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भरथना/इटावा/ *आकाशीय बिजली गिरने से पड़ोसी के घर में जा गिरी दस फीट ऊंची दीवार, घर के आंगन में खाना बना रहे मां बेटे गंभीर रूप से घायल, तेज धमाके के साथ पड़ोसी के घर में जा गिरी दूसरी मंजिल की दीवार, चीख पुकार सुन परिजनों ने दोनों घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती, तहसीलदार समेत राजस्व टीम ने घटना स्थल का किया निरीक्षण, भरथना थाना क्षेत्र के बाहरपुर गांव की है पूरी घटना...*
Kanhaiya lal
भरथना/इटावा/ *आकाशीय बिजली गिरने से पड़ोसी के घर में जा गिरी दस फीट ऊंची दीवार, घर के आंगन में खाना बना रहे मां बेटे गंभीर रूप से घायल, तेज धमाके के साथ पड़ोसी के घर में जा गिरी दूसरी मंजिल की दीवार, चीख पुकार सुन परिजनों ने दोनों घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती, तहसीलदार समेत राजस्व टीम ने घटना स्थल का किया निरीक्षण, भरथना थाना क्षेत्र के बाहरपुर गांव की है पूरी घटना...*
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Urvashi singh1
- इटावा में अवैध खनन का काला खेल, जिम्मेदार बेपरवाह आदेश हवा में, दो थाना क्षेत्रों में खुलेआम नियमों की धज्जियां इटावा। जनपद में उच्च अधिकारियों के बार-बार सख्त निर्देशों के बावजूद अवैध खनन का कारोबार बेखौफ जारी है। हालात यह हैं कि दो थाना क्षेत्रों की सीमा में खुलेआम बिना मानक और बिना अनुमति के मिट्टी खनन व प्लॉटों का भराव किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए हैं। थाना इकदिल क्षेत्र के पिलखर गांव में अवैध खनन जारी ➡️ मिट्टी का लगातार अवैध खनन किया जा रहा है ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से हो रहा परिवहन ➡️ दिन-रात मिट्टी ढोई जा रही, कोई रोक-टोक नहीं 🔸 थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में महेरा चुंगी बना डंपिंग ज़ोन ➡️ प्लॉटों का अवैध भराव तेजी से जारी नियम-कानून पूरी तरह ताक पर ➡️ बिना अनुमति और मानकों के चल रहा पूरा काम प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहे सवाल ➡️ पुलिस और खनन विभाग की कार्यशैली संदिग्ध ➡️ लगातार गतिविधियों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश ➡️ लोग पूछ रहे— आखिर किसके संरक्षण में चल रहा यह खेल? जनता की मांग ➡️ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो ➡️ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ➡️ अवैध खनन पर तत्काल रोक लगे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पर्यावरण पर मंडरा रहा गंभीर खतरा यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह अवैध खनन आने वाले समय में बड़ी समस्या बन सकता है। *अधिकारी मौन… तो फरियाद सुने कौन?*1
- Post by Rohit Kumar2
- औरैया। जालौन चौराहा से सेंट फ्रांसिस एकेडमी मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसे बड़े खेल की संज्ञा दी है। आरोप है कि सड़क के गड्ढों और उखड़े किनारों को दुरुस्त करने के नाम पर केवल गिट्टी डालकर ऊपर से पतली डामर (बिटुमिन) की परत बिछाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण कार्य शाम ढलते ही शुरू किया गया, जिससे पारदर्शिता और कार्य की गुणवत्ता पर संदेह और गहरा गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि यह केवल मरम्मत कार्य है तो मानकों का पालन क्यों नहीं हो रहा, और यदि नई सड़क की परत डाली जा रही है तो उसकी मोटाई कितनी है, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा। लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में जरूरी लेयरिंग, कम्पैक्शन और गुणवत्ता जांच के मानकों को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों और राहगीरों ने आशंका जताई है कि इस तरह का निर्माण कार्य ज्यादा समय तक टिकाऊ नहीं होगा और पहली ही बारिश में सड़क फिर से उखड़ सकती है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएंगे या इसे सामान्य निर्माण कार्य बताकर नजरअंदाज कर देंगे।1
