Shuru
Apke Nagar Ki App…
उमरिया जिला मुख्यालय अंतर्गत बारिश का दौरा लगातार जारी है बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता उमरिया l उमरिया मुख्यालय अंतर्गत विगत 15 दिनों से लगातार बारिश के कारण आसपास के तालाब डैम ,नदी,फूल हो चुके हैं इस कारण से आम जन त्रस्त हो चुका है इसके साथ आसपास के जिलों के नदी, नाले , ऊफान पर हैं वही दो दिन बारिश खुली रही फिर आज बारिश ने अपना कर वापस चालू कर दियाहै l यदि बारिश का कहर रहा तो आम जनता को काफ़ी परेशानी हो गी l
मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
उमरिया जिला मुख्यालय अंतर्गत बारिश का दौरा लगातार जारी है बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता उमरिया l उमरिया मुख्यालय अंतर्गत विगत 15 दिनों से लगातार बारिश के कारण आसपास के तालाब डैम ,नदी,फूल हो चुके हैं इस कारण से आम जन त्रस्त हो चुका है इसके साथ आसपास के जिलों के नदी, नाले , ऊफान पर हैं वही दो दिन बारिश खुली रही फिर आज बारिश ने अपना कर वापस चालू कर दियाहै l यदि बारिश का कहर रहा तो आम जनता को काफ़ी परेशानी हो गी l
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- उमरिया जिला मुख्यालय अंतर्गत बारिश का दौरा लगातार जारी है बारिश के कारण जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है l मुकेश कुमार दुबे संवाददाता उमरिया l उमरिया मुख्यालय अंतर्गत विगत 15 दिनों से लगातार बारिश के कारण आसपास के तालाब डैम ,नदी,फूल हो चुके हैं इस कारण से आम जन त्रस्त हो चुका है इसके साथ आसपास के जिलों के नदी, नाले , ऊफान पर हैं वही दो दिन बारिश खुली रही फिर आज बारिश ने अपना कर वापस चालू कर दियाहै l यदि बारिश का कहर रहा तो आम जनता को काफ़ी परेशानी हो गी l1
- कलकत्ता बाजार में देर रात भीषण आग, एक दर्जन दुकानें चपेट में कलकत्ता बाजार में देर रात भीषण आग, एक दर्जन दुकानें चपेट में उमरिया। सब्जी मंडी स्थित कलकत्ता बाजार में देर रात करीब 2 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने करीब एक दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों में रखा सामान जलकर नष्ट हो गया। आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से 100 से अधिक अन्य दुकानों को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। आग लगने से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग किन परिस्थितियों में लगी, यह हादसा था या किसी ने आग लगाई, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।1
- गणेश उत्सव के दौरान घर-घर मिट्टी से भगवान गणेश की प्रतिमा बनाकर स्थापित करें- कलेक्टर1
- रसोईयों द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन 1. यह कि वर्ष 2024 से 2026 तक जून माह के 15 दिवसों के कार्य का मेहताना पूरा दिया जाये जैसे शिक्षकों को पूरा दिया जाता है। 2. एक शाला एवं एक परिसर रसाईयों के साथ भेदभाव जो हो रहा है वह बंद किया जाये जैसे 25 बच्चों में 2 टीचर एवं 2 रसाई भी होना अनिवार्य है। 3. मध्यान्ह भोजन सांझा चूल्हा की राशि हर महीनें दिया जाये । 4. छात्र संख्या 100 प्रतिशत लागू की जाये। जो कि विगत दिनों से कहा जाता है कि 80 प्रतिशत दिया जा रहा है किन्तु 60 प्रतिशत ही मिल रहा है। 5. रसोईया का हर माह पेंमेंट दिया जाये और जो सांझा चूल्हा में 500/- दिया जा रहा है तो सभी समान रसोईयों की पेमेंट दिया जाये।1
- शहडोल में धर्म की हत्या: कचरा गाड़ी में फेंकी गई गौ वंश की लाश! *नगर पालिका की निर्दयता और संवेदनहीनता की हदें पार!* शहडोल में नगर पालिका प्रशासन का शर्मनाक कृत्य:* *नगर पालिका परिषद शहडोल ने पार की संवेदनहीनता की सीमा* *मृत गौ माता को कचरे के ढेर में डाला* *स्थानीय नागरिकों गौ रक्षकों में आक्रोश* *कार्यवाही की मांग* *गंभीर सवाल यह है की संसाधनों से लैस नगर पालिका शहडोल के पास क्या एक गड्ढा खोदकर सम्मानजनक दफनाने का बजट भी नहीं बचा!* *आखिर गौ वंशों की दुर्दशा शहडोल में कब तक होती रहेगी क्या शहडोल जिले के प्रशासनिक अधिकारी गौ वंश संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे या लगातार सूबे के मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना गौ वंशों के संरक्षण के मामले में होती रहेगी* नगर पालिका की निर्दयता और संवेदनहीनता की हदें पार! जमुई (बघेल ढाबे के पीछे हेलीपैड) में नगर पालिका के मैजिक कचरा वाहन से नालियों की गंदगी के साथ मृत गाय और बछड़े को कचरे की तरह पलटा गया। जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, वहाँ शहडोल प्रशासन का यह घिनौना रूप देखकर आँखें नम हो गईं! संसाधनों से लैस नगर पालिका के पास क्या एक गड्ढा खोदकर सम्मान जनक समाधी का बजट भी नहीं बचा? बेसहारा मवेशी ज़हरीला कचरा खाने को मजबूर हैं और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। कहाँ हैं बड़े-बड़े दावे करने वाले गौ-सेवक और हिंदूत्व के ठेकेदार नेता? ऐसे लापरवाह नगर पालिका कर्मचारियों, सुपरवाइजर और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो और तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए * शहडोल में धर्म की हत्या: कचरा गाड़ी में फेंकी गई गौ वंश की लाश! *नगर पालिका की निर्दयता और संवेदनहीनता की हदें पार!