जालौन जिले में पूर्व उपजिलाधिकारी (SDM) रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। शनिवार को जालौन नगर सहित आसपास के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने मेला ग्राउंड से तहसील तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ज़ोरदार नारेबाजी के बीच उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जनहित में रिंकू सिंह राही को जालौन में दोबारा तैनात करने की मांग की गई है। इस प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल एवं अधिकारियों को तैनात किया गया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रदर्शन की शुरुआत में छात्र और युवा जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए थे, जिससे कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन कोतवाल हरिश्चंद्र ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद सभी ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखते हुए उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में तहसील स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाता था। फरियादियों को बिना अनावश्यक देरी के न्याय मिलता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता दिखाई देती थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यही कारण है कि उनके स्थानांतरण के बाद क्षेत्र के लोग स्वयं को निराश महसूस कर रहे हैं और उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं। युवाओं का कहना था कि राही ने अपने कार्यकाल में आम जनता, किसानों, गरीबों और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा समाधान कराने का प्रयास किया, जिससे जनता के बीच उनकी सकारात्मक छवि बनी और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ। मेला ग्राउंड से तहसील तक निकले पैदल मार्च में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण शामिल हुए। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी 'रिंकू सिंह राही को वापस लाओ' और 'जनता की मांग पूरी करो' जैसे नारे लगाते रहे। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की मौजूदगी में बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। पूर्व एसडीएम के समर्थन में इस प्रकार युवाओं और नागरिकों का खुलकर सामने आना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर किसी प्रशासनिक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद इस स्तर पर जनसमर्थन कम देखने को मिलता है, लेकिन जालौन में बड़ी संख्या में लोगों का एकजुट होकर ज्ञापन देना एक अलग संदेश दे रहा है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण शासन स्तर पर तय होने वाली प्रक्रिया है, ऐसे में इस मांग पर अंतिम निर्णय शासन और संबंधित प्रशासनिक प्राधिकरण के स्तर पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, जालौन में रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग को लेकर शुरू हुई यह मुहिम क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
जालौन जिले में पूर्व उपजिलाधिकारी (SDM) रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप लेती दिख रही है। शनिवार को जालौन नगर सहित आसपास के कई गांवों से सैकड़ों की संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण एकत्र हुए। उन्होंने मेला ग्राउंड से तहसील तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ज़ोरदार नारेबाजी के बीच उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को जिलाधिकारी के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जनहित में रिंकू सिंह राही को जालौन में दोबारा तैनात करने की मांग की गई है। इस प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थाना क्षेत्रों से अतिरिक्त पुलिस बल एवं अधिकारियों को तैनात
किया गया था। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। प्रदर्शन की शुरुआत में छात्र और युवा जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए थे, जिससे कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन कोतवाल हरिश्चंद्र ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके बाद सभी ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखते हुए उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि रिंकू सिंह राही के कार्यकाल में तहसील स्तर पर आम नागरिकों की समस्याओं का पारदर्शी, समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से निस्तारण किया जाता था। फरियादियों को बिना अनावश्यक देरी के न्याय मिलता था और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता दिखाई देती थी। प्रदर्शनकारियों का कहना
है कि यही कारण है कि उनके स्थानांतरण के बाद क्षेत्र के लोग स्वयं को निराश महसूस कर रहे हैं और उनकी वापसी की मांग कर रहे हैं। युवाओं का कहना था कि राही ने अपने कार्यकाल में आम जनता, किसानों, गरीबों और ज़रूरतमंदों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा समाधान कराने का प्रयास किया, जिससे जनता के बीच उनकी सकारात्मक छवि बनी और प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ। मेला ग्राउंड से तहसील तक निकले पैदल मार्च में बड़ी संख्या में युवा, छात्र और ग्रामीण शामिल हुए। पूरे रास्ते प्रदर्शनकारी 'रिंकू सिंह राही को वापस लाओ' और 'जनता की मांग पूरी करो' जैसे नारे लगाते रहे। यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन की मौजूदगी में बिना किसी
