Shuru
Apke Nagar Ki App…
दिल्ली शहर में एक दर्दनाक हादसे में युवती की थार की छत पर मस्ती करने पर गिरने से मौत दिल्ली शहर में एक दर्दनाक हादसे में युवती की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक युवती थार गाड़ी की छत पर चढ़कर शराब पी रही थी और मस्ती कर रही थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त युवती के साथ और कौन मौजूद था। #Foryou #viral #reelsindia #viralreel
SUNDARAM EXPRESS NEWS
दिल्ली शहर में एक दर्दनाक हादसे में युवती की थार की छत पर मस्ती करने पर गिरने से मौत दिल्ली शहर में एक दर्दनाक हादसे में युवती की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक युवती थार गाड़ी की छत पर चढ़कर शराब पी रही थी और मस्ती कर रही थी। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गई। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त युवती के साथ और कौन मौजूद था। #Foryou #viral #reelsindia #viralreel
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- *इनके पाप विधायक है इस लिए ये किसी को भी गाड़ी से उड़ा देते है ?* मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर सत्ता के नशे और कानून के डर के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई है। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से जुड़ा हालिया मामला सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जो सत्ता के करीब आते ही खुद को कानून से ऊपर समझने लगती है। आरोप है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के पुत्र ने अपनी गाड़ी से कई लोगों को कुचल दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जितनी भयावह है, उससे कहीं ज्यादा चौंकाने वाला उसका बाद का व्यवहार है। आम तौर पर ऐसे मामलों में आरोपी भयभीत होता है, छिपने की कोशिश करता है या कानून की प्रक्रिया का सामना करता है। लेकिन यहां तस्वीर उलट दिखाई देती है आरोपी का बेखौफ होकर सामान्य जीवन में लौट जाना यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर उसे यह भरोसा कहां से मिल रहा है? क्या यह विश्वास सिर्फ इसलिए है क्योंकि उसके पिता सत्ता में हैं? यह घटना किसी एक परिवार या एक नेता की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पोल खोलती है जहां “पहचान” और “पद” न्याय से बड़ा बन जाता है। जब आम आदमी सड़क पर चलता है, तो उसे ट्रैफिक नियमों से लेकर कानून की हर धारा का डर होता है। लेकिन वहीं, अगर कोई रसूखदार परिवार से आता है, तो वही सड़क उसके लिए ताकत का प्रदर्शन करने का मंच बन जाती है। सबसे गंभीर सवाल यह है कि क्या इस मामले में कानून अपना काम पूरी निष्पक्षता से करेगा? या फिर यह भी उन फाइलों में दब जाएगा, जहां बड़े नामों के सामने जांच धीमी पड़ जाती है? जनता के मन में यह संदेह यूं ही पैदा नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई मामलों में देखा गया है कि प्रभावशाली लोगों के खिलाफ कार्रवाई या तो देर से होती है या फिर कमजोर पड़ जाती है। इस पूरे प्रकरण में पीड़ितों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। जिन लोगों को कुचला गया, वे किसी के परिवार के सदस्य हैं, किसी के पिता, किसी के बेटे। उनके लिए यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि जिंदगी भर का दर्द बन सकती है। सवाल यह है कि क्या उन्हें न्याय मिलेगा? क्या उनके जख्मों की भरपाई सिर्फ मुआवजे से हो सकती है? राजनीति में अक्सर “जनसेवा” की बात होती है, लेकिन जब जनता ही असुरक्षित महसूस करने लगे, तो यह शब्द खोखला लगने लगता है। सत्ता का मतलब जिम्मेदारी होना चाहिए, न कि दबंगई का लाइसेंस। यदि जनप्रतिनिधियों के परिवार ही कानून तोड़ने लगें और उन पर कार्रवाई न हो, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों पर सीधा आघात है। यह भी गौर करने वाली बात है कि इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने क्यों आती हैं। क्या राजनीतिक दल अपने नेताओं और उनके परिवारों के आचरण को लेकर कोई आंतरिक अनुशासन लागू करते हैं? या फिर जीत के बाद सब कुछ “मैनेज” हो जाने की मानसिकता हावी हो जाती है? समाज में कानून का सम्मान तभी बना रह सकता है जब हर व्यक्ति, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके दायरे में आए। अगर कुछ लोगों को छूट मिलती रही, तो यह संदेश जाएगा कि कानून सिर्फ कमजोरों के लिए है। और यह स्थिति किसी भी लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक होती है। आज जरूरत है एक निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की। सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। पुलिस और प्रशासन को यह साबित करना होगा कि वे किसी दबाव में नहीं हैं। अगर आरोपी दोषी है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए चाहे वह किसी भी परिवार से क्यों न आता हो। यह मामला सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। अगर अब भी व्यवस्था नहीं चेती, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट सकता है। और जब जनता का विश्वास डगमगाता है, तो लोकतंत्र की नींव भी कमजोर पड़ जाती है। अब देखना यह है कि यह मामला भी बाकी मामलों की तरह समय के साथ ठंडा पड़ जाता है, या फिर सच में न्याय की मिसाल बनता है।1
