साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने के बाद आज धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला कारागृह के बाहर पहुंच गए और उनका स्वागत किया। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का सम्मान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होकर कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे का अपने पिता से दूर रहना, एक मां का अपने बेटे से और एक पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसे वही समझ सकता है जिसने इस दर्द को स्वयं महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौमाता बच्चे को सदैव खुश रखें और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें। रिहाई के बाद गौरक्षक रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है और आगे भी वे इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहेंगे। रिंकू सैनी की रिहाई पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर गौरक्षकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय गौमाता के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने के बाद आज धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला कारागृह के बाहर पहुंच गए और उनका
स्वागत किया। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का सम्मान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होकर कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे
का अपने पिता से दूर रहना, एक मां का अपने बेटे से और एक पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसे वही समझ सकता है जिसने इस दर्द को स्वयं महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौमाता बच्चे को सदैव खुश रखें और परिवार पर अपनी कृपा
बनाए रखें। रिहाई के बाद गौरक्षक रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है और आगे भी वे इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहेंगे। रिंकू सैनी की रिहाई पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर गौरक्षकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय गौमाता के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
- साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने के बाद आज धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला कारागृह के बाहर पहुंच गए और उनका स्वागत किया। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का सम्मान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होकर कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे का अपने पिता से दूर रहना, एक मां का अपने बेटे से और एक पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसे वही समझ सकता है जिसने इस दर्द को स्वयं महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौमाता बच्चे को सदैव खुश रखें और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें। रिहाई के बाद गौरक्षक रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है और आगे भी वे इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहेंगे। रिंकू सैनी की रिहाई पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर गौरक्षकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय गौमाता के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।4
- साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी को मिली जमानत गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मनाई खुशी धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने पर शनिवार को धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के जेल से बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जेल के बाहर पहुंच गए। समर्थकों ने उनका स्वागत कर खुशी जाहिर की। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का स्वागत करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होते हुए कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे का अपने पिता से दूर रहना, मां का अपने बेटे से और पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसका अहसास वही व्यक्ति कर सकता है जिसने इस दर्द को महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू सैनी के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उसके सुखद भविष्य की कामना की। रिंकू सैनी की रिहाई की खबर मिलते ही समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर मौजूद गौरक्षकों एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया। इस दौरान समर्थकों की भीड़ जुटी रही।4
- साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने के बाद आज धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला कारागृह के बाहर पहुंच गए और उनका स्वागत किया। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का सम्मान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होकर कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे का अपने पिता से दूर रहना, एक मां का अपने बेटे से और एक पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसे वही समझ सकता है जिसने इस दर्द को स्वयं महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौमाता बच्चे को सदैव खुश रखें और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें। रिहाई के बाद गौरक्षक रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है और आगे भी वे इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहेंगे। रिंकू सैनी की रिहाई पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर गौरक्षकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय गौमाता के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।2
- गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार, रिहाई पर गौरक्षकों ने किया स्वागत धौलपुर। करीब साढ़े तीन साल बाद गौरक्षक रिंकू सैनी की जमानत स्वीकार होने के बाद आज धौलपुर जिला कारागृह से उनकी रिहाई हुई। रिंकू सैनी के बाहर आते ही बड़ी संख्या में गौरक्षक एवं बजरंग दल के कार्यकर्ता जिला कारागृह के बाहर पहुंच गए और उनका स्वागत किया। इस दौरान गौरक्षक मोनू मानेसर भी अपने साथियों के साथ रिंकू सैनी का सम्मान करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर लंबे समय बाद रिंकू भाई की रिहाई हुई है, वहीं दूसरी ओर आज उनके बेटे का जन्मदिन भी है। मोनू मानेसर ने भावुक होकर कहा कि साढ़े तीन साल तक एक बेटे का अपने पिता से दूर रहना, एक मां का अपने बेटे से और एक पत्नी का अपने पति से दूर रहना कितना पीड़ादायक होता है, इसे वही समझ सकता है जिसने इस दर्द को स्वयं महसूस किया हो। उन्होंने रिंकू के बेटे को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौमाता बच्चे को सदैव खुश रखें और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखें। रिहाई के बाद गौरक्षक रिंकू सैनी ने कहा कि उनका जीवन गौमाता की सेवा और सुरक्षा के लिए समर्पित है और आगे भी वे इसी संकल्प के साथ कार्य करते रहेंगे।रिंकू सैनी की रिहाई पर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। जिला कारागृह के बाहर गौरक्षकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने जय गौमाता के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।2
- तगावली रोड स्थित हनुमान मंदिर के तालाब में दिखा मगरमच्छ, इलाके में दहशत धौलपुर। तगावली रोड स्थित हनुमान मंदिर के तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने से आसपास के स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया है। तालाब में मगरमच्छ नजर आने के बाद लोगों में भय बना हुआ है। स्थानीय लोगों को तालाब के आसपास आने-जाने वाले लोगों और बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। निवासियों ने संबंधित प्रशासन एवं वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर टीम भेजने और मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू करने की मांग की है। तगावली रोड स्थित हनुमान मंदिर के तालाब में दिखा मगरमच्छ, इलाके में दहशत धौलपुर। तगावली रोड स्थित हनुमान मंदिर के तालाब में मगरमच्छ दिखाई देने से आसपास के स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बन गया है। तालाब में मगरमच्छ नजर आने के बाद लोगों में भय बना हुआ है। स्थानीय लोगों को तालाब के आसपास आने-जाने वाले लोगों और बच्चों की सुरक्षा की चिंता सता रही है। निवासियों ने संबंधित प्रशासन एवं वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर टीम भेजने और मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू करने की मांग की है।2
- मुरैना में हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस *पिछले 25 वर्षों में मध्यप्रदेश ने विकास और तरक्की के नए आयाम स्थापित किए हैं – कृषि मंत्री श्री कंषाना* *कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कृषि क्विज के विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल एवं ई-स्कूटी के पुरस्कार वितरित किए* *श्रीमती अंकिता कैलासिया की देशभक्ति गीतों की प्रस्तुतियों एवं स्कूली विद्यार्थियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां* *सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को 10-10 हजार रुपए मंत्री स्वेच्छा निधि से देने की घोषणा* मुरैना, 01 नवम्बर 2026/ मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस जिले में हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान एवं मध्यप्रदेश गान के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के कृषि कल्याण एवं विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने प्रदेशवासियों को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश ने पिछले 25 वर्षों में विकास और तरक्की के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज का मध्यप्रदेश और पहले का मध्यप्रदेश एक-दूसरे से काफी अलग है। प्रदेश में कृषि, सड़क, सिंचाई, पेयजल, रोजगार और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक बदलाव आया है। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि पहले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र को बागियों के नाम से पहचाना जाता था, लेकिन आज यह क्षेत्र कृषि की उन्नति और विकास के लिए अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में कृषि का रकबा बढ़ा है और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों तथा शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांव-गांव तक सड़क पहुंची है। आज कोई भी मजरा-टोला ऐसा नहीं बचा है, जो सड़क सुविधा से वंचित हो। जल जीवन मिशन की नल-जल योजना से घरों तक पेयजल पहुंचने के कारण महिलाओं का जीवन आसान हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं तथा उद्योगों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल संभाग में आज स्थापना दिवस के अवसर पर विकास कार्यों की तस्वीर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। शासन की योजनाएं धरातल पर उतरी हैं और आमजन को उनका लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता के लिए जनभागीदारी भी आवश्यक है। आमजन की सहभागिता के बिना विकास के लक्ष्यों को पूरी तरह प्राप्त करना संभव नहीं है। उन्होंने सभी नागरिकों से प्रदेश के विकास में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश स्थापना दिवस का पर्व प्रतिवर्ष इसी उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाना चाहिए। *कृषि क्विज के विजेताओं को मिले ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटी* कार्यक्रम में किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत आयोजित कृषि क्विज 2026 के