उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी 'Cy-Vazra' अभियान के तहत कोतवाली देहात पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बहराइच रोड स्थित खिरौरा मोहन क्रॉसिंग से एक संगठित अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, 8 मोहर, 2 पैन कार्ड, 1 डेबिट कार्ड, 2 वोटर आईडी, 1 मेमोरी कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और 1 स्कूटी समेत विभिन्न फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े खातों में जमा 3.20 करोड़ रुपये की धनराशि को फ्रीज करा दिया गया है। इस मामले की शुरुआत पीड़ित वीरेन्द्र प्रताप की तहरीर पर दर्ज मुकदमों के बाद हुई। पीड़ित का आरोप था कि आरोपियों ने उन्हें सोलर कंपनी में ₹15,000 प्रति माह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यूपी ग्रामीण बैंक में उनका सैलरी/करेंट अकाउंट खुलवाया था। आरोपियों ने पीड़ित के खाते में अपना फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज करवाकर इंटरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी व पासवर्ड अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी उद्यम पंजीकरण व जीएसटी नंबर प्राप्त कर खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। गोण्डा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक और क्षेत्राधिकारी नगर योगेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में टीमों का गठन कर 12 जुलाई 2026 को इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक गोयल, विजय सोनी, देवनरायन मिश्रा, गंगोत्री पाण्डेय और शहबान आलम उर्फ सोनू शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर 'म्यूल अकाउंट' (Mule Accounts) खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देश भर में होने वाले इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों की अवैध कमाई को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। बरामद दस्तावेजों से अब तक 20 से अधिक ऐसे संदिग्ध म्यूल खातों का पता चला है, जिनमें ₹21 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ है। इन खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, लद्दाख, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे कई राज्यों से 43 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी 'Cy-Vazra' अभियान के तहत कोतवाली देहात पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बहराइच रोड स्थित खिरौरा मोहन क्रॉसिंग से एक संगठित अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के 5 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, 8 मोहर, 2 पैन कार्ड, 1 डेबिट कार्ड, 2 वोटर आईडी, 1 मेमोरी कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और 1 स्कूटी समेत विभिन्न फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही साइबर ठगी से जुड़े खातों में जमा 3.20 करोड़ रुपये की धनराशि को फ्रीज करा दिया गया है। इस मामले की शुरुआत पीड़ित वीरेन्द्र प्रताप की तहरीर पर दर्ज मुकदमों के बाद हुई। पीड़ित का आरोप था कि आरोपियों ने उन्हें सोलर कंपनी में ₹15,000 प्रति माह की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यूपी ग्रामीण बैंक में उनका सैलरी/करेंट अकाउंट खुलवाया था। आरोपियों ने पीड़ित के खाते में अपना फर्जी मोबाइल नंबर दर्ज करवाकर इंटरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी व पासवर्ड अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद उनके नाम पर फर्जी उद्यम पंजीकरण
व जीएसटी नंबर प्राप्त कर खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। गोण्डा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक और क्षेत्राधिकारी नगर योगेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में टीमों का गठन कर 12 जुलाई 2026 को इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों में दीपक गोयल, विजय सोनी, देवनरायन मिश्रा, गंगोत्री पाण्डेय और शहबान आलम उर्फ सोनू शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को नौकरी का झांसा देकर उनके नाम पर 'म्यूल अकाउंट' (Mule Accounts) खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल देश भर में होने वाले इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन और अन्य साइबर अपराधों की अवैध कमाई को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। बरामद दस्तावेजों से अब तक 20 से अधिक ऐसे संदिग्ध म्यूल खातों का पता चला है, जिनमें ₹21 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ है। इन खातों के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, लद्दाख, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे कई राज्यों से 43 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब इन आरोपियों के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
- उत्तर प्रदेश के गोण्डा में चैरिटेबल संस्था के रूप में देवीपाटन मंडल में सक्रिय खून की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अन्तर्जनपदीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गिरोह के 8 अभियुक्तों को चाँदमारी पुलिया घोसियाना के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 अदद डिस्पोजल सिरिन्ज और 9 अदद मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह की काली करतूतों का पर्दाफाश तब हुआ जब थाना खरगूपुर के ग्राम परसा निवासी वली मोहम्मद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं और डॉक्टरों ने रक्त की आवश्यकता बताई थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी ने उन्हें ₹12,500 में रक्त उपलब्ध कराया, जिसके लिए पीड़ित ने ₹10,000 ऑनलाइन और ₹2,500 नकद दिए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उस रक्त को संदिग्ध और अनुपयुक्त बताते हुए चढ़ाने से मना कर दिया। आरोपी ने न तो दूसरा रक्त दिया और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा, गिरोह के खिलाफ एक और अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 9 वर्षीय बेटी के इलाज के दौरान आरोपियों ने एक्सपायरी (समयावधि समाप्त) रक्त उपलब्ध कराया, जिसे चढ़ाने से उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक और सौरभ बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि उनके बाकी साथी अस्पतालों के बाहर जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को अपना शिकार बनाकर खून का अवैध कारोबार चलाते थे। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय रवाना कर दिया है।3
