मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामनगर (रामपुर बघेलान) तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहाँ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर रवाना होने वाले थे, वैसे ही बाहर पहले से मौजूद महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा। ग्रामीणों का गुस्सा इलाके में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों, जैसे नामांतरण और सीमांकन, को लेकर भड़का था। इसके साथ ही सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और खुलेआम होने वाली कालाबाजारी से भी स्थानीय लोग बेहद त्रस्त थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो केवल आवेदन लेकर लौटना कोई समाधान नहीं है, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लगातार शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के कारण ही यह विरोध बेहद उग्र हो गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर खुद गाड़ी से उतरकर जनता के बीच पहुंचे, लेकिन भारी शोर-शराबे और उग्र नारेबाजी के कारण उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा सकी। आखिरकार, पुलिस ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को शांत कराया, जिसके बाद ही कलेक्टर का काफिला तहसील परिसर से सुरक्षित बाहर निकल सका।
मध्य प्रदेश के सतना जिले की रामनगर (रामपुर बघेलान) तहसील कार्यालय में जनसुनवाई के बाद भारी हंगामा खड़ा हो गया, जहाँ आक्रोशित ग्रामीणों ने कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद जैसे ही कलेक्टर रवाना होने वाले थे, वैसे ही बाहर पहले से मौजूद महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और उन्हें करीब 45 मिनट तक बंधक जैसी स्थिति में रोके रखा। ग्रामीणों का गुस्सा इलाके में लंबे समय से लंबित पड़े राजस्व मामलों, जैसे नामांतरण और सीमांकन, को लेकर भड़का था। इसके साथ ही सरकारी राशन वितरण में भारी गड़बड़ी और खुलेआम होने वाली कालाबाजारी से भी स्थानीय लोग बेहद त्रस्त थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जब जिले के सबसे बड़े अधिकारी खुद मौके पर आए हैं, तो केवल आवेदन लेकर लौटना कोई समाधान नहीं है, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लगातार शिकायतों को नजरअंदाज किए जाने के कारण ही यह विरोध बेहद उग्र हो गया। हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। इस दौरान कलेक्टर खुद गाड़ी से उतरकर जनता के बीच पहुंचे, लेकिन भारी शोर-शराबे और उग्र नारेबाजी के कारण उनकी बात ठीक से नहीं सुनी जा सकी। आखिरकार, पुलिस ने करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद भीड़ को शांत कराया, जिसके बाद ही कलेक्टर का काफिला तहसील परिसर से सुरक्षित बाहर निकल सका।
- मैहर में थाना कोतवाली पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशन मैहर पर "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" के अंतर्गत एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने देश के विभिन्न राज्यों और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए यात्रियों व नागरिकों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। पुलिस ने स्टेशन पर मौजूद सभी लोगों से नशे से दूर रहने, स्वयं जागरूक बनने और अपने परिवार तथा समाज को नशामुक्त रखने का संदेश दिया। इसके साथ ही थाना कोतवाली पुलिस ने आम जनता से इस नशामुक्त अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।2
- जिला कांग्रेस कमेटी मैहर ने एसडीएम कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे मौके पर काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कांग्रेस के सदस्य और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने पूरे समय केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ कथित बल प्रयोग, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बार-बार हो रहे पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और भविष्य की मांग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किया गया कथित बल प्रयोग भी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने कहा कि देश का युवा गंभीर रोजगार संकट से जूझ रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। साथ ही महंगाई से आम जनता बेहाल है और किसान अपनी फसल के उचित मूल्य, खाद, बीज व सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पार्टी ने ज्ञापन में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज व राहुल गांधी के साथ हुए कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच, महंगाई पर रोक, युवाओं के लिए रोजगार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा में सुधार और किसानों के मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग रखी है।4
- विश्वमोहन बडगईयां मैहर क्षेत्र से युवा कांग्रेस के विधानसभा महासचिव हैं।1
- मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी ने दिल्ली में अपने अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर हुए बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग, लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी के साथ किए गए बल प्रयोग के विरोध में राष्ट्रपति के नाम एसडीएम महोदया को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस ने छात्रों और नेता प्रतिपक्ष के साथ की गई इस कार्रवाई को लोकतंत्र की भावना के विपरीत तथा अत्यंत निंदनीय बताया है। ज्ञापन में देश के युवाओं के सामने खड़े गंभीर रोजगार संकट, प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक और बदहाल शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस का कहना है कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराना सरकार की सीधी जिम्मेदारी है। इसके अलावा, लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता का जीवन कठिन होने और किसानों द्वारा अपनी उपज के उचित मूल्य, खाद-बीज, सिंचाई तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किए जा रहे संघर्ष को भी रेखांकित किया गया। जिला कांग्रेस कमेटी, मैहर ने इस ज्ञापन को राष्ट्रपति और भारत सरकार तक भेजकर छात्रों पर हुए बल प्रयोग, पेपर लीक, महंगाई और किसानों की समस्याओं पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।4
