महुआ नहीं मिला… तो थैला ही उठा ले गया जंगल का महाराज महुआ नहीं मिला… तो थैला ही उठा ले गया जंगल का महाराज बांधवगढ़ के जंगल में बाघ की अजीब हरकत, ग्रामीण बना मूक दर्शक उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र के बंदर चुई इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं। यहां एक बाघ ने शिकार नहीं, बल्कि महुआ से भरा थैला ही अपना टारगेट बना लिया। दरअसल, एक ग्रामीण आराम से पेड़ के नीचे बैठकर महुआ बीन रहा था। मेहनत से इकट्ठा किया गया महुआ उसने एक थैले में भरकर पास में रख दिया। तभी अचानक जंगल का असली मालिक एंट्री मारता है। बाघ साहब चुपचाप आए, पहले थोड़ी देर पेड़ के नीचे बैठकर माहौल को समझा… मानो सोच रहे हों, क्या सीन चल रहा है? ग्रामीण ने जैसे ही बाघ को देखा, उसकी हालत ना भाग सकते, ना बोल सकते वाली हो गई। वह कुछ दूरी पर खड़ा होकर बस तमाशा देखने लगा। उधर बाघ ने भी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। पहले आराम से बैठा, फिर नजरें घुमाईं और आखिर में फैसला लिया शिकार नहीं मिला तो थैला ही सही इसके बाद बाघ ने महुआ से भरा थैला अपने मुंह में दबाया और ऐसे चलता बना जैसे जंगल की दुकान से शॉपिंग करके निकला हो। पूरा नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। इस अनोखी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग मजाक में कह रहे हैं कि बाघ अब ‘डायट चेंज’ कर चुका है और शिकार की जगह महुआ पसंद करने लगा है। हालांकि, वन विभाग इस घटना को हल्के में नहीं ले रहा। पनपथा बफर क्षेत्र के अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो मिलने के बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल में महुआ बीनने न जाएं, बल्कि समूह में जाएं और सतर्क रहें। कुल मिलाकर, यह घटना जहां एक तरफ जंगल के खतरे की याद दिलाती है, वहीं दूसरी तरफ यह भी दिखाती है कि जंगल का राजा कब क्या कर जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। आज महुआ का थैला गया है… कल को बाघ को कुछ और पसंद आ गया तो?
महुआ नहीं मिला… तो थैला ही उठा ले गया जंगल का महाराज महुआ नहीं मिला… तो थैला ही उठा ले गया जंगल का महाराज बांधवगढ़ के जंगल में बाघ की अजीब हरकत, ग्रामीण बना मूक दर्शक उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र के बंदर चुई इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं। यहां एक बाघ ने शिकार नहीं, बल्कि महुआ से भरा थैला ही अपना टारगेट बना लिया। दरअसल, एक ग्रामीण आराम से पेड़ के नीचे बैठकर महुआ बीन रहा था। मेहनत से इकट्ठा किया गया महुआ उसने एक थैले में भरकर पास में रख दिया। तभी अचानक जंगल का असली मालिक एंट्री मारता है। बाघ साहब चुपचाप आए, पहले थोड़ी देर पेड़ के नीचे बैठकर माहौल को समझा… मानो सोच रहे हों, क्या सीन चल रहा है? ग्रामीण ने जैसे ही बाघ को देखा, उसकी हालत ना भाग सकते, ना बोल सकते वाली हो गई। वह कुछ दूरी पर खड़ा होकर बस तमाशा देखने लगा। उधर बाघ ने भी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। पहले आराम से बैठा, फिर नजरें घुमाईं और आखिर में फैसला लिया शिकार नहीं मिला तो थैला ही सही इसके बाद बाघ ने महुआ से भरा थैला अपने मुंह में दबाया और ऐसे चलता बना जैसे जंगल की दुकान से शॉपिंग करके निकला हो। पूरा नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। इस अनोखी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग मजाक में कह रहे हैं कि बाघ अब ‘डायट चेंज’ कर चुका है और शिकार की जगह महुआ पसंद करने लगा है। हालांकि, वन विभाग इस घटना को हल्के में नहीं ले रहा। पनपथा बफर क्षेत्र के अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो मिलने के बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल में महुआ बीनने न जाएं, बल्कि समूह में जाएं और सतर्क रहें। कुल मिलाकर, यह घटना जहां एक तरफ जंगल के खतरे की याद दिलाती है, वहीं दूसरी तरफ यह भी दिखाती है कि जंगल का राजा कब क्या कर जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। आज महुआ का थैला गया है… कल को बाघ को कुछ और पसंद आ गया तो?
