उत्तर प्रदेश के गोण्डा में चैरिटेबल संस्था के रूप में देवीपाटन मंडल में सक्रिय खून की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अन्तर्जनपदीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गिरोह के 8 अभियुक्तों को चाँदमारी पुलिया घोसियाना के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 अदद डिस्पोजल सिरिन्ज और 9 अदद मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह की काली करतूतों का पर्दाफाश तब हुआ जब थाना खरगूपुर के ग्राम परसा निवासी वली मोहम्मद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं और डॉक्टरों ने रक्त की आवश्यकता बताई थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी ने उन्हें ₹12,500 में रक्त उपलब्ध कराया, जिसके लिए पीड़ित ने ₹10,000 ऑनलाइन और ₹2,500 नकद दिए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उस रक्त को संदिग्ध और अनुपयुक्त बताते हुए चढ़ाने से मना कर दिया। आरोपी ने न तो दूसरा रक्त दिया और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा, गिरोह के खिलाफ एक और अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 9 वर्षीय बेटी के इलाज के दौरान आरोपियों ने एक्सपायरी (समयावधि समाप्त) रक्त उपलब्ध कराया, जिसे चढ़ाने से उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक और सौरभ बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि उनके बाकी साथी अस्पतालों के बाहर जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को अपना शिकार बनाकर खून का अवैध कारोबार चलाते थे। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय रवाना कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के गोण्डा में चैरिटेबल संस्था के रूप में देवीपाटन मंडल में सक्रिय खून की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अन्तर्जनपदीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गिरोह के 8 अभियुक्तों को चाँदमारी पुलिया घोसियाना के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 अदद डिस्पोजल सिरिन्ज और 9 अदद मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह की काली करतूतों का पर्दाफाश
तब हुआ जब थाना खरगूपुर के ग्राम परसा निवासी वली मोहम्मद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं और डॉक्टरों ने रक्त की आवश्यकता बताई थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी ने उन्हें ₹12,500 में रक्त उपलब्ध कराया, जिसके लिए पीड़ित ने ₹10,000 ऑनलाइन और ₹2,500 नकद दिए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उस रक्त को संदिग्ध और अनुपयुक्त बताते हुए चढ़ाने से मना कर दिया। आरोपी ने न तो दूसरा रक्त दिया और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा, गिरोह
के खिलाफ एक और अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 9 वर्षीय बेटी के इलाज के दौरान आरोपियों ने एक्सपायरी (समयावधि समाप्त) रक्त उपलब्ध कराया, जिसे चढ़ाने से उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक और सौरभ बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि उनके बाकी साथी अस्पतालों के बाहर जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को अपना शिकार बनाकर खून का अवैध कारोबार चलाते थे। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय रवाना कर दिया है।
- उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदेशव्यापी अभियान 'Cy-Vazra' के तहत गोंडा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक व क्षेत्राधिकारी नगर योगेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण में कोतवाली देहात व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने इन आरोपियों को बहराइच रोड स्थित खिरौरा मोहन क्रॉसिंग से दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान दीपक गोयल, विजय सोनी, देवनारायण मिश्रा, शहबान आलम उर्फ सोनू और गंगोत्री पाण्डेय के रूप में हुई है। इस पूरे मामले का खुलासा सिसई टिकरिया के रहने वाले पीड़ित वीरेन्द्र प्रताप पाण्डेय की तहरीर पर हुआ। आरोपियों ने उन्हें एक सोलर कंपनी में ₹15,000 प्रतिमाह की नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। इसके बाद आरोपियों ने यू.पी. ग्रामीण बैंक में उनके नाम से सैलरी व करंट अकाउंट खुलवाया, लेकिन खाते में अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराकर नेट बैंकिंग का पूरा एक्सेस खुद ले लिया। इस खाते के जरिए आरोपियों ने करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया और पीड़ित के नाम से फर्जी उद्यम पंजीकरण व जीएसटी नंबर भी जारी करवा लिए। इस शिकायत पर कोतवाली देहात थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। यह गिरोह बेरोजगार और जरूरतमंद लोगों को नौकरी का लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्में बनाता था और बैंक खाते खुलवाकर उन्हें 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल करता था। इन खातों का उपयोग इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और सेक्सटॉर्शन जैसे गंभीर साइबर अपराधों से ठगी गई रकम को मंगाने के लिए किया जाता था। बरामद दस्तावेजों से अब तक ऐसे 20 से अधिक म्यूल खातों का पता चला है, जिनमें ₹21 करोड़ से अधिक का लेनदेन किया गया है। इन खातों के खिलाफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तमिलनाडु, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश और कर्नाटक सहित देश के कई राज्यों से कुल 43 शिकायतें दर्ज पाई गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन खातों में मौजूद ₹3.20 करोड़ की धनराशि को होल्ड करा दिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 15 आधार कार्ड, 10 सिम कार्ड, 8 मोहरें, 2 पैन कार्ड, 2 वोटर आईडी, 1 डेबिट कार्ड, 1 मेमोरी कार्ड, 1 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी और विभिन्न फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता, कोतवाली देहात के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के साथ आरक्षी हरिओम टण्डन, अमित कुमार गौड़, मनीष कुशवाहा, आलोक सविता, राजेन्द्र कुमार व शिवम मिश्रा शामिल रहे। कोतवाली देहात पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।3
