आरपीआर न्यूज टीवी (RPR NEWS TV) के एक पॉडकास्ट में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक ने देश में पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है। इस चर्चा के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की दबती आवाज को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से नेपाल में हुए सफल युवा आंदोलन की तुलना भारत से करते हुए यह पूछा गया है कि क्या भारत के छात्र और युवा भी अपनी समस्याओं को लेकर उसी तरह सड़कों पर उतर सकते हैं या उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। इस पॉडकास्ट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार का स्थायी समाधान क्या है? क्या केवल जांच, कार्रवाई और कानून बना देने मात्र से इस समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है या पूरी व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की जरूरत है? इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर हड़ताल और आंदोलन पर बैठीं सोनम बंटू के मुद्दे को भी उठाया गया है कि आखिर वह किन मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही हैं और उनके आंदोलन को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। चर्चा में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर युवाओं के आंदोलन शुरू होने के बाद उन्हें बंद क्यों करना पड़ता है? क्या आंदोलन समाप्त होने से पहले उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं या सरकार उनके साथ बातचीत का रास्ता अपनाती है, अथवा आंदोलन करने वालों पर कोई दबाव बनाया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह मांग भी उठाई गई है कि क्या सरकार को देश के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का सही निराकरण हो सके।
आरपीआर न्यूज टीवी (RPR NEWS TV) के एक पॉडकास्ट में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक ने देश में पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है। इस चर्चा के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की दबती आवाज को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से नेपाल में हुए सफल युवा आंदोलन की तुलना भारत से करते हुए यह पूछा गया है कि क्या भारत के छात्र और युवा भी अपनी समस्याओं को लेकर उसी तरह सड़कों पर उतर सकते हैं या उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। इस पॉडकास्ट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार का स्थायी समाधान क्या है? क्या केवल जांच, कार्रवाई और कानून बना देने मात्र से इस समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है या पूरी व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की जरूरत है? इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर हड़ताल और आंदोलन पर बैठीं सोनम बंटू के मुद्दे को भी उठाया गया है कि आखिर वह किन मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही हैं और उनके आंदोलन को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। चर्चा में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर युवाओं के आंदोलन शुरू होने के बाद उन्हें बंद क्यों करना पड़ता है? क्या आंदोलन समाप्त होने से पहले उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं या सरकार उनके साथ बातचीत का रास्ता अपनाती है, अथवा आंदोलन करने वालों पर कोई दबाव बनाया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह मांग भी उठाई गई है कि क्या सरकार को देश के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का सही निराकरण हो सके।
- RPR NEWS TVMathura, Uttar Pradesh🤝20 hrs ago
- मथुरा के प्रसिद्ध श्री द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य द्वार पर रखी स्टील की दानपात्र गोलक को बीती रात अज्ञात चोरों ने अपना निशाना बनाया। चोर गोलक का ताला तोड़कर उसमें रखी संपूर्ण दान राशि चोरी करके ले गए। इस घटना की जानकारी सुबह लगभग 5:15 बजे हुई, जब मंदिर के कर्मचारी श्री प्रकाश चंद्र अपनी ड्यूटी पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मुख्य द्वार पर लगी गोलक का ताला टूटा पड़ा है और उसमें रखे पैसे गायब हैं। उन्होंने तुरंत मंदिर के उच्च अधिकारियों व प्रबंधन को इसकी सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद महंत महाराज श्री से अनुमति ली गई, जिसके बाद मंदिर के भाव प्रबंधक अशोक कुमार शर्मा द्वारा थाना कोतवाली के थानाध्यक्ष को लिखित शिकायती पत्र दिया गया है। इसके अलावा क्षेत्राधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को भी व्यक्तिगत रूप से मामले से अवगत कराया गया है। मंदिर प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि परिसर व आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज के जरिए पुलिस जल्द ही चोरों तक पहुंचेगी और ठाकुर जी की चोरी हुई धनराशि बरामद की जाएगी। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि यदि मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होती है, तो वे पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।4
