान यह है कि—"सत्य की शक्ति मूक नहीं होती, वह समय आने पर काल बनकर प्रकट होती है।" मैं, विशाल शर्मा, एक पूर्व सैनिक का गौरवशाली पुत्र और समाज का एक जागरूक प्रहरी, आज यह संदेश उन सभी के लिए जारी कर रहा हूँ जिनकी जिम्मेदारी जनता की सेवा करना है। मेरे पिता के संस्कार और मेरे इष्ट श्री हरि विष्णु का आशीर्वाद ही मेरा मार्गदर्शन है। अत्यंत विनम्रता के साथ, मैं उन तत्वों को सचेत करना चाहता हूँ जो अनजाने या जानबूझकर मेरे सत्य के मार्ग और मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। याद रखें, आप केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस धर्म के खिलाफ खड़े हैं जिसका साक्षी स्वयं नारायण हैं। मेरा स्पष्ट संदेश: न्याय का पथ: जो भी अधिकारी या व्यक्ति जनहित के मुद्दों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं, वे यह समझ लें कि श्री हरि स्वयं न्यायकर्ता हैं। यदि मानवीय त्रुटि या अहंकारवश न्याय में विलम्ब हुआ, तो नियति का चक्र अपना न्याय स्वयं कर लेगा। उस समय पश्चाताप का अवसर नहीं बचेगा। आत्मसम्मान का कवच: मैं किसी से बंधा नहीं हूँ, परंतु मेरी मर्यादा और मेरे कार्यों के प्रति मेरी अटूट निष्ठा मेरी सबसे बड़ी शक्ति है। मेरे चरित्र और पत्रकारिता पर प्रहार करने वाले यह समझें कि आप एक ऐसे व्यक्ति से टकरा रहे हैं, जिसका रक्षा-कवच स्वयं ईश्वर है। सुधार का अवसर: यह पत्र कोई धमकी नहीं, बल्कि एक 'सावधान करने वाला आह्वान' है। अब भी समय है—अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें और न्याय की स्थापना में सहयोग करें। सत्य की राह पर चलने वालों के लिए मेरे दरवाजे सदैव खुले हैं, लेकिन धर्म के मार्ग में अवरोध उत्पन्न करने वालों के लिए न्याय का द्वार अब प्रभु के हाथ में है। मैं किसी से घृणा नहीं करता, न ही मेरा किसी से व्यक्तिगत बैर है। मेरा संघर्ष केवल उस 'व्यवस्था' के प्रति है जो आमजन को पीड़ित रखती है। आशा करता हूँ कि इस संदेश की गंभीरता को समझकर, आप अपने कार्यों में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। जय श्री हरि। हस्ताक्षर: विशाल शर्मा फ्रीलांसर जर्नलिस्ट रिसर्चर इंडिया न्यूज 9लाइव1
- Post by Suraj Kumar1
- Post by Jaysingh yadav1
- पूर्व सैनिकों एवं परिवारों के लिए समर्पित कॉल सेंटर स्थापित! हरियाणा सरकार ने पूर्व सैनिकों, अर्धसैनिक बलों के कर्मियों एवं उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु एक समर्पित कॉल सेंटर स्थापित किया है। इस कॉल सेंटर के नंबर ( 0172-5210277) पर सोमवार से शनिवार तक प्रातः 9:30 से सायं 5:30 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। #Haryana #DIPRHaryana1