अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने अचानक थाना विशुनपुरा का दौरा कर परिसर का गहन निरीक्षण किया, जिसमें थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने नव नियुक्त रिक्रूट आरक्षियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें बैरक, भोजनालय, स्नानघर और साफ-सफाई की स्थिति की विशेष रूप से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अनुशासन, जनसेवा और व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया, वहीं थाना अभिलेख, रजिस्टर और सीसीटीएनएस कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई। थाने के रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था देखकर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा संतुष्ट एवं खुश नजर आए। उन्होंने थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा को थाना व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधिकारियों को साफ-सफाई, शस्त्रों के रख-रखाव और रिक्रूट आरक्षियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भी निर्देश दिए गए।
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा ने अचानक थाना विशुनपुरा का दौरा कर परिसर का गहन निरीक्षण किया, जिसमें थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा भी उपस्थित रहे। इस दौरान उन्होंने नव नियुक्त रिक्रूट आरक्षियों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, जिसमें बैरक, भोजनालय, स्नानघर और साफ-सफाई की स्थिति की विशेष रूप से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान अनुशासन, जनसेवा और व्यवहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया, वहीं थाना अभिलेख, रजिस्टर और सीसीटीएनएस कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई। थाने के रखरखाव और साफ-सफाई की व्यवस्था देखकर अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ वर्मा संतुष्ट एवं खुश नजर आए। उन्होंने थानाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा को थाना व्यवस्था को और बेहतर बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधिकारियों को साफ-सफाई, शस्त्रों के रख-रखाव और रिक्रूट आरक्षियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भी निर्देश दिए गए।
- यह वीडियो बुद्ध काल की शिक्षा व्यवस्था का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करेगा। इसमें इस बात पर प्रकाश डाला जाएगा कि उस ऐतिहासिक अवधि में शिक्षा का स्वरूप कैसा था और यह आज के आधुनिक स्कूलों से कितनी भिन्न थी। विशेष रूप से, वीडियो में यह समझाया जाएगा कि बुद्ध काल में महिलाओं के लिए शिक्षा की क्या व्यवस्थाएं थीं और उस समय महिलाएं तथा लड़कियां किस प्रकार शिक्षा प्राप्त करती थीं।1
- बिहार के वैशाली जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बढ़ाओ' जैसे नारों के बावजूद रिश्तों में भरोसे और त्याग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला तब सामने आया है जब एक पति के संघर्ष और समर्पण के बावजूद, उसकी पत्नी ने कामयाबी हासिल करने के बाद उसे छोड़ दिया। वर्ष 2013 में हुई शादी के बाद, पति ने अपनी पत्नी को पढ़ाने-लिखाने और उसे सफल बनाने के लिए हर संभव प्रयास और संघर्ष किया। उसने अपनी पत्नी के सपनों को साकार करने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, जब पत्नी सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंची, तो उसने अपने ही पति का साथ छोड़ दिया। यह घटना अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।1
- आईपीएल और टी-20 क्रिकेट से जुड़े वैभव सूर्यवंशी को लेकर यह सवाल उठाया गया है कि करा ने कुमार के साथ क्या बातचीत की।1
- बंगाल में हजारों हिंदुओं की हत्या, हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार, जजों को बंधक बनाए जाने और सांसद-विधायकों की पिटाई जैसी गंभीर घटनाओं को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है। यह तीव्र रोष इन कथित कृत्यों के संदर्भ में सामने आया है, जिसके साथ ही यह भी कहा गया है कि “जैसी करनी वैसी भरनी।”1
- बैरिया प्रखंड क्षेत्र के शाही टोला, भितहा वार्ड संख्या-14 में अभिलाषा फिसरी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा आयोजित सीईओ एवं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर का पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को दोपहर करीब तीन बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों एवं एफपीओ सदस्यों को आधुनिक और जैविक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। प्रशिक्षक गिरधारी राम ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को जैविक सब्जी खेती, बहु-स्तरीय सब्जी उत्पादन, घरेलू पोषण वाटिका (किचन गार्डन) के विकास, जैविक कीटनाशक के निर्माण एवं उसके उपयोग के साथ-साथ बकरी पालन की उन्नत तकनीकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके अतिरिक्त, किसानों को कृषि एवं पशुपालन से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्रशिक्षक ने इस बात पर जोर दिया कि जैविक खेती को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बनाए रख सकते हैं, जिससे आत्मनिर्भर कृषि मॉडल विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम के समापन समारोह में कंपनी के निदेशक बिंदा देवी, रेयाज अहमद, अब्दुल्ला खान, अर्जुन चौधरी, सीईओ धनंजय शर्मा, शेयरहोल्डर अब्दुल गद्दी, दशरथ कुमार, संजय प्रसाद, जाकिर मियां, चंदन सिंह समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों और गणमान्य लोगों ने इस प्रशिक्षण पहल को किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी और प्रेरणादायक बताया।1
