सफलता की कहानी वन स्टॉप सेंटर की संवेदनशील पहल से 85 वर्षीय महिला अपने परिवार से मिलीं मानवीय संवेदनाओं, त्वरित सहायता और प्रशासनिक समन्वय का एक प्रेरणादायक उदाहरण विदिशा जिले में संचालित वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रस्तुत किया गया है। जिला कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा के मार्गदर्शन एवं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती कृतिका व्यास के अथक प्रयासों से एक 85 वर्षीय वृद्ध महिला को सुरक्षित रूप से उनके परिवार तक पहुंचाया गया। यह पहल न केवल प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि मानवता और सेवा भावना की उत्कृष्ट मिसाल भी बनी है। जानकारी के अनुसार वृद्ध महिला, जिनका परिवर्तित नाम इंदुबाई रखा गया, गलती से गलत ट्रेन में बैठ गई थीं, जिसके कारण वे अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर विदिशा पहुंच गईं। अपरिचित स्थान पर पहुंचने के बाद महिला असहाय एवं भ्रमित अवस्था में भटक रही थीं। दिनांक 22 अप्रैल 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में महिला अस्वस्थ हालत में मिलीं। इस संबंध में पत्रकार श्री कोमल प्रसाद द्वारा सूचना दिए जाने पर वन स्टॉप सेंटर की टीम तत्काल सक्रिय हुई। वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला का रेस्क्यू कर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उस समय महिला मानसिक एवं शारीरिक रूप से अत्यंत कमजोर थीं तथा अपनी पहचान अथवा निवास संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से देने की स्थिति में नहीं थीं। ऐसी परिस्थिति में वन स्टॉप सेंटर की टीम ने संवेदनशीलता एवं धैर्य के साथ उनकी देखभाल प्रारंभ की। अस्पताल में उपचार के दौरान सेंटर स्टाफ एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं द्वारा नियमित रूप से महिला की सेवा की गई। उन्हें समय पर भोजन, दवाइयां एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई गई। निरंतर देखभाल एवं उपचार के कारण धीरे-धीरे महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। वन स्टॉप सेंटर की परामर्शदाता श्रीमती रेखा राठौर ने महिला से लगातार संवाद स्थापित किया तथा विश्वासपूर्ण वातावरण में उनसे बातचीत कर उनके परिवार एवं निवास संबंधी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। कई दिनों के प्रयासों के बाद महिला ने अपने गांव एवं क्षेत्र के बारे में जानकारी देना प्रारंभ किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे बिहार राज्य के मधुबनी क्षेत्र के आसपास की निवासी हैं। महिला के स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार होने के बाद वन स्टॉप सेंटर द्वारा उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस कार्य में जीआरपी विदिशा का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। विभागों के समन्वित प्रयासों से महिला को सुरक्षित रूप से मधुबनी, बिहार भेजा गया। वहां मधुबनी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से उन्हें उनके गांव सलोनी में उनके परिवार तक पहुंचाया गया। कई दिनों से लापता वृद्ध महिला को सुरक्षित अपने बीच पाकर परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवारजनों ने प्रशासन एवं वन स्टॉप सेंटर की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उनकी उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि संवेदनशील प्रशासन, मानवीय व्यवहार एवं विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। वन स्टॉप सेंटर की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है तथा यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मानवता और सेवा की भावना सबसे बड़ी ताकत होती है।
