अरवल में ठेकेदार हत्याकांड का खुलासा: पटना से रची गई साजिश, दो गिरफ्तार, तीन नाबालिग निरुद्ध अरवल: शहर तेलपा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित संजय कुमार पंडित हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। अरवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया है। घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को अज्ञात अपराधियों ने संजय कुमार पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें तकनीकी शाखा और स्थानीय थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीम ने कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश पटना में रची गई थी। गांव के ही रहने वाले नवीन सिंह ने मुख्य आरोपी रंजीत कुमार से मुलाकात कर वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ अरवल पहुंचकर घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों में रंजीत कुमार (पिता पप्पू विश्वकर्मा, निवासी कदमकुआं, पटना) और नवीन सिंह (पिता स्व. बुज बिहारी सिंह, मूल निवासी औरंगाबाद) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद और आपसी रंजिश मुख्य कारण बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। एसपी अरवल ने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अरवल में ठेकेदार हत्याकांड का खुलासा: पटना से रची गई साजिश, दो गिरफ्तार, तीन नाबालिग निरुद्ध अरवल: शहर तेलपा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित संजय कुमार पंडित हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। अरवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया है। घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को अज्ञात अपराधियों ने संजय कुमार पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें तकनीकी शाखा और स्थानीय थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीम ने कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश पटना में रची गई थी। गांव के ही रहने वाले नवीन सिंह ने मुख्य आरोपी रंजीत कुमार से मुलाकात कर वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ अरवल पहुंचकर घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों में रंजीत कुमार (पिता पप्पू विश्वकर्मा, निवासी कदमकुआं, पटना) और नवीन सिंह (पिता स्व. बुज बिहारी सिंह, मूल निवासी औरंगाबाद) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद और आपसी रंजिश मुख्य कारण बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। एसपी अरवल ने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- अरवल: शहर तेलपा थाना क्षेत्र में हुए चर्चित संजय कुमार पंडित हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। अरवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई में इस मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया है। घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को अज्ञात अपराधियों ने संजय कुमार पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें तकनीकी शाखा और स्थानीय थाना पुलिस को शामिल किया गया। टीम ने कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि इस हत्या की साजिश पटना में रची गई थी। गांव के ही रहने वाले नवीन सिंह ने मुख्य आरोपी रंजीत कुमार से मुलाकात कर वारदात की योजना बनाई थी। इसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ अरवल पहुंचकर घटना को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों में रंजीत कुमार (पिता पप्पू विश्वकर्मा, निवासी कदमकुआं, पटना) और नवीन सिंह (पिता स्व. बुज बिहारी सिंह, मूल निवासी औरंगाबाद) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद और आपसी रंजिश मुख्य कारण बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। एसपी अरवल ने कहा कि इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Shawaz Shawaz1
- Post by बनवारी गुर्जर8
- Post by Vikrant कुमार1
- आज मेरे प्रिय मित्र अनुज का तिलकोत्सव था मैं उसमें शामिल होकर सभी परिवारजनों से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। #happymarriage1
- Post by PK for CM Arwal1
- हसपुरा, औरंगाबाद, बीडीओ कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया गया1
- अरवल: जिले के करपी प्रखंड अंतर्गत परियारी पंचायत के महरिया गांव में निजी जमीन पर बिना एनओसी (NOC) पीसीसी (PCC) ढलाई किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित रोहन लाल (पिता कैलाश सिंह) ने अनुमंडल पदाधिकारी अरवल को लिखित आवेदन देकर पंचायत सचिव और मुखिया पति पर मनमानी तरीके से सड़क निर्माण कराने का आरोप लगाया है। आवेदन में बताया गया है कि उनकी जमीन खाता संख्या 21, प्लॉट संख्या 3560 तथा खाता संख्या 319, प्लॉट संख्या 3513 में आती है। 14 फरवरी 2026 को कथित रूप से मुखिया पति और उनके सहयोगियों द्वारा मौके पर पहुंचकर विवाद के बीच ढलाई कार्य शुरू कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि उनके भाई द्वारा आपत्ति जताने पर गाली-गलौज और धक्का-मुक्की भी की गई, जिसकी शिकायत किंजर थाना में 15 फरवरी को मौखिक जानकारी दी गई थी। पीड़ित ने यह भी बताया कि 16 फरवरी को अंचल कार्यालय करपी में आवेदन देकर निर्माण रोकने की मांग की गई, लेकिन 18 फरवरी को फिर से बालू, सीमेंट और मशीन लाकर ढलाई शुरू कर दी गई। रोकने के प्रयास के बावजूद कार्य जारी रहा। उनका कहना है कि ढलाई से उनकी जमीन ऊंची हो गई है, जिससे नाली निर्माण संभव नहीं रह गया है। रोहन लाल ने आरोप लगाया कि मामले में थाना, अंचल और पंचायत स्तर पर कई बार गुहार लगाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। न्याय नहीं मिलने पर उन्होंने 23 फरवरी 2026 से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल/सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है।1