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गोड्डा के एक मंदिर से भगवान महादेव की पत्नी की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया था, लेकिन अब इस घटना को 'ईश्वर का चमत्कार' बताया जा रहा है। दरअसल, चोर ने स्वयं ही चोरी की गई मूर्ति को वापस लाकर मंदिर में स्थापित कर दिया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिसमें यह बताया जा रहा है कि चोर का मानसिक संतुलन सही नहीं था और इसी वजह से वह मूर्ति को अपने घर लेकर चला गया था।
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गोड्डा के एक मंदिर से भगवान महादेव की पत्नी की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया था, लेकिन अब इस घटना को 'ईश्वर का चमत्कार' बताया जा रहा है। दरअसल, चोर ने स्वयं ही चोरी की गई मूर्ति को वापस लाकर मंदिर में स्थापित कर दिया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिसमें यह बताया जा रहा है कि चोर का मानसिक संतुलन सही नहीं था और इसी वजह से वह मूर्ति को अपने घर लेकर चला गया था।
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- गोड्डा के एक मंदिर से भगवान महादेव की पत्नी की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया था, लेकिन अब इस घटना को 'ईश्वर का चमत्कार' बताया जा रहा है। दरअसल, चोर ने स्वयं ही चोरी की गई मूर्ति को वापस लाकर मंदिर में स्थापित कर दिया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिसमें यह बताया जा रहा है कि चोर का मानसिक संतुलन सही नहीं था और इसी वजह से वह मूर्ति को अपने घर लेकर चला गया था।1
- शाम के समय करीब 6 बजे 'भौली बोल' का आनंद लिया गया।1
- सरकार की महत्वाकांक्षी जल नल योजना विफल हो गई है, जिसके कारण ग्रामीण दुखी और नाराज़ हैं।1
- बांका जिले के चांदन प्रखंड में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। असोढ़ा पंचायत के दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की शिकायत पर हुई यह कार्रवाई मंगलवार को चांदन-कटोरिया मुख्य मार्ग पर चांदन नदी पुल के पास एक डेरा में जाल बिछाकर की गई। आरोपी अमीन ने दिनेश मंडल से ₹10,000 की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से ₹8,500 लेते हुए उसे दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आदित्य कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले गई है। यह मामला दिग्घिबारी गांव निवासी दिनेश मंडल की जमीन से संबंधित अभिलेख में नाम और पिता के नाम में त्रुटि से जुड़ा है। आरोप है कि सर्वेयर अमीन आदित्य कुमार ने इस त्रुटि को सुधारने के एवज में ₹10,000 रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्य नहीं किया गया और रिश्वत की मांग जारी रही, जिससे परेशान होकर दिनेश मंडल ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने पर विभाग ने मामले की गुप्त जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद निगरानी विभाग ने डीएसपी के नेतृत्व में लगभग 15 सदस्यीय एक विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की योजना बनाई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अमीन ने मौके से भागने का प्रयास भी किया, लेकिन चारों ओर तैनात निगरानी विभाग की टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, चांदन प्रखंड में भूमि सर्वे, जमाबंदी, नक्शा और कागजी त्रुटि सुधार के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें पहले भी आती रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इन शिकायतों पर पहले केवल खानापूर्ति की जाती रही है और निष्पक्ष जांच के अभाव में ऐसी स्थिति बार-बार उत्पन्न हुई है। इस बार एक जागरूक किसान दिनेश मंडल की सूझबूझ और साहस के कारण मामला निगरानी विभाग तक पहुंचा और आरोपी अमीन रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई हाल के दिनों में बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की लगातार हो रही कार्यवाहियों की कड़ी का हिस्सा है, जिसने आम लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या यह जांच केवल एक अमीन तक सीमित रहेगी या भूमि सर्वे और राजस्व कार्यों से जुड़े अन्य मामलों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। फिलहाल निगरानी विभाग मामले की जांच में जुटा हुआ है और आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।1
- यह नज़ारा भागलपुर ज़िले के सनौला प्रखंड के भगवानपुर गाँव का बताया गया है, जहाँ पोस्ट करने वाले ने 'मुखिया और ये सब' क्या कर रहे हैं, इस पर अपनी अनभिज्ञता व्यक्त की है। आक्रोशित लहजे में सख्त चेतावनी दी गई है कि जब ये 'मदरचोद' वोट माँगने आएँगे, तब 'भोसड़ी वाले' सबको झाड़ू से मारकर वहाँ से भगाना पड़ेगा।1
- कहलगांव अनुमंडल के बरैनी गांव में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस मामले के सामने आने के बाद, कहलगांव और पीरपैंती दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक प्रभावित लोगों से मिलने के लिए गांव पहुंचे।1
- बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।1
- बांका जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी विभाग ने पिछले 24 घंटे के भीतर दूसरी गिरफ्तारी की है। इस अभियान के तहत एक सर्वे अमीन को ₹8500 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया। यह कार्रवाई जिले में घूसखोरों पर निगरानी के 'डबल अटैक' को दर्शाती है, जहाँ लगातार दूसरे दिन एक भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है।1