दुल्हन पर शादी से पहले एक लाख नगद लेकर भागने का आरोप। लड़का पक्ष के लोगों ने पकड़ा। मामले की जाँच में जुटी पुलिस। मऊ । उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक दुल्हन द्वारा एक लाख रुपये लेकर भागने की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना मऊ रोडवेज परिसर में हुई, जहां बिजनौर से आए एक परिवार ने शादी के लिए तय रकम देने के बाद दुल्हन को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिजनौर के दो परिवार मऊ में एक स्थानीय प्लाजा में ठहरे हुए थे। दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी। सुबह शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने से पहले, दुल्हन को तय रकम के तौर पर एक लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद दुल्हन बनी युवती ने साथ चलने से इनकार कर दिया और मौके से भागने का प्रयास करने लगी। संदिग्ध लगने पर बिजनौर के परिवार के सदस्यों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती रोडवेज परिसर में हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी बिजनौर से आई महिलाओं ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद परिवार ने तत्काल युवती को पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला जनपद मऊ के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोडवेज परिसर का है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विवाह संबंधी जटिलताओं और कथित आर्थिक लेन-देन के जरिए शादी तय करने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है।
दुल्हन पर शादी से पहले एक लाख नगद लेकर भागने का आरोप। लड़का पक्ष के लोगों ने पकड़ा। मामले की जाँच में जुटी पुलिस। मऊ । उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक दुल्हन द्वारा एक लाख रुपये लेकर भागने की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना मऊ रोडवेज परिसर में हुई, जहां बिजनौर से आए एक परिवार ने शादी के लिए तय रकम देने के बाद दुल्हन को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिजनौर के दो परिवार मऊ में एक स्थानीय प्लाजा में ठहरे हुए थे। दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी। सुबह शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने से पहले, दुल्हन को तय रकम के तौर पर एक लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद दुल्हन बनी युवती ने साथ चलने से इनकार कर दिया और मौके से भागने का प्रयास करने लगी। संदिग्ध लगने पर बिजनौर के परिवार के सदस्यों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती रोडवेज परिसर में हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी बिजनौर से आई महिलाओं ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद परिवार ने तत्काल युवती को पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला जनपद मऊ के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोडवेज परिसर का है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विवाह संबंधी जटिलताओं और कथित आर्थिक लेन-देन के जरिए शादी तय करने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है।
- मऊ । पुलिस अधीक्षक मऊ इलामारन जी द्वारा पुलिस लाइन मऊ में साप्ताहिक शुक्रवार की परेड के अवसर पर परेड की सलामी लेकर परेड का निरीक्षण किया गया तथा सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए इस दौरान महोदय द्वारा शांति/सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ बनाए रखने के दृष्टिगत फोर्स को ब्रीफ करते हुए बताया कि सदैव मानसिक एवं शारीरिक रूप से तत्पर रहें। दंगा निंयत्रण के समस्त उपकरण सक्रिय दशा में सदैव अपने साथ रखे। जिससे किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटा जा सके । इस दौरान ड्रोन कैमरा, फॉरेन्सिक वैन, चारपहिया/दोपहिया पीआरवी वाहनों के साफ-सफाई, हूटर, लाइट, एमडीटी, मेडिकल किट, फायर एक्सटिंग्विशर, एंटी राइट इक्विपमेंट आदि को चेक किया गया तथा पीआरवी कर्मियों को गंभीर व महिला संबंधित घटनाओं की सूचना पर मौके पर तत्काल पहुंचकर की जाने वाली प्राथमिक कार्यवाही, घटनास्थल को सुरक्षित करने हेतु क्राइम सीन किट का सही तरीके से प्रयोग करने व रिस्पॉन्स टाइम, जीपीएस परसेंटेज आदि में सुधार हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। तत्पश्चात महोदय द्वारा पुलिस लाइन का भ्रमण कर विभिन्न शाखाओं एवं परिसर की साफ सफाई इत्यादि का गहन निरीक्षण किया गया । इस दौरान महोदय ने परिसर की समग्र व्यवस्था, बैरक और अन्य सुविधाओं की तैयारियों का जायजा लिया । साथ ही रिक्रूट आरक्षियों के प्रशिक्षण के लिए सभी मूलभुत सुविधाओं की कमियों को पूरा करने और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान क्षेत्राधिकारी लाइन दिनेश दत्त मिश्र, क्षेत्राधिकारी घोसी जितेन्द्र कुमार सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अरूण कुमार सिंह व भारी संख्या में पुलिस अधि0/कर्मचारीगण उपस्थित रहें ।4
- Post by Masoom Aliato1
- Post by Namrata Shukla3
- सलेमपुर में बिना किसी सरकारी आदेश के दबंग नेता घर कब्जा करने पहुंचे.. वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल.. सलेमपुर तहसीलदार जांच के दायरे में... तहसीलदार ने मीडिया को दी सफाई...... नेता, अधिकारी , कर्मचारी के गठजोड़ पर टिकी सभी की निगाहे.... जिलाधिकारी ने दिए जांच के निर्देश..... देवरिया सलेमपुर तहसील के अंतर्गत बुजुर्ग मुस्लिम के घर को जबरन तुड़वाया बीजेपी नेता अभिषेक जायसवाल की तानाशाही मानसिकता को दर्शाता ह ै इसस े भी बड़ा गुनाह महिला तहसीलदार अल्का सिंह की मिलीभगत का है जो सत्ता के मद मे ं चूर है क्या अधिकारी और बीजेपी नेता उजड़ े आशियाना को दुबारा बसा पायेंग े ऐस े दोषी अधिकारी और बीजेपी नेता पर देवरिया प्रशासन क्या करवाई करेंगी जाति धर्म मज़हब के नाम पर ऐस े उत्पीड़न के ख़िलाफ ़ समाजवादी लोग चुप नही ं बैठेंग े दोषी अधिकारी और बीजेपी नेता पर कड़ी करवाई की हम माँग करते है !!1
