आखिर गलती किससे हो गई? आखिर गलती किससे हो गई और कौन-सी गलती हो गई कि आज ऐसा बयान देना पड़ रहा है? परमहंस आचार्य जी के तेवर भाजपा और उसके विरोधियों को लेकर बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे थे, वही आज अचानक भाजपा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर अचानक विचारधारा में यह बदलाव कैसे आया?बयान सुनकर तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे पुरानी फिल्मों का कोई दृश्य चल रहा हो—जहां पात्र वही बात कहता है, जो उससे कहलवाई जाती है। 😂 अब इसके पीछे वजह क्या है, यह तो परमहंस आचार्य ही बेहतर बता सकते हैं। क्या भाजपा से कोई नाराजगी हुई है? क्या किसी नेता ने आईना दिखा दिया? क्या राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं? या फिर सचमुच भाजपा सरकार और उसकी नीतियों को लेकर उनकी आंखें खुल गई हैं?और अगर आखिरी संभावना सही है, तो फिर सवाल यह भी है कि आंखें खुलने में इतनी देर क्यों लगी?बहरहाल, राजनीति में बयान बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति कल तक किसी के समर्थन में खड़ा दिखाई दे और आज उसी के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो जनता सवाल जरूर पूछेगी—आखिर बदलाव विचारों में आया है या परिस्थितियों में? जवाब जो भी हो, इतना तय है कि इस बदले हुए सुर ने लोगों को चर्चा का नया विषय जरूर दे दिया है। 😂
आखिर गलती किससे हो गई? आखिर गलती किससे हो गई और कौन-सी गलती हो गई कि आज ऐसा बयान देना पड़ रहा है? परमहंस आचार्य जी के तेवर भाजपा और उसके विरोधियों को लेकर बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे थे, वही आज अचानक भाजपा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर अचानक विचारधारा में यह बदलाव कैसे आया?बयान सुनकर तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे पुरानी फिल्मों का कोई दृश्य चल रहा हो—जहां पात्र वही बात कहता है, जो उससे कहलवाई जाती है। 😂 अब इसके पीछे वजह क्या है, यह तो परमहंस आचार्य ही बेहतर बता सकते हैं। क्या भाजपा से कोई नाराजगी हुई है? क्या किसी नेता ने आईना दिखा दिया? क्या राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं? या फिर सचमुच भाजपा सरकार और उसकी नीतियों को लेकर उनकी आंखें खुल गई हैं?और अगर आखिरी संभावना सही है, तो फिर सवाल यह भी है कि आंखें खुलने में इतनी देर क्यों लगी?बहरहाल, राजनीति में बयान बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति कल तक किसी के समर्थन में खड़ा दिखाई दे और आज उसी के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो जनता सवाल जरूर पूछेगी—आखिर बदलाव विचारों में आया है या परिस्थितियों में? जवाब जो भी हो, इतना तय है कि इस बदले हुए सुर ने लोगों को चर्चा का नया विषय जरूर दे दिया है। 😂
- कड़ा में गूंजी हर-हर महादेव 🚩 कड़ा चौराहे से नागपंचमी पर धूमधाम से कांवड़ यात्रा निकली। डीजे और गाजे-बाजे के साथ श्रद्धालु नाचते-गाते शिवाला महादेव मंदिर पहुंचे और जलाभिषेक किया। आकर्षक सांस्कृतिक झांकी ने भी लोगों का ध्यान खींचा। 🚩🔱 महाकाल, बजरंगी व बाल गणेश कमेटी ने कांवरियों के लिए दमालू व जलपान की व्यवस्था की। बड़ी संख्या में श्रद्धालु व स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- कौशाम्बी। नागपंचमी के अवसर पर सोमवार को कड़ा चौराहे से शिवाला महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई। डीजे और गाजे-बाजे के साथ निकली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालु भक्त नाचते-गाते और भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए शिवाला महादेव मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया। कांवड़ यात्रा के दौरान आकर्षक सांस्कृतिक झांकी भी निकाली गई, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल कमेटी, बजरंगी कमेटी और बाल गणेश कमेटी की ओर से दमालू एवं जलपान की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में चेयरमैन प्रतिनिधि अरुण केसरवानी, मुन्ना साहू, विनय पांडेय, पप्पू मोदनवाल, राहुल कुशवाहा, दिनेश सोनकर, अजय मोदनवाल, सोनू साहू, गनी गुप्ता, सचिन मोदनवाल, अंकित मोदनवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज़ सच के साथ, आपकी आवाज़ आपकी पहचान1