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसों में कथित हेराफेरी के मामले पर राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना को अपने आप में बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि इससे सभी रामभक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना पर गहरी शर्मिंदगी जताते हुए कहा कि राम मंदिर में ऐसी घटना का होना सिर्फ अफसोस की बात नहीं है, बल्कि यह शर्म और कलंक की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सीधे तौर पर सिस्टम से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि जल्द ही पूरी व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संकेत दिया कि मंदिर व्यवस्था में जल्द ही कड़े सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इन व्यवस्थागत सुधारों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत बनाए रखना है, ताकि मंदिर की पारदर्शिता और पवित्रता पर भविष्य में कोई भी सवाल खड़ा न हो सके।1
- गोण्डा के जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के प्रसव विंग एवं वार्ड में बेटियों के सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य का सकारात्मक संदेश देने के लिए एक भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष अवसर पर ग्राम बेसिया चैन की निवासी श्रीमती पूनम देवी (पत्नी श्री दिनेश कुमार) के प्रसव पर जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन स्वयं अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने नवजात कन्या के परिवारजनों के साथ मिलकर केक काटकर कन्या जन्मोत्सव मनाया और परिवार को हार्दिक बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें समान अवसर, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने परिवार से बच्ची के बेहतर पालन-पोषण और शिक्षा का संकल्प लेने का आह्वान किया। परिवार के विशेष आग्रह पर जिलाधिकारी ने नवजात बच्ची का नाम 'अनुग्रहिता' रखा, जिससे पूरा परिवार बेहद प्रसन्न हुआ। जिलाधिकारी ने नवजात बच्ची को उपहार में चांदी की कटोरी तथा चम्मच भेंट की और माता पूनम देवी को सहायता राशि भी प्रदान की। इस आयोजन से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' और कन्या सम्मान की भावना को और अधिक मजबूती मिली। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी गौरव मिश्र सहित अन्य अधिकारी, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे और सभी ने नवजात के स्वस्थ व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।4
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आज बाराबंकी सदर के सपा नेता विधायक सुरेश यादव जी के नेतृत्व में 'गौ रक्षा धर्म यात्रा' निकाली जा रही है। इस यात्रा में साधु और सन्यासी भी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन बाराबंकी के बड़ेल में शांति पैलेस नहर के पास हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए लोगों को सादर आमंत्रित किया गया है।1
- अयोध्या के फैजाबाद में पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच विपक्ष के कनेक्शन को लेकर घिरे लोग कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। पत्रकारों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के सामने जब विपक्ष के कनेक्शन का मुद्दा उठा, तो वे पूरी तरह घिर गए और इस संबंध में कोई भी ठोस प्रमाण देने में पूरी तरह असमर्थ रहे।1
- अयोध्या जनपद के हैदरगंज थाना क्षेत्र में बिहार के भोजपुर निवासी भरत तिवारी के एनकाउंटर को फेक बताकर आगामी 17 जुलाई को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस घटना के विरोध में हैदरगंज के ब्रह्म बाबा चौराहे पर हवन कर रोष जताया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ित परिवार की मदद के लिए सरकार से भी मांग की जाएगी। इस संबंध में समाजसेवी झिंगूरी दुबे ने रविवार को जानकारी देते हुए ऐलान किया है कि भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए करणी सेना सहित अन्य संगठन भी 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।1
- अयोध्या की नगर पंचायत भरतकुंड भदरसा के अंतर्गत भदरसा कस्बे में हनुमान मंदिर से महज कुछ ही कदम की दूरी पर मुख्य सड़क पर बिना लाइसेंस के अवैध मांस की दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। नाम बदलने के बाद भी यहाँ की व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं। मुख्य मार्ग, मंदिर और स्कूल के पास ये दुकानें बिना किसी लाइसेंस के खुलेआम और व्यावसायिक तरीके से चलाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर मामले को लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के दर्जनों लोगों ने तहसील दिवस और नगर पंचायत में शिकायत दर्ज कराई है। लोगों की मांग है कि इन अवैध दुकानों को तत्काल बंद किया जाए या फिर इन्हें कस्बे से दूर किसी जमीन पर स्थानांतरित किया जाए। इससे पहले उपजिलाधिकारी की सख्ती के बाद प्राथमिक स्कूल के बगल में चल रही दुकानें तो बंद करा दी गई थीं, लेकिन अब भी मुख्य मार्ग, मंदिर और स्कूल के पास कई दुकानें बेखौफ चल रही हैं। इतने विरोध और शिकायतों के बावजूद नगर पंचायत के ईओ विनय दुबे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। फरियादियों का आरोप है कि ईओ विनय दुबे जानबूझकर कार्रवाई करने से भाग रहे हैं और बार-बार शिकायत के बाद भी फरियादियों की आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंच पा रही है। आखिर ईओ विनय दुबे किसके इशारे पर मौन साधे हुए हैं और क्या उनकी नजर में ये दुकानें वैधानिक हैं? इस उदासीन रवैये को लेकर क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी है।1
- गोंडा के महराजगंज पुलिस चौकी के पास नगर पुलिस की नाक के नीचे से एक चोर ने सरेराह मोटरसाइकिल उड़ा दी। पत्रकार अंकुर गर्ग के अनुसार, इस चोरी की वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गया है, जिसे पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक अंजाम दिया गया।1