रिश्वत की गड्डी ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, उद्योग विभाग का बाबू एंटी करप्शन के शिंकंजे में 5 हजार रुपये घूस लेते उद्योग विभाग का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार 🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में शुक्रवार को भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा बेनकाब हुआ है। गोरखपुर की एंटी करप्शन ट्रैप टीम ने विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा को पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। यह गिरफ्तारी एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर होने वाली रिश्वतखोरी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जानकारी के अनुसार कप्तानगंज के मंगल बाजार निवासी अमन कश्यप ने एंटी करप्शन संगठन, गोरखपुर से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। आरोप है कि ऋण पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी जारी करने के एवज में जिला उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा द्वारा लगातार पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम ने पूरी रणनीति तैयार की और शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय में जाल बिछाया। दोपहर करीब 12:25 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी बाबू को पांच हजार दिए, पहले से मौजूद टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेश कुमार कुशवाहा पुत्र मुन्नी लाल, निवासी शेखपुर, पोस्ट कुलगांव, थाना महाराजपुर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था।एंटी करप्शन संगठन के प्रभारी निरीक्षक शिव मनोहर यादव ने बताया कि शिकायत का विधिवत सत्यापन कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद ट्रैप टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई रविन्द्रनगर धूस थाने में की जा रही है। 🔴उठ रहे हैं सवाल क्या सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रिश्वत दिए मिलना मुश्किल हो गया है?क्या उद्योग विभाग में सब्सिडी की फाइलें सुविधा शुल्क मिलने के बाद ही आगे बढ़ती हैं?क्या यह मामला सिर्फ एक बाबू तक सीमित है या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है?विभागीय अधिकारियों को आखिर इतनी बड़ी रिश्वतखोरी की भनक क्यों नहीं लगी? एंटी करप्शन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
रिश्वत की गड्डी ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, उद्योग विभाग का बाबू एंटी करप्शन के शिंकंजे में 5 हजार रुपये घूस लेते उद्योग विभाग का बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार 🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो कुशीनगर। जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में शुक्रवार को भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा बेनकाब हुआ है। गोरखपुर की एंटी करप्शन ट्रैप टीम ने विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा को पांच हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है। यह गिरफ्तारी एक बार फिर सरकारी दफ्तरों में योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर होने वाली रिश्वतखोरी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। जानकारी के अनुसार कप्तानगंज के मंगल बाजार निवासी अमन कश्यप ने एंटी करप्शन संगठन, गोरखपुर से शिकायत की थी कि उनकी पत्नी को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 9 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। आरोप है कि ऋण पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी जारी करने के एवज में जिला उद्योग विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक शैलेश कुमार कुशवाहा द्वारा लगातार पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। बिना पैसे दिए फाइल आगे नहीं बढ़ाई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन संगठन ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम ने पूरी रणनीति तैयार की और
शुक्रवार को जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र कार्यालय में जाल बिछाया। दोपहर करीब 12:25 बजे जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी बाबू को पांच हजार दिए, पहले से मौजूद टीम ने तत्काल उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेश कुमार कुशवाहा पुत्र मुन्नी लाल, निवासी शेखपुर, पोस्ट कुलगांव, थाना महाराजपुर, जनपद कानपुर नगर के रूप में हुई है। वह वर्तमान में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, कुशीनगर में कनिष्ठ सहायक के पद पर तैनात था।एंटी करप्शन संगठन के प्रभारी निरीक्षक शिव मनोहर यादव ने बताया कि शिकायत का विधिवत सत्यापन कर पर्याप्त साक्ष्य जुटाए गए, जिसके बाद ट्रैप टीम ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई रविन्द्रनगर धूस थाने में की जा रही है। 🔴उठ रहे हैं सवाल क्या सरकारी योजनाओं का लाभ बिना रिश्वत दिए मिलना मुश्किल हो गया है?क्या उद्योग विभाग में सब्सिडी की फाइलें सुविधा शुल्क मिलने के बाद ही आगे बढ़ती हैं?क्या यह मामला सिर्फ एक बाबू तक सीमित है या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है?विभागीय अधिकारियों को आखिर इतनी बड़ी रिश्वतखोरी की भनक क्यों नहीं लगी? एंटी करप्शन की इस कार्रवाई ने साफ संदेश दिया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
- चोरी की चार मोटरसाइकिल व एक अवैध पिस्टल के साथ चार शातिर वाहन चोर गिरफ्तार कुशीनगर में अपराध व अपराधियों के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना तरया सुजान पुलिस की टीम द्वारा संदिग्ध व्यक्ति/वाहन चेकिंग के दौरान थाना तरयासुजान क्षेत्र से 04 नफर वाहन चोरो को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चार अदद चोरी की मोटरसाइकिल व एक अदद अवैध पिस्टल मय 01 अदद जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- Will the World Cup 2027 really be different? please share1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। 🔥 विवादित बयान क्या था? राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया। बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है। 💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं: विपक्ष का हमला: समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया। विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है। नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है? जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए। लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना। सफाई व पक्ष: विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे। सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।1
- Bangladesh Cricket Board changes ODI captain to Liton Das1
- नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट में जेल भेजा गया | Maharajganj News नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया आरोपी गिरफ्तार, POCSO एक्ट में जेल भेजा गया | Maharajganj News महराजगंज जिले के चौक थाना क्षेत्र में नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी नाबालिग को लेकर भारत-नेपाल सीमा की ओर जा रहा था, जहां एसएसबी ने बालिका को रोक लिया और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने के बाद आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पूरी खबर जानने के लिए वीडियो अंत तक देखें।1
- कुशीनगर एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदलीं... रातभर चला रेस्क्यू, सुबह तीनों मासूमों की लाश बरामद हो गई है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिधरिया ताल ड्रेन में शुक्रवार शाम डूबी तीन मासूम बच्चियों में से आज सुबह तीनों का शव बरामद कर लिया गया हैं। पुलिस तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कुशीनगर एक ही परिवार की खुशियां मातम में बदलीं... रातभर चला रेस्क्यू, सुबह तीनों मासूमों की लाश बरामद हो गई है। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिधरिया ताल ड्रेन में शुक्रवार शाम डूबी तीन मासूम बच्चियों में से आज सुबह तीनों का शव बरामद कर लिया गया हैं। पुलिस तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।1