जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।
जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।
- जालौन जिले की ग्राम पंचायत सिरसा दोगड़ी के ग्रामीणों ने विकास कार्यों में कथित व्यापक वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से जिलाधिकारी से इन आरोपों की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों के दौरान ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों के भुगतान एक ही व्यक्ति के खाते में विभिन्न मदों जैसे समाचार-पत्र विज्ञापन, सफाई कार्य, ठेकेदारी, मजदूरी, पुलिया व सड़क निर्माण तथा रंगाई-पुताई के नाम पर किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति को कुल लगभग ₹7,16,189/- का भुगतान किया गया है, जो प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता प्रतीत होती है। इसके साथ ही, मनरेगा योजना के तहत संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर जॉब कार्ड जारी कर उन्हें मजदूरी भी दी गई है, जिसे नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत की कूड़ा गाड़ियां और अन्य सरकारी वाहन निजी उपयोग में रखे जा रहे हैं, और हाल ही में प्राप्त सामाजिक कैमरे तथा वाटर कूलर, जिन्हें सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित किया जाना था, कथित तौर पर निजी परिसरों में लगा दिए गए हैं। प्रार्थना पत्र में सूचना का अधिकार अधिनियम, उत्तरप्रदेश पंचायत राज अधिनियम, मनरेगा अधिनियम, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सामान्य वित्तीय नियमों का हवाला देते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से ग्राम पंचायत के पिछले 5 वर्षों के आय-व्यय का ऑडिट, विकास कार्यों व भुगतान अभिलेखों की जांच, मनरेगा जॉब कार्ड व मजदूरी भुगतान की समग्र जांच, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग की जांच और दोषी पाए जाने पर वैधानिक व दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है। प्रार्थीगण ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर उचित कार्यवाही की अपेक्षा जताई है।1
- उत्तर प्रदेश में अब विकास को केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि योगी सरकार ने प्रदेश के हर जिले, हर गांव और हर नागरिक तक विकास की रोशनी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी संकल्प के साथ राज्य सरकार सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश, कृषि और रोजगार जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रही है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक कॉरिडोर और स्मार्ट पुलिसिंग जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं ने विकास को नई दिशा दी है। पूर्वांचल से लेकर बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसके साथ ही, गांवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि युवाओं को रोजगार के अवसर उनके अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकें। इसके लिए प्रदेश में निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और स्थानीय उद्योगों को एक नई पहचान दी जा रही है। कृषि क्षेत्र में भी आधुनिक तकनीकों और बेहतर खरीद व्यवस्था के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र के साथ, उत्तर प्रदेश आज विकास और सुशासन की एक नई पहचान स्थापित कर रहा है।1
- जालौन के उरई क्षेत्र स्थित करमेर रोड पर देर रात पुलिस और एक शातिर चोर के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से चोर घायल हो गया। पुलिस को आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद टीम ने उसकी घेराबंदी की। खुद को चारों ओर से घिरा देखकर आरोपी ने पुलिस दल पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। घायल बदमाश को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पर चोरी समेत नौ से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन से उरई की ओर रवाना हुई 19165 दरभंगा-साबरमती एक्सप्रेस के जनरल डिब्बों में क्षमता से कहीं अधिक यात्री देखे गए। हालत इतनी खराब थी कि लोगों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल पाई। भीषण गर्मी और अत्यधिक भीड़ के बीच, कई यात्रियों को दरवाजों और गैलरी में खड़े होकर सफर करने को मजबूर होना पड़ा। यात्रियों ने इस अव्यवस्था को लेकर रेलवे व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। यात्रियों ने इस समस्या के समाधान के लिए ट्रेन में अतिरिक्त कोच लगाए जाने की मांग की। उरई रेलवे स्टेशन पर किए गए वीडियो कवरेज के दौरान भीड़ का यह नजारा साफ तौर पर देखने को मिला, जिसकी जानकारी जालौन संवाददाता पंकज गुप्ता ने दी।1
- जालौन में धर्म परिवर्तन कराए जाने की आशंका के चलते ग्रामीणों से भरी एक बस को विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा है। लखनऊ जा रही यह बस जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र के मदारीपुर गांव से रवाना हुई थी। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बस पकड़कर पुलिस को सौंप दिया, जिसके बाद महिलाओं समेत दो दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है। इलाके में इस बात की चर्चा है कि गांव-गांव से गरीब परिवारों को लालच देकर इकट्ठा किया गया था। आरोप है कि इन ग्रामीणों को धर्म परिवर्तन कराने के उद्देश्य से लखनऊ ले जाया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क के सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ऊध गांव से संचालित होने की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलने पर एसडीएम रिंकू सिंह राही, सीओ शैलेंद्र बाजपेई और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस सभी हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ कर रही है, जिन्होंने लखनऊ जाने की बात स्वीकार की है।1