प्रदेश सरकार मीजिल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध, 27 फरवरी तक विशेष अभियान; स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित होंगे मऊ । प्रदेश सरकार मीजिल्स एवं रूबेला (एमआर) उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में एमआर मामलों की स्थिति एवं कवरेज की समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि प्रथम चरण में प्रदेश के चिन्हित 45 जनपदों में विशेष अभियान चलाकर 5 से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर वैक्सीन की एक डोज दी जाएगी। महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जारी निर्देशों के अनुसार मऊ जनपद में भी यह अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों-जैसे प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं मदरसे-में कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बच्चों को एमआर वैक्सीन से आच्छादित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 4 से 6 नॉन-आरआई (Routine Immunization) दिवसों में अधिकतम 27 फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। चरणबद्ध तैयारी, तय समय-सारणी अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। 23 जनवरी 2026 को राज्य स्तर पर माइक्रोप्लान उपलब्ध कराया गया। 30 जनवरी तक ब्लॉक स्तरीय समन्वय बैठकें एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 7 फरवरी को मीडिया अभिमुखीकरण किया गया। 10 से 12 फरवरी के बीच स्कूलों में माइक्रोप्लान तैयार कर संवेदनशीलता कार्यक्रम पूरे किए गए। 16 से 27 फरवरी 2026 तक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। हर स्कूल में विशेष सत्र, एएनएम व आशा की अनिवार्य उपस्थिति मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में समस्त शहरी एवं ग्रामीण एएनएम अपने-अपने क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों एवं मदरसों का माइक्रोप्लान तैयार कर टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी। प्रत्येक सत्र में संबंधित क्षेत्र की एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 126 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होगी, वहां अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाएंगे। पर्याप्त वैक्सीन व लॉजिस्टिक की व्यवस्था अभियान के दौरान 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अनुमानित संख्या के अनुसार एमआर वैक्सीन, एडी (ऑटो-डिसेबल) सिरिंज, एनाफाइलेक्सिस किट तथा अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सत्र स्थलों तक वैक्सीन एवं सामग्री पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों—जैसे आरबीएसके टीम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उपलब्ध वाहन आदि—का उपयोग किया जाएगा। ‘यू-विन’ पोर्टल पर होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सभी स्कूल सत्रों को ‘यू-विन’ पोर्टल के एमआर कैंपेन टैब पर समय से नियोजित एवं प्रकाशित किया जाएगा। अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग यू-विन पोर्टल एवं निर्धारित प्रपत्र पर की जाएगी। साथ ही 12 माह से अधिक आयु के बच्चों के लिए एचएमआईएस पोर्टल के मीजिल्स वैक्सीनेशन टैब पर भी डेटा अंकित किया जाएगा। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जनपद स्तर के अधिकारियों को ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया है। प्रत्येक जनपद, ब्लॉक एवं प्लानिंग यूनिट स्तर पर सायंकालीन समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति एवं सुधारात्मक कदमों की समीक्षा की जाएगी। इस टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर स्कूल में उपस्थित कराकर एमआर वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि मीजिल्स एवं रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
प्रदेश सरकार मीजिल्स-रूबेला उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध, 27 फरवरी तक विशेष अभियान; स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित होंगे मऊ । प्रदेश सरकार मीजिल्स एवं रूबेला (एमआर) उन्मूलन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। राज्य स्तर पर स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में एमआर मामलों की स्थिति एवं कवरेज की समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया है कि प्रथम चरण में प्रदेश के चिन्हित 45 जनपदों में विशेष अभियान चलाकर 5 से 10 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर वैक्सीन की एक डोज दी जाएगी। महानिदेशक, परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जारी निर्देशों के अनुसार मऊ जनपद में भी यह अभियान संचालित किया जाएगा। इसके तहत जिले के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों-जैसे प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय एवं मदरसे-में कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत बच्चों को एमआर वैक्सीन से आच्छादित किया जाएगा। यह विशेष अभियान 16 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 4 से 6 नॉन-आरआई (Routine Immunization) दिवसों में अधिकतम 27 फरवरी 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। चरणबद्ध तैयारी, तय समय-सारणी अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जनपद स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। 23 जनवरी 2026 को राज्य स्तर पर माइक्रोप्लान उपलब्ध कराया गया। 30 जनवरी तक ब्लॉक स्तरीय समन्वय बैठकें एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम आयोजित किए गए। 7 फरवरी को मीडिया अभिमुखीकरण किया गया। 10 से 12 फरवरी के बीच स्कूलों में माइक्रोप्लान तैयार कर संवेदनशीलता कार्यक्रम पूरे किए गए। 16 से 27 फरवरी 2026 तक टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। हर स्कूल में विशेष सत्र, एएनएम व आशा की अनिवार्य उपस्थिति मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में समस्त शहरी एवं ग्रामीण एएनएम अपने-अपने क्षेत्रों
