इंदौर के जिला कोर्ट परिसर में आज दोपहर दो बजे पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल के सानिध्य में जादूगर एस. सम्राट रतलाम वाले और जादूगर पवार का शानदार जादू शो आयोजित हुआ। इस शो का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखना और जादू कला के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शो के आरंभ से पूर्व, जादूगर एस. सम्राट का सम्मान शॉल, दुपट्टे और मोतियों की माला पहनाकर किया गया। इस अवसर पर जादूगर ने बच्चों और बड़ों के वर्तमान में मोबाइल में अत्यधिक व्यस्त रहने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण लोग भारतीय संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वे समय पर खाना-पीना, सोना और बैठना भूल गए हैं, जिससे पढ़ाई और घर के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। जादूगर ने आगे बताया कि आज लोग फिल्मों और मोबाइल की वजह से जादू देखना पसंद नहीं करते और यह नहीं जानते कि जादू क्या और कैसे होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जादू एक कला है और हाथों की सफाई है, जिसमें देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है। इस मौके पर अनेक लोगों ने जादू का आनंद लिया और जादूगर की कला की जमकर प्रशंसा की। इनमें मुख्य रूप से महेश हलधर, अब्दुल गफ्फार खान, अजय सितलानी, जानकीलाल पटेरिया, नियामत खान, अनोखी लाल जी, महेश शर्मा, पूर्व जज विवेक मारकन, किशन भालसे (मीडिया प्रभारी), विजय कुशवाहा (गायक), आकांक्षा सिंह (गायक), भीम सिंह सोलंकी सहित कई एडवोकेट और दुकान वाले शामिल थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी किशन भालसे द्वारा दी गई।
इंदौर के जिला कोर्ट परिसर में आज दोपहर दो बजे पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल के सानिध्य में जादूगर एस. सम्राट रतलाम वाले और जादूगर पवार का शानदार जादू शो आयोजित हुआ। इस शो का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखना और जादू कला के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शो के आरंभ से पूर्व, जादूगर एस. सम्राट का सम्मान शॉल, दुपट्टे और मोतियों की माला पहनाकर किया गया। इस अवसर पर जादूगर ने बच्चों और बड़ों के वर्तमान में मोबाइल में अत्यधिक
व्यस्त रहने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण लोग भारतीय संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वे समय पर खाना-पीना, सोना और बैठना भूल गए हैं, जिससे पढ़ाई और घर के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। जादूगर ने आगे बताया कि आज लोग फिल्मों और मोबाइल की वजह से जादू देखना पसंद नहीं करते और यह नहीं जानते कि जादू क्या और कैसे होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जादू एक कला है और हाथों की
सफाई है, जिसमें देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है। इस मौके पर अनेक लोगों ने जादू का आनंद लिया और जादूगर की कला की जमकर प्रशंसा की। इनमें मुख्य रूप से महेश हलधर, अब्दुल गफ्फार खान, अजय सितलानी, जानकीलाल पटेरिया, नियामत खान, अनोखी लाल जी, महेश शर्मा, पूर्व जज विवेक मारकन, किशन भालसे (मीडिया प्रभारी), विजय कुशवाहा (गायक), आकांक्षा सिंह (गायक), भीम सिंह सोलंकी सहित कई एडवोकेट और दुकान वाले शामिल थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी किशन भालसे द्वारा दी गई।
- इंदौर के जिला कोर्ट परिसर में आज दोपहर दो बजे पूर्व मंत्री दिलीप राजपाल के सानिध्य में जादूगर एस. सम्राट रतलाम वाले और जादूगर पवार का शानदार जादू शो आयोजित हुआ। इस शो का उद्देश्य लोगों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखना और जादू कला के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। शो के आरंभ से पूर्व, जादूगर एस. सम्राट का सम्मान शॉल, दुपट्टे और मोतियों की माला पहनाकर किया गया। इस अवसर पर जादूगर ने बच्चों और बड़ों के वर्तमान में मोबाइल में अत्यधिक व्यस्त रहने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के कारण लोग भारतीय संस्कृति से दूर हो रहे हैं, वे समय पर खाना-पीना, सोना और बैठना भूल गए हैं, जिससे पढ़ाई और घर के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। जादूगर ने आगे बताया कि आज लोग फिल्मों और मोबाइल की वजह से जादू देखना पसंद नहीं करते और यह नहीं जानते कि जादू क्या और कैसे होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जादू एक कला है और हाथों की सफाई है, जिसमें देखने वाला मंत्रमुग्ध हो जाता है। इस मौके पर अनेक लोगों ने जादू का आनंद लिया और जादूगर की कला की जमकर प्रशंसा की। इनमें मुख्य रूप से महेश हलधर, अब्दुल गफ्फार खान, अजय सितलानी, जानकीलाल पटेरिया, नियामत खान, अनोखी लाल जी, महेश शर्मा, पूर्व जज विवेक मारकन, किशन भालसे (मीडिया प्रभारी), विजय कुशवाहा (गायक), आकांक्षा सिंह (गायक), भीम सिंह सोलंकी सहित कई एडवोकेट और दुकान वाले शामिल थे। यह जानकारी मीडिया प्रभारी किशन भालसे द्वारा दी गई।3
- मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति नाराजगी व्यक्त की गई है, जिसमें उन पर आरोप लगाया गया है कि उन्हें कोई काम नहीं है और उन्होंने इंदौर में ट्रैफिक जाम करवा दिया है।1
- यदि आपका इंस्टाग्राम या फेसबुक अकाउंट बंद हो गया है, तो इसे फिर से चालू करने का तरीका बताया गया है। इस प्रक्रिया को समझकर आप अपने अकाउंट को पुनः सक्रिय कर सकते हैं।1
- आज के दिन मध्य प्रदेश के सभी 52 जिलों में घटित प्रमुख घटनाओं और विशेष बातों का एक सुपरफास्ट सारांश प्रस्तुत किया गया है।1
- कन्नौद नगर परिषद क्षेत्र में सोमवार शाम 6:00 बजे से साईं मंदिर चौराहा से बस स्टैंड तक भीषण लंबा जाम लग गया। इसी दौरान एक गंभीर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस भी इस जाम में फंस गई, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम से एंबुलेंस को बाहर निकालने में मदद की। यह लंबा जाम सोमवार को सोमवती अमावस्या और पुरुषोत्तम मास के चलते बढ़े हुए ट्रैफिक के कारण लगा था। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की गई है कि वे इस समस्या पर ध्यान दें और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए बिजवाड़ से ही ट्रैफिक का डायवर्सन करें।2
- ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों, अधिकारियों और इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने मेघदूत गार्डन में पौधरोपण किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अन्य मंत्रियों के साथ मिलकर पौधे लगाए।1
- वार्ड 70 में महापौर से मिली शिकायत के बाद, क्षेत्र के पार्षद और जलकार्य प्रभारी ने मौके पर पहुँचकर स्थिति का दौरा किया।1
- लिम्बोदा गांव की पाटीदार धर्मशाला में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथा वाचक पूजा शर्मा पुंजापुरा ने सत्संग और कथा के माध्यम से मनुष्य के भगवान की शरण में पहुँचने का मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य इस संसार में आकर मोहमाया के चक्कर में पड़ जाता है, इसलिए उसे समय निकालकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अवश्य करना चाहिए। बच्चों को संस्कारी बनाकर सत्संग कथा के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया, क्योंकि कलियुग में भागवत साक्षात श्रीहरि का रूप है और इसके स्मरण मात्र से करोड़ों पुण्यों का फल मिलता है। कथा के दौरान, पूजा शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच दानवीर कर्ण को लेकर हुए संवाद का प्रसंग सुनाया। अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा कि कर्ण को दानवीर कर्ण क्यों कहा जाता है। इस पर भगवान कृष्ण ने अपनी माया से एक सोने का पर्वत बनाया और अर्जुन से उसे 24 घंटे में दान करने को कहा। अर्जुन लोगों को देखकर दान कर रहे थे, इसलिए वे पूरे पर्वत का थोड़ा सा ही हिस्सा दान कर पाए। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने कर्ण को यही चुनौती दी। कर्ण ने नगर में ढोल पिटवाकर घोषणा करवाई कि अगले दिन सोने का दान किया जाएगा और लोग जितना चाहें, सोना ले जा सकते हैं। इस प्रकार कर्ण ने मात्र एक घंटे में पूरा सोने का पर्वत दान कर दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि यह सोना उनका नहीं था, इसलिए कर्ण ने उसे दान करने में संकोच नहीं किया, जबकि अर्जुन उसे अपना समझकर बचा रहे थे। इसी उदारता के कारण कर्ण को दानवीर कर्ण कहा जाता है। पूजा शर्मा ने आगे कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी का कल्याण संभव है। उन्होंने ग्राम लिम्बोदा पाटीदार धर्मशाला में उपस्थित महिला-पुरुष भक्तों से कहा कि अन्य युगों में धर्म लाभ और मोक्ष प्राप्ति के लिए कठिन प्रयास करने पड़ते हैं, लेकिन कलियुग में कथा सुनने मात्र से व्यक्ति भवसागर से पार हो जाता है। कथा श्रवण से सोया हुआ ज्ञान और वैराग्य जाग्रत हो जाता है, और यह कल्पवृक्ष के समान सभी इच्छाओं को पूरा कर सकती है। आज के यजमान राधेश्याम पाटीदार और कालूराम जीजा पाटीदार ने अपनी पत्नियों के साथ भागवत महापुराण की आरती की, जिसके अंत में प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने माताओं को बच्चों को राम रोटी बनाकर खिलाने और भोजन बनाते समय भजन गाने व सुनने का भी संदेश दिया, क्योंकि "जैसा खाएंगे अन्न, वैसा होगा मन"।4