मुरैना जिले के चयनित विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। कृषि मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने विजेताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है और प्रदेश को अब तक सात बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। किसान हमारे अन्नदाता हैं। किसान खुशहाल होगा तो देश खुशहाल होगा। किसानों की मेहनत और समर्पण से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान किया। उल्लेखनीय है कि वीर भारत न्यास द्वारा कृषि लोकउत्सव 2026 के अंतर्गत 29 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक कृषि क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों में से उच्च स्तरीय समिति द्वारा भोपाल के रविन्द्र भवन में लॉटरी के माध्यम से विजेताओं का चयन किया गया। प्रदेश के सभी 55 जिलों से तीन-तीन विजेताओं का चयन किया गया है। मुरैना जिले में प्रथम पुरस्कार के लिए ग्राम सुनहरा रोड, तहसील सबलगढ़ निवासी श्री रामुजी धाकड़ एवं श्री मान सिंह का चयन हुआ, जिन्हें ट्रैक्टर प्रदान किया जाएगा। द्वितीय पुरस्कार के लिए ग्राम टुडीला दिपेहरा, तहसील जौरा निवासी श्री राजवीर एवं श्री रामनरेश चयनित हुए, जिन्हें बुलेट मोटरसाइकिल प्रदान की जाएगी। वहीं तृतीय पुरस्कार के लिए ग्राम ब्रह्मापुरा खेरिया, तहसील जौरा निवासी श्री राजन सिंह एवं श्री बारेलाल का चयन हुआ, जिन्हें ई-स्कूटी प्रदान की जाएगी। पुरस्कार वितरण की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रथम पुरस्कार के लिए ट्रैक्टर की अधिकतम निर्धारित राशि 7 लाख 26 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए बुलेट मोटरसाइकिल की अधिकतम निर्धारित राशि 1 लाख 68 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के लिए ई-स्कूटी की अधिकतम निर्धारित राशि 1 लाख 20 हजार रुपये है। चयनित हितग्राहियों द्वारा प्रस्तुत वाहन कोटेशन के अनुसार प्रथम पुरस्कार के लिए 7 लाख 26 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 1 लाख 68 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के लिए 1 लाख 12 हजार 394 रुपये की पात्र राशि निर्धारित हुई है। नियमानुसार पात्र राशि का 80 प्रतिशत भाग अग्रिम रूप से हितग्राही के खाते में भुगतान किया जाएगा। इस अनुसार प्रथम पुरस्कार के लिए 5 लाख 80 हजार 800 रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए 1 लाख 34 हजार 400 रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के लिए लगभग 89 हजार 915 रुपये की अग्रिम राशि देय होगी। शेष 20 प्रतिशत राशि का भुगतान वाहन का स्थायी अथवा अस्थायी पंजीयन, व्यापक बीमा एवं भौतिक सत्यापन पूर्ण होने के बाद किया जाएगा। निर्धारित पुरस्कार राशि से अधिक कीमत का वाहन लेने पर अतिरिक्त राशि हितग्राही को स्वयं वहन करनी होगी, जबकि कम कीमत का वाहन लेने पर वास्तविक कोटेशन के अनुसार भुगतान किया जाएगा। *विद्यालयों के विद्यार्थियों ने दीं देशभक्ति एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां* स्थापना दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीमती अंकिता कैलासिया ने देशभक्ति गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर उपस्थितजनों में देशप्रेम और उत्साह का संचार किया। इसके साथ ही शासकीय नवीन हाई स्कूल मुरैना, महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरैना, जे.एस. पब्लिक स्कूल मुरैना तथा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मुरैना के विद्यार्थियों ने देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भाषण के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को यादगार बनाया। कृषि मंत्री श्री ऐन्दल सिंह कंसाना ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली बालिकाओं को 10-10 हजार रुपए मंत्री स्वेच्छा निधि से देने की घोषणा की। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के स्टॉल भी लगाए गए। जिनका कृषि मंत्री ने अवलोकन किया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की गौरवशाली परंपरा, विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने तथा जनभागीदारी के साथ मध्यप्रदेश को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर सबलगढ़ विधायक श्रीमती सरला रावत, महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी, पुलिस अधीक्षक श्री धर्मराज मीणा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, पूर्व मंत्री श्री गिर्राज डंडोतिया, पूर्व विधायक श्री राकेश मावई, श्री रघुराज कंषाना, श्री कमलेश जाटव, अपर कलेक्टर श्री अश्विनी कुमार रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- हम भी भगवा के इनको पता नहीं है कि हम कौन हैं हम भी भगवा के फैन है जयश्री राम हम भी भगवा के इनको पता नहीं है कि हम कौन हैं हम भी भगवा के फैन है जयश्री राम1
- सौमली में ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का ऐलान, बोले- पानी नहीं तो वोट नहीं चंबल लिफ्ट परियोजना, पेयजल संकट और मंदिर तक रास्ते की मांग को लेकर पंच-पटेलों ने लिया निर्णय राजाखेड़ा। पंचायत समिति राजाखेड़ा की नवगठित ग्राम पंचायत सौमली में पंचायती राज चुनाव से पहले ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है। भूमिया बाबा मंदिर परिसर में आयोजित पंच-पटेलों की बैठक में सर्वसम्मति से जिला परिषद एवं पंचायत समिति चुनाव में मतदान नहीं करने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है और चंबल लिफ्ट परियोजना अब तक धरातल पर शुरू नहीं हो पाई है। इसके अलावा सोमनाथ मंदिर तक रास्ता बनाने की मांग भी लंबे समय से लंबित है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक इन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक वे मतदान नहीं करेंगे। चुनाव से पहले ग्रामीणों के इस फैसले से प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।4