टीकमगढ़ जिले में अपर्याप्त मूंग खरीदी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध में, भारतीय किसान संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले की सभी नौ तहसीलों में तहसीलदार के माध्यम से भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने की तत्काल अनुमति देने की मांग की गई है। किसानों ने विशेष रूप से खरीदी सीमा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, जहाँ ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी मात्र 1.25 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। किसानों का तर्क है कि यह सीमा न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि उनका वास्तविक उत्पादन 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ होता है। उन्होंने अनुरोध किया है कि खरीदी की इस सीमा को बढ़ाकर न्यूनतम 5 क्विंटल प्रति एकड़ करने का आदेश जारी किया जाए। साथ ही, मांग की गई है कि किसान भाइयों की सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र बनाए जाएं, क्योंकि वर्तमान केंद्र असुविधाजनक हैं। ज्ञापन में उन किसानों के पंजीयन का मुद्दा भी उठाया गया है, जिनकी गिरदावरी या पंजीयन नहीं हुए हैं, जिससे वे खरीदी से वंचित हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ऐसे किसानों के लिए पंजीयन की एक नई तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। भारतीय किसान संघ ने शत-प्रतिशत उपार्जन की स्वीकृति की भी मांग की है, ताकि किसानों की पूरी 100 प्रतिशत मूंग और उड़द समर्थन मूल्य पर खरीदी जा सके। विशेष रूप से, टीकमगढ़ जिले को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन से वंचित रखा गया है, जबकि यहाँ पर्याप्त उत्पादन हुआ है; इसलिए जिले में भी इसकी खरीदी शुरू करने की मांग की गई है। मुख्य ज्ञापन के बाद, तहसीलों की स्थानीय समस्याओं को लेकर एक और ज्ञापन तहसीलदारों को सौंपा गया, जिसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग और विद्युत विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतें शामिल थीं। इन सभी ज्ञापन कार्यक्रमों में भारतीय किसान संघ के जिला, तहसील और ग्राम स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान बंधु मौजूद रहे।
टीकमगढ़ जिले में अपर्याप्त मूंग खरीदी को लेकर किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध में, भारतीय किसान संघ के प्रांतीय आह्वान पर जिले की सभी नौ तहसीलों में तहसीलदार के माध्यम से भारत सरकार के माननीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल को समर्थन मूल्य पर बेचने की तत्काल अनुमति देने की मांग की गई है। किसानों ने विशेष रूप से खरीदी सीमा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है, जहाँ ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी मात्र 1.25 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। किसानों का तर्क है कि यह सीमा न्यायसंगत नहीं है, क्योंकि उनका वास्तविक उत्पादन 4 से 5 क्विंटल प्रति एकड़ होता है। उन्होंने अनुरोध किया है कि खरीदी की इस सीमा को बढ़ाकर न्यूनतम 5 क्विंटल प्रति एकड़ करने का आदेश जारी किया जाए। साथ ही, मांग की गई है कि किसान भाइयों की सुविधा के अनुसार खरीदी केंद्र बनाए जाएं, क्योंकि वर्तमान केंद्र असुविधाजनक हैं। ज्ञापन में उन किसानों के पंजीयन का मुद्दा भी उठाया गया है, जिनकी गिरदावरी या पंजीयन नहीं हुए हैं, जिससे वे खरीदी से वंचित हो रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ऐसे किसानों के लिए पंजीयन की एक नई तिथि निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। भारतीय किसान संघ ने शत-प्रतिशत उपार्जन की स्वीकृति की भी मांग की है, ताकि किसानों की पूरी 100 प्रतिशत मूंग और उड़द समर्थन मूल्य पर खरीदी जा सके। विशेष रूप से, टीकमगढ़ जिले को ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन से वंचित रखा गया है, जबकि यहाँ पर्याप्त उत्पादन हुआ है; इसलिए जिले में भी इसकी खरीदी शुरू करने की मांग की गई है। मुख्य ज्ञापन के बाद, तहसीलों की स्थानीय समस्याओं को लेकर एक और ज्ञापन तहसीलदारों को सौंपा गया, जिसमें कृषि विभाग, राजस्व विभाग, जल संसाधन विभाग और विद्युत विभाग से संबंधित विभिन्न शिकायतें शामिल थीं। इन सभी ज्ञापन कार्यक्रमों में भारतीय किसान संघ के जिला, तहसील और ग्राम स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान बंधु मौजूद रहे।
- राज्य सरकार ने प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि ऐसे किसानों को राज्य सरकार की ओर से एक वर्ष तक प्रति माह ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।1
- टीकमगढ़ की सुभाषपुरम कॉलोनी में निर्माणाधीन अंडरग्राउंड नाली एक हादसे का कारण बन गई, जहाँ अचानक एक बाइक नाली में गिर गई और उसका चालक भी साथ में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की टीम तुरंत मौके पर पहुँची। टीम ने जेसीबी की मदद से गिरी हुई बाइक और चालक दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह बाल-बाल बच गया। स्थानीय निवासियों ने इस घटना के बाद नाली के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम और बैरिकेडिंग की तत्काल मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की कोई और दुर्घटना न हो।1
- पलेरा के छोटा बस स्टैंड पर स्थित गुप्ता मेडिकल के सामने से एक मेडिसिन व्यापारी की कार से बैग चोरी होने के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। चोरी की यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। घटना के फुटेज सामने आने और मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस सक्रिय हो गई है। चोर चोरी के बाद बैग को बन्ने बुजुर्ग रोड पर सड़क किनारे छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर 112 पायलट घनेंद्र प्रजापति और आरक्षक ललित व प्रबेद मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बैग को अपने कब्जे में ले लिया है और राहत की बात यह है कि उसमें रखे सभी महत्वपूर्ण व कीमती दस्तावेज सुरक्षित मिले हैं। फिलहाल पलेरा पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उनकी गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।1
- राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति मड़ावरा तहसील के जामनी बांध पर कराए जा रहे अनुरक्षण कार्यों में हवाई साबित होती दिख रही है। यहां हुए अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई बांध की सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गौरतलब है कि जामनी बांध पर सुरक्षा दीवार की मरम्मत, सड़क का पुनर्निर्माण और अन्य सौंदर्यकरण के कार्य कराए जा रहे थे। इन कार्यों, जिसमें बांध के गेटों को मोटराइज्ड करना भी शामिल था, के लिए शासन द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। आरोप है कि जिम्मेवार अधिकारियों की कोताही और मिलीभगत के कारण निर्माण में अधोमानक सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि वर्षा ऋतु शुरू होने के बावजूद भी ये अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, और अब इन्हें अधूरा ही छोड़ दिए जाने की आशंका है। इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। वहीं, जामनी बांध के सहायक अभियंता (AE) रितेश बसंल का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी फर्म की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, बारिश कम होते ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी।2
- अपनी शादी के दिन एक लड़की ने अपने प्रेमी को फोन कर एक चुनौती दी। लड़की ने कहा कि यदि वह उससे सच्चा प्रेम करता है, तो वरमाला के समय आकर उसकी मांग भर दे। यह चुनौती पाकर प्रेमी बेहद खुश हुआ और शादी के दिन स्टेज पर जाकर लड़की की मांग भर दी। मांग भरने के तुरंत बाद, लड़की के परिवारवालों (घराती) और बारातियों ने मिलकर प्रेमी की जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद प्रेमी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। वहीं, प्रेमिका ने भी अपने प्रेमी को पहचानने से साफ इनकार कर दिया है।1