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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। ​🔥 विवादित बयान क्या था? ​राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया। ​बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। ​तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है। ​💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं ​राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं: ​विपक्ष का हमला: ​समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया। ​विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है। ​नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है? ​जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: ​सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए। ​लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना। ​सफाई व पक्ष: ​विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे। ​सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।

1 hr ago
user_रामानंद सागर
रामानंद सागर
Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
1 hr ago

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। ​🔥 विवादित बयान क्या था? ​राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया। ​बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। ​तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है। ​💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं ​राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं: ​विपक्ष का हमला: ​समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया। ​विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है। ​नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है? ​जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: ​सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए। ​लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना। ​सफाई व पक्ष: ​विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे। ​सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।

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  • उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। ​🔥 विवादित बयान क्या था? ​राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया। ​बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। ​तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है। ​💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं ​राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं: ​विपक्ष का हमला: ​समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया। ​विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है। ​नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है? ​जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: ​सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए। ​लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना। ​सफाई व पक्ष: ​विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे। ​सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।
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    उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है।

​🔥 विवादित बयान क्या था?
​राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया।
​बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। 
​तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है।
​💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं
​राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं:
​विपक्ष का हमला: 
​समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया।
​विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है।
​नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है?
​जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: 
​सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए।
​लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना।
​सफाई व पक्ष: 
​विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे।
​सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Librarian Chauri Chaura, Gorakhpur•
    1 hr ago
  • गोरखपुर: फातिमा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नए सत्र 2026-27 का शुभारंभ | फ्रेशर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम
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    गोरखपुर: फातिमा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नए सत्र 2026-27 का शुभारंभ | फ्रेशर्स ओरिएंटेशन कार्यक्रम
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    30 min ago
  • गोरखपुर की मासूम बेटी को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता मैदान में.....
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    गोरखपुर की मासूम बेटी को न्याय दिलाने के लिए अधिवक्ता मैदान में.....
    user_Abc Hindustan
    Abc Hindustan
    News Anchor Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • देवरिया। कारोबारी ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, धमकी और दुकान पर कब्जे की आशंका जताई
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    देवरिया। कारोबारी ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, धमकी और दुकान पर कब्जे की आशंका जताई
    user_भारत नेशन न्यूज
    भारत नेशन न्यूज
    देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नाले में डूबीं तीन मासूम बच्चियां, दो सगी बहनें भी शामिल; गांव में मातम पड़रौना (कुशीनगर)। जिले के पड़रौना क्षेत्र के बभनौली इलाके के छोटी दुबौली गांव में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। झरही के बरसाती नाले में डूबने से एक ही परिवार की दो सगी बहनों समेत तीन मासूम बच्चियां लापता हो गईं। देर रात तक पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से उनकी तलाश जारी रही। जानकारी के अनुसार, छोटी दुबौली गांव की सपना चौहान (13), उसकी सगी बहन शिवानी चौहान तथा उनकी चचेरी बहन कुंजन चौहान (12) शुक्रवार शाम करीब पांच बजे घर से लगभग 500–600 मीटर दूर झरही पुल के पास चारा लेने गई थीं। इसी दौरान एक बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह बरसाती नाले में गिर गई। उसे बचाने के प्रयास में दूसरी और फिर तीसरी बच्ची भी तेज बहाव की चपेट में आ गई। घटना के समय सपना और शिवानी का छोटा भाई प्रियांशु भी पास में मौजूद था। उसने बहनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका और किसी तरह खुद सुरक्षित बाहर निकल आया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर एसडीएम राजीव निगम, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा, नायब तहसीलदार, सीओ खड्डा बी.के. सिंह तथा नेबुआ नौरंगिया थाना प्रभारी संजय दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची और प्रशासन तथा ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान शुरू किया गया। बताया जाता है कि सपना और शिवानी के पिता शंभू चौहान टाइल्स लगाने का कार्य करते हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। इस हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना शाम करीब पांच बजे हुई, लेकिन एसडीआरएफ टीम देर से मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। देर रात तक तीनों बच्चियों का कोई पता नहीं चल सका था। प्रशासन ने बताया कि तलाश अभियान लगातार जारी है और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दर्दनाक घटना से छोटी दुबौली सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
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    नाले में डूबीं तीन मासूम बच्चियां, दो सगी बहनें भी शामिल; गांव में मातम
पड़रौना (कुशीनगर)। जिले के पड़रौना क्षेत्र के बभनौली इलाके के छोटी दुबौली गांव में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। झरही के बरसाती नाले में डूबने से एक ही परिवार की दो सगी बहनों समेत तीन मासूम बच्चियां लापता हो गईं। देर रात तक पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और ग्रामीणों की मदद से उनकी तलाश जारी रही।
जानकारी के अनुसार, छोटी दुबौली गांव की सपना चौहान (13), उसकी सगी बहन शिवानी चौहान तथा उनकी चचेरी बहन कुंजन चौहान (12) शुक्रवार शाम करीब पांच बजे घर से लगभग 500–600 मीटर दूर झरही पुल के पास चारा लेने गई थीं। इसी दौरान एक बच्ची का संतुलन बिगड़ गया और वह बरसाती नाले में गिर गई। उसे बचाने के प्रयास में दूसरी और फिर तीसरी बच्ची भी तेज बहाव की चपेट में आ गई।
घटना के समय सपना और शिवानी का छोटा भाई प्रियांशु भी पास में मौजूद था। उसने बहनों को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका और किसी तरह खुद सुरक्षित बाहर निकल आया। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
सूचना पर एसडीएम राजीव निगम, तहसीलदार अभिषेक मिश्रा, नायब तहसीलदार, सीओ खड्डा बी.के. सिंह तथा नेबुआ नौरंगिया थाना प्रभारी संजय दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची और प्रशासन तथा ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान शुरू किया गया।
बताया जाता है कि सपना और शिवानी के पिता शंभू चौहान टाइल्स लगाने का कार्य करते हैं। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। इस हादसे के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना शाम करीब पांच बजे हुई, लेकिन एसडीआरएफ टीम देर से मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सक्रिय कर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।
देर रात तक तीनों बच्चियों का कोई पता नहीं चल सका था। प्रशासन ने बताया कि तलाश अभियान लगातार जारी है और हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दर्दनाक घटना से छोटी दुबौली सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
    user_विवेकानन्द
    विवेकानन्द
    Newspaper publisher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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