कड़ाके की ठंड में कोई न सोए खुले में: नपा अध्यक्ष रश्मि सिंह ने रैन बसेरों का किया औचक निरीक्षण उमरिया//जिले में कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए नगर पालिका परिषद् उमरिया की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सिंह ने जनहित में संवेदनशीलता दिखाते हुए शहर के आश्रय स्थलों (रैन बसेरों) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भीषण ठंड के बीच किसी भी जरूरतमंद को परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता और गर्म कपड़ों पर विशेष जोर निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सिंह ने आश्रय स्थल में बिस्तर, कंबल और रजाई की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि: सभी कंबल और रजाई पूरी तरह स्वच्छ होने चाहिए। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़ों का स्टॉक रखा जाए। आश्रय स्थल परिसर में नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। रात में भ्रमण करेगी नगर पालिका की टीम माननीय अध्यक्ष ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए नगर पालिका अमले को निर्देशित किया कि रात्रि के समय शहर के मुख्य स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों का नियमित भ्रमण किया जाए। यदि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोता हुआ पाया जाता है, तो उसे तत्काल नगर पालिका के वाहन से सुरक्षित आश्रय स्थल तक पहुँचाया जाए। उनका संकल्प है कि "इस भारी ठंड में शहर का कोई भी व्यक्ति खुले में सोने को मजबूर न हो।" गर्म पानी और अलाव की सुविधा ठंड की मार को देखते हुए श्रीमती सिंह ने रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों के लिए नहाने हेतु गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों और आश्रय स्थलों के बाहर अलाव (आग तापने) की निरंतर व्यवस्था बनाए रखने को कहा है, ताकि राहगीरों और निराश्रितों को राहत मिल सके।
कड़ाके की ठंड में कोई न सोए खुले में: नपा अध्यक्ष रश्मि सिंह ने रैन बसेरों का किया औचक निरीक्षण उमरिया//जिले में कड़ाके की ठंड और गिरते तापमान को देखते हुए नगर पालिका परिषद् उमरिया की अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सिंह ने जनहित में संवेदनशीलता दिखाते हुए शहर के आश्रय स्थलों (रैन बसेरों) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भीषण ठंड के बीच किसी भी जरूरतमंद को परेशानी नहीं होनी चाहिए। स्वच्छता और गर्म कपड़ों पर विशेष जोर निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष श्रीमती रश्मि सिंह ने आश्रय स्थल में बिस्तर, कंबल और रजाई की उपलब्धता की जांच की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि: सभी कंबल और रजाई पूरी तरह स्वच्छ होने चाहिए। ठंड से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में गर्म कपड़ों का स्टॉक रखा जाए। आश्रय स्थल परिसर में नियमित साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। रात में भ्रमण करेगी नगर पालिका की टीम माननीय अध्यक्ष ने मानवतावादी दृष्टिकोण अपनाते हुए नगर पालिका अमले को निर्देशित किया कि रात्रि के समय शहर के मुख्य स्थानों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों का नियमित भ्रमण किया जाए। यदि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोता हुआ पाया जाता है, तो उसे तत्काल नगर पालिका के वाहन से सुरक्षित आश्रय स्थल तक पहुँचाया जाए। उनका संकल्प है कि "इस भारी ठंड में शहर का कोई भी व्यक्ति खुले में सोने को मजबूर न हो।" गर्म पानी और अलाव की सुविधा ठंड की मार को देखते हुए श्रीमती सिंह ने रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों के लिए नहाने हेतु गर्म पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने शहर के प्रमुख चौराहों और आश्रय स्थलों के बाहर अलाव (आग तापने) की निरंतर व्यवस्था बनाए रखने को कहा है, ताकि राहगीरों और निराश्रितों को राहत मिल सके।
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏9 hrs ago
- जिले में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाये जाने के उपलक्ष्य में कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ उमरिया/कृषि उपसंचालक संग्राम सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में वर्ष 2026 को 'समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश' के रूप में कृषि वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके तहत किसानों को नई तकनीक, योजनाओं (जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आदि) और नवाचारों की जानकारी देने के लिए कृषि रथ का संचालन 11 जनवरी, 2026 से प्रारम्भ किया जा रहा है। जो उमरिया जिले के अंतर्गत सभी विकासखण्डो के ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कृषको के बीच जागरूकता फैलाएगा और इसके लिए जिला व ब्लॉक स्तर पर