बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है। यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है। यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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