विवाद के संपन्न हुआ। पूर्व एसडीएम के समर्थन में इस प्रकार युवाओं और नागरिकों का खुलकर सामने आना पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर किसी प्रशासनिक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद इस स्तर पर जनसमर्थन कम देखने को मिलता है, लेकिन जालौन में बड़ी संख्या में लोगों का एकजुट होकर ज्ञापन देना एक अलग संदेश दे रहा है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण शासन स्तर पर तय होने वाली प्रक्रिया है, ऐसे में इस मांग पर अंतिम निर्णय शासन और संबंधित प्रशासनिक प्राधिकरण के स्तर पर ही लिया जाएगा। फिलहाल, जालौन में रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग को लेकर शुरू हुई यह मुहिम क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।
- जालौन के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में शनिवार को पुलिस टीम पर हुए हमले से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। एक महिला की शिकायत की जाँच करने पहुँची पुलिस टीम पर आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया, जिसके दौरान एक कोबरा सिपाही को घर के अंदर बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट की गई। वहीं, दूसरा सिपाही छत से कूदकर अपनी जान बचाते हुए थाने पहुँचा और घटना की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना तब हुई जब थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरव पटेल और रिंकू यादव 04 जुलाई 2026 को श्रीमती अजमेरन द्वारा अपने पति, सास, देवर और एक रिश्तेदार के विरुद्ध दर्ज कराई गई शिकायत की जाँच के लिए आरोपियों के घर पहुँचे थे। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची, शिकायतकर्ता महिला के पति मजीद खां, सफीक, सास अकबरी तथा भांजे सलमान ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। आरोप है कि हमलावरों ने कोबरा सिपाही सौरव पटेल को घर के अंदर बंधक बना लिया और लाठी-डंडों से उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। जबकि दूसरे आरक्षी रिंकू यादव किसी तरह छत के रास्ते से निकलकर थाने पहुँचने में सफल रहे और उन्होंने अधिकारियों को पूरी घटना की सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही सिरसाकलार थाना पुलिस सहित भारी पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल सिपाही सौरव पटेल को सुरक्षित बाहर निकाला और मौके से चारों आरोपियों, मजीद खां, सफीक, अकबरी और सलमान, को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने इन चारों गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी जालौन ने बताया है कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस पूरे मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है, साथ ही घटनाक्रम की गहन जाँच भी जारी है।1
- जालौन जिले के रामपुरा कस्बे के वार्ड संख्या-2, सुभाष नगर में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति ने अपने बड़े बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपति ने थाना रामपुरा में तहरीर देकर बताया है कि उनका बड़ा बेटा शराब के नशे में उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज करता है, जिससे वे बेहद परेशान हैं। कमलेश नाम के बुजुर्ग ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा पान सिंह अपनी पत्नी रेखाबाई के साथ अलग रहता है, जबकि कमलेश और उनकी पत्नी अपने छोटे बेटे के परिवार के साथ रहते हैं। छोटे बेटे के बाहर काम करने और घर खर्च के लिए पैसे भेजने से ही बुजुर्ग दंपति का भरण-पोषण होता है। कमलेश का आरोप है कि बड़ा बेटा अक्सर शराब पीकर घर आता है और हंगामा करता है। जब बुजुर्ग दंपति उसे समझाने की कोशिश करते हैं या बीच-बचाव करते हैं, तो वह उनके साथ मारपीट करने और गाली-गलौज करने लगता है। इस व्यवहार से दंपति अत्यंत परेशान हैं। त्रस्त दंपति ने पुलिस से मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि यदि आवश्यक हो तो पुलिस उनके बड़े बेटे को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया में भी सहयोग दे। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- जालौन के कोंच नगर में शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में एक टेम्पू चालक घायल हो गया। यह घटना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोंच के पास मलंगा पुल पर हुई, जहाँ एक अज्ञात चार पहिया वाहन ने टेम्पू को टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, ग्राम शिवनी बुजुर्ग निवासी शिवम नाई शुक्रवार रात सवारियों को कोंच छोड़ने के बाद अपने टेम्पू से उरई लौट रहे थे। रात करीब 11 बजे जब वे मलंगा पुल पर पहुंचे, तभी पीछे से आए अज्ञात वाहन ने उनके टेम्पू में बगल से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेम्पू बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक शिवम नाई घायल हो गए। हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया।1
