तारापुर प्रखंड के बंशीपुर गांव में एक लंगूर के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को इस लंगूर ने छह वर्षीय तेजस कुमार पर झपट्टा मारा, जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हड्डी टूट गई। इसके अलावा, लंगूर ने कई महिलाओं पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय लंगूर को कांवड़िया यात्रियों पर भी झपटते देखा गया, जिससे गांव में और अधिक भय फैल गया। इन लगातार हमलों से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर, विभागीय अधिकारी और कर्मी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने बताया कि लंगूर पागल नहीं है, बल्कि लोगों की गतिविधियों के कारण आक्रामक व्यवहार कर रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे लंगूरों को भोजन न दें, उन्हें छेड़ने से बचें और अपने बच्चों को उनसे दूर रखें। साथ ही, विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत उन्हें सूचित किया जाए।
तारापुर प्रखंड के बंशीपुर गांव में एक लंगूर के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को इस लंगूर ने छह वर्षीय तेजस कुमार पर झपट्टा मारा, जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हड्डी टूट गई। इसके अलावा, लंगूर ने कई महिलाओं पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय लंगूर को कांवड़िया यात्रियों पर भी झपटते देखा गया, जिससे गांव में और अधिक भय फैल गया। इन लगातार हमलों से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर, विभागीय अधिकारी और कर्मी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने बताया कि लंगूर पागल नहीं है, बल्कि लोगों की गतिविधियों के कारण आक्रामक व्यवहार कर रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे लंगूरों को भोजन न दें, उन्हें छेड़ने से बचें और अपने बच्चों को उनसे दूर रखें। साथ ही, विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत उन्हें सूचित किया जाए।
- बिहार में एक भावुक घटना सामने आई है जहाँ एक बिहारी युवा सम्राट चौधरी के सामने फूट-फूटकर रो पड़ा। इस युवा ने बिहार की मौजूदा स्थिति को 'कड़वी सच्चाई' बताते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। उसने कहा कि प्रदेश का 'आधा बिहारी ट्रेन में' है और लोगों की 'आधी जिंदगी पलायन में' बीत रही है। इस दौरान उसने मार्मिक सवाल उठाया कि आखिर बिहार के लोगों को कब तक इस पलायन के चक्र में रहना पड़ेगा।1
- बिहार के बांका जिले के चांदन प्रखंड की कुसुमजोरी पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-11 स्थित कुसौना तुरी टोला में सरकार की 'हर घर जल' योजना के दावों के विपरीत ग्रामीण आज भी दूषित कुएं का पानी पीने को मजबूर हैं। टोले में एकमात्र चापाकल कई दिनों से खराब पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसी बीच, जब ग्रामीण अपनी समस्या पत्रकारों को बता रहे थे, तो पंचायत की मुखिया ममता देवी पर खबर संकलन में बाधा डालने और पत्रकार का मोबाइल छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा है। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया, जिन्होंने मुखिया पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, न कि सवाल पूछने पर नाराजगी दिखाना। उनका यह भी कहना है कि पंचायत में विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आने से कुछ लोग असहज हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्रीय विधायक मनोज यादव को भी जल संकट के बारे में बताया गया था, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका, जिससे लोगों में निराशा बढ़ रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल खराब चापाकल की मरम्मत कराने, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सरकार हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, तो आखिर कुसौना तुरी टोला के लोग दूषित पानी पीने को क्यों मजबूर हैं, और क्या जनता की आवाज उठाने पर दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई होगी।1
- बेगुसराय और खगड़िया रेंज के वर्तमान पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) श्री शैलेश कुमार सिन्हा ने गोगरी थाना का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, डीआईजी श्री सिन्हा ने मीडिया से भी बातचीत की।1
- मुंगेर में सशक्त फाउंडेशन ने नगर निगम क्षेत्र के जरूरतमंद और बेसहारा मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने के उद्देश्य से दो निशुल्क एंबुलेंस सेवाओं का शुभारंभ किया है। रविवार को किला परिसर स्थित जयप्रकाश उद्यान पार्क के समीप आयोजित एक कार्यक्रम में फाउंडेशन के सचिव गौरव शर्मा ने फीता काटकर और पूजा-अर्चना कर इन सेवाओं की शुरुआत की। फाउंडेशन के सचिव गौरव शर्मा ने बताया कि सरकारी एंबुलेंस पर बढ़ते दबाव के कारण मरीजों को अक्सर समय पर वाहन नहीं मिल पाता, जिससे उनके इलाज में देरी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए, संस्था ने नगर निगम क्षेत्र के सभी 45 वार्डों के निवासियों के लिए पूरी तरह निशुल्क दो एंबुलेंस उपलब्ध कराई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये एंबुलेंस केवल मरीजों को उनके घर से सदर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए संचालित की जाएंगी, और अस्पताल से वापस घर लाने की सुविधा इसमें शामिल नहीं होगी। साथ ही, एंबुलेंस में कोई उन्नत चिकित्सा उपकरण या मेडिकल स्टाफ उपलब्ध नहीं रहेगा। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। फाउंडेशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, आपात स्थिति में लोग टोल फ्री नंबर 92884 99646 पर संपर्क कर सकते हैं, और संस्था का दावा है कि यह सेवा 24 घंटे सातों दिन उपलब्ध रहेगी।1
- सशक्त फाउंडेशन मुंगेर के द्वारा एक नई एंबुलेंस सेवा का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया गया है। यह सेवा फाउंडेशन की ओर से शुरू की गई है।1
- आईपीएल 2026 के संदर्भ में, बिहार के 'बाबू साहब' वैभव सूर्यावंशी ने ऑरेंज कैप अपने नाम कर लिया है। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बाद सम्राट चौधरी की चिंताएँ बढ़ गई हैं, और इस पूरी चर्चा में विराट कोहली का भी उल्लेख किया गया है।1
- तारापुर प्रखंड के बंशीपुर गांव में एक लंगूर के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सोमवार को इस लंगूर ने छह वर्षीय तेजस कुमार पर झपट्टा मारा, जिससे वह गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी हड्डी टूट गई। इसके अलावा, लंगूर ने कई महिलाओं पर भी हमला कर उन्हें जख्मी कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह के समय लंगूर को कांवड़िया यात्रियों पर भी झपटते देखा गया, जिससे गांव में और अधिक भय फैल गया। इन लगातार हमलों से परेशान होकर ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर, विभागीय अधिकारी और कर्मी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने बताया कि लंगूर पागल नहीं है, बल्कि लोगों की गतिविधियों के कारण आक्रामक व्यवहार कर रहा है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे लंगूरों को भोजन न दें, उन्हें छेड़ने से बचें और अपने बच्चों को उनसे दूर रखें। साथ ही, विभाग ने यह भी कहा है कि किसी भी नए हमले की स्थिति में तुरंत उन्हें सूचित किया जाए।1