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गया जिले के कोठी सलैया और इमामगंज से सामने आई एक भावुक घटना में, सानिया खान नामक युवती ने अपनी माँ के बार-बार रोने और बेबस आँसुओं के बावजूद अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया। शेरघाटी कोर्ट से जुड़ी इस प्रेम विवाह की कहानी में सानिया खान ने सनोज़ से शादी करने का अपना फैसला नहीं बदला है। बताया जा रहा है कि माँ की यह दर्द भरी कहानी इतनी मार्मिक है कि किसी को भी रुला सकती है, और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
SATISH KUMAR (पत्रकार)
गया जिले के कोठी सलैया और इमामगंज से सामने आई एक भावुक घटना में, सानिया खान नामक युवती ने अपनी माँ के बार-बार रोने और बेबस आँसुओं के बावजूद अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया। शेरघाटी कोर्ट से जुड़ी इस प्रेम विवाह की कहानी में सानिया खान ने सनोज़ से शादी करने का अपना फैसला नहीं बदला है। बताया जा रहा है कि माँ की यह दर्द भरी कहानी इतनी मार्मिक है कि किसी को भी रुला सकती है, और यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
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- गया की शांति निकेतन एकेडमी में बच्चों की रचनात्मकता, मानसिक क्षमता और जीवन कौशल को निखारने के उद्देश्य से 3 जुलाई से 5 जुलाई, 2026 तक एक विशेष तीन दिवसीय समर कैंप का सफल समापन हुआ। यह शिविर पूरी तरह से निशुल्क था और इसमें 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने तीनों दिन पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। शिविर की शुरुआत प्रतिदिन 'द गुड मॉर्निंग बॉल टॉस', 'द साउंड डिटेक्टिव' और 'द मिसिंग स्टूडेंट गेम' जैसे मजेदार खेलों के साथ की गई, जो बच्चों को ऊर्जावान और सजग बनाते थे। कैंप के दौरान बच्चों के भाषाई और बौद्धिक विकास पर विशेष जोर दिया गया, जिसके तहत अंग्रेजी टंग ट्विस्टर्स, स्पेलिंग बी प्रतियोगिता और सामान्य ज्ञान (GK) क्विज़ के साथ-साथ हिंदी व अंग्रेजी श्रुतलेख एवं हस्तलेखन सुधार सत्र आयोजित किए गए। डिजिटल युग के लिए बच्चों को तैयार करने हेतु विशेष कंप्यूटर कक्षाएं भी इस शिविर का मुख्य आकर्षण रहीं। बच्चों को खेल-खेल में विज्ञान और व्यावहारिक ज्ञान सिखाने के लिए 'ऑयल एंड वॉटर सेपरेशन', 'द ऑरेंज जैकेट' प्रयोग और 'जर्म एक्सपेरिमेंट' जैसे प्रयोग कराए गए। टीम वर्क और शारीरिक फुर्ती बढ़ाने के लिए 'कलेक्ट बॉल्स चैलेंज', 'ग्रैब कलर बॉल्स' और 'बुक रेस' जैसे खेल भी आयोजित हुए। आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु 'बिना आग के खाना बनाना' सत्र में बच्चों ने स्वास्थ्यवर्धक सत्तू ड्रिंक, झालमुड़ी और नींबू पानी बनाना सीखा, जबकि 'पेपर फैन मेकिंग' व 'बिट्स ऑफ पेपर' जैसी आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों ने उनकी रचनात्मकता बढ़ाई। प्रतिदिन भोजन अवकाश के बाद, शिविर का समापन संगीत और नृत्य के शानदार सत्रों के साथ किया जाता था। इस अवसर पर एकेडमी के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और उनमें नई ऊर्जा के संचार के लिए ऐसी गतिविधियां बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ ऐसे व्यावहारिक और मनोरंजक आयोजन बच्चों की मानसिक थकान को दूर कर उन्हें भविष्य के लिए अधिक ऊर्जावान व बहुमुखी बनाते हैं। शांति निकेतन एकेडमी की सभी शाखाओं – एपी कॉलोनी, कटारी हिल रोड और गोविंदपुरम, रौना (चाकंद) – में 300 से अधिक छात्रों ने इस निशुल्क शिविर का लाभ उठाया।4
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