- Post by Ck_news1
- अर्पित गुप्ता से नोग्रडा में जाकर अर्पित गुप्ता के मोबाईल पर व्हाट्सअप काल करके 10 करोड रुपये की रंगदारी मांगी गयी व ना देने पर परिणाम से भुगतने व छोटे बच्चे होने का भय दिखाया गया 109 व्तीय तल सेक्टर 04 वेव सिटी उम्र 25 वर्ष।3. सविता उर्फ सवी चौधरी पत्नी दिनेश चौधरी नि० म०न0-3/352 ग्राउड फ्लोर किंग बुड एनक्लेव सैक्टर-03 वेव,सिटी उम्र 44 वर्ष।अभियुक्तों से बरामदगी का विवरण-1 घटना में प्रयुक्त 01 मोबाइल फोन रेडमी कंपनी।2 अन्य 04 मोबाईल फोन।गिरफ्तारी करने वाली पलिस टीमः-1. स्वॉट टीम, अपराध शाखा पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद 2. थाना इन्दिरापुरम, पुलिस कमिश्नरेट महोदय जे० रविंद्र गौड़ गाजियाबाद, द्वारा पुरूस्कार की घोषणा की गई- अपर पुलिस आयुक्त, मुख्यालय / अपराध द्वारा टीम के उत्साहवर्धन हेतु 50,000 रुपये के1
- Post by Vishal Jadhav1
- मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष 12वीं का पास प्रतिशत 76.01% रहा है, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर प्रदर्शन है। वहीं 10वीं में 73.42% छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं परिणाम जारी करते हुए कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सरकार के नवाचार और छात्रहित योजनाओं का सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहा है। इस बार खास बात यह रही कि जनजातीय और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा अब दूर-दराज़ इलाकों तक पहुंच रही है। इसके अलावा शासकीय स्कूलों के छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। 10वीं में सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80% रहा, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार का संकेत देता है। सरकार द्वारा चलाई जा रही स्कूटी, साइकिल, लैपटॉप वितरण और मेधावी छात्र सम्मान जैसी योजनाओं ने छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाया है।1
- Post by PM NEWS1
- ॐ श्री महाकालेश्वराय नमः दिनांक 16 अप्रैल 2026 को ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर जी का भस्म आरती श्रृंगार दर्शन1
- बांसवाड़ा से आए प्रतिनिधियों का लगा जमावड़ा,आयुर्वेद से बीमारियों के निदान की जानकारी देकर दी ट्रेनिंग इंदौर। केमिकल युक्त चीजों का सेवन करके अपनी सेहत का सत्यानाश ना करें आयुर्वेद ही तमाम बीमारियों का कारगर उपचार है, जब-जब आपकी सेहत पर विपरित असर हो, आयुर्वेद का सहारा लें, युवाओं के लिए नौकरियों के आयुर्वेद में भी अवसर है, बस वो छोटे से छोटा काम करने को तैयार रहें, जीवन में टेंशन नहीं रहेगा। ये बातें राऊ विधानसभा में राजस्थान के बांसवाड़ा से आए आयुर्वेद कंपनी ड्रीम लाइफ वैलनेस प्राइवेट लिमिटेड की वर्कशाल लगी,जिसमें बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं का ेभी आयुर्वेद की ट्रेनिंग दी गई। कंपनी का मकसद बेरोजगारी को दूर करने की दिशा में कारगर उपचार करना भी प्रमुख है। जो काम के लिए भटक रहे है,उन्हें आयुर्वेद का प्लेटफार्म दिया जा सकता है। कंपनी के राजकुमा मेड़ा ने उक्त उद्गार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि कंपनी का मिशन युवाओं में भी आने वाली घातक बीमारियों का कारगर उपचार करना है। जैसे कैंसर,शुगर,पथरी, घुटना दर्द इन बीमारियों का उपचार भी आयुर्वेद के माध्यम से संभव है। हर उम्र के लोग केमिकल कीचीजों का बहिष्कार करें, सेहत का ध्यान रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। मेड़ा ने कहा कि राऊ विधानसभा में करीब डेढ़ सौ से अधिक प्रतिनिधियो ंने जन जागृति के मकसद से समझाइश दी और बैठक की। हमारे साथ कंपनी के शांतिलाल ,कमलेश राणा ,उर्मिला जी आदि ने कंपनी केअन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी। आज हर परिवार को जागृत करना जरूरी है। वरना केमिकल युक्त चीजें खाने से हमारी सेहत तेजी से खराब होती हैं। हर परिवार को जागृत करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी के नाम से गूगल पर सर्च करके आयुर्वेदिक दवाइयां मंगवाई जा सकती है।,,,,, इंदौर से संवाददाता कमलेश मौर्य की रिपोर्ट1
- Post by Ck_news1