logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*प्राकृतिक खेती से बदली धमथल जुखाला के किसान रवि दत्त की जिंदगी* हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र के गांव धमतल निवासी 47 वर्षीय किसान रवि दत्त आज प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं। रासायनिक खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट को देखते हुए रविदत्त ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। आज उनके खेतों में उगाई जा रही फसलें जहां पर्यावरण के अनुकूल हैं तो वहीं तैयार उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं लाभकारी हैं। रवि दत्त बताते हैं कि पहले वे भी अन्य किसानों की तरह रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही थी और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2018 में इस पद्धति को अपनाने की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में प्राकृतिक खेती के माध्यम से मक्की, गेहूं, कोदरा, दालें, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए वर्ष 2018 में ही देसी नस्सल की गिर गाय भी पाली है। वर्तमान में उनके पास गिर नस्सल की दो बड़ी गायें तथा एक बच्छड़ी है। वह कहते हैं कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसलें स्वस्थ रहती हैं। रवि दत्त का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष प्राकृतिक तौर पर तैयार लगभग 4 क्विंटल मक्की को जिला आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से विक्रय किया है। उन्हें 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1600 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त वह गेहूं सहित अन्य पारंपरिक फसलों तथा सब्जियों का भी नियमित तौर पर उत्पादन कर रहे हैं जिनका उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं। रवि दत्त का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक तौर पर तैयार होने वाली फसलों गेहूं, मक्की, हल्दी इत्यादि के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर एक बेहतरीन कदम उठाया है जिससे प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। *क्या कहते हैं अधिकारी :* _उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान_ का कहना है कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की गई है। वर्तमान में लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा 1094 हैक्टेयर में विभिन्न तरह की फसलों का प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से 85 किसानों से लगभग 116 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला में 32 किसानों से लगभग 49 क्विंटल मक्की तथा 42 किसानों से लगभग 62 क्विंटल गेंहू की भी खरीद की है। उन्होंने बताया कि यह खरीद प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें हल्दी के लिए 90 रुपये, मक्की के लिए 40 रूपये तथा गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई है। _उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार_ का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निर्णयों को समयबद्ध क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।

2 hrs ago
user_Sanjeev ranout
Sanjeev ranout
बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago

*प्राकृतिक खेती से बदली धमथल जुखाला के किसान रवि दत्त की जिंदगी* हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र के गांव धमतल निवासी 47 वर्षीय किसान रवि दत्त आज प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं। रासायनिक खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट को देखते हुए रविदत्त ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। आज उनके खेतों में उगाई जा रही फसलें जहां पर्यावरण के अनुकूल हैं तो वहीं तैयार उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं लाभकारी हैं। रवि दत्त बताते हैं कि पहले वे भी अन्य किसानों की तरह रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही थी और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2018 में इस पद्धति को अपनाने की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में प्राकृतिक खेती के माध्यम से मक्की, गेहूं, कोदरा, दालें, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों का

उत्पादन कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए वर्ष 2018 में ही देसी नस्सल की गिर गाय भी पाली है। वर्तमान में उनके पास गिर नस्सल की दो बड़ी गायें तथा एक बच्छड़ी है। वह कहते हैं कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसलें स्वस्थ रहती हैं। रवि दत्त का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष प्राकृतिक तौर पर तैयार लगभग 4 क्विंटल मक्की को जिला आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से विक्रय किया है। उन्हें 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1600 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त वह गेहूं सहित अन्य पारंपरिक फसलों तथा सब्जियों का भी नियमित तौर पर उत्पादन कर रहे हैं जिनका उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं। रवि दत्त का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक तौर पर तैयार होने वाली फसलों गेहूं, मक्की, हल्दी इत्यादि के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर एक बेहतरीन कदम उठाया है जिससे प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। *क्या कहते हैं अधिकारी :* _उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान_

