रात में जाना सख्त मना! क्या बिहटा के रहस्यमयी,वन देवी' मंदिर पर आधारित है ‘The Vvaan film’?. ' बिहटा की वन देवी मंदिर की लोककथा पर बनी सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘The Vvaan’, देशभर में बढ़ी चर्चा सत्येंद्र कुमार,बिहटा,पटना Journalist Satyendra Yadav बिहटा/पटना। बिहार के बिहटा की धरती अब बॉलीवुड की बड़ी फिल्म से जुड़ने को लेकर चर्चा में है। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की आगामी फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forest’ की कहानी का प्रेरणा-स्रोत बिहटा के पास स्थित प्रसिद्ध मां वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी स्थानीय लोककथाएं बताई जा रही हैं। बिहटा के अमहारा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमा के पास स्थित मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 वर्ष पुराना माना जाता है। मंदिर से जुड़ी कई रहस्यमयी मान्यताएं और लोककथाएं पीढ़ियों से स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं। TV24 Bihar Jharkhand फिल्म के लेखक-निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्होंने वन देवी मंदिर जाकर स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से वहां की लोककथाओं के बारे में जानकारी ली थी। इसी रहस्यमयी कहानी ने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। फिल्म का निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है। मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में सूर्यास्त के बाद जंगल और मंदिर परिसर से जुड़ी परंपराएं भी शामिल हैं। हालांकि ये बातें स्थानीय आस्था और लोककथाओं का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हीं रहस्यमयी किस्सों ने अब बिहटा के इस मंदिर को देशभर में चर्चा में ला दिया है। फिल्म ‘The Vvaan’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बिहटा की वन देवी की लोककथा को बड़े पर्दे पर किस तरह पेश किया गया है।
रात में जाना सख्त मना! क्या बिहटा के रहस्यमयी,वन देवी' मंदिर पर आधारित है ‘The Vvaan film’?. ' बिहटा की वन देवी मंदिर की लोककथा पर बनी सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘The Vvaan’, देशभर में बढ़ी चर्चा सत्येंद्र कुमार,बिहटा,पटना Journalist Satyendra Yadav बिहटा/पटना। बिहार के बिहटा की धरती अब बॉलीवुड की बड़ी फिल्म से जुड़ने को लेकर चर्चा में है। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की आगामी फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forest’ की कहानी का प्रेरणा-स्रोत बिहटा के पास स्थित प्रसिद्ध मां वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी स्थानीय लोककथाएं बताई जा रही हैं। बिहटा के अमहारा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमा के पास स्थित मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 वर्ष पुराना माना जाता है। मंदिर से जुड़ी कई रहस्यमयी मान्यताएं और लोककथाएं पीढ़ियों से स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं। TV24 Bihar Jharkhand फिल्म के लेखक-निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्होंने वन देवी मंदिर जाकर स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से वहां की लोककथाओं के बारे में जानकारी ली थी। इसी रहस्यमयी कहानी ने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। फिल्म का निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है। मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में सूर्यास्त के बाद जंगल और मंदिर परिसर से जुड़ी परंपराएं भी शामिल हैं। हालांकि ये बातें स्थानीय आस्था और लोककथाओं का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हीं रहस्यमयी किस्सों ने अब बिहटा के इस मंदिर को देशभर में चर्चा में ला दिया है। फिल्म ‘The Vvaan’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बिहटा की वन देवी की लोककथा को बड़े पर्दे पर किस तरह पेश किया गया है।