- मध्य प्रदेश के मैहर में जिला अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और बदहाली को लेकर कलेक्टर ने बड़ी सख्त कार्रवाई की है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में पाई गई गंभीर अनियमितताओं और गंदगी को लेकर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज शुक्ला और सिविल सर्जन डॉ. एस.बी. अवधिया को कारण बताओ (Show-Cause) नोटिस जारी कर दिया है। इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि गत 8 जुलाई को हुए औचक निरीक्षण से जुड़ी है, जब डिप्टी कलेक्टर ने मैहर जिला अस्पताल का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई की स्थिति बेहद असंतोषजनक पाई गई थी, साथ ही अस्पताल संचालन, मरीजों की देखभाल और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़ी कई अन्य गंभीर खामियां भी उजागर हुई थीं। कलेक्टर की ओर से जारी नोटिस में दोनों जिम्मेदार अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर अस्पताल की सभी कमियों और व्यवस्थागत सुधारों की रिपोर्ट के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में साफ चेतावनी दी गई है कि यदि तय समय सीमा में संतोषजनक जवाब और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। मैहर जिला बनने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की इस सख्त पहल को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जवाबदेही तय करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता को अस्पताल की व्यवस्थाओं में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।1
- मैहर जिले के अमरपाटन में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत पुलिस ने नशे के खिलाफ अनूठी जागरूकता मुहिम चलाई। थाना प्रभारी विजय परस्ते के नेतृत्व में बस स्टैंड के पास एक नुक्कड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ राहगीरों और स्थानीय लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों के पास रखी गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीली सामग्री को स्वेच्छा से एकत्रित कर कूड़ेदान में डलवाया गया। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों को आज से ही नशा न करने और दूसरों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई गई। इस मौके पर थाना प्रभारी विजय परस्ते ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए हर नागरिक की भागीदारी को जरूरी बताया। पुलिस ने आम जनता से स्वयं नशे से दूर रहने और इस अभियान से जुड़कर नशामुक्त भारत के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।1
- मैहर में जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की नीतियों और फैसलों के खिलाफ एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे मौके पर काफी देर तक गहमागहमी बनी रही। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कांग्रेस और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस का यह विरोध दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ किए गए कथित बल प्रयोग, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, बार-बार हो रहे पेपर लीक, बदहाल शिक्षा व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और भविष्य की मांग कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ किया गया कथित बल प्रयोग भी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि देश का युवा गंभीर बेरोजगारी से जूझ रहा है और लगातार पेपर लीक होने से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। वहीं दूसरी ओर महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है और किसान अपनी उपज के उचित मूल्य, खाद, बीज व सिंचाई की सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ज्ञापन के जरिए कांग्रेस ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और राहुल गांधी के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच, महंगाई पर नियंत्रण, युवाओं को रोजगार, पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।4
- मैहर में युवा कांग्रेस, नगर कांग्रेस और जिला कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली की सड़कों पर छात्रों के ऊपर हुए बर्बर लाठीचार्ज तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की असंवैधानिक गिरफ्तारी के खिलाफ धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदभानु चिब ने नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी दद्दा, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंकज मिश्रा और विश्वमोहन बढ़गइंया बच्चू के माध्यम से धरना स्थल पर बैठे छात्रों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को उनकी हर लड़ाई में साथ रहने का पूर्ण आश्वासन दिया।1
- रीवा संभाग में आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में नशा कारोबारियों पर नकेल कसने के लिए 'ऑपरेशन प्रहार 2' के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाइयां की जा रही हैं, लेकिन सतना जिले के चित्रकूट अनुभाग में पुलिस इस अभियान पर पानी फेरती नजर आ रही है। चित्रकूट अनुभाग पुलिस का अमला सिर्फ घरों में बनने वाली कुछ लीटर महुआ कच्ची शराब या मामूली गांजे की जब्ती कर खानापूर्ति का कोरम पूरा कर रहा है। आरोप है कि आईजी के इस सख्त अभियान का मकसद चित्रकूट में सिर्फ छोटे-मोटे गरीबों पर कार्रवाई कर आंकड़े पूरे करना रह गया है। चित्रकूट अनुभाग की पुलिस और आबकारी महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल यह है कि बरौंधा थाना के ठीक सामने से शराब ठेकेदार संदीप सिंह की बोलेरो गाड़ियों से शराब लोड हो रही है और सैकड़ों अवैध ठीहों तक पैकारी के जरिए पहुंचाई जा रही है। पुलिस की नाक के नीचे से असली शराब माफिया पूरे क्षेत्र में जहर परोस रहे हैं और खाकी आंखें मूंदे बैठी है।1