झारखंड के जामताड़ा जिले में 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है। झामुमो के जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू और केंद्रीय समिति सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल और गांधी मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें कार्यक्रम को ऐतिहासिक और गरिमामय बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने साफ-सफाई, मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। पार्टी नेताओं ने बताया कि 30 जून की सुबह झामुमो के पार्टी कार्यालय से एक भव्य रैली निकाली जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल पहुँचेगी, जहाँ वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद गांधी मैदान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और हूल क्रांति के इतिहास पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। साथ ही, वक्तागण हूल आंदोलन के महत्व और वीर शहीदों के बलिदान पर प्रकाश डालेंगे। झामुमो नेताओं ने जिले के सभी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से हूल दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हूल दिवस केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और शोषण के खिलाफ संघर्ष की ऐतिहासिक विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और सभी स्तरों पर तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं ताकि हूल दिवस का आयोजन भव्य और यादगार बन सके।
झारखंड के जामताड़ा जिले में 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है। झामुमो के जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू और केंद्रीय समिति सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल और गांधी मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें कार्यक्रम को ऐतिहासिक और गरिमामय बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने साफ-सफाई, मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। पार्टी नेताओं ने बताया कि 30 जून की सुबह झामुमो के पार्टी कार्यालय से एक भव्य रैली निकाली जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल पहुँचेगी, जहाँ वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद गांधी मैदान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और हूल क्रांति के इतिहास पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। साथ ही, वक्तागण हूल आंदोलन के महत्व और वीर शहीदों के बलिदान पर प्रकाश डालेंगे। झामुमो नेताओं ने जिले के सभी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से हूल दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हूल दिवस केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और शोषण के खिलाफ संघर्ष की ऐतिहासिक विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और सभी स्तरों पर तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं ताकि हूल दिवस का आयोजन भव्य और यादगार बन सके।
- कोल इंडिया लिमिटेड में जॉइंट बाईपार्टाइट कमेटी फॉर कोल इंडस्ट्री (JBCCI-12) के गठन में हो रही देरी को लेकर कोयला मजदूरों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी विरोध में, 1 तारीख को पूरे कोल इंडिया में व्यापक विरोध-प्रदर्शन और धरना देने का ऐलान किया गया है। निरसा के विधायक अरूप चटर्जी ने मुगमा ईसीएल की राजपुरा कोलियरी में प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार और कोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने राजपुरा कोलियरी में BCKU के बैनर तले आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर JBCCI-12 के गठन की प्रक्रिया में देरी कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में 1 तारीख को कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा जाएगा। विधायक ने प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का अल्टीमेटम भी दिया। इसके साथ ही, BCKU ने मजदूरों की वेतन वृद्धि और अन्य लंबित मांगों को लेकर 2 तारीख को ECL के हेडक्वार्टर सकतोरिया में एक विशाल एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है। विधायक ने मुगमा क्षेत्र की सभी कोलियरियों में आवास, पानी और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का आरोप भी लगाया, साथ ही कहा कि मजदूर कई दिनों से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन ECL प्रबंधन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।2