सफलता की कहानी वन स्टॉप सेंटर की संवेदनशील पहल से 85 वर्षीय महिला अपने परिवार से मिलीं मानवीय संवेदनाओं, त्वरित सहायता और प्रशासनिक समन्वय का एक प्रेरणादायक उदाहरण विदिशा जिले में संचालित वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रस्तुत किया गया है। जिला कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती विनीता लोढ़ा के मार्गदर्शन एवं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक श्रीमती कृतिका व्यास के अथक प्रयासों से एक 85 वर्षीय वृद्ध महिला को सुरक्षित रूप से उनके परिवार तक पहुंचाया गया। यह पहल न केवल प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली को दर्शाती है, बल्कि मानवता और सेवा भावना की उत्कृष्ट मिसाल भी बनी है। जानकारी के अनुसार वृद्ध महिला, जिनका परिवर्तित नाम इंदुबाई रखा गया, गलती से गलत ट्रेन में बैठ गई थीं, जिसके कारण वे अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर
विदिशा पहुंच गईं। अपरिचित स्थान पर पहुंचने के बाद महिला असहाय एवं भ्रमित अवस्था में भटक रही थीं। दिनांक 22 अप्रैल 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में महिला अस्वस्थ हालत में मिलीं। इस संबंध में पत्रकार श्री कोमल प्रसाद द्वारा सूचना दिए जाने पर वन स्टॉप सेंटर की टीम तत्काल सक्रिय हुई। वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला का रेस्क्यू कर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। उस समय महिला मानसिक एवं शारीरिक रूप से अत्यंत कमजोर थीं तथा अपनी पहचान अथवा निवास संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से देने की स्थिति में नहीं थीं। ऐसी परिस्थिति में वन स्टॉप सेंटर की टीम ने संवेदनशीलता एवं धैर्य के साथ उनकी देखभाल प्रारंभ की। अस्पताल में उपचार के दौरान सेंटर स्टाफ एवं आंगनवाड़ी सहायिकाओं द्वारा नियमित रूप से महिला की सेवा
की गई। उन्हें समय पर भोजन, दवाइयां एवं आवश्यक देखभाल उपलब्ध कराई गई। निरंतर देखभाल एवं उपचार के कारण धीरे-धीरे महिला के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। वन स्टॉप सेंटर की परामर्शदाता श्रीमती रेखा राठौर ने महिला से लगातार संवाद स्थापित किया तथा विश्वासपूर्ण वातावरण में उनसे बातचीत कर उनके परिवार एवं निवास संबंधी जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया। कई दिनों के प्रयासों के बाद महिला ने अपने गांव एवं क्षेत्र के बारे में जानकारी देना प्रारंभ किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे बिहार राज्य के मधुबनी क्षेत्र के आसपास की निवासी हैं। महिला के स्वास्थ्य में पूर्ण सुधार होने के बाद वन स्टॉप सेंटर द्वारा उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इस कार्य में जीआरपी विदिशा का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। विभागों के समन्वित प्रयासों से महिला को
सुरक्षित रूप से मधुबनी, बिहार भेजा गया। वहां मधुबनी वन स्टॉप सेंटर के सहयोग से उन्हें उनके गांव सलोनी में उनके परिवार तक पहुंचाया गया। कई दिनों से लापता वृद्ध महिला को सुरक्षित अपने बीच पाकर परिवार के सदस्यों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवारजनों ने प्रशासन एवं वन स्टॉप सेंटर की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता ने उनकी उम्मीदों को फिर से जीवित कर दिया। यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि संवेदनशील प्रशासन, मानवीय व्यवहार एवं विभागों के बीच बेहतर समन्वय से जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। वन स्टॉप सेंटर की यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है तथा यह संदेश देती है कि कठिन परिस्थितियों में भी मानवता और सेवा की भावना सबसे बड़ी ताकत होती है।