- उत्तर प्रदेश के गोण्डा में चैरिटेबल संस्था के रूप में देवीपाटन मंडल में सक्रिय खून की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले एक अन्तर्जनपदीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने गिरोह के 8 अभियुक्तों को चाँदमारी पुलिया घोसियाना के पास से गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान मुख्तार, शिवम शुक्ला, विजय, साहबे आलम, ऋषिकेश अवस्थी, बृजेश कुमार शुक्ला, अभिषेक सिंह और सौरभ श्रीवास्तव के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 253 कूटरचित ब्लड बैंक कार्ड, 10 अदद डिस्पोजल सिरिन्ज और 9 अदद मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस गिरोह की काली करतूतों का पर्दाफाश तब हुआ जब थाना खरगूपुर के ग्राम परसा निवासी वली मोहम्मद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को उनकी पत्नी अस्पताल में भर्ती थीं और डॉक्टरों ने रक्त की आवश्यकता बताई थी। इसी दौरान अस्पताल के बाहर ऋषिकेश अवस्थी ने उन्हें ₹12,500 में रक्त उपलब्ध कराया, जिसके लिए पीड़ित ने ₹10,000 ऑनलाइन और ₹2,500 नकद दिए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उस रक्त को संदिग्ध और अनुपयुक्त बताते हुए चढ़ाने से मना कर दिया। आरोपी ने न तो दूसरा रक्त दिया और न ही पीड़ित के पैसे वापस किए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। इसके अलावा, गिरोह के खिलाफ एक और अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 9 वर्षीय बेटी के इलाज के दौरान आरोपियों ने एक्सपायरी (समयावधि समाप्त) रक्त उपलब्ध कराया, जिसे चढ़ाने से उसकी पुत्री की मृत्यु हो गई। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक और सौरभ बलरामपुर में एक ब्लड बैंक का संचालन करते हैं, जबकि उनके बाकी साथी अस्पतालों के बाहर जरूरतमंद मरीजों के तीमारदारों को अपना शिकार बनाकर खून का अवैध कारोबार चलाते थे। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय रवाना कर दिया है।3
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे के पैसों में कथित हेराफेरी के मामले पर राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना को अपने आप में बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि इससे सभी रामभक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। नृपेंद्र मिश्रा ने इस घटना पर गहरी शर्मिंदगी जताते हुए कहा कि राम मंदिर में ऐसी घटना का होना सिर्फ अफसोस की बात नहीं है, बल्कि यह शर्म और कलंक की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सीधे तौर पर सिस्टम से जुड़ा हुआ मामला है। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि जल्द ही पूरी व्यवस्था में आवश्यक सुधार किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संकेत दिया कि मंदिर व्यवस्था में जल्द ही कड़े सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इन व्यवस्थागत सुधारों का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत बनाए रखना है, ताकि मंदिर की पारदर्शिता और पवित्रता पर भविष्य में कोई भी सवाल खड़ा न हो सके।1
- अयोध्या के प्रेस क्लब में भारतीय स्वर्ण समाज पार्टी की एक चिंतन-मंथन बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन का विस्तार करना और बूथ स्तर तक जाकर कार्यकर्ताओं को मजबूत बनाना है। बैठक में मौजूद पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि वे स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महंगाई और बेरोजगारी जैसे जनहित के गंभीर मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहते हैं। इसके साथ ही, सभी समाजों को एक सूत्र में पिरोकर एक सशक्त संगठन तैयार करने पर भी विशेष बल दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आज बाराबंकी सदर के सपा नेता विधायक सुरेश यादव जी के नेतृत्व में 'गौ रक्षा धर्म यात्रा' निकाली जा रही है। इस यात्रा में साधु और सन्यासी भी भाग ले रहे हैं। यह आयोजन बाराबंकी के बड़ेल में शांति पैलेस नहर के पास हो रहा है, जिसमें शामिल होने के लिए लोगों को सादर आमंत्रित किया गया है।1
- अयोध्या के फैजाबाद में पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच विपक्ष के कनेक्शन को लेकर घिरे लोग कोई भी ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए हैं। पत्रकारों द्वारा पूछे गए तीखे सवालों के सामने जब विपक्ष के कनेक्शन का मुद्दा उठा, तो वे पूरी तरह घिर गए और इस संबंध में कोई भी ठोस प्रमाण देने में पूरी तरह असमर्थ रहे।1
- अयोध्या जनपद के हैदरगंज थाना क्षेत्र में बिहार के भोजपुर निवासी भरत तिवारी के एनकाउंटर को फेक बताकर आगामी 17 जुलाई को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इस घटना के विरोध में हैदरगंज के ब्रह्म बाबा चौराहे पर हवन कर रोष जताया जाएगा। इसके साथ ही पीड़ित परिवार की मदद के लिए सरकार से भी मांग की जाएगी। इस संबंध में समाजसेवी झिंगूरी दुबे ने रविवार को जानकारी देते हुए ऐलान किया है कि भरत तिवारी को न्याय दिलाने के लिए करणी सेना सहित अन्य संगठन भी 17 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।1
- गोंडा के महराजगंज पुलिस चौकी के पास नगर पुलिस की नाक के नीचे से एक चोर ने सरेराह मोटरसाइकिल उड़ा दी। पत्रकार अंकुर गर्ग के अनुसार, इस चोरी की वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो गया है, जिसे पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक अंजाम दिया गया।1