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* मधेपुरा के सिंघेश्वर में बड़ा खुलासा ! अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई 3 महिला...🫠🫠🫠🫠🫠
Dhruv Muskan
* मधेपुरा के सिंघेश्वर में बड़ा खुलासा ! अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई 3 महिला...🫠🫠🫠🫠🫠
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- रोती हुई महिला हंस दी... बच्चे को मिलेगा उपचार- योगी जी :- कौन बच्चा है ये क्या हो गया इसको? महिला :- यह है काफी दिनों से बीमार है। योगी जी :- उपचार हम करा रहे हैं लखनऊ में, आयुष्मान कार्ड नहीं लग रहा है इसमें? महिला :- बना नहीं योगी जी :- हम बनवाते हैं, ये श्रावस्ती के केंद्र पर बोलो इसका आयुष्मान कार्ड बनवाओ नहीं बने तो भी इसका स्टीमेट बनवाकर दे दो हम इलाज करायेंगे। धन्य पुरूष हैं हमारे महराज जी 🙏1
- अमही और शाहपुर उचकी पट्टी में गूंजा ‘जय भीम’, भीमराव अंबेडकर जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा #भीमजयंती #जयभीम #AmbedkarJayanti #KushinagarNews #Dudahi #BahujanSamaj #SocialUnity #UPNews #DalitPride #VillageNews1
- बेतिया से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नगर निगम के वार्ड नंबर 24 के पार्षद एनामुल हक पर कड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया है। मामला बेहद गंभीर है—आरोप है कि उन्होंने दो से अधिक संतान होने की जानकारी छुपाकर चुनाव लड़ा और जीत भी हासिल की। राज्य निर्वाचन आयोग ने वाद संख्या 04/2025 की सुनवाई पूरी करने के बाद यह सख्त फैसला सुनाया। जांच में स्पष्ट हुआ कि 4 अप्रैल 2008 के बाद दो से अधिक जीवित संतान होने के कारण वे चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने गलत शपथ पत्र और भ्रामक जन्म प्रमाण पत्र के जरिए नियमों को दरकिनार कर पार्षद पद हासिल किया। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 18 के तहत उन्हें अयोग्य घोषित करते हुए पद से हटा दिया है और वार्ड 24 की सीट को रिक्त घोषित कर दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इतना ही नहीं, गलत हलफनामा देने और तथ्य छुपाने के मामले में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं इस पूरे मामले में जांच रिपोर्ट देने में देरी को लेकर जिला प्रशासन भी सख्त नजर आ रहा है। डीएम तरनजोत सिंह ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि एनामुल हक पर पहले भी पद के दुरुपयोग, बैठकों में हंगामा करने और सरकारी कार्यों में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। यहां तक कि नगर आयुक्त के चेंबर में हंगामे का मामला भी सुर्खियों में रहा था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद बेतिया नगर निगम में हड़कंप मच गया है और राजनीतिक हलकों में भी इस कार्रवाई की जोरदार चर्चा हो रही है।1
- पूरा वीडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करें यूट्यूब चैनल - Rahul sir pcb1
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- यह वीडियो बिहार के बक्सर के गुरुदासपुर मठिया गांव का है। जिसे पेड़ पर उल्टा लटकाया हुआ है, उसका नाम रवि कुमार है। रवि के गांव वालो ने ही उस पर चोरी आरोप लगाकर उसके साथ दरिंदगी की तमाम हदें पार की हैं। उसे जानवरों की तरह पीटा गया, उसके शरीर पर जख्म हुए तो उन जख्मों पर मिर्च पाउडर डाला गया। रवि के पिता का कहना है कि पुरानी रंजिश के चलते उनके बेटे के साथ यह हैवानियत की गई है। वो अपने बेटे को बचाने के लिए गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन दरिंदे उस पर ज़ुल्म करते रहे। इस मामले में गांव के ही 16 लेगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। सवाल यह है हि कि इस अमानवीयता के खिलाफ हिन्दुवादी संगठनों के लोग आवाज़ नहीं उठाएंगे? क्या रवि इंसाफ का हक़दार नहीं है? क्या उसके साथ दरिंदगी करने वालो को सख्त सज़ा नहीं मिलनी चाहिए?1
- मिडिल ईस्ट में हो रहल युद्ध से गैस सिलेंडर सप्लाई अउर सीएनजी खातिर गैस एजेंसी अउर पेट्रोल पंप पर भीड़ लाग रहल बा। घंटों इंतजार कई ला के बाद वाहन में सीएनजी भरल जा रहल बा। लोग परेशान बा।1
- बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने सुनवाई पूरी करते हुए नामजद अभियुक्त साकीम अंसारी को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला 11 नवंबर 2024 का है, जब गांव की एक नाबालिग बच्ची अपने घर में सो रही थी। देर रात पानी पीने के लिए वह चापाकल के पास गई, तभी आरोपी ने उसे पकड़कर जबरदस्ती दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता के शोर मचाने पर परिजन पहुंचे, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता के पिता ने थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट में मौखिक बयान नहीं दिया, लेकिन जांच और अनुसंधान में जुटी पुलिस की भूमिका तथा फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, पटना से आई डीएनए रिपोर्ट इस मामले में सबसे अहम सबूत साबित हुई। डीएनए सैंपल मैच होने के बाद अदालत ने इसे ठोस आधार मानते हुए दोषसिद्ध किया और सजा सुनाई। फैसले में अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत 3 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए। इस पूरे मामले में विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने कहा कि डीएनए रिपोर्ट इस केस में निर्णायक साबित हुई और उसी के आधार पर आरोपी को सजा मिली है।1