अक्षय तृतीया एवं भगवान श्री परशुराम जयंती महोत्सव: औरैया अक्षय तृतीया का पावन पर्व मानवीय चेतना के पुनर्जागरण और शाश्वत ऊर्जा का प्रतीक है। इसी शुभ तिथि पर ज्ञान, शौर्य और धर्म के साक्षात स्वरूप, भगवान श्री परशुराम का अवतरण हुआ था। जनपद औरैया के समस्त धर्मप्रेमियों के लिए यह हर्ष का विषय है कि ब्राह्मण समाज द्वारा इस अवसर पर भव्य आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित है: | कार्यक्रम | दिनांक | समय | स्थान | | यज्ञोपवीत संस्कार | 19 अप्रैल 2026 | प्रातः 08:00 बजे तक (पंजीकरण अनिवार्य) | आयोजन स्थल | | शोभा यात्रा | 19 अप्रैल 2026 | दोपहर 03:00 बजे से | श्री भूतेश्वर मंदिर, औरैया | | अभिषेक एवं पूजन | 19 अप्रैल 2026 | निर्धारित समयानुसार | मुख्य पांडाल | विशेष आग्रह: यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार में सम्मिलित होने वाले बटुकों के अभिभावकों से निवेदन है कि समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करा लें। ब्राह्मण: संस्कृति और राष्ट्र का आधार स्तंभ ब्राह्मण क्या है? 'ब्राह्मण' केवल एक जाति नहीं, बल्कि एक उच्च संस्कार और जीवन पद्धति का नाम है। शास्त्र कहते हैं— 'ब्रह्म जानाति इति ब्राह्मणः' अर्थात् जो ब्रह्म (परम सत्य और ज्ञान) को जानने का जिज्ञासु है, वही ब्राह्मण है। ब्राह्मण का अर्थ है—त्याग, तपस्या, लोक-कल्याण और बौद्धिक उत्कृष्टता। योगदान और बलिदान: भारतीय इतिहास साक्षी है कि जब-जब राष्ट्र की संस्कृति और मर्यादा पर संकट आया, ब्राह्मणों ने अपनी लेखनी और शस्त्र, दोनों से रक्षा की। ऋषि परंपरा: वशिष्ठ, विश्वामित्र और अगस्त्य जैसे ऋषियों ने समाज को विज्ञान, खगोल और दर्शन दिया। राष्ट्र रक्षक: भगवान परशुराम ने अधर्म का विनाश किया, तो आचार्य चाणक्य ने खंडित भारत को एक सूत्र में पिरोकर 'अखंड भारत' की स्थापना की। स्वतंत्रता संग्राम: मंगल पांडे के पहले शंखनाद से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद के अंतिम बलिदान तक, ब्राह्मण समाज ने राष्ट्र की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने में कभी संकोच नहीं किया। संस्कृति और समाज में भूमिका ब्राह्मण समाज सदैव 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के मंत्र को आत्मसात कर समाज का मार्गदर्शन करता आया है। शिक्षा का प्रसार हो या संस्कारों का संरक्षण, इस समाज ने एक "दीप-स्तंभ" की भाँति अंधेरे को दूर किया है। आज भी अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में ब्राह्मणों का बौद्धिक योगदान अद्वितीय है। आइए, इस परशुराम जयंती पर हम सब मिलकर अपनी गौरवशाली संस्कृति को नमन करें और भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लें। आयोजक: ब्राह्मणसमाज, औरैया, उत्तरप्रदेश, भारत
अक्षय तृतीया एवं भगवान श्री परशुराम जयंती महोत्सव: औरैया अक्षय तृतीया का पावन पर्व मानवीय चेतना के पुनर्जागरण और शाश्वत ऊर्जा का प्रतीक है। इसी शुभ तिथि पर ज्ञान, शौर्य और धर्म के साक्षात स्वरूप, भगवान श्री परशुराम का अवतरण हुआ था। जनपद औरैया के समस्त धर्मप्रेमियों के लिए यह हर्ष का विषय है कि ब्राह्मण समाज द्वारा इस अवसर पर भव्य आयोजन सुनिश्चित किए गए हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा भगवान परशुराम जी के जन्मोत्सव पर आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित है: | कार्यक्रम | दिनांक | समय | स्थान | | यज्ञोपवीत संस्कार | 19 अप्रैल 2026 | प्रातः 08:00 बजे तक (पंजीकरण अनिवार्य) | आयोजन स्थल | | शोभा यात्रा | 19 अप्रैल 2026 | दोपहर 03:00 बजे से | श्री भूतेश्वर मंदिर, औरैया | | अभिषेक एवं पूजन | 19 अप्रैल 2026 | निर्धारित समयानुसार | मुख्य पांडाल | विशेष आग्रह: यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार में सम्मिलित होने वाले बटुकों के अभिभावकों से निवेदन है कि समय रहते अपना पंजीकरण सुनिश्चित करा लें। ब्राह्मण: संस्कृति और राष्ट्र का आधार स्तंभ ब्राह्मण क्या है? 