का कहना है कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की गई है। वर्तमान में लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा 1094 हैक्टेयर में विभिन्न तरह की फसलों का प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से 85 किसानों से लगभग 116 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला में 32 किसानों से लगभग 49 क्विंटल मक्की तथा 42 किसानों से लगभग 62 क्विंटल गेंहू की भी खरीद की है। उन्होंने बताया कि यह खरीद प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें हल्दी के लिए 90 रुपये, मक्की के लिए 40 रूपये तथा गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई है। _उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार_ का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निर्णयों को समयबद्ध क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।

More news from हिमाचल प्रदेश and nearby areas
  • हिमाचल–पंजाब सीमा पर स्वारघाट के पास गारमोडा टोल प्लाजा पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पंजाब की जत्थेबंदियों ने एंट्री पूरी तरह बंद कर दी। एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में यह कदम उठाया गया है, जिससे बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। प्रदर्शन में पंजाब की किसान यूनियन, टैक्सी यूनियन और ट्रक यूनियन सहित कई संगठन शामिल हैं। खास बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन में हिमाचल के भाजपा नेता भी समर्थन में पहुंचे हैं। बिलासपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष मानसिंह धीमान ने भी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए धरने में भाग लिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स बढ़ाकर उनके साथ अन्याय किया है। उनका कहना है कि जब वे सीमा पार कर रहे थे, तो उनसे बढ़े हुए रेट ही वसूले गए, जिससे उनमें भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, मौके पर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल चौधरी और डीएसपी श्री नैना देवी जी विक्रांत भोसले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुटे हैं। हिमाचल और पंजाब पुलिस की टीमें भी सीमा पर तैनात हैं। इस बीच जाम में फंसे पर्यटक और श्रद्धालु काफी परेशान नजर आए। उन्होंने गाड़ियां रोकने का विरोध करते हुए कहा कि आम जनता को परेशान करने के बजाय नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया जाना चाहिए। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रदर्शन जारी है। प्रशासन हालात को सामान्य करने के प्रयास कर रहा है।
    3
    हिमाचल–पंजाब सीमा पर स्वारघाट के पास गारमोडा टोल प्लाजा पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब पंजाब की जत्थेबंदियों ने एंट्री पूरी तरह बंद कर दी। एंट्री टैक्स में बढ़ोतरी के विरोध में यह कदम उठाया गया है, जिससे बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई।
प्रदर्शन में पंजाब की किसान यूनियन, टैक्सी यूनियन और ट्रक यूनियन सहित कई संगठन शामिल हैं। खास बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन में हिमाचल के भाजपा नेता भी समर्थन में पहुंचे हैं। बिलासपुर जिला परिषद के उपाध्यक्ष मानसिंह धीमान ने भी सरकार के फैसले का विरोध करते हुए धरने में भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने एंट्री टैक्स बढ़ाकर उनके साथ अन्याय किया है। उनका कहना है कि जब वे सीमा पार कर रहे थे, तो उनसे बढ़े हुए रेट ही वसूले गए, जिससे उनमें भारी रोष है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, मौके पर प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। एसडीएम स्वारघाट धर्मपाल चौधरी और डीएसपी श्री नैना देवी जी विक्रांत भोसले पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने में जुटे हैं। हिमाचल और पंजाब पुलिस की टीमें भी सीमा पर तैनात हैं।
इस बीच जाम में फंसे पर्यटक और श्रद्धालु काफी परेशान नजर आए। उन्होंने गाड़ियां रोकने का विरोध करते हुए कहा कि आम जनता को परेशान करने के बजाय नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किया जाना चाहिए।
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रदर्शन जारी है। प्रशासन हालात को सामान्य करने के प्रयास कर रहा है।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश): घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया। ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।
    1
    घुमारवीं, 31 मार्च (राकेश):
घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत घुमारवीं पुल के समीप आज एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर (नंबर PB 08 EK 2473) मेला ग्राउंड की ओर झूले लेकर जा रहा था। इसी दौरान उतराई में अचानक ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खाई की ओर लटक गया।
