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यह खबर सामने आ रही है सभी दर्शक बंधुओ से निवेदन के साथ अवगत कराना चाहता हूं कि बिरयानी खाने वाले शौकीन लोगों को यह वीडियो देखना अत्यंत जरूरी है क्योंकि बिरयानी में नाली का पानी डाला जा रहा है
रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,8416904359
यह खबर सामने आ रही है सभी दर्शक बंधुओ से निवेदन के साथ अवगत कराना चाहता हूं कि बिरयानी खाने वाले शौकीन लोगों को यह वीडियो देखना अत्यंत जरूरी है क्योंकि बिरयानी में नाली का पानी डाला जा रहा है
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- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- रिपोर्ट केवला प्रसाद गौतम प्रयागराज जगतपुर में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महा सचिव शिवपाल यादव ने केंद्र व प्रदेश में झूठों की सरकार है, इसे सत्ता से हटाना सपाइयों का पहला लक्ष्य होना चाहिए। आज किसान परेशान है, आमलोगों जो किसी तरह की सुविधाएं नहीं मिल रही है उक्त बाते सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव ने जगतपुर मई स्थित सैनिक महाविद्यालय में शहीद की विधवाओं को अंग वस्त्रदेकर सम्मानित करते हुए कही। सभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने सपा कार्यकताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि अनुशासन में रहकर ही देश व प्रदेश को जीता जा सकता है। मुख्य अतिथि शिवपाल यादव ने कहा कि पूर्व सैनिक अनुशासन में रहते है, लेकिन सपा में कही न कही नौजवान में जोश तो है लेकिन अनुशासन नहीं है। शहीदों को सम्मानित करते हुए खुशी हो रही है, यह हमारे लिए गौरव का क्षण है।जितने भी जवान शहीद हुए है उनकी विधवाओं को आज सम्मानित करने में गर्व महसूस कर रहा हु। कार्यक्रम के आयोजक संतोष आर्मी को बधाई देते हुय मौजूद सभी सैनिकों को धन्यवाद देता हु। इन्होंने देश को अपने खून से सींचा है। देश के लिए बाते हो रही लेकिन इनकी दिक्कतों को लेकर किसी ने कोई सवाल नहीं उठाया है। सैनिकों को सुविधाएं देना चाहिए था। आज का दिन भावुक करने वाला है। किसी पत्नी का पति जब शहीद हो जाता है तो उसका परिवार अनाथ हो जाता है। माता पिता के ऊपर किसी का ध्यान नहीं जाता है, क्या इनकी बातो को कोई सुनता है। समाजवादियों को इनका ध्यान देना चाहिए लेकिन यहां पर मंच पर चढ़ने की होड़ है।कार्यकम को वासुदेव यादव पूर्व विधानसभा सदस्य, निधि यादव , हकीम लाल बिंद मुतजब्बा सिद्दीकी सहित तमाम वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूर्व मंत्री लल्लन रॉय ने कहा बेईमानी को सरकार हटाना है ।इसके लिए इस सरकार को हटाना है, हमारी सरकार में मजा लूटते रहे आज सरकार की चाटुकारिता कर रहे है। यदि सरकार आती है तो वर्दी का हिसाब होगा। कार्यकम की अध्यक्षता सूबेदार रामहित यादव ने किया। इस मौके पर ममता रानी प्रबन्ध सचिव,उत्तम यादव ,वीरेंद्र सिंह , डॉ संजय सोनकर (प्रचार्य),डॉ लालचंद,अदालती राम प्राचार्य , आशीष कुमार ,डॉ राजेन्द्र प्रसाद बिन्द, डॉ रत्नेश, डॉ रिचा यादव, सभाजीत यादव , नागेन्द्र यादव, अकमल इमाम, सुरेन्द्र यादव, संजय यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।4
- Post by Raju Yadav1
- Post by Rahul Kumar1
- *कौशांबी: प्रेम जाल में फंसाकर युवक पैसा और जेवर लेकर फरार महिला ने थाने में दी तहरीर* *कौशाम्बी संदेश* कौशांबी के थाना कोखराज क्षेत्र अंतर्गत गांव ताकीपुर की रहने वाली एक महिला के साथ ठगी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राजापुर निवासी एक युवक ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और भरोसा जीतकर उससे कीमती जेवरात व करीब एक लाख रुपये ले लिए बताया जा रहा है कि कुछ समय तक संपर्क में रहने के बाद युवक अचानक गायब हो गया जिससे महिला को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता ने काफी खोजबीन की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका इसके बाद महिला ने थाना कोखराज पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की कौशांबी के थाना कोखराज क्षेत्र अंतर्गत गांव ताकीपुर की रहने वाली एक महिला के साथ ठगी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, राजापुर निवासी एक युवक ने महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और भरोसा जीतकर उससे कीमती जेवरात व करीब एक लाख रुपये ले लिए बताया जा रहा है कि कुछ समय तक संपर्क में रहने के बाद युवक अचानक गायब हो गया जिससे महिला को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। पीड़िता ने काफी खोजबीन की, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका इसके बाद महिला ने थाना कोखराज पहुंचकर आरोपी युवक के खिलाफ प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की1