- जालौन में शनिवार को सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों ने पूर्व उपजिलाधिकारी रिंकू सिंह राही की पुनः तैनाती की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मेला ग्राउंड से तहसील तक पैदल मार्च निकाला और अपनी मांग के समर्थन में ज़ोरदार नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में जालौन नगर के साथ-साथ आसपास के कई गाँवों से भी बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में ज़िलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की, लेकिन पुलिस अधिकारियों और कोतवाल हरिश्चंद्र द्वारा समझाने के बाद वे उपजिलाधिकारी राकेश सोनी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपने पर सहमत हो गए। ज्ञापन में कहा गया है कि रिंकू सिंह राही ने अपने कार्यकाल के दौरान जनहित के कई कार्य किए थे, जिससे आम जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि जनभावनाओं का सम्मान करते हुए रिंकू सिंह राही को दोबारा जालौन में उपजिलाधिकारी पद पर तैनात किया जाए। प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए थे। जालौन, कुठौंद, सिरसाकलार, माधौगढ़ और रेंढ़र थानों की पुलिस के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय मौके पर तैनात रहे। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रही।1
- जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन द्वारा एसडीएम के नेतृत्व में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लोगों का कहना है कि इस अभियान के दौरान छोटे व्यापारियों के साथ जबरदस्ती की गई, जबकि बड़े दुकानदारों के प्रति रहमदिली दिखाई गई।1
- उत्तर प्रदेश के जालौन में दो दिन पहले एक महिला की उसके ही घर के बाहर चारपाई पर सोते समय निर्मम हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर इस चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुँचकर छानबीन शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने एक टीम गठित की, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आज अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि अभियुक्तों ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने 15 साल पहले मृतका द्वारा उनके पिता को चप्पल मारकर किए गए अपमान का बदला लेने के लिए यह हत्या की थी। पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।1
- जालौन जिले के सिरसाकलार थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की जांच करने पहुँची पुलिस टीम पर हमला किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जिनके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। जानकारी के अनुसार, शनिवार 04 जुलाई 2026 को श्रीमती अजमेरन ने सिरसाकलार थाने में अपने पति, सास, देवर और एक अन्य रिश्तेदार के खिलाफ विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की विवेचना के क्रम में थाना सिरसाकलार में तैनात आरक्षी सौरभ पटेल और आरक्षी रिंकू यादव जांच के लिए संबंधित पक्ष के घर पहुँचे थे। बताया गया कि जांच के दौरान वादिनी के पति मजीद खां सफीक, सास अकबरी और भांजे सलमान ने पुलिस टीम का विरोध करते हुए उन पर हमला कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और अतिरिक्त पुलिस बल की सहायता से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। घटना के बाद, पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस बल पर हमला करने तथा अन्य संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों को संकलित किया जा रहा है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी जालौन ने पुष्टि करते हुए बताया कि चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर विधिक प्रावधानों के तहत कार्यवाही की जा रही है, तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी और कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।2
- जनपद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित मलंगा पुल पर एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने एक टेंपो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, घायल टेंपो चालक कोंच नगर में सवारियों को छोड़ने के बाद खाली वाहन लेकर उरई की ओर लौट रहा था। इसी दौरान, मलंगा पुल के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसके टेंपो को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल चालक की मदद करते हुए उसे उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं, टक्कर मारने वाला अज्ञात वाहन चालक मौके का फायदा उठाकर अपने वाहन सहित फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त टेंपो को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। पुलिस अब अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश में जुट गई है, जिसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। घायल चालक का इलाज फिलहाल जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मलंगा पुल पर तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण और नियमित पुलिस निगरानी की मांग की है।2