तारापुर में मंगलवार को अनुमंडल अग्निशमनालय के तत्वावधान में थाना परिसर के समीप एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और अग्निकांड से होने वाले नुकसान को कम करना था। इस दौरान, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने आग लगने के प्रमुख कारणों, उसके दुष्परिणामों तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में सूखी घास, फसल अवशेष, भूसा, बिजली के खुले तार और गैस के असुरक्षित उपयोग से आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए, वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से वास्तविक घटनाओं और आग से बचाव के तरीकों को प्रदर्शित किया गया, साथ ही अग्नि सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए। अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें।
तारापुर में मंगलवार को अनुमंडल अग्निशमनालय के तत्वावधान में थाना परिसर के समीप एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना और अग्निकांड से होने वाले नुकसान को कम करना था। इस दौरान, अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों ने आग लगने के प्रमुख कारणों, उसके दुष्परिणामों तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में सूखी घास, फसल अवशेष, भूसा, बिजली के खुले तार और गैस के असुरक्षित उपयोग से आग लगने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं। जागरूकता बढ़ाने के लिए, वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से वास्तविक घटनाओं और आग से बचाव के तरीकों को प्रदर्शित किया गया, साथ ही अग्नि सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी वाले पंपलेट भी वितरित किए गए। अग्निशमन पदाधिकारी वंदना कुमारी ने लोगों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दें।
- खगड़िया में एक पार्क के निर्माण की मांग उठाई गई है। इस संबंध में स्थानीय लोगों द्वारा सांसद से गुहार लगाई गई है।1
- सरकार की महत्वाकांक्षी जल नल योजना विफल हो गई है, जिसके कारण ग्रामीण दुखी और नाराज़ हैं।1
- बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है। यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।1
- मंगलवार को तारापुर प्रखंड क्षेत्र में आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। ये शिविर ग्राम पंचायत बेलाडीह और नगर पंचायत तारापुर दोनों जगहों पर लगाए गए। बेलाडीह पंचायत में आयोजित शिविर के नोडल पदाधिकारी जिला भू-अर्जन पदाधिकारी पंकज कुमार थे। इस शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित पहले से प्राप्त 112 आवेदनों का निष्पादन किया गया। साथ ही, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा, आयुष्मान कार्ड, पीएम किसान, मनरेगा और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे मामलों से जुड़े 82 नए आवेदन भी प्राप्त हुए, जिनमें से कई का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं, नगर पंचायत तारापुर द्वारा आंबेडकर भवन में आयोजित सहयोग शिविर का उद्घाटन मुख्य पार्षद नीलम देवी, कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया और उपमुख्य पार्षद पिंटू कुमार साह ने किया। इस शिविर में कुल पाँच आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें वाटर एटीएम से ठंडा पानी नहीं मिलने की शिकायत प्रमुख रूप से उठाई गई।1
- खगड़िया में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने सोमवार को भदास दक्षिणी पंचायत के त्रिभुवन टोला का दौरा किया, जहाँ उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। ग्रामीणों ने उन्हें बिजली आपूर्ति बाधित होने और जर्जर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियों से अवगत कराया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले पाँच दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे भीषण गर्मी के बीच जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक बबलू मंडल ने तत्काल बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता से दूरभाष पर बात की और उन्हें शीघ्र विद्युत व्यवस्था बहाल करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता की सुविधा से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, ग्रामीणों ने त्रिभुवन टोला में सड़क की जर्जर स्थिति की ओर भी विधायक का ध्यान आकर्षित कराया, जिसके कारण आवागमन में कठिनाइयाँ हो रही हैं। इस पर विधायक ने जानकारी दी कि उक्त सड़क समस्तीपुर रेलवे मंडल के अधिकार क्षेत्र में आती है, और उन्होंने रेलवे के संबंधित अभियंताओं से बातचीत कर सड़क निर्माण की दिशा में आवश्यक पहल शुरू करने का आग्रह किया। विधायक बबलू मंडल ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्र का विकास और जनता की समस्याओं का समाधान उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे और अपनी समस्याएँ विधायक के समक्ष रखीं, उम्मीद जताते हुए कि उनके हस्तक्षेप से क्षेत्र की समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।1
- मुंगेर से एक महत्वपूर्ण न्यायिक मामला सामने आया है, जहाँ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 की अदालत ने मुफस्सिल थाना के थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है। यह सख्त कार्रवाई न्यायालय के आदेशों का लगातार अनुपालन नहीं करने और बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के कारण की गई है। मुंगेर न्यायालय के अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-7 संतोष कुमार-2 की अदालत ने 1 जून को यह आदेश जारी करते हुए पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह मामला मुफस्सिल थाना कांड संख्या 157/2010 एवं सेशन वाद संख्या 92/2011 से जुड़ा है। अदालत ने सबसे पहले 9 अप्रैल को मुख्य अभियुक्त मो. सत्तार के मृत्यु प्रतिवेदन की मांग की थी। इस आदेश का पालन नहीं होने पर 8 मई को थानाध्यक्ष को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 13 मई को जमानती वारंट जारी किया गया। इसके बाद भी, 20 मई को न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक और मुफस्सिल थानाध्यक्ष को आदेश की प्रति भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अदालत अपने आदेशों की अवहेलना पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। इन सभी निर्देशों और चेतावनियों के बावजूद आवश्यक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुफस्सिल थानाध्यक्ष प्रवेंद्र भारती ने गुप्त सूचना के आधार पर बाकरपुर गांव में मो. सत्तार के घर छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान 49 बोरा अमोनियम नाइट्रेट, 100 डेटोनेटर, 2750 मीटर फ्यूज वायर और 2725 जिलेटिन स्टिक बरामद किए गए थे। इस मामले में तीन लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया था, जिनमें मो. सत्तार मुख्य अभियुक्त था। अदालत उसी मो. सत्तार की मृत्यु हो जाने के संबंध में मृत्यु प्रतिवेदन की मांग कर रही थी।1
- आम खरीदने गए एक सैलून संचालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद, राष्ट्रीय राजमार्ग-80 (NH-80) पर घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।1