'ब्राह्मण' केवल एक जाति नहीं, बल्कि एक उच्च संस्कार और जीवन पद्धति का नाम है। शास्त्र कहते हैं— 'ब्रह्म जानाति इति ब्राह्मणः' अर्थात् जो ब्रह्म (परम सत्य और ज्ञान) को जानने का जिज्ञासु है, वही ब्राह्मण है। ब्राह्मण का अर्थ है—त्याग, तपस्या, लोक-कल्याण और बौद्धिक उत्कृष्टता। योगदान और बलिदान: भारतीय इतिहास साक्षी है कि जब-जब राष्ट्र की संस्कृति और मर्यादा पर संकट आया, ब्राह्मणों ने अपनी लेखनी और शस्त्र, दोनों से रक्षा की। ऋषि परंपरा: वशिष्ठ, विश्वामित्र और अगस्त्य जैसे ऋषियों ने समाज को विज्ञान, खगोल और दर्शन दिया। राष्ट्र रक्षक: भगवान परशुराम ने अधर्म का विनाश किया, तो आचार्य चाणक्य ने खंडित भारत को एक सूत्र में पिरोकर 'अखंड भारत' की स्थापना की। स्वतंत्रता संग्राम: मंगल पांडे के पहले शंखनाद से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद के अंतिम बलिदान तक, ब्राह्मण समाज ने राष्ट्र की वेदी पर अपने प्राणों की आहुति देने में कभी संकोच नहीं किया। संस्कृति और समाज में भूमिका ब्राह्मण समाज सदैव 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के मंत्र को आत्मसात कर समाज का मार्गदर्शन करता आया है। शिक्षा का प्रसार हो या संस्कारों का संरक्षण, इस समाज ने एक "दीप-स्तंभ" की भाँति अंधेरे को दूर किया है। आज भी अपनी प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में ब्राह्मणों का बौद्धिक योगदान अद्वितीय है। आइए, इस परशुराम जयंती पर हम सब मिलकर अपनी गौरवशाली संस्कृति को नमन करें और भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संकल्प लें। आयोजक: ब्राह्मणसमाज, औरैया, उत्तरप्रदेश, भारत
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- औरैया जिले के कस्बा बिधूना के अछल्दा रोड स्थित संत विवेकानंद पब्लिक स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया। परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। अपने बच्चों की अंकतालिका देखकर अभिभावक खुशी से झूम उठे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय अग्निहोत्री द्वारा सम्मानित किया गया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और अनुशासन से ही सफलता प्राप्त होती है। अजय अग्निहोत्री ने जानकारी दी कि विद्यालय के नए कैंपस में कक्षाओं के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए स्कूल परिसर में विशेष काउंटर खोले गए हैं, जहां अभिभावक आसानी से अपने बच्चों का प्रवेश करा सकते हैं। नए सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय प्रशासन द्वारा विशेष सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। विद्यालय के संस्थापक एवं डायरेक्टर रमेश चंद्र अग्निहोत्री और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय अग्निहोत्री ने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं नए कैंपस में संचालित की जाएंगी, जबकि पुरानी बिल्डिंग में भी शिक्षण कार्य जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि नए परिसर में खेल मैदान, प्रयोगशालाएं, आधुनिक शौचालय और हरियाली का विशेष ध्यान रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण के तहत बड़ी संख्या में पौधरोपण भी किया गया है। क्षेत्र के अभिभावकों और छात्रों में नए विद्यालय को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।1
- औरैया में पति पत्नी की हाई बोल्टेज ड्रामा1