ट्रैक्टर में सवार दो लोग सुरक्षित हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई चोट नहीं आई है। इस घटना में किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
घटना के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। समय रहते बड़ा हादसा टलने से क्षेत्र में राहत का माहौल है।
    user_रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    रिपोर्टर राकेशशर्मा पंजाबकेसरी
    Local News Reporter घुमारवीं, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    20 hrs ago
  • एंट्री टैक्स को लेकर बवाल, तख्तियां बैनर लेकर अभी पक्ष का विधानसभा परिसर में धरना प्रदर्शन शिमला हिमाचल प्रदेश एंट्री टैक्स को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है. मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया. एंट्री टैक्स को लेकर विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर विरोध जताया. इस दौरान विपक्ष के विधायक बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में भी विरोध हो रहा है. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में फैसले लेने से ऐसी स्थिति पैदा होती है. उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश की जनता के साथ बदसलूकी न हो और इस मुद्दे पर तुरंत फैसला लिया जाए. VO -- जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन के भीतर और सदन के बाहर पहले भी एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर प्रदेश के अंदर भी नाराज़गी और गुस्सा है, खासकर सीमा क्षेत्रों में लोग रोजमर्रा के जीवन में परेशान हो रहे हैं. रिश्तेदारों के घर जाने तक के लिए एंट्री टैक्स देना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि छोटे वाहनों पर एंट्री टैक्स 40 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है और बड़े वाहनों पर हजार रुपये तक एंट्री टैक्स लगाया गया है. अब पंजाब और हरियाणा भी हिमाचल के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जिसके चलते वहां लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में कुछ लोग हिमाचल के वाहनों की एंट्री रोकने की बात कर रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की भी बात कही जा रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री को तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि पड़ोसी राज्यों में हिमाचल के लोगों के साथ किसी तरह की बदसलूकी न हो. बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष VO -- नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश की मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए 3920 करोड़ रुपये की सहायता दी गई७ है. देश भर में दूसरे नंबर पर हिमाचल को सबसे ज्यादा सहायता दी गई है. उन्होंने कहा कि यह सहायता 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी गई है ताकि प्रदेश में विकास को गति मिल सके. जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस सहायता को छुपाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी केंद्र सरकार से लगभग 7500 करोड़ रुपये की मदद प्रदेश को मिल चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया जाना चाहिए. बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
    2
    एंट्री टैक्स को लेकर बवाल, तख्तियां बैनर लेकर अभी पक्ष का विधानसभा परिसर में धरना प्रदर्शन
शिमला
हिमाचल प्रदेश एंट्री टैक्स को लेकर विवाद और गहराता जा रहा है. मंगलवार को प्रदेश विधानसभा में सदन की कार्रवाई शुरू होने से पहले विपक्ष ने विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया. एंट्री टैक्स को लेकर विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर विरोध जताया. इस दौरान विपक्ष के विधायक बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में भी विरोध हो रहा है. उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे और जल्दबाजी में फैसले लेने से ऐसी स्थिति पैदा होती है. उन्होंने सरकार से मांग की कि प्रदेश की जनता के साथ बदसलूकी न हो और इस मुद्दे पर तुरंत फैसला लिया जाए.
VO -- जयराम ठाकुर ने कहा कि सदन के भीतर और सदन के बाहर पहले भी एंट्री टैक्स का मुद्दा उठाया गया है, लेकिन प्रदेश सरकार की स्थिति स्पष्ट नहीं है. उन्होंने कहा कि एंट्री टैक्स को लेकर प्रदेश के अंदर भी नाराज़गी और गुस्सा है, खासकर सीमा क्षेत्रों में लोग रोजमर्रा के जीवन में परेशान हो रहे हैं. रिश्तेदारों के घर जाने तक के लिए एंट्री टैक्स देना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि छोटे वाहनों पर एंट्री टैक्स 40 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है और बड़े वाहनों पर हजार रुपये तक एंट्री टैक्स लगाया गया है. अब पंजाब और हरियाणा भी हिमाचल के वाहनों पर एंट्री टैक्स बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जिसके चलते वहां लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं. जयराम ठाकुर ने कहा कि पंजाब और हरियाणा में कुछ लोग हिमाचल के वाहनों की एंट्री रोकने की बात कर रहे हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की भी बात कही जा रही है. ऐसे में मुख्यमंत्री को तुरंत एक्शन लेना चाहिए ताकि पड़ोसी राज्यों में हिमाचल के लोगों के साथ किसी तरह की बदसलूकी न हो.
बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
VO -- नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रधानमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार लगातार हिमाचल प्रदेश की मदद कर रही है. उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए 3920 करोड़ रुपये की सहायता दी गई७ है. देश भर में दूसरे नंबर पर हिमाचल को सबसे ज्यादा सहायता दी गई है. उन्होंने कहा कि यह सहायता 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी गई है ताकि प्रदेश में विकास को गति मिल सके. जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस सहायता को छुपाने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी केंद्र सरकार से लगभग 7500 करोड़ रुपये की मदद प्रदेश को मिल चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिमाचल की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया जाना चाहिए.
बाइट -- जयराम ठाकुर, नेता प्रतिपक्ष
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    7 hrs ago
  • कथा व्यास आचार्य जगमोहन शास्त्री जी ने प्रथम दिवस पर सुनाया धुंधुकारी प्रसंग, पंडाल का श्याम सुंदर से करवाया मिलन बंगाणा, उपमंडल बंगाणा में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला जब ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और भगवान के जयकारों के बीच यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा है। इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बंगाणा के प्रसिद्ध व्यवसायी लक्की सोनी और बिक्की सोनी द्वारा अपने माता-पिता, वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय सुभाष सोनी एवं स्वर्गीय माता जी की पुण्य स्मृति में लगातार दूसरी बार करवाया जा रहा है।कथा प्रारंभ से पूर्व ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचीं। कलशयात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत की जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में फूल बरसाकर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस श्रीमद्भागवत कथा में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री श्री जगमोहन दत्त शास्त्री जी अपनी मधुर वाणी से अमृत वर्षा कर रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने धुंधुकारी का प्रसंग सुनाते हुए जीवन में सत्कर्म और भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य यदि अपने जीवन में भगवान का स्मरण करता रहे और अच्छे कर्मों का पालन करे, तो वह सभी दुखों से मुक्ति पा सकता है। धुंधुकारी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अपने जीवन को भगवान की भक्ति में समर्पित करना चाहिए। कथा के दौरान आचार्य जी ने भजन सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस भजन के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया और श्रोताओं को श्याम सुंदर के प्रेम और भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया। भजन के दौरान श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान का स्मरण किया और भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लिया।कथा के प्रथम दिवस पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कथा स्थल को रंग-बिरंगी सजावट और सुंदर झांकियों से आकर्षक रूप दिया गया है। आयोजन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिनमें बैठने की व्यवस्था पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है, लक्की सोनी और बिक्की सोनी ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा उनके माता-पिता की स्मृति को समर्पित है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने जीवन भर समाज और धर्म की सेवा की, इसलिए उनकी पुण्य स्मृति में यह धार्मिक आयोजन करवाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी श्रद्धालुओं के सहयोग से कथा का सफल आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कथा में उपस्थित होकर भगवान की महिमा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्ममय बनाएं। हर दिन कथा विराम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी धाम का विशेष आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका श्रद्धालु भरपूर आनंद ले रहे हैं। पहाड़ी धाम में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है और लोग परिवार सहित कथा स्थल पर पहुंचकर भक्ति और प्रसाद दोनों का लाभ उठा रहे हैं। पूरे बंगाणा क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं और कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजन करता ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस प्रकार ठंडी खुई से निकली भव्य कलशयात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा ने बंगाणा क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का नया वातावरण बना दिया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक भक्तिमय होने की उम्मीद है। इस मौके पर दिनेश खत्री मदन गोपाल वोहरा अनिल कुमार बांटू आरबी राणा आदि ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
    1
