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रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।

1 hr ago
user_Gopal Bisht
Gopal Bisht
अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
1 hr ago

रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।

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  • रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।
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    रानीखेत में आयोजित हुई महिला रामलीला प्रतियोगिता में महिलाओं ने विभिन्न प्रसंगों का मनमोहक और सुंदर अभिनय किया। इस दौरान कलाकारों ने धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, ताड़का वध और सूर्पणखा नासिका छेदन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों को मंच पर जीवंत किया। इस शानदार प्रदर्शन को देख दर्शकों ने महिला रामलीला की खूब सराहना की।
    user_Gopal Bisht
    Gopal Bisht
    अल्मोड़ा, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • उत्तराखंड के सितारगंज-किच्छा हाईवे पर स्थित कथिन्गारी पुल में 2024 में दरार आ गई थी, जिसके चलते इसे उसी साल बंद कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि 2026 तक भी इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे यह लगातार बंद पड़ा है। इस लंबी अवधि के बंद होने के कारण, हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, जिससे आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि दो साल से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी का ध्यान नहीं गया है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
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    उत्तराखंड के सितारगंज-किच्छा हाईवे पर स्थित कथिन्गारी पुल में 2024 में दरार आ गई थी, जिसके चलते इसे उसी साल बंद कर दिया गया। हैरत की बात यह है कि 2026 तक भी इस पुल की मरम्मत नहीं हो पाई है, जिससे यह लगातार बंद पड़ा है।

इस लंबी अवधि के बंद होने के कारण, हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है, जिससे आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उत्तराखंड सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि दो साल से बंद पड़े इस महत्वपूर्ण पुल पर किसी का ध्यान नहीं गया है और सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
    user_SK Khan news
    SK Khan news
    Classified ads newspaper publisher बगवालीपोखर, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
  • बागेश्वर के गरुड़ स्थित टीट बाजार में एक महिला को एक 4 वर्षीय बालिका के साथ देखा गया है। जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को इस महिला और बालिका के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे गरुड़ के वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें।
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    बागेश्वर के गरुड़ स्थित टीट बाजार में एक महिला को एक 4 वर्षीय बालिका के साथ देखा गया है। जनता से अनुरोध किया गया है कि यदि किसी को इस महिला और बालिका के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे गरुड़ के वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें।
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    2 hrs ago
  • कत्युर घाटी के अधिकांश गाँवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ये सूअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। गागरीगोल के समीप रामपुर से मिली तस्वीर में देखा जा सकता है कि सूअरों का एक पूरा झुंड खेत में किसानों की कड़ी मेहनत को किस तरह बर्बाद कर रहा है।
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    कत्युर घाटी के अधिकांश गाँवों में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ये सूअर रात के समय खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। गागरीगोल के समीप रामपुर से मिली तस्वीर में देखा जा सकता है कि सूअरों का एक पूरा झुंड खेत में किसानों की कड़ी मेहनत को किस तरह बर्बाद कर रहा है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • भारतीय डाक (स्पीड पोस्ट) के भरोसे के साथ, हिकमो शुगर अब आपके लिए आयुर्वेदिक समाधान लेकर आया है, जो शुगर (मधुमेह) से परेशान लोगों को एक स्वस्थ और खुशहाल जीवनशैली का वादा करता है। यह दावा किया जाता है कि अनियंत्रित शुगर शरीर के अंगों को अंदर से धीरे-धीरे कमजोर करती है, लेकिन हिकमो शुगर के साथ अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह आयुर्वेद का एक अचूक मिश्रण प्रस्तुत करता है। कंपनी गर्व के साथ कहती है कि उसकी दवा भारत सरकार के डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) के माध्यम से सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय तरीके से सीधे आपके घर तक पहुंचाई जाती है। बेहतर और तेज़ परिणामों के लिए, हिकमो शुगर का सेवन इस प्रकार बताया गया है: सुबह नाश्ते से पहले 1 कैप्सूल और 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है, जबकि रात के खाने के बाद 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है। गुनगुने पानी के साथ सेवन से दवा शरीर में तेजी से अवशोषित होती है और बेहतर परिणाम देती है। हिकमो शुगर को चुनने के कई कारण बताए गए हैं, जिनमें शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को जगाने में मदद, 100% शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार होने के कारण शून्य दुष्प्रभाव, सुबह की कमजोरी और सुस्ती को दूर करके थकान से राहत, और सरकारी डाक सेवा के माध्यम से लाइव ट्रैकिंग सुविधा के साथ स्पीड पोस्ट द्वारा दवा का सुरक्षित प्रेषण शामिल है। ऑर्डर और डिलीवरी के विवरण के अनुसार, अपना ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए 50% अग्रिम भुगतान आवश्यक है। पूरे भारत में मुफ्त होम डिलीवरी उपलब्ध है, और दवा को सुरक्षित आप तक पहुँचाने के लिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से स्पीड पोस्ट का उपयोग किया जाता है। ऑर्डर बुक करने के लिए 98371 43446 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि यह एक आयुर्वेदिक पूरक है जिसे स्वस्थ जीवनशैली का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। संगठन या इसकी दवा कोई चिकित्सीय गारंटी नहीं देती है, न ही किसी विशिष्ट परिणाम की जिम्मेदारी लेती है। उपयोग से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है।
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    भारतीय डाक (स्पीड पोस्ट) के भरोसे के साथ, हिकमो शुगर अब आपके लिए आयुर्वेदिक समाधान लेकर आया है, जो शुगर (मधुमेह) से परेशान लोगों को एक स्वस्थ और खुशहाल जीवनशैली का वादा करता है। यह दावा किया जाता है कि अनियंत्रित शुगर शरीर के अंगों को अंदर से धीरे-धीरे कमजोर करती है, लेकिन हिकमो शुगर के साथ अब चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह आयुर्वेद का एक अचूक मिश्रण प्रस्तुत करता है। कंपनी गर्व के साथ कहती है कि उसकी दवा भारत सरकार के डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) के माध्यम से सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय तरीके से सीधे आपके घर तक पहुंचाई जाती है।