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं हेतु दिए आवश्यक निर्देश शिव भक्ति में सराबोर होगी रात, आयोजित होगा भव्य शिव जागरण महा शिवरात्रि पर्व के दृष्टिगत जनपद में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुचारु व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने हेतु जिलाधिकारी देवरिया श्रीमती दिव्या मित्तल ने पुलिस अधीक्षक देवरिया श्री संजीव सुमन के साथ प्राचीन दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर पहुँचकर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर, प्रवेश एवं निकास मार्ग, दर्शन व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन तथा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए समुचित बैरिकेडिंग, कतारबद्ध दर्शन, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा एवं आपातकालीन सहायता, फायर सेफ्टी, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा यातायात नियंत्रण की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित रखने, मार्गों को अवरुद्ध न होने देने तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके उपरांत आगामी महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 14 फ़रवरी को सायं 7:00 बजे से मंदिर परिसर के पीछे स्थित सरोवर के निकट आयोजित विशेष शिव जागरण एवं महाप्रसाद (भंडारा) कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने हेतु सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों एवं श्रद्धालु भक्तों से अपील की कि वे निर्धारित समय पर कार्यक्रम में सम्मिलित होते हुए अनुशासन एवं व्यवस्था बनाए रखें तथा प्रशासन का सहयोग करें, जिससे पर्व शांतिपूर्ण एवं भव्य रूप से सम्पन्न हो सके।2
- Post by Satyendra kumar Sangam3
- थाना रेवती जनपद बलिया पुलिस द्वारा कम्पोजिट विद्यालय में चोरी से सम्बन्धित 04 नफर बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उनके कब्जे/निशानदेही से चोरी के 04 अदद मॉनीटर, 02 अदद सीपीयू, 01 अदद यूपीएस, 01 अदद राउटर वाईफाई, 04 अदद किबोर्ड, 03 अदद माउस, 04 अदद मॉनीटर स्टैण्ड व 01 अदद VGA ऑडियो की बरामदगी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी बैरिया मो0 फहीम कुरैशी की वीडियो बाइट1
- प्रदेश सरकार मीजिल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध, 27 फरवरी तक विशेष अभियान; स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित होंगे मऊ । प्रदेश सरकार मीजिल्स एवं रूबेला (एमआर) उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में एमआर मामलों की स्थिति एवं कवरेज की समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि प्रथम चरण में प्रदेश के चिन्हित 45 जनपदों में विशेष अभियान चलाकर 5 से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर वैक्सीन की एक डोज दी जाएगी। महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जारी निर्देशों के अनुसार मऊ जनपद में भी यह अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों-जैसे प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं मदरसे-में कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बच्चों को एमआर वैक्सीन से आच्छादित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 4 से 6 नॉन-आरआई (Routine Immunization) दिवसों में अधिकतम 27 फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। चरणबद्ध तैयारी, तय समय-सारणी अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। 23 जनवरी 2026 को राज्य स्तर पर माइक्रोप्लान उपलब्ध कराया गया। 30 जनवरी तक ब्लॉक स्तरीय समन्वय बैठकें एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 7 फरवरी को मीडिया अभिमुखीकरण किया गया। 10 से 12 फरवरी के बीच स्कूलों में माइक्रोप्लान तैयार कर संवेदनशीलता कार्यक्रम पूरे किए गए। 16 से 27 फरवरी 2026 तक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। हर स्कूल में विशेष सत्र, एएनएम व आशा की अनिवार्य उपस्थिति मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में समस्त शहरी एवं ग्रामीण एएनएम अपने-अपने क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों एवं मदरसों का माइक्रोप्लान तैयार कर टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी। प्रत्येक सत्र में संबंधित क्षेत्र की एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 126 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होगी, वहां अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाएंगे। पर्याप्त वैक्सीन व लॉजिस्टिक की व्यवस्था अभियान के दौरान 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अनुमानित संख्या के अनुसार एमआर वैक्सीन, एडी (ऑटो-डिसेबल) सिरिंज, एनाफाइलेक्सिस किट तथा अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सत्र स्थलों तक वैक्सीन एवं सामग्री पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों—जैसे आरबीएसके टीम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उपलब्ध वाहन आदि—का उपयोग किया जाएगा। ‘यू-विन’ पोर्टल पर होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सभी स्कूल सत्रों को ‘यू-विन’ पोर्टल के एमआर कैंपेन टैब पर समय से नियोजित एवं प्रकाशित किया जाएगा। अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग यू-विन पोर्टल एवं निर्धारित प्रपत्र पर की जाएगी। साथ ही 12 माह से अधिक आयु के बच्चों के लिए एचएमआईएस पोर्टल के मीजिल्स वैक्सीनेशन टैब पर भी डेटा अंकित किया जाएगा। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जनपद स्तर के अधिकारियों को ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया है। प्रत्येक जनपद, ब्लॉक एवं प्लानिंग यूनिट स्तर पर सायंकालीन समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति एवं सुधारात्मक कदमों की समीक्षा की जाएगी। इस टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर स्कूल में उपस्थित कराकर एमआर वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि मीजिल्स एवं रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।2