बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।
बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।
- बिहार के बांका जिले के बाराहाट स्थित जिला श्रमिक केंद्र में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने, निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने और पंचायत स्तर तक संगठन का विस्तार करने जैसे बड़े निर्णय लिए गए हैं। बैठक में मज़दूरों से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भी ज़ोरदार चर्चा हुई, जिनमें लेबर कार्ड, कन्या विवाह योजना, दुर्घटना सहायता, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसे विषय शामिल थे। इसके साथ ही, श्रम विभाग में बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करने की सशक्त मांग उठाई गई। संगठन ने पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर भवन निर्माण मजदूरों का निबंधन कराने की तैयारी भी की है। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला इंटक अध्यक्ष विनय कुमार कापड़ी सहित कई प्रखंडों के पदाधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगठन का कहना है कि अब मज़दूरों के हक की लड़ाई और भी तेज़ होगी।1
- Post by Ritesh Kumar1
- आईपीएल 2026 के संदर्भ में, बिहार के 'बाबू साहब' वैभव सूर्यावंशी ने ऑरेंज कैप अपने नाम कर लिया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद सम्राट चौधरी की चिंताएँ बढ़ गई हैं, और इस पूरी चर्चा में विराट कोहली का भी उल्लेख किया गया है।1
- नीट परीक्षा के संबंध में एक सीधा और गंभीर दावा सामने आया है। इसके अनुसार, नीट का पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि उसे सीधे तौर पर बेच दिया गया था। यह बयान स्पष्ट रूप से इंगित करता है कि यह घटना किसी सामान्य लीक से कहीं बढ़कर थी, और इसमें प्रश्न पत्र को बेचे जाने का एक सुनियोजित कार्य शामिल था।1
- बसंतराय में स्थित एक पानी का नल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिस पर अभी तक किसी का ध्यान नहीं गया है। इस समस्या के कारण आसपास के लोगों को पानी की भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि इस नल को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए ताकि उनकी जल संबंधी समस्या का समाधान हो सके।4
- बिहार के बांका जिले के चौबटिया गांव से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक गरीब आदिवासी बुजुर्ग दंपति ने अपनी खतियानी जमीन पर जबरन कब्जा और निर्माण का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध कब्जे का विरोध किया, तो उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट तक की गई। बुजुर्ग दंपति ने अपनी जमीन बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया है; उन्होंने पंचायत में शिकायत की, आवेदन दिए, और थाना से लेकर डीएम, एसपी, डीआईजी, और मुख्यमंत्री तक से न्याय की गुहार लगाई। हालाँकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद, उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और वे अभी भी न्याय की आस में दर-दर भटक रहे हैं। यह घटना इस सवाल को खड़ा करती है कि आखिर गरीब और कमजोर लोगों की सुनवाई कब होगी, और क्या प्रशासन पीड़ित आदिवासी परिवार को इंसाफ दिला पाएगा।1
- विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर डीसी लोकेश मिश्रा ने जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसी दौरान, उन्होंने सदर अस्पताल का भी दौरा किया और वहाँ की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।1
- डीके शिवकुमार ने एक बयान में कहा कि 'सब इंतज़ार कर रहे थे', जिसे कर्नाटक की राजनीति का सबसे बड़ा मोड़ बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर राँची में सहजानंद चौक के पास बालू से लदा एक वाहन बीच सड़क पर पलट गया है।1
- तारापुर प्रखंड के बंशीपुर गांव में एक लंगूर के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को इस लंगूर ने छह वर्षीय तेजस कुमार पर झपट्टा मारा, जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हड्डी टूट गई। इसके अलावा, लंगूर ने कई महिलाओं पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय लंगूर को कांवड़िया यात्रियों पर भी झपटते देखा गया, जिससे गांव में और अधिक भय फैल गया। इन लगातार हमलों से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर, विभागीय अधिकारी और कर्मी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने बताया कि लंगूर पागल नहीं है, बल्कि लोगों की गतिविधियों के कारण आक्रामक व्यवहार कर रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे लंगूरों को भोजन न दें, उन्हें छेड़ने से बचें और अपने बच्चों को उनसे दूर रखें। साथ ही, विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत उन्हें सूचित किया जाए।1