नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी एक विवादित घटना सामने आई है, जहाँ एंबुलेंस कर्मियों ने मरीजों के परिजनों पर दुर्व्यवहार और गलत जानकारी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में एंबुलेंस पायलट और स्टाफ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एंबुलेंस कर्मियों की शिकायत के अनुसार, यह घटना 16 मई 2026 को हुई थी। गोटेगांव लोकेशन से 108 एंबुलेंस (क्रमांक CG04NS4594) को एक मरीज को जबलपुर रेफर करने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि एंबुलेंस के मौके पर पहुँचने पर, मरीज के परिजनों ने निर्धारित मार्ग को छोड़कर एंबुलेंस को किसी निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बनाया। एंबुलेंस पायलट ने बताया कि जब उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए जबलपुर जाने की बात कही, तो परिजनों और वहाँ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने विवाद करना शुरू कर दिया। कर्मियों का यह भी आरोप है कि परिजनों ने उन पर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी का झूठा आरोप लगाया और घटना का एक वीडियो बनाकर उसे गलत तरीके से प्रचारित किया। पायलट ने दावा किया कि उस समय एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध थी, जिसका वीडियो प्रमाण भी उनके पास मौजूद है। कर्मियों ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मामले को संभालने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने अभद्र व्यवहार किया। यह विवाद बढ़ने के बाद, एंबुलेंस अंततः 14:28 बजे दूसरे मरीज को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हुई। अब स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और गलत जानकारी फैलाकर एंबुलेंस सेवा की छवि खराब करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी एक विवादित घटना सामने आई है, जहाँ एंबुलेंस कर्मियों ने मरीजों के परिजनों पर दुर्व्यवहार और गलत जानकारी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में एंबुलेंस पायलट और स्टाफ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एंबुलेंस कर्मियों की शिकायत के अनुसार, यह घटना
16 मई 2026 को हुई थी। गोटेगांव लोकेशन से 108 एंबुलेंस (क्रमांक CG04NS4594) को एक मरीज को जबलपुर रेफर करने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि एंबुलेंस के मौके पर पहुँचने पर, मरीज के परिजनों ने निर्धारित मार्ग को छोड़कर एंबुलेंस को किसी निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बनाया। एंबुलेंस पायलट ने बताया कि जब उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए जबलपुर जाने की बात कही, तो परिजनों और
वहाँ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने विवाद करना शुरू कर दिया। कर्मियों का यह भी आरोप है कि परिजनों ने उन पर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी का झूठा आरोप लगाया और घटना का एक वीडियो बनाकर उसे गलत तरीके से प्रचारित किया। पायलट ने दावा किया कि उस समय एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध थी, जिसका वीडियो प्रमाण भी उनके पास मौजूद है। कर्मियों ने यह भी उल्लेख
किया कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मामले को संभालने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने अभद्र व्यवहार किया। यह विवाद बढ़ने के बाद, एंबुलेंस अंततः 14:28 बजे दूसरे मरीज को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हुई। अब स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और गलत जानकारी फैलाकर एंबुलेंस सेवा की छवि खराब करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
- Pankaj soni atv news crimतेंदूखेड़ा, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेशइनकी reopit kro7 hrs ago
- नरसिंहपुर जिले के नर्मदा तट पर स्थित सुप्रसिद्ध बरमान घाट पर, जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन विशेष रूप से मुस्तैद है और इसी कारण बरमान घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को और भी पुख्ता किया गया है। इन उपायों के तहत, गहरे पानी में फ्लोटिंग बॉल भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- आज गंगा दशहरा के अवसर पर नरसिंहपुर में जल गंगा संवर्धन अभियान का शुभारंभ किया गया, जिसके तहत मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और आध्यात्मिक गुरु दादा गुरु ने नरसिंहपुर की जीवनदायनी सिंगरी नदी में श्रमदान किया। इसी कड़ी में सिंगरी नदी तट पर एक जल संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मंच से मध्य प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने नरसिंहपुर जिले के लोगों से सिंगरी नदी के संवर्धन में प्रशासनिक सहयोग