    कथा व्यास आचार्य जगमोहन शास्त्री जी ने प्रथम दिवस पर सुनाया धुंधुकारी प्रसंग, पंडाल का श्याम सुंदर से करवाया मिलन
बंगाणा, उपमंडल बंगाणा में धार्मिक आस्था और भक्ति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला जब ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और भगवान के जयकारों के बीच यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना रहा है। इस सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन बंगाणा के प्रसिद्ध व्यवसायी लक्की सोनी और बिक्की सोनी द्वारा अपने माता-पिता, वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय सुभाष सोनी एवं स्वर्गीय माता जी की पुण्य स्मृति में लगातार दूसरी बार करवाया जा रहा है।कथा प्रारंभ से पूर्व ठंडी खुई से भव्य कलशयात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर भजन-कीर्तन करते हुए कथा स्थल तक पहुंचीं। कलशयात्रा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण और श्रीमद्भागवत की जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने पूरे मार्ग में फूल बरसाकर कलशयात्रा का स्वागत किया। इस श्रीमद्भागवत कथा में उत्तरी भारत के प्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री श्री जगमोहन दत्त शास्त्री जी अपनी मधुर वाणी से अमृत वर्षा कर रहे हैं। कथा के प्रथम दिवस पर आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने धुंधुकारी का प्रसंग सुनाते हुए जीवन में सत्कर्म और भक्ति के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि मनुष्य यदि अपने जीवन में भगवान का स्मरण करता रहे और अच्छे कर्मों का पालन करे, तो वह सभी दुखों से मुक्ति पा सकता है। धुंधुकारी के प्रसंग के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि मनुष्य को सदैव धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए और अपने जीवन को भगवान की भक्ति में समर्पित करना चाहिए। कथा के दौरान आचार्य जी ने भजन सांवली सूरत पर मोहन दिल दीवाना हो गया प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस भजन के माध्यम से उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया और श्रोताओं को श्याम सुंदर के प्रेम और भक्ति से जोड़ने का प्रयास किया। भजन के दौरान श्रद्धालु झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति के रंग में रंग गया। श्रद्धालुओं ने हाथ उठाकर भगवान का स्मरण किया और भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लिया।कथा के प्रथम दिवस पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कथा स्थल को रंग-बिरंगी सजावट और सुंदर झांकियों से आकर्षक रूप दिया गया है। आयोजन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, जिनमें बैठने की व्यवस्था पेयजल और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है, लक्की सोनी और बिक्की सोनी ने बताया कि यह श्रीमद्भागवत कथा उनके माता-पिता की स्मृति को समर्पित है, जो समाज सेवा के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहे। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने जीवन भर समाज और धर्म की सेवा की, इसलिए उनकी पुण्य स्मृति में यह धार्मिक आयोजन करवाना उनके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी श्रद्धालुओं के सहयोग से कथा का सफल आयोजन किया गया था और इस वर्ष भी क्षेत्रवासियों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इस अवसर पर कथा व्यास आचार्य जगमोहन दत्त शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्राप्त होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे प्रतिदिन कथा में उपस्थित होकर भगवान की महिमा का श्रवण करें और अपने जीवन को धर्ममय बनाएं। हर दिन कथा विराम के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए पहाड़ी धाम का विशेष आयोजन भी किया जा रहा है, जिसका श्रद्धालु भरपूर आनंद ले रहे हैं। पहाड़ी धाम में स्थानीय व्यंजनों का स्वाद श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है और लोग परिवार सहित कथा स्थल पर पहुंचकर भक्ति और प्रसाद दोनों का लाभ उठा रहे हैं। पूरे बंगाणा क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कथा स्थल पर पहुंच रहे हैं और कथा का श्रवण कर रहे हैं। आयोजन करता ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ लें और इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान करें। इस प्रकार ठंडी खुई से निकली भव्य कलशयात्रा के साथ शुरू हुई श्रीमद्भागवत कथा ने बंगाणा क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का नया वातावरण बना दिया है, जो आने वाले दिनों में और अधिक भक्तिमय होने की उम्मीद है। इस मौके पर दिनेश खत्री मदन गोपाल वोहरा अनिल कुमार बांटू आरबी राणा आदि ने अपनी सेवाएं प्रदान की।
    user_Abhishek Kumar Bhatia
    Abhishek Kumar Bhatia
    Local News Reporter बंगाना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    23 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में टोल टैक्स की बढ़ी हुई दरों को लेकर अब विरोध तेज होता जा रहा है। पंजाब और हिमाचल की विभिन्न जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीमावर्ती क्षेत्र मैहतपुर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने पहले टोल बढ़ोतरी वापस लेने का संदेश देकर लोगों को गुमराह किया, लेकिन बाद में अचानक नई दरें लागू कर दीं। इस फैसले से न केवल व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    2