- औरैया। कानपुर-इटावा हाईवे पर बुधवार देर रात एक बजे कानपुर की ओर से आ रही प्राइवेट एंबुलेंस गांव चिरहुली के पास आगे जा रहे मिनी ट्रक में घुस गई। हादसे में एंबुलेंस में बैठे एक युवक घायल हो गया। पुलिस घायल को अस्पताल ले गई। क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटा दिया गया। इटावा स्थित थाना बकेवर के गांव महेवा निवासी सुनील बुधवार को प्राइवेट एंबुलेंस से मरीज को छोड़ने गए थे। देर रात करीब एक बजे कानपुर से आने के बाद सदर कोतवाली के कानपुर-इटावा हाईवे पर महादेव ढाबा के पास आगे जा रहे मिनी ट्रक में एंबुलेंस घुस गई। इससे सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। हाईवे पर हादसे के बाद यातायात बाधित हो गया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस घायल को जिला अस्पताल ले गई। वहां उपचार के बाद घायल को बृहस्पतिवार सुबह घर भेज दिया। इधर हाईवे पर खड़े क्षतिग्रस्त वाहनों को क्रेन से हटा दिया गया। इससे हाईवे पर यातायात सामान्य हो गया। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि हादसे में एंबुलेंस चालक को मामूली चोट आई थी। क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे हटा दिया गया है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।1
- औरैया पुलिस मिली बड़ी कामयाबी, 12, अभियुक्त किए गए गिरफ्तार, चोरी का माल बरामद।1
- 24 घंटे के अंदर पुलिस प्रशासन द्वारा निर्माणधीन कोर्ट के उपयोग हेतु सरिया की चोरी का मामला सामने आया जिसे औरैया पुलिस द्वारा गिरोह का फंडाफोड़ किया गया4
- सहार औरैया सहार क्षेत्र में हनुमान जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। पुर्वा दानशाह स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर और सहार बस्ती के दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिरों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।संकटमोचन हनुमान मंदिर में अखंड रामायण पाठ का आयोजन हुआ, जबकि दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर में सुंदरकांड का पाठ किया गया। दिनभर श्रद्धालु भक्तिभाव में लीन रहे और इन धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा बने।इसके उपरांत हवन-पूजन भी संपन्न हुआ, जिसमें भक्तों ने आहुति देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। दोनों मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से विशेष रूप से सजाया गया था, जिससे वातावरण अत्यंत आकर्षक और भक्तिमय हो गया।हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर संकटमोचन हनुमानजी के दर्शन किए और पूजन-अर्चन किया। दिनभर "जय श्री राम" और "हनुमानजी महाराज की जय" के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि शाम को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। संकटमोचन हनुमान मंदिर के आयोजन समिति सदस्य बब्बन शुक्ला, डब्बू शुक्ला, धीरेन्द्र शुक्ला, पुत्ती शुक्ला, प्रवीण अगिनहोत्री, राजू शुक्ला, सोनू शुक्ला, मोनू शुक्ला, गोपाल पोरवाल, प्रधुमन अवस्थी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर पर कार्यक्रम आयोजक अमित पाण्डेय, छोटे तिवारी, मंजुल पाठक, सुनील पाण्डेय और उमेश पाण्डेय ने बताया कि सुंदरकांड और हवन पूजन के बाद प्रसाद वितरित किया गया।3
- जमुनापारी बकरी मेले में रिश्वत आरोप, किसानों में भारी आक्रोश। औरैया जिले के विकासखंड अजीतमल में आयोजित एक दिवसीय जमुनापारी बकरी नस्ल सुधार मेले को लेकर विवाद गहरा गया है। बकरी पालक किसानों ने पशु विभाग से जुड़े कर्मचारियों के एजेंटों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उनकी बकरियां मेले में नहीं भेजी गईं और इसके बदले उनसे रिश्वत की मांग की गई। पीड़ित किसानों के अनुसार मेले में करीब आधा सैकड़ा से अधिक निम्न ग्रेड की बकरियां खरीदी गईं, लेकिन पात्र किसानों को इसका लाभ नहीं मिल सका। आरोप है कि संबंधित एजेंटों द्वारा प्रति बकरी 20 से 25 हजार रुपये तक की मांग की गई, जो न देने पर चयनित बकरियों को भी बाहर कर दिया गया। इस मामले में बकरी पालक किसान श्री कृष्ण, ऊदल, जगपाल सिंह और जयवीर सिंह ने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। बताया है कि शिकायत के माध्यम से उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों तक मामला ले जाएंगे और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1