- लखनऊ में एक इमारत में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। इस दुखद हादसे में लगभग डेढ़ दर्जन युवाओं की मौत हो गई है।1
- पैसा एक्ट के तहत आयोजित एक ग्रामसभा की बैठक को तत्काल स्थगित कर दिया गया। यह निर्णय तब लिया गया जब बैठक के दौरान एक युवक ने मारपीट का आरोप लगाया। युवक के आरोपों के बाद ग्रामसभा की कार्यवाही रोक दी गई।1
- धनबाद सांसद ढुल्लू महतो द्वारा अपने स्वर्गीय पिता पर की गई टिप्पणी से नाराज़ होकर, निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने मोर्चा खोल दिया है। धनबाद परिसदन में एक प्रेस वार्ता कर विधायक चटर्जी ने सांसद के बयान की कड़ी निंदा की और उन पर कोयला कारोबार, फ्लाईओवर के श्रेय विवाद और ज़मीन से जुड़े कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पिता ने हमेशा मजदूरों के हित के लिए संघर्ष किया और आज भी उनके शहादत दिवस पर बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने आते हैं। विधायक अरूप चटर्जी ने सांसद ढुल्लू महतो पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि सांसद खुद को 'हरिश्चंद्र' बताते हैं और दूसरों को 'माफिया' कहते हैं, जबकि उनके खुद के कई मामलों की जांच होनी चाहिए। चटर्जी के अनुसार, धनबाद में कोयले के अवैध कारोबार में सांसद की बड़ी भूमिका है और उनके बेटे भी इसी धंधे में शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सांसद हार्डकोक उद्योग को बर्बाद करने में लगे हैं और खुद कई हार्डकोक भट्ठों का संचालन कर चोरी के कोयले को खपा रहे हैं। चटर्जी ने दावा किया कि धनबाद में सांसद से बड़ा माफिया कोई नहीं है। उन्होंने सांसद के सीबीआई और ईडी जांच वाले बयानों पर भी हमला करते हुए कहा कि अगर सांसद खुद को बेदाग मानते हैं तो जांच से क्यों डरते हैं। विधायक ने यह भी चुनौती दी कि अगर सांसद सच में गरीबों के मसीहा हैं, तो उनके नाम पर कब्जे वाली ज़मीन गरीबों को दान कर देनी चाहिए। फ्लाईओवर विवाद पर भी अरूप चटर्जी ने सांसद पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर की मांग क्षेत्र की जनता की थी और यह योजना सांसद के विधायक बनने से पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी। चटर्जी ने आरोप लगाया कि सांसद केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धनबाद का गया पुल विधायक राज सिन्हा के प्रयासों का परिणाम है, जिस पर भी सांसद अपना श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। विधायक ने सांसद पर केंद्र सरकार से आज तक एक नाला तक का फंड पास न करा पाने का आरोप भी लगाया। फ्लाईओवर निर्माण में कमीशन के आरोपों पर चटर्जी ने अपनी आपत्ति दोहराई कि टेंडर लेने वाली कंपनी काम को कोयला माफियाओं के हाथों न सौंपे। उन्होंने गोपालीगंज क्षेत्र की जमीन और वसूली को लेकर भी सांसद पर आरोप लगाए, साथ ही यह भी चेतावनी दी कि निरसा में कोई धमका कर काम नहीं कर सकता। विधायक ने सांसद पर रंगदारी और अवैध कोयला कारोबार के आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति खुद आरोपों से घिरा है, वह दूसरों को बदनाम करने में लगा है। अंत में, अरूप चटर्जी ने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को ऐसे व्यक्ति को टिकट देने पर विचार करना चाहिए और दावा किया कि वर्ष 2029 में भाजपा ऐसे व्यक्ति को टिकट नहीं देगी। उन्होंने सांसद को चुनौती दी कि अगर उनमें दम है तो निर्दलीय चुनाव लड़कर दिखाएं। यह पूरी राजनीतिक बयानबाजी सांसद ढुल्लू महतो के उस बयान के बाद तेज़ हुई है, जिसमें उन्होंने गोविंदपुर-निरसा एलिवेटेड फ्लाईओवर मामले को लेकर विधायक अरूप चटर्जी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा था कि वह उनके पिता के समय से विधायक हैं और अरूप चटर्जी 'अनुकंपा और दया पर' विधायक बने हैं।1
- धनबाद जिले की राजनीति इन दिनों विकास के दावों को छोड़कर बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है। बड़े-बड़े वादों के साथ सत्ता में आए जनप्रतिनिधि अब एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो राजनीतिक मुकाबला केवल जुबानी जंग से ही जीता जा रहा हो। इस सियासी गहमागहमी के केंद्र में धनबाद सांसद ढुल्लू महतो हैं, जिनकी बयानबाजी धनबाद मेयर संजीव सिंह, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया विधायक रागिनी सिंह, बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो, डुमरी विधायक जयराम महतो और बेरमो विधायक अनूप सिंह जैसे नेताओं के साथ सुर्खियां बटोर रही है। इस राजनीतिक खींचतान के बावजूद, जनता आज भी अपनी बुनियादी समस्याओं जैसे कोयलांचल में भू-धंसान का खतरा, पानी और बिजली की कमी, जर्जर सड़कें, गड्ढों से भरी राहें और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि चुनाव के समय विकास के वादे करने वाले जनप्रतिनिधि कब इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे, क्योंकि जनता को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक बदलाव और समाधान की आवश्यकता है।1