- लवेदी/इटावा। विकासखंड महेवा की ग्राम पंचायत बहादुरपुर घर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण इटावा के तत्वावधान में विधिक जागरूकता शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय जनपद न्यायाधीश रजत सिंह जैन एवं प्राधिकरण की सचिव आरती द्विवेदी के निर्देशानुसार संपन्न हुआ। शिविर के दौरान प्राधिकरण द्वारा भेजी गई टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण भी किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अधिकार मित्र राजीव रतन मिश्रा ने किया और शिविर का संचालन करते हुए उपस्थित लोगों को विधिक जानकारी के प्रति जागरूक किया। शिविर का मुख्य विषय सर्वाइकल कैंसर रहा, जिस पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राधा चौहान ने महिलाओं को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और जागरूकता से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से आए रोहित त्रिपाठी ने लोगों को राष्ट्रीय लोक अदालत, स्थायी लोक अदालत तथा विभिन्न कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से आमजन अपने मामलों का त्वरित और सस्ता समाधान पा सकते हैं। इस अवसर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सीनियर फार्मासिस्ट सुनील राजपूत, फार्मासिस्ट विकास सिंह सहित आशा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में दूर-दराज से आई महिलाओं एवं ग्रामीणों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें लक्ष्मी दुबे, मालती देवी, साधना दुबे, नाथूराम, राजवीर चौबे, गौरी चौहान, राधा चौहान, प्रेम देवी, विनोद कुमार, सीता देवी, शोभाराम, वीर सिंह, सुनीता देवी, भूरी देवी, लक्ष्मी देवी एवं प्रेमा देवी सहित अन्य लोग मौजूद रहे। शिविर के अंत में लोगों को स्वास्थ्य एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।1
- Post by Shuru User, satendra kevat1
- Post by Kanhaiya lal1
- Post by Urvashi singh1
- यूपी | मेरठ की प्रमुख सेंट्रल मार्केट का अस्तित्व अब नहीं रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यहां 44 बिल्डिंग गिराई जानी हैं। इन बिल्डिंगों में कई सौ दुकानें हैं। दरअसल, वर्ष 1978 में आवास विकास ने यहां रेजिडेंशियल प्लॉट काटे थे। लोगों ने प्लॉट मर्ज करके बड़े–बड़े कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बना लिए। 1990 में जब एक अधिकारी ने निर्माण रुकवाने का प्रयास किया तो व्यापारियों ने उसे थप्पड़ मार दिया। अधिकारी को ये थप्पड़ इतना चुभा कि वो इस केस को अदालत तक ले गया। फिर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। SC ने 17 सितंबर 2025 को सभी अवैध निर्माण ध्वस्त करने के आदेश कर दिए। सेंट्रल मार्केट BJP का गढ़ है। BJP नेताओं ने कुछ महीनों पहले सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विपरीत जाकर मेरठ कमिश्नर से ये आदेश करवा लिया कि अब ध्वस्तीकरण नहीं होगा। SC को ये बात पता चली तो कमिश्नर को भी फटकार मिली। स्थिति ये है कि SC के सामने सब बेबस हो गए हैं। न अधिकारी मदद कर पा रहे, न सरकार। 40 साल पहले जिन सैकड़ों लोगों ने सेंट्रल मार्केट में काम–धंधे शुरू किए थे, वो आज उसे खाली करके जाने मजबूर हैं। एक ही झटके में सैकड़ों व्यापारी सड़क पर आकर शून्य हो गए हैं। व्यापारी रो रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं। उम्मीद न के बराबर है कि उन्हें कोई राहत मिलेगी।1