- हाई कोर्ट आदेश का हिंदी अनुवाद (सरल भाषा में)  🔹 1. प्रारंभिक बातें • यह मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) से जुड़ा है। • आवेदन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं एक अन्य द्वारा किया गया। • मामला POCSO Act (बाल यौन अपराध) और BNS की धाराओं से संबंधित है। ⸻ 🔹 2. आवेदकों (Applicants) की दलीलें आवेदकों के वकील ने कहा: • उन्हें झूठा फँसाया गया है। • पीड़ित (victims) कभी भी उनके आश्रम में छात्र नहीं थे। • FIR देरी से और कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई, जो संदेह पैदा करता है। • घटनाओं की तारीख और स्थान में बार-बार बदलाव (contradictions) हैं। • पीड़ितों को जांच अधिकारी के सामने ठीक से प्रस्तुत नहीं किया गया। • पीड़ित पहले सूचक (informant) के प्रभाव में थे। • एक पीड़ित घटना के समय बालिग (major) था। • मेडिकल रिपोर्ट में कोई स्पष्ट चोट या प्रमाण नहीं मिला। • डॉक्टर की राय “sexual assault को नकारा नहीं जा सकता” — पर ठोस आधार नहीं। • आरोपों का उद्देश्य उनकी छवि खराब करना है। • सूचक का क्रिमिनल इतिहास (21 केस) है और वह झूठे मुकदमे करता है। • मीडिया ट्रायल के कारण उन्हें सीधे हाई कोर्ट आना पड़ा। ⸻ 🔹 3. राज्य (State of UP) की दलीलें सरकार की तरफ से कहा गया: • पहले सेशन कोर्ट जाना चाहिए था, सीधे हाई कोर्ट नहीं। • आरोप गंभीर और जघन्य (heinous) हैं। • पीड़ितों ने अपने बयान में आरोपों की पुष्टि की है। • आरोपी प्रभावशाली हैं — वे गवाहों को डरा या प्रभावित कर सकते हैं। • जांच में कुछ गवाहों ने पीड़ितों की उपस्थिति साबित की। • POCSO Act की धारा 29 के तहत आरोपियों के खिलाफ अनुमान बनता है। ⸻ 🔹 4. प्रथम सूचक (Informant) की दलीलें • आरोपी बहुत प्रभावशाली हैं — जमानत मिलने पर वे गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। • अन्य बच्चों के साथ भी शोषण हुआ है। • आरोपी साक्ष्य से छेड़छाड़ कर सकते हैं। • सूचक पर हमला हुआ — जिससे खतरे की बात सामने आती है। • आरोपी जांच के दौरान भी यात्रा (यात्रा/रैली) कर रहे हैं और दबाव बना रहे हैं। • शंकराचार्य होने का दावा विवादित बताया गया। ⸻ 🔹 5. कोर्ट का विश्लेषण (Analysis) कोर्ट ने महत्वपूर्ण बातें नोट कीं: ⚖️ प्रक्रिया संबंधी • हाई कोर्ट सीधे जमानत दे सकता है विशेष परिस्थितियों में। • इस केस में Special Judge के आदेश से FIR हुई, इसलिए यह विशेष परिस्थिति मानी गई। ⸻ ⚖️ तथ्यात्मक संदेह (Important Doubts) कोर्ट ने कई गंभीर सवाल उठाए: 1. FIR दर्ज करने में 6 दिन की देरी — कारण “पूजा” बताया गया। 2. पीड़ित सूचक के साथ ही रहे, अभिभावकों के पास नहीं थे। 3. पीड़ितों के बयान और FIR में तारीख/स्थान अलग-अलग हैं। 4. पीड़ितों ने माता-पिता की बजाय एक अजनबी (सूचक) को बताया — असामान्य व्यवहार। 5. एक पीड़ित घटना के समय बालिग था। 6. मेडिकल रिपोर्ट में कोई स्पष्ट चोट नहीं और निष्कर्ष भी पक्का नहीं। 7. पीड़ित आश्रम के छात्र नहीं बल्कि हरदोई के स्कूल के छात्र थे। 8. मीडिया में पीड़ितों के इंटरव्यू देना POCSO नियमों के खिलाफ है। 9. आरोप और प्रशासनिक विवाद (संगम स्नान) का समय एक ही दिन — संदेह पैदा करता है। ⸻ ⚖️ धारा 29 POCSO पर कोर्ट का दृष्टिकोण • कोर्ट ने कहा: 👉 धारा 29 का “गुनाह का अनुमान” चार्ज फ्रेम होने से पहले लागू नहीं होता। • इसलिए केवल इस आधार पर जमानत नहीं रोकी जा सकती। ⸻ 🔹 6. कोर्ट का निर्णय 👉 कोर्ट ने कहा कि: • मामले में संदेह और विरोधाभास (contradictions) हैं • बिना केस के merits पर राय दिए • अग्रिम जमानत दी जा सकती है ⸻ 🔹 7. जमानत की शर्तें आरोपियों को ₹50,000 के बॉन्ड पर जमानत दी गई, शर्तें: 1. सबूत से छेड़छाड़ नहीं करेंगे 2. गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे 3. कोर्ट में उपस्थित रहेंगे 4. भारत से बाहर नहीं जाएंगे बिना अनुमति 5. मीडिया में इंटरव्यू नहीं देंगे ⸻ ✅ Final Conclusion (संक्षिप्त निष्कर्ष) 👉 इस पूरे केस में कोर्ट ने पाया कि: • FIR और गवाहों के बयान में कई विरोधाभास (contradictions) हैं • मेडिकल और अन्य साक्ष्य निर्णायक नहीं हैं • पीड़ितों के व्यवहार और रिपोर्टिंग में असामान्य परिस्थितियाँ हैं • FIR दर्ज करने में देरी और संदेह है ➡️ इसलिए कोर्ट ने कहा कि: 👉 Prima facie (प्रथम दृष्टया) मामला इतना मजबूत नहीं है कि अग्रिम जमानत न दी जाए ✔️ परिणाम: 👉 आरोपियों को अग्रिम जमानत दे दी गई (कुछ शर्तों के साथ)1
- Post by Ved Prakash Pandey1
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