20 वर्षों से अधूरा है आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को हो रही है काफी परेशानी 20 वर्षों से अधूरा आंगनबाड़ी केंद्र: स्कूल बरामदे में पढ़ने को मजबूर बच्चे, धूप में बनता है खाना लातेहार सदर प्रखंड की तरवाड़ीह पंचायत के ग्राम लुंडी में आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। वर्ष 2007 में शुरू हुआ यह आंगनबाड़ी भवन आज तक अधूरा पड़ा है। भवन निर्माण अधूरा रहने के कारण आंगनबाड़ी की कक्षाएं पास के स्कूल के बरामदे में संचालित की जा रही हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चों को बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में यह स्थिति और भी कष्टदायक हो जाती है। ग्राम के निवासी सोन सहाय सिंह ने बताया कि लगभग 20 वर्षों से यह भवन अधूरा है। कई बार जिला स्तर से अधिकारी निरीक्षण करने आए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। आंगनबाड़ी में गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बच्चों का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि धूप और धुएं के बीच खाना बनाने में सेविका और सहायिका को भी कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन स्कूल के बाहर खुले स्थान पर पकाया जाता है, जहां तेज धूप में खड़े रहना पड़ता है। इससे बच्चों और सेविकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि खुले में खाना बनाना और बच्चों को बैठाना मुश्किल हो जाता है। लातेहार उप प्रमुख राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य और उप प्रमुख बनने के बाद उन्होंने कई बार पंचायत समिति की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सीडीपीओ को पत्र लिखकर भी स्थिति से अवगत कराया। सीडीपीओ की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई और पोषण की सुविधा मिल सके।
20 वर्षों से अधूरा है आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को हो रही है काफी परेशानी 20 वर्षों से अधूरा आंगनबाड़ी केंद्र: स्कूल बरामदे में पढ़ने को मजबूर बच्चे, धूप में बनता है खाना लातेहार सदर प्रखंड की तरवाड़ीह पंचायत के ग्राम लुंडी में आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाली बच्चों और ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। वर्ष 2007 में शुरू हुआ यह आंगनबाड़ी भवन आज तक अधूरा पड़ा है। भवन निर्माण अधूरा रहने के कारण आंगनबाड़ी की कक्षाएं पास के स्कूल के बरामदे में संचालित की जा रही हैं, जहां छोटे-छोटे बच्चों को बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में यह स्थिति और भी कष्टदायक हो जाती है। ग्राम के निवासी सोन सहाय सिंह ने बताया कि लगभग 20
वर्षों से यह भवन अधूरा है। कई बार जिला स्तर से अधिकारी निरीक्षण करने आए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बच्चों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। आंगनबाड़ी में गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण बच्चों का भोजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाया जाता है। इससे न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि धूप और धुएं के बीच खाना बनाने में सेविका और सहायिका को भी कठिनाई होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजन स्कूल के बाहर खुले स्थान पर पकाया जाता है, जहां तेज धूप में खड़े रहना पड़ता है। इससे बच्चों और सेविकाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में
यह समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि खुले में खाना बनाना और बच्चों को बैठाना मुश्किल हो जाता है। लातेहार उप प्रमुख राजकुमार प्रसाद ने बताया कि पंचायत समिति सदस्य और उप प्रमुख बनने के बाद उन्होंने कई बार पंचायत समिति की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने सीडीपीओ को पत्र लिखकर भी स्थिति से अवगत कराया। सीडीपीओ की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में पढ़ाई और पोषण की सुविधा मिल सके।
- Post by AAM JANATA1
- सड़क से गुजरते समय एक कार चालक ने अचानक सामने आए बछड़े को बचाने की कोशिश की। इस प्रयास में कार चालक ने जैसे ही अचानक ब्रेक लगाया या गाड़ी मोड़ी, कार नियंत्रण खो बैठी और दुर्घटनाग्रस्त हो गई। मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, चालक की सतर्कता से बछड़ा तो सुरक्षित बच गया, लेकिन इस दौरान कार को काफी नुकसान पहुँचा है। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में किसी भी जनहानि की खबर नहीं है और कार सवार सुरक्षित बताए जा रहे हैं।1
- Post by Sonu Ram1
- नावाडीह पंचायत अंतर्गत जितने भी पंचायत प्रतिनिधि हैं और ब्लॉक से लेकर जिला तक सभी से आग्रह है कि इस रोड के मामले को संज्ञान में लें ताकि शिवबेल टावर से लेकर बारवाही बर होते हुए हिन्दू मुंडा के घर तक यहां के ग्रामीण लोगों को आने जाने में बहुत तक्लीफ झेलना पड़ रहा है।1
- चतरा के नए डीसी ने आम जनता को किया आश्वस्त, विकाश की रफ्तार होगी तेज चतरा उपायुक्त रवि आनंद ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय, पत्थलगड्डा का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्था, कर्मियों की उपस्थिति तथा विभिन्न अभिलेखों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय में समय पर उपस्थित रहकर आमजनों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।1
- विधायक जनार्दन पासवान शनिवार को शाम 5:00 बजे कोसमाही गांव पहुंचे इस दौरान ग्रामीणों ने उनका स्वागत अभिनंदन किया इस मौके पर विधायक ने ग्रामीणों से मुलाकात कर जन समस्याओं से अवगत हुए जहां पर ग्रामीणों ने विधायक को बढ़ाते गर्मी के कारण घर आते जल संकट के समस्या एवं बिजली कटौती और सड़क की समस्या से अवगत करवाया जिस पर विधायक ने जल्द समाधान का भरोसा दिया।1
- रेफरल अस्पताल सिसई परिसर में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ ललिता कुमारी मिंज और सहिया सहकर्ता लीलन कुमारी, सिलवंती मिंज, के द्वारा संयुक्त रूप से 50 सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सईया के कार्य में गुणवत्ता लाने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिनका नाम सहिया ऐप में पंजीकृत है और पूर्व में नहीं दिया गया हैं उन सभी सहिया दीदियों को सहिया बंडी दिया गया।1
- Post by Sanjay kumar1
- चतरा जिले के टंडवा प्रखंड क्षेत्र के नवाडीह उर्फ तेलियाडीह पंचायत सचिवालय परिसर में पेयजल की समस्या के समाधान को लेकर ग्राम सभा का आयोजन किया गया ग्राम सभा में एसडीओ और प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद हुए जहां ग्रामीणों और पंचायत के मुखिया महावीर साहू ने पंचायत में व्याप्त पेयजल की समस्या के बारे में जानकारी देकर समाधान की मांग की।1