    हिमाचल प्रदेश में टोल टैक्स की बढ़ी हुई दरों को लेकर अब विरोध तेज होता जा रहा है। पंजाब और हिमाचल की विभिन्न जत्थेबंदियों ने एकजुट होकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सीमावर्ती क्षेत्र मैहतपुर में लोगों ने सड़कों पर उतरकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने पहले टोल बढ़ोतरी वापस लेने का संदेश देकर लोगों को गुमराह किया, लेकिन बाद में अचानक नई दरें लागू कर दीं। इस फैसले से न केवल व्यापार पर असर पड़ने की बात कही जा रही है, बल्कि आम लोगों के रोजमर्रा के आवागमन पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ने का दावा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_ऊना की खबर
    ऊना की खबर
    Local News Reporter ऊना, ऊना, हिमाचल प्रदेश•
    55 min ago
  • *बिलासपुर का ऐतिहासिक बम्म दंगल 2026 | युवराज अमृतसर बना विजेता | सौरव ने जीता हिमाचल केसरी U21*
    1
    *बिलासपुर का ऐतिहासिक बम्म दंगल 2026 | युवराज अमृतसर बना विजेता | सौरव ने जीता हिमाचल केसरी U21*
    user_BHK News Himachal
    BHK News Himachal
    Local News Reporter बल्ह, मंडी, हिमाचल प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं। राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।
    1
    सुजानपुर
हिमाचल प्रदेश में वाहनों पर प्रवेश कर के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर करारा हमला बोला है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रवेश कर में बढ़ोतरी से बाहरी राज्यों से हिमाचल में रोजमर्रा का सामान लाने वाले व्यापारियों पर भारी बोझ पड़ेगा, जिसका सीधा असर आम जनता पर होगा और प्रदेश में जरूरत का सामान और महंगा मिलेगा।
राजेंद्र राणा ने कहा कि एक तरफ नरेंद्र मोदी द्वारा हिमाचल के लिए वित्तीय सहायता के रूप में ₹3,920 करोड़ जारी किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल सरकार पेट्रोल और डीजल पर पाँच रुपये बढ़ाने और करों में वृद्धि कर जनता को निचोड़ने की नीति अपना रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जिद के आगे प्रदेश की जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है और प्रवेश कर बढ़ाने का फैसला तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसलों से हिमाचल प्रदेश की छवि पहले ही खराब हो चुकी है और अब बची-खुची कसर भी पूरी हो जाएगी। फर्क केवल आम जनता को पड़ता है, लेकिन यह बात मुख्यमंत्री समझ नहीं पा रहे हैं।
राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू से सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली के रेडिसन होटल में कमरा नंबर 411 में 72 घंटे तक वह क्या कर रहे थे। यदि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो इस बारे में जनता को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। इस मुद्दे पर उनकी खामोशी से जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि और खराब हो रही है और यदि जल्द जवाब नहीं दिया गया तो स्थिति और गंभीर होगी।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    21 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र के गांव धमतल निवासी 47 वर्षीय किसान रवि दत्त आज प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं। रासायनिक खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट को देखते हुए रविदत्त ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। आज उनके खेतों में उगाई जा रही फसलें जहां पर्यावरण के अनुकूल हैं तो वहीं तैयार उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं लाभकारी हैं। रवि दत्त बताते हैं कि पहले वे भी अन्य किसानों की तरह रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही थी और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2018 में इस पद्धति को अपनाने की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में प्राकृतिक खेती के माध्यम से मक्की, गेहूं, कोदरा, दालें, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए वर्ष 2018 में ही देसी नस्सल की गिर गाय भी पाली है। वर्तमान में उनके पास गिर नस्सल की दो बड़ी गायें तथा एक बच्छड़ी है। वह कहते हैं कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसलें स्वस्थ रहती हैं। रवि दत्त का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष प्राकृतिक तौर पर तैयार लगभग 4 क्विंटल मक्की को जिला आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से विक्रय किया है। उन्हें 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1600 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त वह गेहूं सहित अन्य पारंपरिक फसलों तथा सब्जियों का भी नियमित तौर पर उत्पादन कर रहे हैं जिनका उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं। रवि