- प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राज्य सरकार द्वारा डायरिया को लेकर एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 20 जून से 20 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। इसी सिलसिले में बलदेव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राधा वल्लभ द्वारा फीता काटकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। डायरिया से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए यहां विशेष कैंप भी लगाया गया है। इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए क्षेत्र में तीन प्रचार गाड़ियां रवाना की गई हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करेंगी। यह अभियान सभी सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर भी सक्रिय रूप से चलेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर राधा वल्लभ ने बताया कि डायरिया एक ऐसी बीमारी है जिससे लोग काफी ग्रसित रहते हैं, और उन सभी की सुरक्षा के लिए ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाया जा रहा है।1
- मथुरा उच्चतम न्यायालय में समाधान समारोह 2026 का आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन को न्याय और संवाद का एक ऐतिहासिक संगम माना जा रहा है।1
- आरपीआर न्यूज टीवी (RPR NEWS TV) के एक पॉडकास्ट में पत्रकार चंद्रमोहन दीक्षित और हिंदू जागरण मंच के प्रांत सदस्य सुरेंद्र कौशिक ने देश में पेपर लीक, छात्र आंदोलनों और सरकार से सवाल पूछने के अधिकार जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की है। इस चर्चा के दौरान देश की शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की दबती आवाज को लेकर तीखे सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से नेपाल में हुए सफल युवा आंदोलन की तुलना भारत से करते हुए यह पूछा गया है कि क्या भारत के छात्र और युवा भी अपनी समस्याओं को लेकर उसी तरह सड़कों पर उतर सकते हैं या उनकी आवाज को दबा दिया जाता है। इस पॉडकास्ट के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से सीधे तौर पर सवाल किया गया है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए सरकार का स्थायी समाधान क्या है? क्या केवल जांच, कार्रवाई और कानून बना देने मात्र से इस समस्या का स्थायी हल निकाला जा सकता है या पूरी व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की जरूरत है? इसके साथ ही, जंतर-मंतर पर हड़ताल और आंदोलन पर बैठीं सोनम बंटू के मुद्दे को भी उठाया गया है कि आखिर वह किन मांगों को लेकर सरकार से जवाब मांग रही हैं और उनके आंदोलन को किस नजरिए से देखा जाना चाहिए। चर्चा में सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर युवाओं के आंदोलन शुरू होने के बाद उन्हें बंद क्यों करना पड़ता है? क्या आंदोलन समाप्त होने से पहले उनकी मांगें पूरी हो जाती हैं या सरकार उनके साथ बातचीत का रास्ता अपनाती है, अथवा आंदोलन करने वालों पर कोई दबाव बनाया जाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह मांग भी उठाई गई है कि क्या सरकार को देश के छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद स्थापित करना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का सही निराकरण हो सके।1
- मथुरा के बलदेव रोड स्थित शिवम संस्थान में किण्वित जैविक खाद से मृदा समृद्धि, आय संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक दिवसीय किसान गोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) नई दिल्ली के सस्य विज्ञान संभाग द्वारा डॉ. संजय सिंह राठौर के मार्गदर्शन और मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड सीएसआर (CSR) के सहयोग से संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था। यह पहल प्रधानमंत्री के प्राकृतिक व पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के संकल्प के अनुरूप की गई है। इस गोष्ठी में क्षेत्र के 150 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया और खाद बनाने व इसके उपयोग की जानकारी ली। गोष्ठी के दौरान वैज्ञानिकों ने किण्वित जैविक खाद (एफओएम) की वैज्ञानिक उपयोगिता और इससे मिट्टी को होने वाले लाभों पर विस्तार से चर्चा की। परियोजना के सह समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार उपाध्याय ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि एफओएम खाद मिट्टी की भौतिक, रासायनिक और जैविक गुणवत्ता में सुधार करती है, जिससे लाभदायक सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ती है और पौधों को पर्याप्त पोषक तत्व मिलते हैं। वहीं, आईएआरआई के वैज्ञानिक डॉ. ऋषि राज ने कहा कि किण्वित जैविक खाद के नियमित उपयोग से रासायनिक खादों पर निर्भरता घटती है, जिससे खेती की लागत कम होती है और टिकाऊ कृषि प्रणाली मजबूत होती है। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) मथुरा के वैज्ञानिक डॉ. रवींद्र कुमार राजपूत ने किसानों को मृदा परीक्षण कराने और उसके आधार पर संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं केवीके मथुरा के अध्यक्ष डॉ. वाई. के. शर्मा ने किसानों को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कृषि योजनाओं से अवगत कराया और आधुनिक व प्राकृतिक खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक, संयुक्त निदेशक शोध एवं संयुक्त निदेशक प्रसार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसके सफल आयोजन में डॉ. राजीव कुमार सिंह, डॉ. कपिला शेखावत, डॉ. सुभाष बाबू, डॉ. मोना नगरगड़े, डॉ. विशाल त्यागी, डॉ. अर्जुन सिंह, डॉ. स्मृति रंजन पधान तथा परियोजना स्टाफ रोहित यादव, हरीश कुमार और कृष्ण कुमार सारस्वत का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में मुकेश कुमार यादव ने सभी आमंत्रित अतिथियों, वैज्ञानिकों और किसानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।4
- मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में दानपात्र चोरी की एक वारदात सामने आई है। चोरी की यह पूरी घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।1