- रात में जाना सख्त मना! क्या बिहटा के रहस्यमयी,वन देवी' मंदिर पर आधारित है ‘The Vvaan film’?. ' बिहटा की वन देवी मंदिर की लोककथा पर बनी सिद्धार्थ मल्होत्रा की ‘The Vvaan’, देशभर में बढ़ी चर्चा सत्येंद्र कुमार,बिहटा,पटना Journalist Satyendra Yadav बिहटा/पटना। बिहार के बिहटा की धरती अब बॉलीवुड की बड़ी फिल्म से जुड़ने को लेकर चर्चा में है। अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की आगामी फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forest’ की कहानी का प्रेरणा-स्रोत बिहटा के पास स्थित प्रसिद्ध मां वन देवी मंदिर और उससे जुड़ी स्थानीय लोककथाएं बताई जा रही हैं। बिहटा के अमहारा, राघोपुर और कंचनपुर गांवों की सीमा के पास स्थित मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 वर्ष पुराना माना जाता है। मंदिर से जुड़ी कई रहस्यमयी मान्यताएं और लोककथाएं पीढ़ियों से स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित हैं। TV24 Bihar Jharkhand फिल्म के लेखक-निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्होंने वन देवी मंदिर जाकर स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से वहां की लोककथाओं के बारे में जानकारी ली थी। इसी रहस्यमयी कहानी ने उन्हें फिल्म बनाने के लिए प्रेरित किया। फिल्म का निर्देशन दीपक मिश्रा ने किया है। मंदिर से जुड़ी सबसे चर्चित मान्यताओं में सूर्यास्त के बाद जंगल और मंदिर परिसर से जुड़ी परंपराएं भी शामिल हैं। हालांकि ये बातें स्थानीय आस्था और लोककथाओं का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हीं रहस्यमयी किस्सों ने अब बिहटा के इस मंदिर को देशभर में चर्चा में ला दिया है। फिल्म ‘The Vvaan’ 25 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाली है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बिहटा की वन देवी की लोककथा को बड़े पर्दे पर किस तरह पेश किया गया है।1
- गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर पटना नगर निगम अलर्ट, घाटों एवं गंगा किनारे के इलाकों में सुरक्षा और स्वच्छता के विशेष इंतजाम 4 सितंबर 2026। पटना गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड में है। गंगा से सटे इलाकों में जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ संभावित जलप्रवेश, सीपेज एवं जलजमाव से निपटने के लिए निगम द्वारा व्यापक स्तर पर एहतियाती एवं सुरक्षात्मक उपाय किए जा रहे हैं। आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संवेदनशील घाटों पर आवाजाही नियंत्रित करने के साथ ही जलस्तर बढ़ने वाले क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा गया है। जिला प्रशासन द्वारा सभी स्लुईस गेट बंद किए जाने के बाद पटना नगर निगम ने भी गंगा के पानी को नालों के माध्यम से शहर के भीतर प्रवेश करने से रोकने के लिए गंगा से सटे संवेदनशील स्थलों पर नालों को ब्लॉक कर दिया है। वहीं, संभावित सीपेज एवं जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक स्थानों पर पंप सेट की व्यवस्था की जा रही है। निगम की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल जलनिकासी की कार्रवाई की जा सके। *घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त, कंगन घाट की बैरिकेडिंग* आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को नगर निगम द्वारा कंगन घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया। हालांकि, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़कर घाट के समीप जाने का प्रयास किया गया। ऐसी घटनाओं को रोकने एवं लोगों को जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से प्रतिबंधित करने के लिए हाइवा की मदद से घाट की ओर जाने वाले रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया है। नगर निगम द्वारा सभी प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन माइकिंग के माध्यम से आम नागरिकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। लोगों से स्पष्ट रूप से अपील की जा रही है कि गंगा के बढ़ते जलस्तर एवं तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से घाटों पर न जाएं और किसी भी प्रकार का जोखिम न लें। *सीपेज वाले स्थलों की लगातार निगरानी, कंट्रोल रूम को भेजी जा रही रियल टाइम जानकारी* गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण घाटों से सटे कई स्थानों पर पानी के सीपेज की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर निगम की टीमें ऐसे सभी संवेदनशील स्थलों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। फील्ड टीमों द्वारा स्थलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी नियमित रूप से फोटो एवं वीडियो सहित कंट्रोल रूम को भेजी जा रही है। *पंप सेट स्टैंड बाई में रखने के निर्देश* नगर आयुक्त श्री यशपाल मीणा द्वारा सभी संबंधित कार्यपालक पदाधिकारियों को आवश्यक पंप सेट स्टैंड बाई में तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, संबंधित अधिकारियों एवं फील्ड टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल जलनिकासी की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। अधिक वर्षा अथवा गंगा के जलस्तर में और वृद्धि की स्थिति में