आम आदमी पार्टी की गुजरात प्रदेश महिला अध्यक्षा पायल साकरिया ने अहमदाबाद में एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार के "ट्रिपल इंजन सरकार", "महिला सुरक्षा" और "सुरक्षित गुजरात" के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेता महिला सुरक्षा की बातें करते हैं और विधानसभा में बड़े फंड आवंटित करने का दावा करते हैं, लेकिन असल में महिलाएं आज भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पायल साकरिया ने सवाल उठाया कि पिछले पांच वर्षों में महिला सुरक्षा के लिए ₹25,968 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जिसमें महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस स्टेशनों में महिला डेस्क जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं, लेकिन गुजरात का कौन सा ऐसा क्षेत्र है जहाँ महिलाएं आधी रात को भी निर्भय होकर घूम सकें? साकरिया ने भयावह आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में १६ लाख से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार बनी हैं और ५० हजार से अधिक महिलाओं के अपहरण के अपराध दर्ज किए गए हैं। उन्होंने २०२४ के NCRB आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ६६१ महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं, जो केवल आंकड़े नहीं बल्कि महिलाओं की पीड़ा को दर्शाती हैं। AAP नेता ने प्रश्न किया कि क्या भाजपा नेताओं के घर में बहन-बेटियां नहीं हैं, जो ऐसी गंभीर घटनाओं के बावजूद वे सुरक्षित गुजरात के खोखले दावे करते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पुलिस और तंत्र का उपयोग विपक्षी नेताओं पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने के लिए किया जाता है, अगर उसी तंत्र का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए किया जाता तो महिलाएं वास्तविक रूप से सुरक्षित होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में लोग गुंडों, लफंगों और ड्रग्स सेवन करने वाले लोगों जितना ही डर पुलिस से भी महसूस करते हैं और सामान्य नागरिक अकेले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं कर पाते। पायल साकरिया ने भाजपा के महिला मोर्चा और सरकार में बैठी महिलाओं से सवाल किया कि वे दहेज, दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ गंभीर घटनाओं पर क्यों मौन हैं और महिलाओं के लिए उचित व्यवस्था कब खड़ी की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं की सहनशक्ति की एक सीमा होती है और इतिहास गवाह है कि जब नारी शक्ति को चुनौती दी गई है, तब महिलाओं ने अपनी शक्ति दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि महिला सुरक्षा के लिए कड़ा कानून और उसका कड़ा अमलीकरण नहीं किया जाएगा, तो आम आदमी पार्टी महिला मोर्चा सरकार में बैठे मंत्रियों के घर जाकर महिला सुरक्षा को लेकर जवाब मांगेगा और जवाब लिए बिना वापस नहीं लौटेगा।
आम आदमी पार्टी की गुजरात प्रदेश महिला अध्यक्षा पायल साकरिया ने अहमदाबाद में एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार के "ट्रिपल इंजन सरकार", "महिला सुरक्षा" और "सुरक्षित गुजरात" के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेता महिला सुरक्षा की बातें करते हैं और विधानसभा में बड़े फंड आवंटित करने का दावा करते हैं, लेकिन असल में महिलाएं आज भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पायल साकरिया ने सवाल उठाया कि पिछले पांच वर्षों में महिला सुरक्षा के लिए ₹25,968 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जिसमें महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस स्टेशनों में महिला डेस्क जैसी
व्यवस्थाएं शामिल हैं, लेकिन गुजरात का कौन सा ऐसा क्षेत्र है जहाँ महिलाएं आधी रात को भी निर्भय होकर घूम सकें? साकरिया ने भयावह आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में १६ लाख से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार बनी हैं और ५० हजार से अधिक महिलाओं के अपहरण के अपराध दर्ज किए गए हैं। उन्होंने २०२४ के NCRB आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ६६१ महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं, जो केवल आंकड़े नहीं बल्कि महिलाओं की पीड़ा को दर्शाती हैं। AAP नेता ने प्रश्न किया कि क्या भाजपा नेताओं के घर में बहन-बेटियां नहीं हैं, जो ऐसी