- पुलिस सम्मान एवं प्रतिष्ठा समारोह ✨आलंबन-2026”आलंबन-2026” ✨ “ ✨ ✨ सम्मान, आत्मीयता और पुरानी यादों से सजा विदिशा पुलिस परिवार का विशेष समारोह पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी की उपस्थिति में 100+ पूर्व एवं वर्तमान पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों का सम्मान किया गया। 99 वर्षीय पूर्व डीएसपी श्री एस.एस. श्रीवास्तव के सम्मान ने सभी को भावुक कर दिया। “वर्दी से परे भी कायम रहा रिश्ता”4
- अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा- हत्या के बाद शव ब्रिज के नीचे फेंका, पहचान मिटाने की थी साजिश अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाकर हत्या करने वाले आरोपी गिरफ्तार घटना का विवरण - दिनांक 07.05.2026 को थाना बाड़ी पुलिस को वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे-45 स्थित नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही थाना बाड़ी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची एवं घटनास्थल को सुरक्षित कर बारीकी से निरीक्षण किया गया। मौके पर देखा गया कि एक बोरे में एक शव लगभग 6-7 दिन पुराना एवं जिसके हाथ पैर बंधे हुए थे और मूंह पर टेप लगा हुआ था - अत्यधिक डिकंपोज अवस्था में था, जिससे मृतक की पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। घटनास्थल पर मृतक की पहचान के लिए कोई भी चीज मौजूद नहीं थी ऐसा प्रतीत हो रहा था की अज्ञात आरोपियों ने बहुत ही प्लानिंग के साथ घटना को कहीं और अंजाम दिया था और उसके शव को यहाँ ठिकाने लगा दिया था जिससे की घटना का खुलासा तो दूर. मृतक की पहचान ही नहीं हो पाए। पुलिस को घटनास्थल पर मात्र एक थैला जिसमें की मृतक की जूते, कंगा इत्यादि ही मिला था। उस थैले पर साईखेड़ा की एक दुकान का नाम था। सारे सामान की बारीकी से तताशी लेने पर घेले में एक बच्चे की होमवर्क नोटबुक भी बरामद हुई जिस पर की बस एक नाम लिखा था परंतु कोई भी पता वर्णित नहीं था। अपराध क्रमांक XX/26 धारा 103(1), 238 (ए) बीएनएस पंजीबद्ध कर अज्ञात आरोपियों की पता तलाश के लिए विवेचना प्रारंभकी गई। पुलिस जांच घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अंधे कत्ल के खुलासे के लिए एसडीओपी बाड़ी श्रीमती नीलम चौधरी को निर्देश दिए गए जिनके मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी द्वारा अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया। प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस के सामने मृतक की पहचान सबसे बड़ी चुनौती थी। शव पूरी तरह से डिकंपोज हो चुका था तथा घटनास्थल पर कोई स्पष्ट पहचान संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, लेकिन पुलिस टीम ने हार न मानते हुए घटनास्थल से मिले छोटे-छोटे साक्ष्यों को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस द्वारा बरामद बच्चे की नोटबुक एवं धैले पर लिखे पते के आधार पर साईखेड़ा क्षेत्र में पड़ताल की शुरुआत की गई। लगातार पूछताछ एवं स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाते हुए उक्त नोटबुक पर चेकिंग करने वाले टीचर के माध्यम से पुलिस को संबंधित परिवार का सुराग मिला। इसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान यह जानकारी प्राप्त हुई कि संबंधित घर पिछले 6-7 दिनों से बंद पड़ा है तथा परिवार के सदस्य अचानक गायब हैं। पुलिस