शहर के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न होने वाले संभावित जलजमाव से त्वरित रूप से निपटने के लिए निगम की मशीनरी एवं संसाधनों को तैयार रखा जा रहा है। *बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के लिए स्वच्छता एवं नागरिक सुविधाओं की विशेष व्यवस्था* बाढ़ प्रभावित एवं विस्थापित लोगों की सुविधा एवं स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मीनार घाट स्थित कम्युनिटी किचेन तथा बिंद टोली में विस्थापितों के टेंट के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर आम नागरिकों एवं विस्थापित परिवारों की सुविधा के लिए एक-एक लू कैफे एवं एक-एक पिंक टॉयलेट की व्यवस्था की गई है। स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावी एवं निरंतर बनाए रखने के लिए दोनों स्थलों पर तीन पालियों में सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। प्रत्येक पाली में 5-5 सफाई कर्मी लगातार साफ-सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रतिदिन एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। संभावित संक्रमण एवं जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए चूना एवं ब्लीचिंग पाउडर का नियमित छिड़काव भी किया जा रहा है। साथ ही, मच्छरों के नियंत्रण के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से फॉगिंग कराई जा रही है। *डूबे घाटों पर पूर्ण प्रतिबंध, अन्य घाटों पर भी लोगों से सतर्क रहने की अपील* जलस्तर बढ़ने के कारण भद्र घाट एवं महावीर घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। इन घाटों पर आम नागरिकों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। वहीं, कदम घाट, नरकट घाट, राजा घाट, कर्नल घाट एवं चित्रगुप्त घाट सहित कुछ अन्य घाटों की कुछ सीढ़ियां अभी भी जलमग्न नहीं हुई हैं। इसके कारण कई लोग इन घाटों पर घूमने, फोटोग्राफी करने अथवा गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर देखने के लिए पहुंच रहे हैं। नगर निगम द्वारा लोगों की सुरक्षा को देखते हुए ऐसे सभी घाटों पर लगातार माइकिंग कराई जा रही है। आम नागरिकों से अपील की जा रही है कि गंगा के तेज बहाव एवं बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर जाने से पूरी तरह बचें। पटना नगर निगम द्वारा गंगा के जलस्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं फील्ड टीमों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। निगम की प्राथमिकता संभावित परिस्थितियों से पहले से तैयार रहना, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना है।1
- खुसरूपुर- बैकटपुर धाम में पुलिस ओपी का उद्घाटन, डीजीपी विनय कुमार ने किया उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम। खुसरूपुर। राज्य के प्रसिद्ध गौरी शंकर बैकुंठनाथ धाम मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए नवनिर्मित पुलिस आउट पोस्ट (ओपी) का उद्घाटन बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने किया। उद्घाटन से पूर्व डीजीपी ने मंदिर के गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान को जल अर्पित किया तथा बिहार में शांति, सुरक्षा और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में लंबे समय से पुलिस ओपी की मांग की जा रही थी। मंदिर में वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही तथा विशेष पर्वों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से ओपी की स्थापना की गई है। पुलिस ओपी के शुरू होने से मंदिर परिसर के साथ-साथ हरदास बीघा और बैकटपुर पंचायत के लोगों को भी स्थानीय स्तर पर पुलिस सहायता आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। कार्यक्रम के दौरान आईजी जितेंद्र राणा, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा, ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार, एसडीपीओ संजीव कुमार, एसडीपीओ अवधेश कुमार सहित धर्मरक्षिणी पंडा संघ के सदस्य एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। नई पुलिस ओपी के साथ बैकुंठनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।1
- जोड़ा मंदिर आरा में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया टाउन थाना आरा जोड़ा मंदिर आरा में आज बांके बिहारी जी का जन्मोत्सव वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ जिसमें सैकड़ो जनता जनार्दन भी शिरकत किया1
- shikshakon ke hak AVN Samman ki ladai ladne a rahi hain daw Divya Jyoti शिक्षकों के हक एवं उनके सम्मान की लड़ाई लड़ने को आगामी एमएलसी प्रत्याशी डॉक्टर दिव्या ज्योति आ रही क्या कुछ कहा सुनते हैं....!!1