गंभीर घटनाओं के बावजूद वे सुरक्षित गुजरात के खोखले दावे करते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पुलिस और तंत्र का उपयोग विपक्षी नेताओं पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने के लिए किया जाता है, अगर उसी तंत्र का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए किया जाता तो महिलाएं वास्तविक रूप से सुरक्षित होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में लोग गुंडों, लफंगों और ड्रग्स सेवन करने वाले लोगों जितना ही डर पुलिस से भी महसूस करते हैं और सामान्य नागरिक अकेले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं कर पाते। पायल साकरिया ने भाजपा के महिला मोर्चा और सरकार में बैठी महिलाओं से
सवाल किया कि वे दहेज, दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ गंभीर घटनाओं पर क्यों मौन हैं और महिलाओं के लिए उचित व्यवस्था कब खड़ी की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं की सहनशक्ति की एक सीमा होती है और इतिहास गवाह है कि जब नारी शक्ति को चुनौती दी गई है, तब महिलाओं ने अपनी शक्ति दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि महिला सुरक्षा के लिए कड़ा कानून और उसका कड़ा अमलीकरण नहीं किया जाएगा, तो आम आदमी पार्टी महिला मोर्चा सरकार में बैठे मंत्रियों के घर जाकर महिला सुरक्षा को लेकर जवाब मांगेगा और जवाब लिए बिना वापस नहीं लौटेगा।
- गुरुवार देर रात भिंड जिले के गोहद क्षेत्र में आई तेज आंधी-बारिश के कारण सर्बा गाँव में एक मकान की पटियाएं भरभराकर गिर गईं। इस दर्दनाक हादसे में पूर्व मंडी अध्यक्ष के पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए गोहद स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।1
- प्रयागराज के करछना स्थित लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज, धरवारा में ग्रामीण युवाओं को कुशल बनाने के उद्देश्य से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। यहां 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के अंतर्गत कंप्यूटर शिक्षा और 'कौशल विकास मिशन' के तहत हेल्थकेयर पाठ्यक्रम का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसी कड़ी में विकास भवन, प्रयागराज से आए अधिकारियों की एक टीम ने जिला प्रबंधक अभिषेक शुक्ला के साथ मिलकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें और अन्य पाठ्य सामग्री वितरित की। इस अवसर पर जिला प्रबंधक ने जोर दिया कि कंप्यूटर और हेल्थकेयर जैसी रोजगारपरक शिक्षा ग्रामीण छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाएगी। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार शुक्ल ने सरकार के इन प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि इन उत्कृष्ट तकनीकी पाठ्यक्रमों के कारण इस वर्ष विद्यालय में छात्र-छात्राओं, जिनमें अनुराधा, राखी, खुशबू, नंदिनी जैसे नाम शामिल हैं, की प्रवेश संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की गई है। छात्राओं ने इस बार कॉलेज में अधिकतम प्रवेश लेने का संकल्प भी व्यक्त किया है। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षिका दीपांजलि पांडे, निहारिका शर्मा, शांति विश्वकर्मा, शौकत अली, श्री कृष्णक्षितिज तिवारी, शुभा त्रिपाठी, शांतनु मिश्रा सहित समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।1
- प्रयागराज की मेजा विधानसभा के जेवनिया गाँव में एक साप्ताहिक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन चल रहा है। इस धार्मिक कार्यक्रम में प्रयागराज के लोकप्रिय सांसद कु. उज्जवल रमण सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और कथा वाचक को आशीर्वाद दिया।1