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- झारखंड के जामताड़ा जिले में 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुँच गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी नेताओं ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया है। झामुमो के जिला अध्यक्ष नरेंद्र मुर्मू और केंद्रीय समिति सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल और गांधी मैदान का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आयोजन समिति के सदस्यों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसमें कार्यक्रम को ऐतिहासिक और गरिमामय बनाने पर जोर दिया गया। नेताओं ने साफ-सफाई, मंच निर्माण, बैठक व्यवस्था, पेयजल, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। पार्टी नेताओं ने बताया कि 30 जून की सुबह झामुमो के पार्टी कार्यालय से एक भव्य रैली निकाली जाएगी। इस रैली में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा के सदस्य और विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोग शामिल होंगे। रैली शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल पहुँचेगी, जहाँ वीर शहीद सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद गांधी मैदान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति, लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और हूल क्रांति के इतिहास पर आधारित प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। साथ ही, वक्तागण हूल आंदोलन के महत्व और वीर शहीदों के बलिदान पर प्रकाश डालेंगे। झामुमो नेताओं ने जिले के सभी कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से हूल दिवस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हूल दिवस केवल एक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आदिवासी अस्मिता, स्वाभिमान और शोषण के खिलाफ संघर्ष की ऐतिहासिक विरासत को याद करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने बताया कि कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है और सभी स्तरों पर तैयारियाँ तेजी से चल रही हैं ताकि हूल दिवस का आयोजन भव्य और यादगार बन सके।1
- एक बच्चे, जीत, के लिए मार्मिक अपील की गई है, जो गरीबी और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारी का सामना कर रहा है। यह सवाल उठाया गया है कि क्या गरीबी ही जीत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, क्योंकि उसे जीवन बचाने और बीमारी से लड़ने के लिए तत्काल मदद की सख्त आवश्यकता है। मानवता के नाते जीत को बचाने और उसका समर्थन करने के लिए सभी से आगे आने का आह्वान किया गया है।1
- धनबाद के बलियापुर थाना पुलिस ने चोरी और छिनतई की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को धनबाद के सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार युवकों के पास से बड़ी संख्या में चोरी के मोबाइल फोन, सोने जैसे धातु के आभूषण, दो मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है। सिटी एसपी के अनुसार, 28 जून की रात बेलगड़िया इलाके में गश्त के दौरान पुलिस टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि बेलगड़िया फेज-2 स्थित तीन मंजिला पानी टंकी के पीछे झाड़ियों में कुछ युवक चोरी के सामान का बंटवारा कर रहे हैं। इस जानकारी पर वरीय अधिकारियों को सूचित कर छापेमारी की गई। मौके से सुमित कुमार निषाद, शहबाज अंसारी उर्फ छोटू अंसारी, रोहित कुमार रजक और रवि बाउरी को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में इनके पास से 8 मोबाइल फोन, सोने जैसे पीले धातु के आभूषण और दो होंडा साइन मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार युवकों ने स्वीकार किया कि वे अलग-अलग जगहों पर चैन, मोबाइल, लैपटॉप और पर्स की छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देते थे। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक्साइड बैटरी, माइक्रोटेक इन्वर्टर और मंगलसूत्र समेत कई अन्य सामान भी बरामद किए हैं। बलियापुर थाना में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी पिछली घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।2