दत्त का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक तौर पर तैयार होने वाली फसलों गेहूं, मक्की, हल्दी इत्यादि के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर एक बेहतरीन कदम उठाया है जिससे प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। *क्या कहते हैं अधिकारी :* _उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान_ का कहना है कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की गई है। वर्तमान में लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा 1094 हैक्टेयर में विभिन्न तरह की फसलों का प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से 85 किसानों से लगभग 116 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला में 32 किसानों से लगभग 49 क्विंटल मक्की तथा 42 किसानों से लगभग 62 क्विंटल गेंहू की भी खरीद की है। उन्होंने बताया कि यह खरीद प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें हल्दी के लिए 90 रुपये, मक्की के लिए 40 रूपये तथा गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई है। _उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार_ का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निर्णयों को समयबद्ध क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।
    3
    हिमाचल प्रदेश के जिला बिलासपुर के जुखाला क्षेत्र के गांव धमतल निवासी 47 वर्षीय किसान रवि दत्त आज प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बने हैं। रासायनिक खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की उर्वरता में गिरावट को देखते हुए रविदत्त ने वर्ष 2018 में प्राकृतिक खेती को अपनाने का निर्णय लिया। आज उनके खेतों में उगाई जा रही फसलें जहां पर्यावरण के अनुकूल हैं तो वहीं तैयार उत्पाद स्वास्थ्य की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं लाभकारी हैं।
रवि दत्त बताते हैं कि पहले वे भी अन्य किसानों की तरह रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग करते थे, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही थी और मिट्टी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही थी। इसी दौरान उन्होंने प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की और वर्ष 2018 में इस पद्धति को अपनाने की शुरुआत की।
उन्होंने बताया कि वह वर्तमान में प्राकृतिक खेती के माध्यम से मक्की, गेहूं, कोदरा, दालें, मटर, टमाटर सहित अन्य सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। प्राकृतिक खेती से जुड़ने के लिए वर्ष 2018 में ही देसी नस्सल की गिर गाय भी पाली है। वर्तमान में उनके पास गिर नस्सल की दो बड़ी गायें तथा एक बच्छड़ी है। वह कहते हैं कि देशी गाय के गोबर और गौमूत्र से तैयार जीवामृत, घनजीवामृत तथा अन्य प्राकृतिक घोलों का उपयोग करते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसलें स्वस्थ रहती हैं।
रवि दत्त का कहना है कि उन्होंने गत वर्ष प्राकृतिक तौर पर तैयार लगभग 4 क्विंटल मक्की को जिला आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से विक्रय किया है। उन्हें 40 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से 1600 रुपये की आय प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त वह गेहूं सहित अन्य पारंपरिक फसलों तथा सब्जियों का भी नियमित तौर पर उत्पादन कर रहे हैं जिनका उन्हें अच्छे दाम प्राप्त हो रहे हैं।
रवि दत्त का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक तौर पर तैयार होने वाली फसलों गेहूं, मक्की, हल्दी इत्यादि के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर एक बेहतरीन कदम उठाया है जिससे प्रदेश के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
*क्या कहते हैं अधिकारी :*
_उपनिदेशक कृषि कुलभूषण धीमान_ का कहना है कि जिला बिलासपुर में वर्ष 2018 से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की गई है। वर्तमान में लगभग 8 हजार किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ चुके हैं तथा 1094 हैक्टेयर में विभिन्न तरह की फसलों का प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादन कर रहे हैं।  
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिला में आत्मा प्रोजेक्ट के माध्यम से 85 किसानों से लगभग 116 क्विंटल हल्दी की खरीद की गई है। इसी अवधि के दौरान जिला में 32 किसानों से लगभग 49 क्विंटल मक्की तथा 42 किसानों से लगभग 62 क्विंटल गेंहू की भी खरीद की है। उन्होंने बताया कि यह खरीद प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें हल्दी के लिए 90 रुपये, मक्की के लिए 40 रूपये तथा गेहूं के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से की गई है।
_उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार_ का कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित की जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों तथा निर्णयों को समयबद्ध क्रियान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को समयबद्ध लाभान्वित किया जा सके।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.