के साथ-साथ स्थानीय लोगों के सहयोग की भी अपील की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ जल मिल सके और यह सुनिश्चित करने के लिए कि नदी में कोई गंदगी न प्रवाहित हो, सभी को संकल्पित होना पड़ेगा। मंत्री ने जल संकट से जूझ रहे नरसिंहपुर को बचाने और आने वाली पीढ़ी के लिए जल संरक्षण हेतु बारिश के जल को वाटर हार्वेस्टिंग के जरिए जमीन में वापस पहुंचाने की भी अपील की। मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने बताया कि सिंगरी नदी के पुनर्जीवन के लिए लगभग ₹16 करोड़ की लागत से एक साल की कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिसका लक्ष्य नरसिंहपुर की इस महत्वपूर्ण नर्मदा की सहायक नदी को पुनर्जीवित करना है।3
- नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी एक विवादित घटना सामने आई है, जहाँ एंबुलेंस कर्मियों ने मरीजों के परिजनों पर दुर्व्यवहार और गलत जानकारी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में एंबुलेंस पायलट और स्टाफ ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को एक लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एंबुलेंस कर्मियों की शिकायत के अनुसार, यह घटना 16 मई 2026 को हुई थी। गोटेगांव लोकेशन से 108 एंबुलेंस (क्रमांक CG04NS4594) को एक मरीज को जबलपुर रेफर करने के लिए बुलाया गया था। आरोप है कि एंबुलेंस के मौके पर पहुँचने पर, मरीज के परिजनों ने निर्धारित मार्ग को छोड़कर एंबुलेंस को किसी निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बनाया। एंबुलेंस पायलट ने बताया कि जब उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए जबलपुर जाने की बात कही, तो परिजनों और वहाँ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने विवाद करना शुरू कर दिया। कर्मियों का यह भी आरोप है कि परिजनों ने उन पर एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कमी का झूठा आरोप लगाया और घटना का एक वीडियो बनाकर उसे गलत तरीके से प्रचारित किया। पायलट ने दावा किया कि उस समय एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध थी, जिसका वीडियो प्रमाण भी उनके पास मौजूद है। कर्मियों ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से मामले को संभालने की कोशिश की, लेकिन परिजनों ने अभद्र व्यवहार किया। यह विवाद बढ़ने के बाद, एंबुलेंस अंततः 14:28 बजे दूसरे मरीज को लेकर जबलपुर के लिए रवाना हुई। अब स्वास्थ्य विभाग से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और गलत जानकारी फैलाकर एंबुलेंस सेवा की छवि खराब करने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।4
- केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अब भारत में कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे का धर्म परिवर्तन नहीं कर सकता है।1
- जो लोग मूंग की थ्रेसिंग करवाना चाहते हैं, वे उपलब्ध सेवा के लिए 9340643821 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।1
- पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना के निर्देशानुसार नरसिंहपुर जिले में अवैध गतिविधियों पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अवैध कार्यों में लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, नरसिंहपुर पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति किसी वन्य प्राणी के अवशेष रखे हुए है और उन्हें बेचने की फिराक में घूम रहा है। इस सूचना पर विशेष टीम का गठन किया गया और घेराबंदी करते हुए परमलाल पिता गुरुशरण ठाकुर (उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम बिछुआ कला) नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से वन्य प्राणी सांभर के 5 सींग जब्त किए गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, इस संबंध में वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की गई है, जिसे पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है।1
- गाडरवारा स्थित राठी वेयरहाउस खरीदी केंद्र में हुई गुणवत्ता जांच में कुल 1785 क्विंटल गेहूं फेल हो गया है। इस परिणाम के बाद खरीदी प्रक्रिया में अनियमितताओं की बात सामने आई है, जिसको लेकर स्थानीय लोगों और संबंधित पक्षों द्वारा इन अनियमितताओं की गहन जांच की मांग की जा रही है।1
- गोटेगांव में जैन समाज ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया, जहां रीवा में 20 मई को आर्यिका श्रुतमती माताजी और उपसम मति माताजी के दर्दनाक समाधि मरण पर समाज का गुस्सा फूट पड़ा। यह घटना उन्हें एक कार चालक द्वारा टक्कर मारे जाने से हुई थी। इस विरोध स्वरूप, जैन समाज के सदस्यों ने काले छाते तानकर और हाथों में काली पट्टी बांधकर एक ऐतिहासिक मौन जुलूस निकाला। इस दौरान प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया।1