द्वारा लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई एवं सक्रिय मुखबीर तंत्र के आधार पर परिवार की तलाश की जाती रही। लगातार प्रयासों एवं सघन तलाश के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा उक्त परिवार को घेराबंदी कर उज्जैन से अभिरक्षा में लिया गया। पहले तो उनके द्वारा कुछ भी नहीं जानना बताया परंतु जब मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई तब संपूर्ण घटनाक्रम का खुलासा हो पाया। घटना का खुलासा- आरोपी रीना किरार ने बताया कि उसका पति उसको छोड चुका है और उसका प्रेम सम्बंध पूर्व में अरूण पटेल नामक व्यक्ति से था परंतु हाल ही में उसकी जान पहचान Facebook के माध्यम से वीरू जाट निवासी भीलवाड़ा राजस्थान नामक व्यक्ती से हो गई थी और उसका आरोपिया के घर आना जाना भी शुरू हो गया था। इस बात को लेकर के अरुण पटेल वीरू जाट से रंजिश रखने लगा गया था. चूंकि अरुण ही रीना के घर का पूरा खर्चा उठाता था इसीलिए उसने रीना से इस पर आपत्ति व्यक्त की और रीना के साथ वीरू को रास्ते से हटाने के पूरा षडयंत्र रचा। घटना दिनांक 29/4/26 को रीना ने वीरू को राजस्थान से अपने साई खेड़ा के घर पर मिलने बुलाया, घर के अंदर आरोपीगण पहले से ही मौजूद थे। जैसे ही वीरू अंदर आया सभी ने साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को बोरी में डालकर अपनी गाड़ी की डिक्की में डाल दिया। फिर साई खेड़ा से लाकर के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया। उसके बाद पुलिस से बचने के उद्देश्य से आरोपी बाड़ी से इटारसी, फिर कल्याण मुंबई, उसके बाद इंदौर एवं उज्जैन में लगातार स्थान बदल-बदल कर छिपते रहे, जहां से पुलिस द्वारा उन्हें पकडा गया। पूछताछ के दौरान आरोपीगणों ने हत्या करना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी - 1. अरूण पटेल पिता प्रेमनारायण पटेल, उम्र करीब 30 वर्ष, निवासी ग्राम सडूमर, हाल आचार्य नगर कॉलोनी गाडरवारा जिला नरसिंहपुर 2. हरनाम सिंह किरार पिता देवीसिंह किरार, उम्र करीब 34 वर्ष, निवासी ग्राम भीलखेड़ी, तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर 3. रीना किरार पति कमलेश किरार, उम्र 29 वर्ष निवासी जानकी विहार कॉलोनी साईंसखेड़ा जिता नरसिंहपुर मृतक का विवरण - पप्पू उर्फ वीर जाट, निवासी राजस्थान। जब्त सामग्री - वारदात में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और XUV 700 वाहन आरोपियों के मोबाइल फोन सराहनीय भूमिका - अंधे कत्ल जैसे जघन्य एवं चुनौतीपूर्ण मामले का अल्प समय में सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी, उप निरीक्षक संजय यादव, उनि. विनीता विश्वकर्मा, सउनि मोहन यादव, सउनि सुरेन्द्र सिसोदिया, प्र. आर. 28 जितेन्द्र, प्र.आर. 65 प्रेम सिंह दांगी, प्र.आर. 147 रीना पूर्वी प्र.आर. 624 राजेन्द्र यादव, आरक्षक 671 रमाकांत पटेल, आरक्षक 464 रामूसिंह एवं आरक्षक 15 देवेन्द्र की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।2
- बाड़ी नागिन मोड़ ब्रिज के नीचे मिली लाश का खुलासा, प्रेम प्रसंग में हुई हत्या, तीन गिरफ्तार बाड़ी नागिन मोड़ ब्रिज के नीचे मिली लाश का खुलासा, प्रेम प्रसंग में हुई हत्या, तीन गिरफ्तार1
- रिपोर्ट,,,, विनीत रघुवंशी रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के मार्गदर्शन में एक जटिल अंधे हत्याकांड *रिपोर्ट,,,, विनीत रघुवंशी रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के मार्गदर्शन में एक जटिल अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हत्या के बाद शव ब्रिज से नीचे फेंका पहचान मिटाने की बड़ी साजिश को पुलिस ने गहन जांच अभियान से सुलझाकर अपराधियों को धर दबोचा,,,1
- अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हत्या के बाद शव बीच के नीचे फेंका पहचान मिटाने की थी साजिश रिपोर्ट,,,, अरुण कुमार शेंडे अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हत्या के बाद शव बीच के नीचे फेंका पहचान मिटाने की थी साजिश घटनास्थल से अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को उज्जैन से गिरफ्तार किया एंकर ,,,,,, रायसेन पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने प्रेस भाषा में बताया आरोपी रीना किरार ने बताया कि उसका पति उसको छोड़ चुका है और उसका प्रेम सम्बंध पूर्व में अरूण पटेल नामक व्यक्ति से था परंतु हाल ही में उसकी जान पहचान Facebook के माध्यम से वीरू जाट निवासी भीलवाड़ा राजस्थान नामक व्यक्ती से हो गई थी और उसका आरोपिया के घर आना जाना भी शुरू हो गया था इस बात को लेकर के अरुण पटेल वीरू जाट से रंजिश रखने लगा गया था. चूंकि अरुण ही रीना के घर का पूरा खर्चा उठाता था इसीलिए उसने रीना से इस पर आपत्ति व्यक्त की और रीना के साथ वीरू को रास्ते से हटाने के पूरा षडयंत्र रचा 29/4/26 को रीना ने वीरू को राजस्थान से अपने साई खेड़ा के घर पर मिलने बुलाया घर के अंदर आरोपीगण पहले से ही मौजूद थे जैसे ही वीरू अंदर आया सभी ने साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से बेसबॉल बैट से हमला कर उसकी हत्या कर दी हत्या के बाद शव को बोरी में डालकर अपनी गाड़ी की डिक्की में डाल दिया फिर साई खेड़ा से लाकर के नागिन मोड़ सिरवारा ब्रिज के नीचे फेंक दिया उसके बाद पुलिस से बचने के उद्देश्य से आरोपी बाड़ी से इटारसी फिर कल्याण मुंबई, उसके बाद इंदौर एवं उज्जैन में लगातार स्थान बदल-बदल कर छिपते रहे जहां से पुलिस द्वारा उन्हें पकडा गया पूछताछ के दौरान आरोपीगणों ने हत्या करना स्वीकार किया अरूण पटेल पिता प्रेमनारायण पटेल उम्र करीब 30 वर्ष निवासी ग्राम सडूमर हाल आचार्य नगर कॉलोनी गाडरवाराजिला नरसिंहपुर हरनाम सिंह किरार पिता देवीसिंह किरार उम्र करीब 34 वर्ष निवासी ग्राम भीलखेड़ी तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर रीना किरार पति कमलेश किरार उम्र 29 वर्ष निवासी जानकी विहार कॉलोनी साईंखेड़ा जिला नरसिंहपुर मृतक का विवरण पप्पू उर्फ वीर जाट निवासी राजस्थान है। वारदात में प्रयुक्त बेसबॉल बैट और XUV 700 वाहन आरोपियों के मोबाइल फोन अंधे कत्ल जैसे जघन्य एवं चुनौतीपूर्ण मामले का अल्प समय में सफल खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश तिवारी, उप निरीक्षक संजय यादव, उनि. विनीता विश्वकर्मा, सउनि. मोहन यादव, सउनि. सुरेन्द्र सिसोदिया, प्र.आर. 28 जितेन्द्र, प्र.आर. 65 प्रेम सिंह दांगी, प्र.आर. 147 रीना पूर्वी, प्र.आर. 624 राजेन्द्र यादव, आरक्षक 671 रमाकांत पटेल, आरक्षक 464 रामूसिंह एवं आरक्षक 15 देवेन्द्र की विशेष एवं सराहनीय भूमिका रही।1
- रायसेन में आयोजित लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस पहल से न्याय की प्रक्रिया तेज़ हुई और आम लोगों को बड़ी राहत मिली।1
- विदिशा के बसौदा में स्वरूप नगर डिपो में दो महीने पहले पानी की टंकी लगाई गई थी, लेकिन अभी तक उसका कनेक्शन नहीं हुआ है। स्थानीय लोग पानी न मिलने से परेशान हैं और जन सुनवाई की मांग कर रहे हैं।1
- पानी की बर्बादी ना हो इसको लेकर शहर के समाजसेवियों द्वारा लगाई गई नल की टोटी अक्सर देखने में आता है कि कुछ स्थानों पर नल आने पर पानी फालतू फैलता है उसे रोकने के लिए शहर के बेतवा उत्थान समिति के पदाधिकारी को द्वारा, नलों में टोटी लगाने का कार्य किया जा रहा इस संबंध हमने समाज सेवी अतुल शाह से चर्चा की4