- महुआ नहीं मिला… तो थैला ही उठा ले गया जंगल का महाराज बांधवगढ़ के जंगल में बाघ की अजीब हरकत, ग्रामीण बना मूक दर्शक उमरिया तपस गुप्ता जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर क्षेत्र के बंदर चुई इलाके से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसे सुनकर लोग हैरान भी हैं और मुस्कुरा भी रहे हैं। यहां एक बाघ ने शिकार नहीं, बल्कि महुआ से भरा थैला ही अपना टारगेट बना लिया। दरअसल, एक ग्रामीण आराम से पेड़ के नीचे बैठकर महुआ बीन रहा था। मेहनत से इकट्ठा किया गया महुआ उसने एक थैले में भरकर पास में रख दिया। तभी अचानक जंगल का असली मालिक एंट्री मारता है। बाघ साहब चुपचाप आए, पहले थोड़ी देर पेड़ के नीचे बैठकर माहौल को समझा… मानो सोच रहे हों, क्या सीन चल रहा है? ग्रामीण ने जैसे ही बाघ को देखा, उसकी हालत ना भाग सकते, ना बोल सकते वाली हो गई। वह कुछ दूरी पर खड़ा होकर बस तमाशा देखने लगा। उधर बाघ ने भी कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई। पहले आराम से बैठा, फिर नजरें घुमाईं और आखिर में फैसला लिया शिकार नहीं मिला तो थैला ही सही इसके बाद बाघ ने महुआ से भरा थैला अपने मुंह में दबाया और ऐसे चलता बना जैसे जंगल की दुकान से शॉपिंग करके निकला हो। पूरा नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। इस अनोखी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोमवार को सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग मजाक में कह रहे हैं कि बाघ अब ‘डायट चेंज’ कर चुका है और शिकार की जगह महुआ पसंद करने लगा है। हालांकि, वन विभाग इस घटना को हल्के में नहीं ले रहा। पनपथा बफर क्षेत्र के अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि वीडियो मिलने के बाद इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल में महुआ बीनने न जाएं, बल्कि समूह में जाएं और सतर्क रहें। कुल मिलाकर, यह घटना जहां एक तरफ जंगल के खतरे की याद दिलाती है, वहीं दूसरी तरफ यह भी दिखाती है कि जंगल का राजा कब क्या कर जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। आज महुआ का थैला गया है… कल को बाघ को कुछ और पसंद आ गया तो?1
- Post by पत्रकारिता1
- *पर्यटन नियमों के सख्त पालन के निर्देश* *वाहन मालिकों, गाइड और ड्राइवरों की बीच अहम बैठक संपन्न* *उमरिया मार्ग से ताला के बीच जंगल में गाड़ी बिल्कुल न रोकें* उमरिया _ बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के ईको सेंटर में पर्यटन व्यवस्था को बेहतर बनाने और नियमों के कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में पर्यटन जोन के एसडीओ सहित सभी रेंजर, वाहन मालिक, गाइड और वाहन चालक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए कि पर्यटन गतिविधियों के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे एसडीओ ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह न केवल पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ा है, बल्कि वन्यजीवों और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी जिप्सी चालकों और गाइडों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें और किसी भी परिस्थिति में नियमों की अनदेखी न करें। अधिकारियों ने बताया कि कई बार यह देखा गया है कि कुछ वाहन उमरिया मार्ग से ताला के बीच जंगल में गाड़ी को रोक कर जंगली जानवरों के रहवास में खलल डालने जैसे कृत्य करते हैं।साथ ही पर्यटन जोन के अंदर भी चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं या निर्धारित समय और मार्गों का पालन नहीं करते, जिससे दुर्घटना की संभावना बढ़ जाती है और वन्यजीवों को भी खतरा उत्पन्न होता है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए अब निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी गाइडों को पर्यटकों को सही जानकारी देने और उन्हें नियमों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि कोई पर्यटक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य होगा। वन विभाग के रेंजरों ने कहा कि नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे और दोषी पाए जाने पर जुर्माना, लाइसेंस निलंबन या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जिप्सी मालिकों से अपील की कि वे अपने ड्राइवरों को नियमों के प्रति पूरी तरह प्रशिक्षित करें और समय-समय पर उनकी निगरानी भी करें। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यटन नियमों का पालन करने और क्षेत्र की गरिमा बनाए रखने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से पर्यटन व्यवस्था में सुधार आएगा और पर्यटकों को सुरक्षित एवं बेहतर अनुभव प्राप्त होगा।2
- Post by Ashok Sondhiya1
- शहडोल (मध्य प्रदेश): गोहपारू थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने वाले फरार आरोपी पवन सिंह कंवर को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला नवंबर 2024 का है, जब नवागांव की रहने वाली अंजना सिंह कंवर का शव घर के पीछे एक कुएं में मिला था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी पवन सिंह ने मृतिका को इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर किया था। घटना का विवरण और जांच: घटना वाले दिन मृतिका अपनी चचेरी बहन के साथ कॉलेज जा रही थी। रास्ते में आरोपी पवन सिंह ने उसे जबरन रोका, उसका हाथ पकड़ा और साथ चलने का दबाव बनाया। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती पर पेट्रोल जैसा तरल पदार्थ डालकर उसे जान से मारने की धमकी दी और बुरी तरह डराया। इस घटना से युवती मानसिक रूप से इतनी टूट गई कि उसने उसी शाम बिना किसी को बताए कुएं में कूदकर अपनी जान दे दी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी काफी समय से उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। साइबर सेल की मदद से छत्तीसगढ़ से गिरफ्तारी, एसपी ने रखा था 5000 का इनाम घटना के बाद से ही आरोपी पवन सिंह कंवर फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक शहडोल द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर 5000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन वह अपनी लोकेशन बदल रहा था। तकनीकी टीम की सफलता: अंततः, साइबर सेल की सहायता से आरोपी के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन को ट्रैक किया गया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में छिपा हुआ है। दिनांक 05.04.2026 को गोहपारू पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को 'करणी कृपा फैक्ट्री' (तुमगांव) से धर दबोचा। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार मिश्रा, उप-निरीक्षक भागचन्द और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है।2
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- Post by Sumit Singh Chandel1
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