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उत्तराखंड: चंपावत जिले के लोहाघाट के नेपाल सीमा से लगे नगरू घाट में समस्याओं का अंबार गूल टूटने से बंजर पड़े खेत आज तक नहीं पहुंची लाइट, 8 किलोमीटर पैदल चल बच्चे पहुंच रहे स्कूल।
Laxman bisht
उत्तराखंड: चंपावत जिले के लोहाघाट के नेपाल सीमा से लगे नगरू घाट में समस्याओं का अंबार गूल टूटने से बंजर पड़े खेत आज तक नहीं पहुंची लाइट, 8 किलोमीटर पैदल चल बच्चे पहुंच रहे स्कूल।
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- सीमांत रणकोंची धाम पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूजा-अर्चना कर सुनीं जनसमस्याएं। नेपाल सीमा से लगे सुदूर क्षेत्र में कदम रखने वाले पहले मुख्यमंत्री, 20 विकास योजनाओं का लोकार्पण, 11 का शिलान्यास; रणकोची मंदिर सौंदर्यीकरण समेत कई अहम घोषणाएं। चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नेपाल सीमा से लगे पवित्र रणकोची धाम पहुंचकर क्षेत्र के देवी-देवताओं का विधिवत पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस सुदूर और दुर्गम क्षेत्र में पहुंचने वाले वह उत्तराखंड सरकार के पहले मुख्यमंत्री बने, जिन्होंने मौके पर ही ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और कई मामलों का तत्काल समाधान भी किया। मुख्यमंत्री ने जनसंवाद के दौरान कहा कि जब वह लोगों के बीच आते हैं तो बुजुर्गों का स्नेह, माताओं-बहनों का आशीर्वाद और युवाओं का उत्साह उन्हें नई ऊर्जा देता है। रणकोची धाम में पूजा के दौरान उन्हें ऐसा आध्यात्मिक आनंद मिला, जिसे शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में निकाली गई कलश यात्रा ने समारोह को दिव्य और भावपूर्ण बना दिया। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड सहित पूरे देशवासियों की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने पुजारियों को धार्मिक पुस्तकों, पूजा सामग्री, संस्कृत साहित्य और भजन-कीर्तन हेतु वाद्य यंत्रों का सेट भेंट किया, जिससे इस दूरस्थ क्षेत्र में धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम में 20 विकास योजनाओं का लोकार्पण और 11 नई योजनाओं का शिलान्यास किया गया। साथ ही लाभार्थियों को विभिन्न विभागों के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। श्रम विभाग की ओर से टूलकिट और समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए सीमावर्ती क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने की बात कही। इनमें सीम-खेत - चूंका- सोराई क्षेत्र में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तल्लादेश के सभी मंदिरों का सौंदर्यीकरण, पूर्णागिरि मेले के सुचारु संचालन के लिए ₹2.5 करोड़, मंचा - कारी मोटर, रमेला-गागरी-दमतेला सड़क का डामरीकरण, जिला चिकित्सालय में निर्माणाधीन क्रिटिकल यूनिट में लिफ्ट व अन्य सुविधाएं, नीड़ क्षेत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना तथा चंपावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कोम्प्लेक्स हेतु 15 नाली भूमि उपलब्ध कराने की घोषणा शामिल है। साथ ही रणकोची मंदिर के सौंदर्यीकरण से दूर दराज क्षेत्र में आस्था और पर्यटन को नया आयाम मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य की असली संपदा उसकी संस्कृति, प्रकृति और आध्यात्मिक विरासत होती है। रणकोची मंदिर का संस्कृत और आध्यात्मिक जागरण इस क्षेत्र को शांति और ऊर्जा का केंद्र बनाएगा। जनसंवाद के दौरान लोगों के भावपूर्ण स्वागत से मुख्यमंत्री स्वयं भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि यह स्नेह मॉडल जनपद के रूप में चंपावत के लिए किए जा रहे कार्यों पर जनता के विश्वास का प्रमाण है। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेमा पांडे, टनकपुर पालिका अध्यक्ष विपिन वर्मा, बनबसा पालिका अध्यक्ष रेखा देवी, जिलाधिकारी मनीष कुमार, एसपी अजय गणपति, पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, मुख्यमंत्री प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, दीपक रजवार, सूरज परहरी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। बॉक्स: मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी मनीष कुमार के कार्य-व्यवहार की सराहना करते हुए कहा कि “सरकार जनता के द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से चंपावत ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के सुदूर गांवों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। यहां क्विक डिसीजन और क्विक एक्शन के कारण प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम हुई है, जो लोक प्रशासन के लिए संतोष का विषय है। बाइट_ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।1
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