- आखिर गलती किससे हो गई? आखिर गलती किससे हो गई और कौन-सी गलती हो गई कि आज ऐसा बयान देना पड़ रहा है? परमहंस आचार्य जी के तेवर भाजपा और उसके विरोधियों को लेकर बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे थे, वही आज अचानक भाजपा और उसकी नीतियों पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। राम मंदिर चढ़ावा मामले में भी उन्होंने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है—आखिर अचानक विचारधारा में यह बदलाव कैसे आया?बयान सुनकर तो कभी-कभी ऐसा लगता है जैसे पुरानी फिल्मों का कोई दृश्य चल रहा हो—जहां पात्र वही बात कहता है, जो उससे कहलवाई जाती है। 😂 अब इसके पीछे वजह क्या है, यह तो परमहंस आचार्य ही बेहतर बता सकते हैं। क्या भाजपा से कोई नाराजगी हुई है? क्या किसी नेता ने आईना दिखा दिया? क्या राजनीतिक अपेक्षाएं पूरी नहीं हुईं? या फिर सचमुच भाजपा सरकार और उसकी नीतियों को लेकर उनकी आंखें खुल गई हैं?और अगर आखिरी संभावना सही है, तो फिर सवाल यह भी है कि आंखें खुलने में इतनी देर क्यों लगी?बहरहाल, राजनीति में बयान बदलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब कोई व्यक्ति कल तक किसी के समर्थन में खड़ा दिखाई दे और आज उसी के खिलाफ मोर्चा खोल दे, तो जनता सवाल जरूर पूछेगी—आखिर बदलाव विचारों में आया है या परिस्थितियों में? जवाब जो भी हो, इतना तय है कि इस बदले हुए सुर ने लोगों को चर्चा का नया विषय जरूर दे दिया है। 😂1
- कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य कौशाम्बी जनपद के काजीपुर के निवासी 19 वर्ष से शिव बाबू के मृत्यु के बाद दूसरे दिन पहुंचे भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के कौशांबी विधानसभा अध्यक्ष पंकज मौर्य1
- 16 मिनट मे 16 रुपया का ऑफर फिर चली लाठी #10newsnation #tennewsnation #brekingnews #breakingnews 16 मिनट मे 16 रुपया का ऑफर फिर चली लाठी #10newsnation #tennewsnation #brekingnews #breakingnews1
- सिराथू वन्दना हास्पिटर में बच्चे की मौत से परिजनों में भारी आक्रोश कौशाम्बी जिले के सिराथू वन्दना हास्पिटर में 15 अगस्त को काजीपुर टेढ़ी का एक 19 वर्षीय बच्चे की जिम्मेदार डाक्टर राहुल व उनके स्टांप की भारी लापरवाही से मौत हो गई बच्चे की मौत खबर सुन कर परिजनों भारी आक्रोश फैल गया परिजनों का कहना है की इलाज से पहले जब जान हुई सारी रिपोर्ट नार्मल थी फिर बच्चे की मौत कैसे हुई1
- चाकवन चौराहे पर पुलिस का एक्शन, अभियान तेज! कौशाम्बी। थाना कोखराज क्षेत्र के चाकवन चौराहा ओवरब्रिज के नीचे पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती दिखाई दे रही है। 👉 अपराध और अराजकता पर नजर, पुलिस का अभियान लगातार जारी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की सक्रियता को सराहनीय कदम बताया। थाना कोखराज पुलिस की मुस्तैदी—इलाके में सुरक्षा का भरोसा मजबूत। 🚔1
- कौशांबी: मामूली विवाद में मारपीट और जान से मारने की कोशिश, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर* कौशांबी: मामूली विवाद में मारपीट और जान से मारने की कोशिश, पीड़िता ने थाने में दी तहरीर* *कौशांबी* : जनपद के मंझनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गोरा में मामूली विवाद को लेकर एक महिला और उसके परिवार के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पीड़िता ने थानाध्यक्ष को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। प्राप्त तहरीर के अनुसार ग्राम गोरा निवासी संगीता देवी पत्नी रघुराम ने बताया कि 17 अगस्त को उनके पति घर के सामने पशुओं के लिए खूंटा गाड़ रहे थे। इसी दौरान संगीता के मामा नरेश, ओमप्रकाश, संतोष, पिंटू, दुर्गेश, ओमप्रकाश की पत्नी, उनके बेटे देद्दू, मामा राम खेतान और रामनरेश की पत्नी सहित कई लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने मिलकर संगीता, उनके पति और पिता के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और अभद्र गालियां दीं। संगीता का आरोप है कि हमलावरों ने उनके पति पर चाकू से हमला कर जान से मारने की भी कोशिश की। किसी तरह उनके पति भागकर घर के अंदर घुसे और दरवाजा बंद कर लिया। तहरीर मिलने के बाद मंझनपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। _रिपोर्ट: शाहनवाज आलम, साधना न्यूज़ चैनल, कौशांबी_1