बेहतर और तेज़ परिणामों के लिए, हिकमो शुगर का सेवन इस प्रकार बताया गया है: सुबह नाश्ते से पहले 1 कैप्सूल और 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है, जबकि रात के खाने के बाद 1 चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेना है। गुनगुने पानी के साथ सेवन से दवा शरीर में तेजी से अवशोषित होती है और बेहतर परिणाम देती है। हिकमो शुगर को चुनने के कई कारण बताए गए हैं, जिनमें शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को जगाने में मदद, 100% शुद्ध आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार होने के कारण शून्य दुष्प्रभाव, सुबह की कमजोरी और सुस्ती को दूर करके थकान से राहत, और सरकारी डाक सेवा के माध्यम से लाइव ट्रैकिंग सुविधा के साथ स्पीड पोस्ट द्वारा दवा का सुरक्षित प्रेषण शामिल है।

ऑर्डर और डिलीवरी के विवरण के अनुसार, अपना ऑर्डर कन्फर्म करने के लिए 50% अग्रिम भुगतान आवश्यक है। पूरे भारत में मुफ्त होम डिलीवरी उपलब्ध है, और दवा को सुरक्षित आप तक पहुँचाने के लिए इंडिया पोस्ट के माध्यम से स्पीड पोस्ट का उपयोग किया जाता है। ऑर्डर बुक करने के लिए 98371 43446 पर कॉल या व्हाट्सएप किया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण है कि यह एक आयुर्वेदिक पूरक है जिसे स्वस्थ जीवनशैली का समर्थन करने के लिए तैयार किया गया है। संगठन या इसकी दवा कोई चिकित्सीय गारंटी नहीं देती है, न ही किसी विशिष्ट परिणाम की जिम्मेदारी लेती है। उपयोग से पहले अपने डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है।
    user_Al hikma pharmacy
    Al hikma pharmacy
    Video Creator Haldwani, Nainital•
    19 hrs ago
  • चम्पावत जिले में, मुख्यमंत्री के 'सरकार जनता के द्वार' विज़न के अनुरूप, जिलाधिकारी ने एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
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    चम्पावत जिले में, मुख्यमंत्री के 'सरकार जनता के द्वार' विज़न के अनुरूप, जिलाधिकारी ने एक ग्राम चौपाल का आयोजन किया। इस चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना।
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    32 min ago
  • शनिवार शाम तीर्थनगरी हरिद्वार में अचानक आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण हर की पौड़ी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के दबाव से हर की पौड़ी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों के शीशे अचानक टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे। इस हादसे में वहां से गुजर रहा एक तीर्थयात्री सिर पर शीशा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीशों की भारी मारक क्षमता के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया। चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय जब श्रद्धालु हर की पौड़ी पर संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के कारण बाजार तथा घाटों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक व्यावसायिक इमारत के शीशे भरभराकर नीचे गिर गए। घायल तीर्थयात्री को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बाकी बचे ढीले शीशों से किसी और को नुकसान न पहुंचे।
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    शनिवार शाम तीर्थनगरी हरिद्वार में अचानक आए तेज तूफान और अंधड़ के कारण हर की पौड़ी क्षेत्र में भारी अफरा-तफरी मच गई। तेज हवाओं के दबाव से हर की पौड़ी के पास स्थित एक बहुमंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल की खिड़कियों के शीशे अचानक टूटकर नीचे सड़क पर आ गिरे। इस हादसे में वहां से गुजर रहा एक तीर्थयात्री सिर पर शीशा लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, गनीमत यह रही कि शीशों की भारी मारक क्षमता के बावजूद कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा टल गया।

चश्मदीदों के मुताबिक, शाम के समय जब श्रद्धालु हर की पौड़ी पर संध्या आरती की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के कारण बाजार तथा घाटों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इसी दौरान एक व्यावसायिक इमारत के शीशे भरभराकर नीचे गिर गए।

घायल तीर्थयात्री को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर इमारत के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बाकी बचे ढीले शीशों से किसी और को नुकसान न पहुंचे।
    user_नवीन चन्द्र आर्य
    नवीन चन्द्र आर्य
    कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
    14 hrs ago
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