राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति मड़ावरा तहसील के जामनी बांध पर कराए जा रहे अनुरक्षण कार्यों में हवाई साबित होती दिख रही है। यहां हुए अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई बांध की सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गौरतलब है कि जामनी बांध पर सुरक्षा दीवार की मरम्मत, सड़क का पुनर्निर्माण और अन्य सौंदर्यकरण के कार्य कराए जा रहे थे। इन कार्यों, जिसमें बांध के गेटों को मोटराइज्ड करना भी शामिल था, के लिए शासन द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। आरोप है कि जिम्मेवार अधिकारियों की कोताही और मिलीभगत के कारण निर्माण में अधोमानक सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि वर्षा ऋतु शुरू होने के बावजूद भी ये अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, और अब इन्हें अधूरा ही छोड़ दिए जाने की आशंका है। इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। वहीं, जामनी बांध के सहायक अभियंता (AE) रितेश बसंल का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी फर्म की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, बारिश कम होते ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति मड़ावरा तहसील के जामनी बांध पर कराए जा रहे अनुरक्षण कार्यों में हवाई साबित होती दिख रही है। यहां हुए अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई बांध की सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गौरतलब है कि जामनी बांध पर सुरक्षा दीवार की मरम्मत, सड़क का पुनर्निर्माण और अन्य सौंदर्यकरण के कार्य कराए जा रहे थे। इन कार्यों, जिसमें बांध के गेटों को मोटराइज्ड करना भी शामिल था, के लिए शासन द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। आरोप है कि जिम्मेवार अधिकारियों की कोताही
और मिलीभगत के कारण निर्माण में अधोमानक सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि वर्षा ऋतु शुरू होने के बावजूद भी ये अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, और अब इन्हें अधूरा ही छोड़ दिए जाने की आशंका है। इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। वहीं, जामनी बांध के सहायक अभियंता (AE) रितेश बसंल का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी फर्म की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, बारिश कम होते ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
- राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों में अपनाई जा रही 'जीरो टॉलरेंस' नीति मड़ावरा तहसील के जामनी बांध पर कराए जा रहे अनुरक्षण कार्यों में हवाई साबित होती दिख रही है। यहां हुए अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके परिणामस्वरूप हाल ही में बनाई गई बांध की सड़क पहली ही बारिश में जगह-जगह से उखड़ने लगी है। गौरतलब है कि जामनी बांध पर सुरक्षा दीवार की मरम्मत, सड़क का पुनर्निर्माण और अन्य सौंदर्यकरण के कार्य कराए जा रहे थे। इन कार्यों, जिसमें बांध के गेटों को मोटराइज्ड करना भी शामिल था, के लिए शासन द्वारा लगभग 17 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। आरोप है कि जिम्मेवार अधिकारियों की कोताही और मिलीभगत के कारण निर्माण में अधोमानक सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। हैरानी की बात यह है कि वर्षा ऋतु शुरू होने के बावजूद भी ये अनुरक्षण और सौंदर्यकरण कार्य पूरे नहीं हो सके हैं, और अब इन्हें अधूरा ही छोड़ दिए जाने की आशंका है। इस मामले में ग्रामीणों ने संबंधित कार्यों की उच्च स्तरीय जाँच की मांग की है। वहीं, जामनी बांध के सहायक अभियंता (AE) रितेश बसंल का कहना है कि सड़क पुनर्निर्माण का कार्य ठेकेदार द्वारा कराया गया था और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी फर्म की है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क खराब हुई है, बारिश कम होते ही उसकी मरम्मत कराई जाएगी।2
- ललितपुर के गोविंद सागर बांध के पास एक पेड़ पर विशालकाय अजगर दिखाई देने से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। देर रात पेड़ पर अजगर को लिपटा देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सावधानीपूर्वक अजगर का रेस्क्यू किया। इस बचाव अभियान के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई थी। वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास, जंगल में छोड़ दिया। समय पर की गई इस कार्रवाई के कारण कोई जनहानि नहीं हुई और क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली।1
- ललितपुर के मड़ावरा तहसील क्षेत्र में एक युवक-युवती के घर से भागकर शादी करने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक शपथ पत्र और युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवती ने अपने माता-पिता से जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को अपने संरक्षण में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल शपथ पत्र के अनुसार, युवक मड़ावरा थाना क्षेत्र का निवासी है, जबकि युवती नाराहट थाना क्षेत्र की रहने वाली है। दोनों ने स्वयं को बालिग घोषित करते हुए अपनी मर्जी से लहर धाम मंदिर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने का उल्लेख किया है। वायरल वीडियो में युवती साफ तौर पर कह रही है कि वह अपनी इच्छा से युवक के साथ आई है और उसी के साथ जीवन बिताना चाहती है। उसने आरोप लगाया है कि उसके माता-पिता उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। युवती ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उसे, उसके पति या युवक के परिवार के किसी भी सदस्य को कोई नुकसान पहुँचता है, तो इसके लिए उसके माता-पिता ही पूरी तरह जिम्मेदार होंगे। इस वीडियो में युवक भी युवती के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। इस शिकायत के आधार पर मड़ावरा पुलिस ने युवक और युवती दोनों को अपने संरक्षण में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक मनोज मिश्रा ने जानकारी दी है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- जनपद ललितपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस ने एक शातिर पशु तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में 9 शातिर पशु तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से एक पिकअप वाहन के साथ तीन बकरियां भी बरामद की गई हैं। यह ऑपरेशन ललितपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार अंजाम दिया गया। यह सफल कार्रवाई तालबेहट थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी तालबेहट श्री आशीष मिश्र ने जानकारी दी है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्त तालबेहट, पूराकला और बार सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। ये शातिर अपराधी आसपास के थाना क्षेत्रों और अन्य जनपदों से पशुओं की चोरी करते थे, जिन्हें वे एक जगह इकट्ठा कर पिकअप जैसे वाहनों में लादकर अन्य जनपदों और स्थानों पर तस्करी कर बेच देते थे।1
- ललितपुर शहर के आज़ादपुरा तृतीय क्षेत्र स्थित लेडियापुरा मोहल्ले में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जहाँ बुधवार को एक आवारा गाय ने सड़क पर खेल रहे एक मासूम बच्चे पर हमला कर उसे उठाकर फेंक दिया। इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में गाय को अचानक बच्चे पर हमला करते हुए देखा जा सकता है, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत दौड़कर बच्चे को बचाया। इस घटना के बाद मोहल्लेवासियों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे बच्चों, बुज़ुर्गों और राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर ख़तरा बना हुआ है। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।1
- ललितपुर जिले के मड़ावरा में सतवांसा के पास बारिश के दौरान एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया कि ये तीनों महरौनी से अपना काम निपटाकर अपने गांव हसरा लौट रहे थे। रास्ते में बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी होने से बाइक का संतुलन बिगड़ गया और यह हादसा हो गया। घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायलों की मदद की और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मड़ावरा में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार मिलने के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आगे के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, बारिश के मौसम में वाहन चालकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील भी की गई है।1