* शहडोल में नगर पालिका प्रशासन का शर्मनाक कृत्य:* *नगर पालिका परिषद शहडोल ने पार की संवेदनहीनता की सीमा* *मृत गौ माता को कचरे के ढेर में डाला* *स्थानीय नागरिकों गौ रक्षकों में आक्रोश* *कार्यवाही की मांग* *गंभीर सवाल यह है की संसाधनों से लैस नगर पालिका शहडोल के पास क्या एक गड्ढा खोदकर सम्मानजनक दफनाने का बजट भी नहीं बचा!* *आखिर गौ वंशों की दुर्दशा शहडोल में कब तक होती रहेगी क्या शहडोल जिले के प्रशासनिक अधिकारी गौ वंश संरक्षण के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे या लगातार सूबे के मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना गौ वंशों के संरक्षण के मामले में होती रहेगी* नगर पालिका की निर्दयता और संवेदनहीनता की हदें पार! जमुई (बघेल ढाबे के पीछे हेलीपैड) में नगर पालिका के मैजिक कचरा वाहन से नालियों की गंदगी के साथ मृत गाय और बछड़े को कचरे की तरह पलटा गया। जिस देश में गाय को माता का दर्जा दिया जाता है, वहाँ शहडोल प्रशासन का यह घिनौना रूप देखकर आँखें नम हो गईं! संसाधनों से लैस नगर पालिका के पास क्या एक गड्ढा खोदकर सम्मान जनक समाधी का बजट भी नहीं बचा? बेसहारा मवेशी ज़हरीला कचरा खाने को मजबूर हैं और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सो रहा है। कहाँ हैं बड़े-बड़े दावे करने वाले गौ-सेवक और हिंदूत्व के ठेकेदार नेता? ऐसे लापरवाह नगर पालिका कर्मचारियों, सुपरवाइजर और ज़िम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल FIR दर्ज हो और तत्काल कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए *4
- थाने से नहीं मिला न्याय, 120 KM दूर एसपी के दरबार पहुंची महिला1
- रसोइयों द्वारा पांच सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन रसोईयों द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर जिला कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन मध्य प्रदेश उमरिया 1. यह कि वर्ष 2024 से 2026 तक जून माह के 15 दिवसों के कार्य का मेहताना पूरा दिया जाये जैसे शिक्षकों को पूरा दिया जाता है। 2. एक शाला एवं एक परिसर रसाईयों के साथ भेदभाव जो हो रहा है वह बंद किया जाये जैसे 25 बच्चों में 2 टीचर एवं 2 रसाई भी होना अनिवार्य है। 3. मध्यान्ह भोजन सांझा चूल्हा की राशि हर महीनें दिया जाये । 4. छात्र संख्या 100 प्रतिशत लागू की जाये। जो कि विगत दिनों से कहा जाता है कि 80 प्रतिशत दिया जा रहा है किन्तु 60 प्रतिशत ही मिल रहा है। 5. रसोईया का हर माह पेंमेंट दिया जाये और जो सांझा चूल्हा में 500/- दिया जा रहा है तो सभी समान रसोईयों की पेमेंट दिया जाये।1
- नदी किनारे दफन मिला लापता युवक का शव, हत्या के आरोप से मचा हड़कंप उमरिया। जिले में एक लापता युवक का शव नदी किनारे जमीन में दफन मिलने के बाद सनसनी फैल गई। कोतवाली थाना क्षेत्र के मगरघरा गांव से 5 सितंबर से लापता 30 वर्षीय गो चरण सिंह का शव 9 सितंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। शव जमीन के अंदर दफन था। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को छिपाने के लिए दफन किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गो चरण सिंह के लापता होने के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। गांव और आसपास के इलाकों में खोजबीन के बावजूद युवक का कोई पता नहीं चल सका था। इसी बीच नदी किनारे से गुजर रहे एक चरवाहे को एक स्थान से तेज दुर्गंध महसूस हुई। संदेह होने पर चरवाहे ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान की जांच शुरू की। दुर्गंध वाले स्थान पर जमीन की खुदाई कराई गई तो अंदर से एक युवक का शव बरामद हुआ। शव की पहचान लापता गो चरण सिंह के रूप में होने के बाद पुलिस ने परिजनों को इसकी सूचना दी। शव जमीन में दफन मिलने की खबर फैलते ही क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई और मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर युवक की मौत कैसे हुई और उसका शव नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। युवक पांच सितंबर से लापता था और चार दिन बाद उसका शव इस तरह बरामद होना मामले को और संदिग्ध बना रहा है। परिजनों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या करने के बाद शव को सुनसान स्थान पर ले जाकर दफन किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी हत्या की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस आसपास के इलाके में पूछताछ कर रही है और युवक के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक की परिस्थितियों को खंगाल रही है। फिलहाल पुलिस हत्या, हादसा और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को नदी किनारे जमीन में किसने दफन किया। मामले ने इलाके में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।3