- दनियावां और फतुहा में हजारों एकड़ में लगी दर्जनों गांवों की ढन की फसल डूबी। पटना/दनियावां। दनियावां प्रखंड के किस्मिरिया-घोरनपुरा गांव के बीच ग्यारह बिगहवा खंधा में लोकाइन और महात्माइन नदी का तटबंध शुक्रवार की अहले सुबह टूट गया। तटबंध टूटने से आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया और सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गयी। तटबंध टूटने के बाद बाकीपुर-मछरियावां पंचायत के मुरेरा-बांकीपुर जाने वाली चहबचवा खंधा का भी अलंग टूट गया। इससे बाकीपुर-मछरियावां और मोहिउद्दीनपुर पंचायत समेत फतुहा प्रखंड के कई गांवों में खेतों में पानी फैल गया। फसल डूबने से आक्रोशित किसानों और ग्रामीणों ने ढीबर हाईस्कूल के समीप बिहटा-दनियावां एसएच-78 को जाम कर दिया। इससे सड़क पर घंटों यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गयी। इधर, सूचना मिलने पर जल संसाधन विभाग की टीम एसडीओ अरविंद कुमार और जेई की देखरेख में मौके पर पहुंची। टीम ने टूटे तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग ने करीब दो माह पहले ही तटबंध की मरम्मत करायी थी, लेकिन काम महज खानापूर्ति तक सीमित रहा। इसी कारण तटबंध दोबारा टूट गया और किसानों की हजारों एकड़ फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गयी। किसानों ने टूटे तटबंध की जल्द स्थायी मरम्मत कराने और फसल क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।4
- 🦚💙 आरा में भक्ति और स्वाद का संगम! होटल कान्हा रेजिडेंसी में जन्माष्टमी की दिखी धूम, 2500 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था आरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आरा के दक्षिणी रमना रोड स्थित होटल कान्हा रेजिडेंसी में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित कर होटल परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं और आम लोगों के बीच पूरी, सब्जी और हलवा का प्रसाद वितरित किया गया। होटल प्रबंधन के अनुसार, करीब 2500 लोगों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग होटल पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करते नजर आए। खास बात यह रही कि होटल के नाम को भगवान श्रीकृष्ण यानी कान्हा से जोड़ते हुए प्रबंधन ने जन्माष्टमी के अवसर पर हर साल इसी तरह धार्मिक आयोजन जारी रखने की बात कही। वहीं, होटल में शुरू हुआ मिडनाइट कैफे भी इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ लोगों को आरा शहर और रमना मैदान का शानदार नजारा देखने का मौका मिलता है। 🙏 भक्ति, प्रसाद और कान्हा के नाम से सजा यह आयोजन लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा। जय श्री कृष्ण! 🦚💙 #Janmashtami #KrishnaJanmashtami #Ara #Bhojpur #HotelKanhaResidency #आरा #जन्माष्टमी #श्रीकृष्ण #जयश्रीकृष्ण #BiharNews #AraNews #BhojpurNews1
- दनियावां में नदी के तटबंध टूटने के बाद दनियावां और फतुहा के कई गांवों के किसानों ने एसएच 78 को जाम किया. दनियावां में नदी के तटबंध टूटने से नाराज किसानों ने पांच घंटे तक दनियावां बिहटा सड़क मार्ग को जाम कर दिया । घटना स्थल पर डीएम और एसडीएम की आने की मांग कर रहे थे किसान। दनियावां।दनियावां में नदी के तटबंध टूटने से नाराज किसानों ने पांच घंटे तक दनियावां बिहटा सड़क मार्ग को जाम कर दिया । करें कि इस तटबंध टूटने से बाकीपुर-मछरियावां पंचायत के मुरेरा-बांकीपुर जाने वाली चहबचवा खंधा का भी अलंग टूट गया। इससे बाकीपुर-मछरियावां और मोहिउद्दीनपुर पंचायत समेत फतुहा प्रखंड के कई गांवों में खेतों में पानी फैल गया। फसल डूबने से किश्मिरिया,बांकीपुर और मोहिउद्दीनपुर के किसानों ने ढीबर हाईस्कूल के समीप बिहटा-दनियावां एसएच-78 को जाम कर दिया। सुबह नौ बजे किसान सड़क पर उतरकर करीब पांच घंटे तक यातायात बाधित रखा, जिससे एसएच-78 पर दोनों पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी। किसान किसी भी जनप्रतिनिधि की बात नहीं मन रहे थे और आरोप लगा रहे थे कि जलसंसाधन विभाग के धाधिकारी ठेकेदारों के साथ मिलकर तटबंध बाधने के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति कर सरकार के करोड़ों रूपये की बंदर बाट कर लेते हैं।लगभ दो बजे के बाद पटना एडीएम संजय कुमार, दनियावां बीडीओ प्रियंका कुमारी,फतुहा सीओ मुकेश कुमार, फतुहा बीडीओ गौतम कुमार सिन्हा और प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि आनंद मधुकर और मोहिउद्दीनपुर पंचायत के मुखिया आलोक कुमार ने मौके पर पहुँचे और किसानों को समझा बुझाकर सड़क जाम को ढाई बजे के बाद खत्म कराया। तब जाकर दनियावां बिहटा सरमेरा सड़क मार्ग पर पार्चलन शुरू हुआ।4