- प्रयागराज के गंगानगर स्थित हंडिया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। यह भीषण दुर्घटना भैस्की पेट्रोल पंप के सामने तब हुई जब एक अनियंत्रित रोडवेज बस ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 60 वर्षीय राकेश त्रिपाठी, 27 वर्षीय शुभम दुबे और 58 वर्षीय प्रभावती की मौके पर ही मौत हो गई। कार सवार ये लोग ज्ञानपुर गोपीगंज से प्रयागराज के झूंसी जा रहे थे। इस दुर्घटना में 35 वर्षीय राहुल त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। हंडिया थाना पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक सड़क हादसे का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया है। उन्होंने मौतों पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों से संवाद स्थापित कर उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए हैं।1
- आम आदमी पार्टी की गुजरात प्रदेश महिला अध्यक्षा पायल साकरिया ने अहमदाबाद में एक पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार के "ट्रिपल इंजन सरकार", "महिला सुरक्षा" और "सुरक्षित गुजरात" के दावों की पोल खोल दी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भाजपा नेता महिला सुरक्षा की बातें करते हैं और विधानसभा में बड़े फंड आवंटित करने का दावा करते हैं, लेकिन असल में महिलाएं आज भी असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पायल साकरिया ने सवाल उठाया कि पिछले पांच वर्षों में महिला सुरक्षा के लिए ₹25,968 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है, जिसमें महिला हेल्पलाइन 181 और पुलिस स्टेशनों में महिला डेस्क जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं, लेकिन गुजरात का कौन सा ऐसा क्षेत्र है जहाँ महिलाएं आधी रात को भी निर्भय होकर घूम सकें? साकरिया ने भयावह आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में १६ लाख से अधिक महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार बनी हैं और ५० हजार से अधिक महिलाओं के अपहरण के अपराध दर्ज किए गए हैं। उन्होंने २०२४ के NCRB आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि ६६१ महिलाओं के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हुई हैं, जो केवल आंकड़े नहीं बल्कि महिलाओं की पीड़ा को दर्शाती हैं। AAP नेता ने प्रश्न किया कि क्या भाजपा नेताओं के घर में बहन-बेटियां नहीं हैं, जो ऐसी गंभीर घटनाओं के बावजूद वे सुरक्षित गुजरात के खोखले दावे करते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पुलिस और तंत्र का उपयोग विपक्षी नेताओं पर नजर रखने और उन्हें पकड़ने के लिए किया जाता है, अगर उसी तंत्र का उपयोग महिलाओं की सुरक्षा के लिए किया जाता तो महिलाएं वास्तविक रूप से सुरक्षित होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में लोग गुंडों, लफंगों और ड्रग्स सेवन करने वाले लोगों जितना ही डर पुलिस से भी महसूस करते हैं और सामान्य नागरिक अकेले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं कर पाते। पायल साकरिया ने भाजपा के महिला मोर्चा और सरकार में बैठी महिलाओं से सवाल किया कि वे दहेज, दुष्कर्म और महिलाओं के खिलाफ गंभीर घटनाओं पर क्यों मौन हैं और महिलाओं के लिए उचित व्यवस्था कब खड़ी की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि महिलाओं की सहनशक्ति की एक सीमा होती है और इतिहास गवाह है कि जब नारी शक्ति को चुनौती दी गई है, तब महिलाओं ने अपनी शक्ति दिखाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि महिला सुरक्षा के लिए कड़ा कानून और उसका कड़ा अमलीकरण नहीं किया जाएगा, तो आम आदमी पार्टी महिला मोर्चा सरकार में बैठे मंत्रियों के घर जाकर महिला सुरक्षा को लेकर जवाब मांगेगा और जवाब लिए बिना वापस नहीं लौटेगा।4
- गोहद में आंधी और बारिश के चलते एक हादसा हो गया। इस हादसे में एक दीवार गिर गई, जिससे पूर्व मंडी अध्यक्ष की मौत हो गई।1
- प्रयागराज के हंडिया थाना क्षेत्र में भैस्की पेट्रोल पंप के सामने शुक्रवार दोपहर करीब 01 बजे एक अनियंत्रित रोडवेज बस ने एक कार में जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में कार सवार राकेश त्रिपाठी (60), शुभम दुबे (27) और प्रभावती (58) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार राहुल त्रिपाठी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1