समितियां गठित की गई हैं। कृषि रथ संचालन के मुख्य उद्देश्यः किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार सृजित करना, और कृषि को टिकाऊ व तकनीकी रूप से उन्नत बनाना। गतिविधियाँ: कृषि रथ जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, कीट-रोग प्रबंधन, फसल विविधीकरण, कृषि आधारित उद्यमिता और पराली प्रबंधन जैसी जानकारी देगा। रबी सीजन के दौरान प्रत्येक विकासखंड में एक माह तक रथों का संचालन होगा और प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों में भ्रमण किया जाएगा। कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में जिला स्तरीय और एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय समितियां बनाई गई हैं, और प्रत्येक रथ के साथ कृषि अधिकारियों और विशेषज्ञों की एक टीम होगी जो ग्राम पंचायतों में भ्रमण कर कृषि को लाभकारी बनाने के लिए जागरूकता फैलाऐंगे।1
- मेरठ के कपसाड के पीड़ित परिवार से मिले बगैर हमारे नेता बड़े चन्द्रशेखर आजाद जी जाने वाले नहीं हैं। टोल पर बैठकर न्याय की आवाज बुलंद कर रहे हैं। यूपी सरकार में डर का माहौल है। आजाद को कैसे कैद कर सकते हो । हो उड़ता हुआ बाज है।1
- Post by Chandar kulaste लाइफ vlog1
- भट्टा मोहल्ला में भूजल पर हमला! इंडियन कॉफी हाउस के पीछे खदान को मलबे से भरने का खेल, प्रशासनिक आदेशों की उड़ाई धज्जियां कटनी। भट्टा मोहल्ला स्थित इंडियन कॉफी हाउस के पीछे मौजूद पुरानी खदान को सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे से भरा जा रहा है, जबकि प्रशासन द्वारा स्पष्ट आदेश जारी हैं कि खदानों को पाटना पूर्णतः प्रतिबंधित है। कारण साफ है—ये खदानें वॉटर चार्जिंग जोन के रूप में कार्य करती हैं और भूजल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद नगर निगम क्षेत्र में खुलेआम खनन स्थल को डंपिंग यार्ड में तब्दील किया जा रहा है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आने वाले समय में जल संकट को भी न्योता दे सकता है। ⚠️ भूजल संचयन खत्म करने की साजिश? विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी खदानें वर्षा जल को धरती में समाहित कर जलस्तर बनाए रखने में सहायक होती हैं। इन्हें मलबे से भरना सीधे तौर पर भूजल स्रोतों की हत्या के समान है। 🤝 नगर निगम–नेता गठजोड़ की बू? स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन खुदाई से निकले मलबे को जानबूझकर खदान में डलवाया जा रहा है, जो नगर निगम के कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत की ओर इशारा करता है। यदि प्रशासन के आदेश स्पष्ट हैं, तो फिर यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा है—यह बड़ा सवाल है। ❓ प्रशासन की चुप्पी क्यों? क्या पर्यावरण नियम केवल कागजों तक सीमित हैं? क्या खदान भरने के बदले किसी प्रकार का लाभ लिया जा रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? 📢 जनहित में तत्काल कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से तत्काल हस्तक्षेप, मलबा डालने पर तुरंत रोक और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका खामियाजा पूरे शहर को जल संकट के रूप में भुगतना पड़ेगा।1
- शहडोल ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता की रिपोर्ट1
- किसानों का शोषण बंद किया जाय- वरिष्ठ कांग्रेस नेता पुष्पराज सिंह बघेल धान तोलाई मे मची लूट से लेकर खाद की कमी और फिर किसानो कई दिन का इंतजार ईन सब विषयो को लेकर किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह बघेल अपने क्षेत्रीय दौरे पर निकले। और एक एक किसान से मिलकर उनकी समस्याएं जानी। हाई कमान के आदेशानुसार किसान कांग्रेस जिले भर में जनसंपर्क कर किसानो की समस्या जानकर उनका निदान करने मे जुटी हुई है। इसी क्रम में आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुष्पराज सिंह बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी साझा की, उन्होंने बताया कि किसान कांग्रेस द्वारा जिले व तहसील में दौरा किया गया व किसानो की समस्या जानी, आगे बताते हुए कहा कि खाद के समय में खाद नहीं, धान की उचित दर पर खरीदी नहीं एवं कीमत में गिरावट, धान तोलाई के नाम पर वसूली, तोल करने पहुंचे किसान को 10-10 दिन का समय देकर परेशान किया जाता है। इस समस्या पर जनप्रतिनिधि का ध्यान बिल्कुल नहीं जाता। ना ही प्रशासन द्वारा इसे गंभीरता से देखा जाता। आखिर किसान जाए तो जाए का कहां,करें तो कर क्या। इसलिए किसान कांग्रेस ने यह ठाना है कि वह खुद लोगों के पास पहुंचकर उनकी समस्या जानकर संबंधित अधिकारी से मिलकर निदान करने का प्रयास करेगी। कांग्रेस नेता पुष्पराज सिंह बघेल ने कहा कि किसानों की समस्या जल्द नहीं सुनी गई तो किसान कांग्रेस उग्र प्रदर्शन करेगी1
- सब से पहले मईया को नमस्कार जय माता दी Boss Narayan Tripathi1
- जिसके नाम में ही “आज़ाद” हो… उसे ज़ंजीरों में कौन रोक सकता है?1