- पश्चिम चम्पारण के जिला समाहरणालय परिसर में सोमवार को भाकपा (माले) रेड फ्लैग के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर नारों और जनसंघर्ष की आवाजों से उसे गूंजा दिया। संजय यादव और रीता रवि की अध्यक्षता में मनोज सिंह के संचालन में आयोजित इस धरने में भूमिहीनों, गरीबों, वृद्धों, विधवाओं, विकलांगों और वंचित तबकों के अधिकारों से जुड़े सात सूत्री मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। भाकपा (माले) रेड फ्लैग के केंद्रीय कमेटी सदस्य कॉमरेड चन्द्रशेखर ने योगापट्टी अंचल के नवलपुर थाना क्षेत्र स्थित ढढ़वा गांव की जमीन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि खाता संख्या 219, खेसरा 2130 और सेटलमेंट की जमीन खाता 833, खेसरा 2399 पर दबंग तत्वों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। उन्होंने जिला प्रशासन से इस जमीन को अविलंब अतिक्रमणमुक्त कराने और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की। कॉमरेड चन्द्रशेखर ने बिहार में सामंती ताकतों और भूमिचोरों के प्रभाव को कायम बताते हुए कहा कि इसी कारण गरीब और कमजोर वर्गों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। राज्य सचिव रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ ने सरकार की बुलडोजर नीति की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह गरीबों की झुग्गी-झोपड़ियों को तोड़ रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बेतिया राज की जमीनों पर वर्षों से बसे भूमिहीनों और गरीब परिवारों को उजाड़ने के बजाय वासगीत और मालिकाना हक देने की मांग की। साथ ही, जो गरीब परिवार सरकारी भूमि पर अपना आशियाना बनाकर रह रहे हैं, उन्हें उसी स्थान पर कानूनी अधिकार और स्वामित्व देने की बात कही। माले नेताओं मनोज सिंह और भाग्यनारायण चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन की राशि अपर्याप्त है और कई लाभुकों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा। उन्होंने सरकार से पेंशन राशि बढ़ाकर प्रतिमाह पांच हजार रुपये करने तथा लंबित भुगतान का अविलंब निपटारा करने की मांग की। कार्यक्रम में वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना की और गरीबों, किसानों, मजदूरों व वंचित वर्गों के अधिकारों को सुनिश्चित करने की मांग दोहराई। धरना समाप्त होने के बाद, रवीन्द्र कुमार ‘रवि’ के नेतृत्व में एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सात सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला पदाधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन में बेतिया राज की जमीन पर भूमिहीनों का पुनर्वास, नवलपुर क्षेत्र की विवादित जमीन को कब्जामुक्त कराने, गरीबों को मालिकाना हक देने और सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने सहित अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया गया। पिंकी देवी, भिखम राम, श्वेता देवी, राधा देवी, बिरक्षण महतो, सावित्री देवी, शीला देवी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक इस प्रदर्शन में मौजूद रहे। वक्ताओं का कहना था कि भूमि, आवास, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार हर नागरिक को मिलना चाहिए और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।1
- अभिषेक बनर्जी ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए सनसनीखेज दावा किया है कि 'मुझे मारना चाहते थे'। इस गंभीर आरोप के साथ, उन्होंने एक महत्वपूर्ण ऐलान भी किया है।1
- नौतन थाना क्षेत्र के श्यामपुर कोतराहा गांव में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक अपनी प्रेमिका की शादी तय होने और बारात आने की खबर सुनकर गांव स्थित एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और युवक को नीचे उतारने का प्रयास शुरू हुआ। मिली जानकारी के अनुसार, टूना माझी नाम का यह युवक पिछले कई वर्षों से अपने मामा के गांव श्यामपुर कोतराहा में ही रह रहा था। इसी दौरान उसका गांव की एक युवती से प्रेम संबंध हो गया था। जब उसे अपनी प्रेमिका की शादी की खबर मिली, तो वह मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर नौतन थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने युवक को काफी देर तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी प्रेमिका से मिलने की जिद पर अड़ा रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए युवती और उसके परिजनों को बुलाया गया। काफी समझाने-बुझाने के बाद युवक सुरक्षित नीचे उतर आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1