के सरकारी स्कूलों एवं मदरसों का माइक्रोप्लान तैयार कर टीकाकरण सुनिश्चित करेंगी। प्रत्येक सत्र में संबंधित क्षेत्र की एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की उपस्थिति अनिवार्य होगी। प्रत्येक एएनएम को प्रतिदिन 100 से 126 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होगी, वहां अतिरिक्त सत्र आयोजित किए जाएंगे। पर्याप्त वैक्सीन व लॉजिस्टिक की व्यवस्था अभियान के दौरान 5 से 10 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की अनुमानित संख्या के अनुसार एमआर वैक्सीन, एडी (ऑटो-डिसेबल) सिरिंज, एनाफाइलेक्सिस किट तथा अन्य आवश्यक लॉजिस्टिक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। सत्र स्थलों तक वैक्सीन एवं सामग्री पहुंचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर उपलब्ध वाहनों—जैसे आरबीएसके टीम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत उपलब्ध वाहन आदि—का उपयोग किया जाएगा। ‘यू-विन’ पोर्टल पर होगी ऑनलाइन मॉनिटरिंग सभी स्कूल सत्रों को ‘यू-विन’ पोर्टल के एमआर कैंपेन टैब पर समय से नियोजित एवं प्रकाशित किया जाएगा। अभियान की दैनिक रिपोर्टिंग यू-विन पोर्टल एवं निर्धारित प्रपत्र पर की जाएगी। साथ ही 12 माह से अधिक आयु के बच्चों के लिए एचएमआईएस पोर्टल के मीजिल्स वैक्सीनेशन टैब पर भी डेटा अंकित किया जाएगा। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जनपद स्तर के अधिकारियों को ब्लॉक एवं शहरी क्षेत्रों का प्रभार सौंपा गया है। प्रत्येक जनपद, ब्लॉक एवं प्लानिंग यूनिट स्तर पर सायंकालीन समीक्षा बैठक आयोजित कर प्रगति एवं सुधारात्मक कदमों की समीक्षा की जाएगी। इस टीकाकरण अभियान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित तिथि पर स्कूल में उपस्थित कराकर एमआर वैक्सीन अवश्य लगवाएं, ताकि मीजिल्स एवं रूबेला जैसी संक्रामक बीमारियों से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
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- सुकरौली (कुशीनगर)। सुकरौली विकासखंड के पिडरा ग्राम सभा निवासी विद्युत उपभोक्ता सच्चिदानन्द पटेल ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नवंबर 2025 से अब तक उनके घर की मीटर रीडिंग के आधार पर बिल जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद मोबाइल पर बकाया भुगतान संबंधी संदेश लगातार भेजे जा रहे हैं, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उपभोक्ता का आरोप है कि बिना वास्तविक मीटर रीडिंग और विधिवत बिल जारी किए भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि हर बार शिकायत दर्ज करने के बाद उसे बिना समाधान किए ही बंद कर दिया जाता है, जबकि जमीनी स्थिति जस की तस बनी हुई है। सच्चिदानन्द पटेल ने यह भी बताया कि दैनिक भास्कर की टीम द्वारा मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई। क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) अशोक कुमार सिंह से संपर्क साधा गया, लेकिन उनकी ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। वहीं उपखंड अधिकारी (एसडीओ) ऋषव श्रीवास्तव से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु उनसे बात नहीं हो सकी। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की समस्याएं क्षेत्र में आम होती जा रही हैं। समय पर मीटर रीडिंग न होने और बिलिंग में पारदर्शिता की कमी से उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि मौके पर जाकर मीटर की सही रीडिंग ली जाए और वास्तविक खपत के आधार पर बिल जारी किया जाए। फिलहाल उपभोक्ता की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में देखना होगा कि बिजली विभाग इस मामले में कब तक संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करता है और उपभोक्ता को राहत मिलती है।1
- मऊ । उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक दुल्हन द्वारा एक लाख रुपये लेकर भागने की कोशिश का मामला सामने आया है। यह घटना मऊ रोडवेज परिसर में हुई, जहां बिजनौर से आए एक परिवार ने शादी के लिए तय रकम देने के बाद दुल्हन को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बिजनौर के दो परिवार मऊ में एक स्थानीय प्लाजा में ठहरे हुए थे। दोनों परिवारों के बीच शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी। सुबह शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने से पहले, दुल्हन को तय रकम के तौर पर एक लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि रुपये लेने के बाद दुल्हन बनी युवती ने साथ चलने से इनकार कर दिया और मौके से भागने का प्रयास करने लगी। संदिग्ध लगने पर बिजनौर के परिवार के सदस्यों ने उसे तुरंत पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवती रोडवेज परिसर में हाथ छुड़ाकर भागने की कोशिश कर रही थी, तभी बिजनौर से आई महिलाओं ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद परिवार ने तत्काल युवती को पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला जनपद मऊ के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोडवेज परिसर का है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर रही है। यह घटना पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विवाह संबंधी जटिलताओं और कथित आर्थिक लेन-देन के जरिए शादी तय करने की प्रवृत्ति पर सवाल खड़े करती है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की तहकीकात में जुटी है।1
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